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🔳 *गुप्त काल की प्रमुख रचनाएं*
▪️ ऋतु संहार ,मेघदूत, कुमारसंभवम् ,रघुवंशम, मालविकाग्निमित्रम् ,अभिज्ञान शाकुंतलम – कालिदास
▪️मुद्राराक्षस – विशाखदत्त
▪️देवीचंद्रगुप्तम – विशाखदत्त
▪️बृहदसंहिता – वराहमिहिर
▪️पंचसिद्धांतिका – वराहमिहिर
▪️आर्यभटियम् – आर्यभट्ट
▪️सूर्यसिद्धांत – आर्यभट्ट
▪️पंचतंत्र – विष्णु शर्मा
▪️मृच्छकटिकम् – शूद्रक
▪️योगाचार्य – असंग
▪️ नीतिसार – कामंदक
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🔳 *गुप्त साम्राज्य*
▪️गुप्त साम्राज्य का *संस्थापक श्री गुप्त* था।
▪️ इस वंश का *शक्तिशाली शासक चंद्रगुप्त प्रथम (319–335)ईस्वी* था।
▪️ *चंद्रगुप्त प्रथम* को गुप्त वंश का *वास्तविक संस्थापक* माना जाता है।
▪️ इसके राज्याभिषेक की तिथि 319 ई. से गुप्त संवत का आरंभ माना जाता है।
▪️इसने *महाराजाधिराज की उपाधि* धारण की और लिच्छवी राज्य की राजकुमारी *कुमारदेवी के साथ विवाह* किया।
▪️ *समुद्रगुप्त( 350–375) ईस्वी –* इतिहासकार विसेंट स्मिथ ने इसे *भारत का नेपोलियन* कहा।
▪️समुद्रगुप्त के विदेश मंत्री तथा राजकवि *हरिषेण* ने *प्रयाग प्रशस्ति* की रचना की।
▪️ समुद्रगुप्त ने महान बौद्ध भिक्षु *वसुबंधु* को संरक्षणप्रदान किया था।
▪️ समुद्रगुप्त को *कविराज* की उपाधि प्रदान की गई है।
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🔳 *गुप्त साम्राज्य*
▪️ *कुमारगुप्त प्रथम* ने *नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना* करवाई थी।
▪️गुप्त साम्राज्य का *अंतिम शासक विष्णु गुप्त* था।
▪️भानु गुप्त के एरण अभिलेख ( 510ईस्वी) से सती प्रथा का पहला अभिलेखीय प्रमाण मिलता है।
▪️गुप्त शासक *वैष्णव धर्मानुयायी* थे।
▪️गुप्त काल को भारतीय इतिहास का *स्वर्ण काल* कहा जाता है।
▪️ मंदिर निर्माण की कला का प्रारंभ गुप्त काल में हुआ।
▪️ गुप्त साम्राज्य अनेक प्रांतो में विभाजित था *प्रांत को देश* , *अवनी अथवा भुक्ति कहते थे।*
▪️ गुप्त काल में प्रशासन के शीर्ष पर राजा होता था राजा ही सर्वोच्च न्यायाधीश होता था।
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🔳 *गुप्तकालीन अधिकारी तथा उनके विभाग*
▪️ *महाबलाधीकृत* – सेनापति
▪️ *महादंडनायक* – न्यायाधीश
▪️ *संधिविग्राहिका* – युद्ध एवं शांति का मंत्री
▪️ *दंडपाशिक* – पुलिस विभाग का सर्वोच्च अधिकारी
▪️ *भंडागाराधीकृत* – राजकोष का अधिकारी
▪️ *महाछपटलिक* – लेखा विभाग का सर्वोच्च अधिकारी
🔳 *गुप्तकालीन प्रमुख कर*
▪️ *भाग* – भूमि उपज का लगभग 1/6
▪️ *भोग* – राजा को प्रतिदिन दैनिक वस्तुओं के रूप में दिया जाने वाला कर
▪️ *उद्रग* – स्थाई कृषकों पर लगाए जाने वाला भूमि कर
▪️ *उपरिकर* – अस्थाई कृषकों पर लगाए जाने वाले भूमि कर।
▪️ *शुल्क* – सीमा, बिक्री की वस्तु आदि पर लगाए जाने वाला कर।
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स्वरों की अधिष्ठात्री मां सरस्वती के पावन पर्व बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।💐💐💐💐
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