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| 2 | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में किया नमो क्रिकेट लीग-2026 की ट्रॉफी का अनावरण
चंडीगढ़, 3 सितंबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को पंचकूला के सेक्टर-5 में आयोजित समारोह में नमो क्रिकेट लीग-2026 की ट्रॉफी का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए क्रिकेट में भी हाथ आजमाया। मुख्यमंत्री ने खेल प्रतिभाओं और कलाकारों को सम्मानस्वरूप क्रिकेट बैट और बॉल भेंट कर उनका हौसला बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने नमो क्रिकेट लीग की परिकल्पना और इसकी तैयारियों के लिए सुदेश भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट को बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री तरुण भंडारी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उदेश्य से आयोजित की जा रही नमो क्रिकेट लीग में 5 राज्यों की 3 हजार से अधिक टीमें भाग लेंगी। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की भागीदारी से नशामुक्ति का संदेश व्यापक स्तर पर जाएगा, क्योंकि इस प्रतियोगिता का उद्देश्य ही नशे के विरूद्व जागरूकता फैलाना है। यह आयोजन इसलिए भी विशेष है, क्योंकि इसका शुभारंभ 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर किया जा रहा है।
हरियाणा की मिट्टी में खेल और खिलाड़ी दोनों रचे-बसे हुए हैं। ओलंपिक हो, पैरालंपिक हो, एशियाई खेल हों, राष्ट्रमंडल खेल हों या अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं-हरियाणा के खिलाड़ियों ने बार-बार सिद्ध किया है कि छोटा प्रदेश होते हुए भी हमारा हौसला बहुत बड़ा है। यही हौसला हाल ही में ग्लासगो में हुए 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में देखने को मिला। इन खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। इनमें से हरियाणा के खिलाड़ियों ने 11 पदक जीते हैं। इनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। इन खेल उपलब्धियों का श्रेय हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और राज्य सरकार की खेल नीति को जाता है।
इस अवसर पर मेयर श्री श्याम लाल बंसल, हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया, भाजपा नेता श्री संजय टंडन, मुख्यमंत्री के ओएसडी श्री भोपाल सिंह खदरी, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव श्री प्रवीण अत्रे और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। | 149 |
| 3 | जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जिस पीढ़ी को अपने महापुरुषों और शहीदों का इतिहास ज्ञात होता है, उसे कोई भी शक्ति उसके संस्कारों और मार्ग से भटका नहीं सकती। इसलिए समाज का दायित्व है कि साहिबजादों के शौर्य और बलिदान की गाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए और बीबी शरण कौर के साहस व सेवाभाव से प्रेरणा लें। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि साहिबजादों के महान बलिदान को नमन करते हुए उनके साहस, सेवा और धर्मनिष्ठा को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें। यही महान साहिबजादों व बीबी शरण कौर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
इस अवसर पर संत बाबा अवतार सिंह, गुरुद्वारा संस्थापक बाबा कर्मसिंह रायपुर, सरदार इकबाल सिंह लालपुुरा, जिला प्रधान स. अजयवीर सिंह, पार्षद सर्वजीत सिंह, अमरजीत सैनी, स. तरसेम सैनी, राजेंद्र सिंह सैनी तथा सैनी महासभा के हरजीत सिंह लौंगिया सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति व महिलाएं भी उपस्थित थीं। | 173 |
| 4 | चमकौर साहिब की पवित्र धरती त्याग, साहस और सेवा की जीवंत पाठशाला: मुख्यमंत्री
चंडीगढ़, 3 सितंबर: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज पंजाब के चमकौर साहिब स्थित गुरुद्वारा श्री कतलगढ़ साहिब में माथा टेका और गुरु चरणों में शीश नवाकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि तथा हरियाणा-पंजाब में आपसी भाईचारे की मजबूती के लिए अरदास की। उन्होंने अमर शहीद बीबी शरण कौर के नाम से ऐतिहासिक द्वार बनाने के लिए 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
साध-संगत को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुद्वारा श्री कतलगढ़ साहिब की इस पवित्र धरती पर गुरु चरणों में शीश नवाने का अवसर उनके लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण क्षण है। चमकौर साहिब की धरती त्याग, शहादत, सम्मान, सेवा, साहस और अदम्य आत्मबल की जीवंत पाठशाला है। यह पवित्र स्थान दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के बड़े साहिबजादे बाबा अजीत सिंह जी और बाबा जुझार सिंह जी के महान बलिदान की स्मृति से जुड़ा हुआ है। सन् 1704 में साहिबजादों के बलिदान के बाद दिसंबर की उस सर्द रात्रि में बीबी शरण कौर ने जिस साहस व सेवाभाव से साहिबजादों का अंतिम संस्कार किया वह उस महान वीरांगना के अदम्य सेवाभावना की मिसाल है जिसे इतिहास कभी भूला नहीं सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीबी शरण कौर का उदाहरण हमें सिखाता है कि सेवा व साहस में महिलाएं कभी किसी से पीछे नहीं रहीं। हमें अपने महान गुरुओं व पुरखों से यही सीखने को मिलता है कि हमें अपने बच्चों को केवल सफल बनने के लिए ही नहीं बल्कि संस्कारवान बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। गुरुओं का जीवन हमें यह सोचने के लिए प्रेरित करता है कि हम आने वाली पीढ़ियों को कैसी विरासत देकर जाना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र व हरियाणा सरकार आज उसी रास्ते पर चल रही है जो रास्ता हमारे महान गुरुओं ने हमें दिखाया था। गुरु तेगबहादुर के 350वें शहीदी वर्ष के उपलक्ष्य में हरियाणा सरकार ने एक माह तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाया व शहादत को नमन किया। इस संबंध में कुरुक्षेत्र में विशाल समागम किया गया जिसमें पहुंचकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी शीश झुकाया और गुरुजी की स्मृति में सिक्का व कॉफी टेबल बुक लॉन्च की। सरकार द्वारा कुरुक्षेत्र में 100 करोड़ रुपये की लागत से सिख म्यूजियम का निर्माण करवाया जा रहा है ताकि गुरुओं के संदेश व शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाया जा सके।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज जरूरत है कि हम सब देश को आगे बढ़ाने, विकसित भारत के सपने को पूरा करने तथा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के हाथों को मजबूत करने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री इस देश को जिन ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए दिन-रात जितनी मेहनत से काम कर रहे हैं, उसमें हमें उनका साथ देना चाहिए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने विस्तार से बताया कि हरियाणा में भाजपा सरकार बनने के बाद किस प्रकार आमजन के जीवन में सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि चुनाव से पहले लिए गए 217 संकल्पों में से 70 घोषणाएं डेढ़ साल में ही पूरी की जा चुकी हैं। हरियाणा में महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह देने की घोषणा को पूरा करने के लिए सरकार बनते ही पहले बजट में 5000 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया जिसमें से 2000 करोड़ रुपये अब तक महिलाओं के खातों में भिजवाए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि हरियाणा किसानों की सभी फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने वाला देश का एकमात्र राज्य है। फसल खरीदने के 72 घंटे के भीतर पैसा किसान के खातों में पहुंच जाता है। यदि किसी कारण से इसमें देरी होती है तो किसान को उस पैसे का ब्याज भी मिलता है। इसी प्रकार हरियाणा में सब्जी व फलों का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए सरकार ने भावांतर भरपाई योजना शुरू की है जिससे यदि फसल का बाजार भाव कम मिलता है तो उसके अंतर की भरपाई सरकार करती है। इसके तहत अब तक किसानों के खातों में 200 करोड़ रुपये भिजवाए जा चुके हैं। हरियाणा में फसल खराब होने पर किसानों को अब तक 16500 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा की 3 करोड़ की आबादी में से डेढ़ करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है। अब तक 42 लाख लोगों के इलाज पर सरकार 4500 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। अब गरीब परिवारों को गंभीर बीमारी में भी इलाज के खर्च की चिंता करने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 70 साल से ज्यादा के सभी बुजुर्गों को भी इस योजना का लाभ देना शुरू किया है जिसे हरियाणा सरकार ने भी अपनाते हुए इसके तहत अब तक 8 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। इसी प्रकार हरियाणा में 1.80 लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों की रसोई में केवल 500 रुपये में गैस सिलेंडर भिजवाया | 162 |
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| 6 | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कोटला कलां स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में किए दर्शन
चंडीगढ, 3 सितंबर : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को हिमाचल प्रदेश के कोटला कलां स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर, संत बाबा बाल जी आश्रम पहुंचकर माथा टेका तथा पूज्य राष्ट्रीय संत बाबा बाल जी महाराज का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोटला कलां के श्री राधा-कृष्ण मंदिर और पूज्य बाबा बाल जी महाराज के पावन आश्रम में आकर उनका मन श्रद्धा, शांति और आनंद से भर गया। उन्होंने संत बाबा बाल जी महाराज द्वारा भक्ति संगीत, सत्संग और भक्तमाल कथाओं के माध्यम से समाज को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देने के कार्य की सराहना की।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आध्यात्मिकता और तपस्या की भूमि है। यह देवभूमि है, जहां की संस्कृति में सेवा, सरलता और अध्यात्म का विशेष स्थान है। हरियाणा और हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सीमाओं से भले ही अलग हैं, लेकिन दोनों राज्यों की संस्कृति, आस्था, संस्कार और आपसी संबंध उन्हें हमेशा जोड़कर रखते हैं। हमारी सीमाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी भावनाएं एक हैं।
कर्मयोग और लोक-कल्याण का संदेश देता है भगवान श्रीकृष्ण का जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें कर्मयोग का संदेश देता है। श्रीमद्भगवद्गीता में उन्होंने कर्म को सर्वोपरि बताते हुए मनुष्य को अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा दी। परिस्थितियां कैसी भी हों और चुनौतियां कितनी भी बड़ी हों, व्यक्ति को अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण के लिए भी इसी कर्मयोग की आवश्यकता है। जब प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाएगा, तभी समाज और राष्ट्र मजबूत बनेगा।
आधुनिकता के साथ संस्कारों से जुड़ना जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। आधुनिक बनना अच्छी बात है, लेकिन आधुनिकता का अर्थ अपनी जड़ों से कट जाना नहीं है। उन्होंने कहा कि नशा आज युवा पीढ़ी के सामने एक गंभीर चुनौती है। युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें खेल, शिक्षा, योग, अध्यात्म और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना होगा। उन्होंने कहा कि मंदिरों, आश्रमों और संत समाज की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने अनमोल जीवन को नशे का गुलाम न बनने दें और अपनी ऊर्जा को समाज तथा देश के निर्माण में लगाएं। | 105 |
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| 8 | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब में गुरुद्वारा साहिब और प्राचीन शिव मंदिर में टेका माथा
चंडीगढ़, 3 सितंबर : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीरवार को पंजाब के रायपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब अमर शहीद बीबी शरण कौर जी में मत्था टेका और महान शहीद बीबी शरण कौर जी की शहादत को शत-शत नमन किया। इसके उपरांत उन्होंने लखनो में प्राचीन शिव मंदिर, डेरा बाबा उनेद गिरी जी में भगवान भोलेनाथ के चरणों में शीश नवाकर पंजाब, हरियाणा सहित पूरे देश की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीबी शरण कौर जी का जीवन और बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे न हटना और मानवता की सेवा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करना ही सच्ची वीरता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास और महान बलिदानियों के जीवन से प्रेरणा लें तथा नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल और राष्ट्र निर्माण से जुड़ें।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव भारतीय संस्कृति में त्याग, शक्ति, संयम और मानवता के प्रतीक हैं। नीलकंठ के रूप में भगवान शिव ने स्वयं विष धारण कर संसार की रक्षा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपरा हमें सिखाती है कि अपने हित से पहले समाज और राष्ट्र हित तथा अपने सुख से पहले मानवता के कल्याण की चिंता करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और हरियाणा का रिश्ता केवल पड़ोसी राज्यों का नहीं, बल्कि सांझा इतिहास, संस्कृति, संस्कार और भाईचारे का रिश्ता है। पंजाब की धरती पर आकर उन्हें हमेशा अपने परिवार के बीच होने का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि गुरुओं, संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं हमें सेवा, त्याग, साहस, सत्य और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाती हैं।
उन्होंने कहा कि आज विकास और तकनीक के साथ-साथ समाज में संस्कार, संवेदना और सेवा की भावना को मजबूत करना भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से समाज में भाईचारा बनाए रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने, बेटियों का सम्मान करने, पर्यावरण की रक्षा करने और प्रत्येक शुभ अवसर पर पौधा लगाने का आह्वान किया।
प्रत्येक नागरिक को विकसित भारत संकल्प में निभानी होगी अपनी भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की पूर्ति के लिए किसान, युवा, विद्यार्थी, उद्यमी और प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार भी अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने, युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर देने, किसानों को मजबूत करने तथा महिलाओं और गरीबों के सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जनसेवा ही सरकार की सबसे बड़ी पूजा है और अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना ही सुशासन की सबसे बड़ी सफलता है। उन्होंने धर्म, जाति, क्षेत्र और भाषा के आधार पर समाज में दूरी पैदा करने वाली सोच से ऊपर उठकर एकजुटता और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। समाज एकजुट होगा तो प्रदेश आगे बढ़ेगा और भारत एकजुट होगा तो दुनिया की कोई शक्ति हमें विकसित राष्ट्र बनने से नहीं रोक सकती। उन्होंने दोनों पावन स्थलों से लोगों से नशामुक्त, शिक्षित, संस्कारित, पर्यावरण-संवेदनशील और मजबूत समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। | 105 |
| 9 | तकनीकी व्यवहार्यता और व्यावसायिक उपयोगिता से जुड़े हों। चयनित समाधानों को आगे प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट (PoC), फील्ड ट्रायल्स, इन्क्यूबेशन, इंडस्ट्री मेंटरशिप, इन्वेस्टमेंट फैसिलिटेशन और कमर्शियलाइजेशन के अवसरों से जोड़ा जा सकेगा, जो संबंधित कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों एवं मूल्यांकन के अधीन होगा।
ड्रोनोथॉन के प्रमुख चुनौती क्षेत्र
ड्रोनोथॉन के तहत औद्योगिक समस्या विवरण में ड्रोन के उभरते हुए अनुप्रयोगों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है, जैसे- कृषि छिड़काव और प्रिसिजन एग्रीकल्चर, ड्रोन आधारित मैपिंग और सर्वेक्षण, सड़क, राजमार्ग और पुलों का निरीक्षण, बुनियादी ढांचे की निगरानी, लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरी, औद्योगिक निरीक्षण, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया, सार्वजनिक सुरक्षा और निगरानी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वायत्त ड्रोन संचालन, स्वदेशी ड्रोन कंपोनेंट्स, बैटरी और प्रोपल्शन तकनीक, ड्रोन संचार प्रणाली, जीआईएस और जियोस्पेशियल तकनीक, ड्रोन डेटा एनालिटिक्स, रक्षा और रणनीतिक अनुप्रयोग, काउंटर-ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक, स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट सिटी अनुप्रयोग, खनन और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी, उन्नत विनिर्माण और उभरती ड्रोन तकनीक शामिल हैं। | 1 |
| 10 | ड्रोन टेक्नोलॉजी में हरियाणा की नई पहलः शुरु किया ड्रोन इनोवेशन चैलेंज “ड्रोनोथॉन”
चंडीगढ़, 3 सितंबर - हरियाणा को ड्रोन इनोवेशन, स्वदेशी तकनीक विकास, उन्नत विनिर्माण और युवाओं के नेतृत्व वाले उद्यमिता के केंद्र के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत, हरियाणा सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग,स्टार्टअप हरियाणा तथा ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड ने “ड्रोनोथॉन – हरियाणा ड्रोन इनोवेशन चैलेंज”की शुरुआत की।
इस दिशा में वीरवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ अमित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय ड्रोन उद्योग परामर्श बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में प्रमुख ड्रोन निर्माता कंपनियों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, प्रशिक्षण संस्थानों, इनक्यूबेटरों और ड्रोन इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
स्टार्टअप हरियाणा के इनक्यूबेटर्स के माध्यम से विश्वविद्यालयों तक पहुंचेगा ड्रोनोथॉन
ड्रोनोथॉन की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका राज्यव्यापी यूनिवर्सिटी आउटरीच मॉडल होगा। इस कार्यक्रम को स्टार्टअप हरियाणा से संबद्ध इनक्यूबेटरों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाया जाएगा। इनमें सहभागी इनक्यूबेटर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ये इनक्यूबेटर्स स्टार्टअप हरियाणा, उद्योग और विश्वविद्यालयों के युवा इनोवेटर्स के बीच एक सेतु का कार्य करेंगे तथा कैंपस आउटरीच, छात्र टीमों की पहचान, मेंटरशिप, इनोवेशन चैलेंज, मूल्यांकन एवं इनक्यूबेशन में सहयोग करेंगे।
इस पहल का उद्देश्य एक विकेंद्रीकृत इनोवेशन नेटवर्क तैयार करना है, जिसके माध्यम से हरियाणा के विभिन्न हिस्सों के विश्वविद्यालय ड्रोनोथॉन में भाग ले सकें और वास्तविक औद्योगिक चुनौतियों तक अपनी पहुंच बना सकें।
ड्रोनोथॉन: औद्योगिक समस्याएं बनेंगी विश्वविद्यालयों की इनोवेशन चुनौतियां
ड्रोनोथॉन का मुख्य उद्देश्य उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं को हरियाणा के विश्वविद्यालयों की प्रतिभा और इनोवेशन क्षमता से सीधे जोड़ना है। इस पहल के तहत उद्योगों को वास्तविक समस्याओं और तकनीकी चुनौतियों से संबंधित समस्या विवरण प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। इसके अंतर्गत ड्रोन निर्माता एवं अन्य टेक्नोलॉजी कंपनियां अपनी वास्तविक औद्योगिक समस्याएं और टेक्नोलॉजी चैलेंज – प्रोबल्म स्टेटमेंटस प्रस्तुत करेंगी। इन प्रोबल्म स्टेटमेंटस को हरियाणा के विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग कॉलेजों, शोधकर्ताओं, फैकल्टी, विद्यार्थियों और युवा इनोवेटर्स के सामने रखा जाएगा। युवा टीमें इन चुनौतियों के लिए व्यावहारिक, स्केलेबल और व्यावसायिक रूप से उपयोगी समाधान विकसित करेंगी।
हरियाणा को ड्रोन इनोवेशन एवं मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में कदम
ड्रोनोथॉन को केवल एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि हरियाणा के लिए एक सतत नवाचार से उद्यमिता तक की श्रृंखला के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है। इसका व्यापक उद्देश्य स्वदेशी नवाचार, अनुसंधान एवं विकास, प्रोटोटाइप निर्माण, इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी, स्टार्टअप निर्माण, विनिर्माण, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देना है।
प्रमुख ड्रोन कंपनियों को विश्वविद्यालयों, इनक्यूबेटरों, शोधकर्ताओं और युवा नवाचारकर्ताओं के साथ जोड़कर ड्रोनोथॉन का उद्देश्य हरियाणा को ड्रोन नवाचार, विनिर्माण, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में योगदान देना है।
हरियाणा के विश्वविद्यालयों को किया जाएगा आमंत्रित
ड्रोनोथॉन को एक राज्यव्यापी यूनिवर्सिटी इनोवेशन प्रोग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा और हरियाणा के विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों को विद्यार्थियों, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और इनोवेटर्स की मल्टीडिसिप्लीनरी टीम्स बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रत्येक टीम को उद्योगों द्वारा चिन्हित वास्तविक प्रोबल्म स्टेटमेंटस पर काम करने का अवसर मिलेगा।
इससे विद्यार्थियों को केवल अकादमिक या सैद्धांतिक प्रोजेक्ट तक सीमित रहने के बजाय वास्तविक औद्योगिक एवं सरकारी उपयोग से जुड़ी समस्याओं का समाधान विकसित करने का अवसर मिलेगा।
युवाओं को सीधे मेंटर करेगा उद्योग
ड्रोनोथॉन की एक महत्वपूर्ण विशेषता इनोवेशन की पूरी प्रक्रिया में उद्योग की प्रत्यक्ष भागीदारी होगी। भाग लेने वाली ड्रोन निर्माता और टेक्नोलॉजी कंपनियां केवल प्रोबल्म स्टेटमेंटस ही नहीं देंगी, बल्कि विश्वविद्यालयों की टीमों को टेक्निकल मेंटरशिप, डोमेन एक्सपर्टीज़ और प्रैक्टिकल इंडस्ट्री इनपुट्स देने में भी सहयोग करेंगी।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्रोनोथॉन से निकलने वाले इनोवेशन केवल प्रतियोगिता तक सीमित न रहें, बल्कि वे वास्तविक बाजार की आवश्यकता, | 1 |
| 11 | हरियाणा सरकार ने गन्ना किसानों के लिए सब्सिडी योजनाओं का किया ऐलान
चंडीगढ़ , 3 सितंबर : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए 'गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना' के अंतर्गत किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों—यमुनानगर, नारायणगढ़, शाहाबाद, करनाल, असंध, भादसों, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, जींद, पलवल, भूना, गोहाना और महम के सहायक गन्ना विकास अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में आने वाले किसानों को अनुदान राशि प्रदान की जाएगी।
विभाग के प्रवक्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह अनुदान राशि गन्ने की अधिसूचित व सिफारिश की गई किस्मों की बिजाई आधुनिक विधियों, जैसे कि "प्रमोशन ऑफ़ वाइड रौ स्पेसिंग (4 फ़ीट)", सिंगल-बड, बड-चिप विधि, फाउंडेशन सीड नर्सरी/ बीज उपचार, और 4 फीट की चौड़ी पंक्ति दूरी में पेड़ी-प्रबंधन (Ratoon Management) के माध्यम से प्रदर्शन-प्लाट लगाने पर दी जाएगी।
प्रवक्ता ने आवेदनों की समय-सीमा की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिन किसान भाइयों ने अपना गन्ना वसंत या ग्रीष्म ऋतु (अप्रैल के बाद) में लगाया है, वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए 30 सितंबर 2026 तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, जो किसान शरद ऋतु (आगामी अक्टूबर-नवंबर) में गन्ने की बिजाई करने वाले हैं, उनके लिए आवेदन की तिथि 1 अक्टूबर 2026 से 31 दिसंबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक किसान विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर जाकर अपना ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
इसके अलावा, राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए "Mechanization in Sugarcane Implements" योजना के तहत भी विभिन्न कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दे रही है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि पावर ऑपरेटेड गन्ना सैट ट्रीटमेंट डिवाइस (30-120 लीटर क्षमता), पावर वीडर (इंजन चालित 5 से 7.5 BHP तक), गन्ना रटून मैनेजर, वाइड-रो रिज/रिज, रोटावेटर (4 फीट), ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सोइलर/चिसलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर और मिनी ट्रैक्टर जैसे आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ उठाने के लिए भी किसान 30 सितंबर 2026 के बीच कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देश भी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। | 115 |
| 12 | हरियाणा सरकार ने शुरू की बागवानी की मुफ्त ट्रेनिंग योजना
चंडीगढ़ , 3 सितंबर : हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा ने राज्य के किसानों को आधुनिक व वैज्ञानिक खेती से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के दौरान 'एकीकृत बागवानी विकास केंद्र, सुंदरह, महेंद्रगढ़' में राज्य भर के किसानों के लिए विभिन्न प्रकार की बागवानी तकनीकों का नि:शुल्क 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
श्री राणा ने कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों, जैविक खेती और संरक्षित खेती की ओर प्रोत्साहित करना है ताकि उनकी आय में स्थायी वृद्धि हो सके।
कृषि मंत्री ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि सुंदरह स्थित केंद्र में अलग-अलग विषयों पर विशेष ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें 7 सितंबर से 11 सितंबर 2026 तथा 14 दिसंबर से 18 दिसंबर 2026 तक सब्जियों की संरक्षित खेती पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 14 सितंबर से 18 सितंबर 2026, 5 अक्टूबर से 9 अक्टूबर 2026 तथा 2 नवंबर से 6 नवंबर 2026 के दौरान मशरूम उत्पादन एवं तकनीकों पर गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। वहीं, 12 अक्टूबर से 16 अक्टूबर 2026 तक बागवानी फसलों की जैविक खेती पर सत्र का आयोजन होगा, तथा 16 नवंबर से 20 नवंबर 2026 और 7 दिसंबर से 11 दिसंबर 2026 तक ओपन फील्ड में बागवानी फसलों के उत्पादन का प्रशिक्षण मिलेगा।
श्री श्याम सिंह राणा ने आगे बताया कि प्रदेश के युवाओं और किसानों को नर्सरी प्रबंधन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'हरियाणा बागवानी नर्सरी नियम 2026' के तहत विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं, जिनका आयोजन 30 नवंबर से 04 दिसंबर 2026, 28 दिसंबर 2026 से 1 जनवरी 2027, 18 जनवरी से 22 जनवरी 2027, 1 फरवरी से 05 फरवरी 2027 तथा 15 फरवरी से 19 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इसके अलावा, नए बागों के पौधरोपण व फल उत्पादन तकनीकों पर 4 जनवरी से 8 जनवरी 2027 तक 5 दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित होगा।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आगे बताया कि हरियाणा के सभी जिलों के 18 से 60 वर्ष की आयु के किसान उद्यान विभाग के पोर्टल kaushal.hortharyana.gov.in के माध्यम से अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रत्येक प्रशिक्षण बैच के लिए 20 सीटें निर्धारित की गई हैं, और अभ्यर्थियों का चयन "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान रात्रि ठहराव की व्यवस्था नहीं होगी तथा चयनित अभ्यर्थियों को पहले दिन आधार कार्ड एवं परिवार पहचान पत्र (PPP) की फोटोकॉपी प्रस्तुत करनी होगी।
उन्होंने इच्छुक किसानों से आग्रह किया कि अधिक जानकारी के लिए ट्रेनिंग इंचार्ज डॉ. मुकेश शिवरान (9983414484, 8076830135) से संपर्क कर इस सरकारी योजना का समय पर लाभ उठाएं। | 125 |
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| 14 | तथा हरियाणा में सामुदायिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से जनभागीदारी को व्यापक बनाना है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, सेवा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री ए.के. सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री शेखर विद्यार्थी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) श्री विवेक कालिया, संयुक्त निदेशक श्री मानव मलिक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। | 166 |
| 15 | हरियाणा में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाया जाएगा ‘सेवा संकल्प अभियान’
चंडीगढ़: हरियाणा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की समर्पित जनसेवा और परिवर्तनकारी सुशासन मुहैया करवाने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ मनाया जाएगा। एक माह तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी को बढ़ावा देना, पात्र नागरिकों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना तथा सरकारी सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और संबंधित विभागों को समन्वित, समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अभियान का प्रमुख घटक ‘सेवा सेतु–सरकार आपके द्वार’ होगा। इसके तहत ब्लॉक एवं विधानसभा क्षेत्र स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां नागरिकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रत्येक ब्लॉक एवं विधानसभा क्षेत्र में ‘सेवा सेतु केंद्र’ स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों पर नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया में सहायता तथा लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पात्र लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। मुख्य सचिव ने विभागों को खंडवार कार्यक्रम तैयार करने, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा लक्षित लाभार्थियों तक पहुंच के लिए लाभार्थी डेटाबेस तैयार रखने के निर्देश दिए।
युवाओं एवं बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसमें विद्यार्थी देश के विकास की उपलब्धियों तथा बेहतर भविष्य की आकांक्षाओं से जुड़े विषयों पर अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत करेंगे।
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री के.एम. पांडुरंग ने बताया कि ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत नागरिकों को अपने घर, पड़ोस, गांव, स्कूल, कार्यस्थल तथा सार्वजनिक स्थानों पर सेवा गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत रक्तदान, पौधारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, अनाथालय एवं वृद्धाश्रमों का दौरा, वंचित बच्चों को शैक्षणिक सहयोग, महिला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, पोषण एवं एनीमिया जागरूकता, सड़क सुरक्षा, जल संरक्षण, कचरे को अलग करना, साइबर सुरक्षा, खेल गतिविधियों तथा दिव्यांगजनों की सहायता सहित 25 सेवा गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
अभियान के तहत ‘नमो सेवा गाथा’ के माध्यम से सेवा कार्यों, कल्याणकारी योजनाओं एवं विकास की कहानियों को नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आमजन तक पहुंचाया जाएगा। इन कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल-कॉलेजों, पंचायतों, सामुदायिक केंद्रों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर किया जाएगा।
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि 25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘आंगन का उत्सव’ आयोजित किया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों, माताओं, पोषण, स्वास्थ्य तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता से संबंधित गतिविधियां आयोजित होंगी। स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी इसके क्रियान्वयन एवं निगरानी में तालमेल करेंगे, जबकि जिला स्तर के अधिकारी स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे।
अभियान के दौरान देश के युवाओं की रचनात्मक एवं तकनीकी क्षमता को बढ़ावा देने के लिए ‘राष्ट्रीय नवाचार चुनौती’ भी शुरू की जाएगी। इसके तहत युवा उद्यमियों, तकनीकी विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों को डिजिटल समाधान और जमीनी स्तर पर सुशासन से जुड़े उपयोगी एवं व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
एक माह तक चलने वाला यह अभियान 17 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली में आयोजित होने वाले भव्य ‘जनसेवक महाकुंभ’ के साथ संपन्न होगा। इसमें लगभग 1.25 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिनमें ग्राम सरपंच, नगर निकायों के प्रतिनिधि तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के जनप्रतिनिधि शामिल होंगे, के भाग लेने की योजना है। इस अवसर पर वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों का सामूहिक गायन भी प्रस्तावित है।
मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान सभी गतिविधियों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करने, स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने, विभागों के बीच प्रभावी समन्वय तथा नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
‘सेवा संकल्प अभियान’ का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को नागरिकों के और करीब ले जाना, पात्र लाभार्थियों को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना | 176 |
| 16 | *कम शिक्षित युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतू बेहतर कार्य योजना बनाई जाए - मुख्यमंत्री*
*जेलों में भी चलाए जा रहे हैं शिक्षित एवं स्किल डिवलेपमेंट प्रोग्राम*
*टेली ईसीजी सेवाएं देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य*
*लाडो लक्ष्मी योजना के लाभ से कोई पात्र महिला वंचित न रहे*
चंडीगढ़, 2 सितम्बर - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कम शिक्षित युवाओं के बैकग्राउंड में जाकर सर्वे रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत की जाए और उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर कार्य योजना क्रियान्वित की जाए।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को गुड प्रेक्टिस आफ वेरियस डिपार्टमेंट द्वारा प्रेजेंटेशन को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, डा. सुमिता मिश्रा, जी अनुपमा, ए के सिंह, विजयेन्द्र कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि जेलों में स्किल डिवलेपमेंट प्रोग्राम के तहत राज्य की 5 जेलों में आईटीआई चलाई जा रही है ताकि जेलों से अभ्यर्थी बाहर आकर आसानी से अपना व्यवसाय आरम्भ कर सकें। इनमें 8 विभिन्न ट्रेडों में एक साल का प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 123 युवाओं ने आईटीआई पास कर ली है। इसके अलावा 20 जेलों में तीन माह तक का शॉर्ट टर्म वोकेशनल कोर्स भी करवाया जा रहा है जिसमें 1604 युवाओं ने पंजीकरण किया।
बैठक में बताया गया कि जेलों में उल्लास योजना के तहत भी 3321 युवाओं को उच्च स्तर की शिक्षा के लिए पंजीकृत किया गया है। इसी प्रकार एजुकेशनल प्रोग्राम के तहत इग्नु एवं एनआईओएस से शिक्षा मुहैया करवाने के लिए एनरोलमेंट किया गया है।
उन्होंने बताया कि कैदियों की जनसख्यां के शैक्षणिक प्रोफाईल अनुसार राज्य की विभिन्न जेलों में 3346 अशिक्षित युवा हैं। इसलिए उन युवाओं का विस्तार से सर्वे किया जाए और यह जानकारी एकत्र की जाए कि वे किस वजह से कम शिक्षित रहे है।
*हर पेड़ की जीयोटेगिंग सुनिश्चित की जाए*
वन विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल एक करोड़ 40 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के अनुरूप 70 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। इसमें ग्रीन कवर मियावाकी योजना के 19 क्षेत्रों में एक एकड़ से अधिक भूखण्ड पर पौधारोपण किया गया है। शहरों में एक लाख पौधे लगाकर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के सहयोग से उनके सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं तथा हर पेड़ की जीयोटेगिंग सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश की 200 से अधिक नर्सरियों में 1392 टाईप के पौधे विकसित किए जा रहे हैं तथा पौधारोपण कर उनका तीन साल तक पालन करने की जिम्मेवारी सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में सफेदा के पौधे लगाए जाएं तथा पिछले साल लगाए गए पौधों में से कितने जीवित रहे उनकी रिपोर्ट भी तैयार कर प्रस्तुत की जाए।
*2157 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित*
मुख्यमंत्री को अवगत करवाया गया कि टेली ईसीजी सर्विस देने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसके सभी 600 स्वास्थ्य संस्थानों में टेली ईसीजी सेवाएं सुलभ करवाई जा रही हैं। इसके माध्यम से 1086 रोगियों को गम्भीर बीमारी का समय पर पता चला और उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा नेशनल टीबी प्रोग्राम के तहत 2157 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। निक्षय मित्रों के माध्यम से टीबी रोगियों को दवाईयों एवं 1000 रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। इसके अलावा डे केयर सेंटर में कैंसर रोगियों को सुविधाएं दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस एवं कायाकल्प प्रोग्राम के तहत 22 जिलों में से 16 जिला अस्पातालों में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर मुहैया करवाने के साथ ही नवीनीकरण किया जा चुका है तथा शेष अस्पतालों का कार्य दिसम्बर तक पूरा कर लिया जाएगा। स्वस्थ नारी सशक्त परिवार के तहत जिला एवं उपमण्डल अस्पतालों में बीपी, सुगर, कैंसर, एनसी, पीएनसी, वेक्सिनेशन, न्यूट्रीशन, मेंटल हेल्थ एवं व्यस्कों की काउंसलिंग सुविधाएं सुलभ करवाई जा रही है। चालू वर्ष के दौरान 220247 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं।
सेवा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ हर पात्र महिला को सुनिश्चित किया जाए। कोई भी पात्र महिला लाभ लेने से वंचित नहीं रहनी चाहिए। दिव्यांग, विधवा, वृद्धावस्था एवं विदुर लोगों को दी जाने वाली पेंशन एवं वितीय सहायता प्रो ऐक्टिव मोड से दी जा रही है।
बैठक में मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार, आयुक्त एवं सचिव जे गणेशन, सचिव गृह विभाग आमना तसनीम सहित सेवा, स्वास्थ्य, गृह एवं वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। | 184 |
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| 18 | हरियाणा में राजस्व संबंधी समय-सीमा तय की
-दाखिल-खारिज मामलों के निपटारे के लिए पटवारियों को 5 दिन, कानूनगो को 3 दिन का समय
चंडीगढ़, 2 सितंबर - हरियाणा सरकार ने राजस्व अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज (इंतकाल/म्यूटेशन) के मामलों को निपटाने की सख्त समय-सीमा तय की है। लंबित मामलों में कमी लाने और दाखिल-खारिज प्रक्रिया में अधिक जवाबदेही लाने के उद्देश्य से अब पटवारियों को 5 दिनों के भीतर और कानूनगो व वृत्त राजस्व अधिकारियों (CROs) को 3-3 दिनों के भीतर मामलों को स्पष्ट (क्लियर) करना अनिवार्य होगा।
यह निर्णय वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग) डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लिया गया। यह बैठक ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम, म्यूटेशन और जमाबंदी के प्रारूप (फॉर्मेट), डिजिटल क्रॉप सर्वे और नागरिक संचार सेवाओं की समीक्षा के लिए बुलाई गई थी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि निर्धारित समय-सीमा को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) में शामिल किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में दाखिल-खारिज का निपटारा समयबद्ध हो सकेगा। ऑटो-म्यूटेशन के कार्यान्वयन, लंबित मामलों, तकनीकी समस्याओं के समाधान और ग्राउंड लेवल पर आने वाली दिक्कतों की नियमित निगरानी के लिए एक समर्पित 'मॉनिटरिंग सेल' भी गठित किया जाएगा।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि अथक प्रयासों के चलते 5 लाख से अधिक म्यूटेशन मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया जा चुका है, जिससे राज्य भर में लंबित म्यूटेशन मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। Web-HALRIS से माइग्रेशन के लिए अभी भी लंबित लगभग 40,000 पुराने (विरासत) म्यूटेशन मामलों पर चर्चा करते हुए, डॉ. मिश्रा ने निर्देश दिए कि ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम का टेस्ट चेक 2 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। संतोषजनक सत्यापन के अधीन, सभी लंबित पुराने मामलों को 10 दिनों के भीतर नए सिस्टम में माइग्रेट किया जाए तथा लंबित रिकॉर्ड और डेटा की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा कर उन्हें क्लियर किया जाए।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी द्वारा 23 जून, 2026 को उद्घाटन किए गए ऑटो-म्यूटेशन सिस्टम ने संपत्ति पंजीकरण को सीधे म्यूटेशन सेवाओं से जोड़कर इस प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। इस प्रणाली के तहत, संपत्ति का पंजीकरण होते ही म्यूटेशन स्वचालित (ऑटोमैटिक) रूप से शुरू हो जाता है, जिससे अलग से आवेदन करने की आवश्यकता समाप्त हो गई है और तहसील कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने से मुक्ति मिली है। नागरिक अपने म्यूटेशन की स्थिति ऑनलाइन 'रियल-टाइम' में ट्रैक कर सकते हैं और कहीं भी, कभी भी म्यूटेशन रिकॉर्ड एक्सेस, डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं। तकनीक-आधारित, कागज-रहित यह प्रणाली भूमि रिकॉर्ड के समय पर अद्यतनीकरण (अपडेशन) को सुनिश्चित कर रही है, साथ ही राजस्व प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाते हुए किसानों, भूस्वामियों और अन्य हितधारकों को सेवाओं तथा लाभों का तेजी से वितरण संभव बना रही है।
विभाग नागरिकों और ग्राउंड लेवल के अमले के लिए म्यूटेशन दस्तावेजों को भी सरल बना रहा है। संशोधित म्यूटेशन प्रिंट प्रारूप हिंदी में जनरेट किया जाएगा, जिसमें सभी कॉलम के शीर्षक सरल भाषा में दिखाई देंगे, कॉलम 7 में नया खेवट नंबर जोड़ा जाएगा और जहां लागू हो वहां लेनदेन की राशि (कंसीडरेशन अमाउंट) दर्ज की जाएगी।
नागरिक केंद्रित पहल के तहत, आवेदकों को अब म्यूटेशन प्रक्रिया के हर चरण पर व्हाट्सएप नोटिफिकेशन मिलेंगे, जबकि विभाग के चैटबॉट "भूमित्रा" का नाम बदलकर "HRY-भूमित्रा" किया जा रहा है।
जमाबंदी के प्रारूप में भी बदलाव किया जा रहा है ताकि इसमें 'हदबस्त' नंबर, ULPIN, भूमि सर्वेक्षण संख्या और भूस्वामी का पता शामिल किया जा सके। इसके अलावा, डॉ. मिश्रा ने हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (HARSAC) को 7 सितंबर तक डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं ताकि 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' (MFMB) डेटा के साथ इसकी विसंगतियों का विश्लेषण किया जा सके। | 161 |
| 19 | *प्रदेश में बनेंगे 582 ‘विलेज नॉलेज सेंटर’, ग्रामीणों को मिलेगी एक ही स्थान पर सुविधा*
*सरकार के प्रयास है कि हर तरह की सुविधा ग्रामीण इलाके में भी मिले: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*514.53 करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे सेंटर, स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक में लिया निर्णय*
चंडीगढ़, 2 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का मकसद ग्रामीणों को भी शहरों जैसी बेहतर और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। सरकार गांवों के विकास पर लगातार काम कर रही है, सरकार के प्रयास है कि हर तरह की सुविधा ग्रामीण इलाके में भी मिले।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में अधिकारियों द्वारा नाबार्ड के सहयोग से प्रदेश में 582 विलेज नॉलेज सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस परियोजना पर कुल 514.53 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जाएगी, जिसके तहत प्रत्येक विलेज नॉलेज सेंटर पर लगभग 88.33 लाख रुपये खर्च होंगे। इस दौरान विकास एवं पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग को निर्देश दिए कि इस परियोजना हेतु आवश्यक धनराशि की वित्तीय स्वीकृति प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रदान की जाए, ताकि योजना का क्रियान्वयन समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सके।
विलेज नॉलेज सेंटर को गांव में एक ‘ऑल-इन-वन’ सहायता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विकास एवं पंचायत विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के अधिकारी भी उपलब्ध रहें। इससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों से संबंधित आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं सुगमता से मिल सकेंगी। इनमें बैठक कक्ष, सरपंच कार्यालय, सीएससी रूम, डिजिटल लाइब्रेरी, केयर टेकर कक्ष जैसी सुविधा भी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक ‘विलेज नॉलेज सेंटर’ परिसर में चबूतरे के साथ एक छायादार पेड़ भी लगाया जाए। उन्होंने कहा कि गांवों में चबूतरा और पेड़ हमेशा से ही आपसी मेल-जोल, बातचीत और सामुदायिक जीवन का हिस्सा रहे हैं। इसी पारंपरिक ग्रामीण संस्कृति और विरासत को आगे बढ़ाते हुए विलेज नॉलेज सेंटर परिसर में ऐसी व्यवस्था की जाए, ताकि यह केंद्र केवल सरकारी सेवाओं का स्थान न रहकर ग्रामीणों के लिए बैठने, संवाद करने और आपसी मेल-जोल का सुविधाजनक सामुदायिक स्थल भी बन सके।
*गलियों की रिपेयरिंग, फिरनी और स्ट्रीट लाइटिंग पर भी विशेष ध्यान*
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि गांवों के विकास में बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में गलियों की रिपेयरिंग का उचित प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार ग्रामीणों की ओर से गलियों के लेवल और रखरखाव से संबंधित शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि जहां गली का कोई हिस्सा धंसने या क्षतिग्रस्त होने की वजह से मरम्मत की जरूरत हो, वहां पूरी गली को अनावश्यक रूप से उखाड़ने की बजाय जरूरत के अनुसार उसी हिस्से की मरम्मत कर उसे दुरुस्त किया जाए, ताकि सरकारी धन का भी सही उपयोग हो और ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों की फिरनी की व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा स्ट्रीट लाइटिंग को दुरुस्त रखने पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर सुविधा मिल सके और विकास कार्यों का अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचे।
बैठक के दौरानमुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्रा सिंह,वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सीजी रजनी कांथन, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक श्री अनीश यादव सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। | 124 |
| 20 | *प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण पर सरकार का विशेष जोर : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी*
*करनाल के कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फेज-II विस्तार को लेकर राज्य वित्त समिति की बैठक में हुई चर्चा*
*अस्पताल में करीब 505 नए बेड जुड़ेंगे, बेड क्षमता 600 से बढ़कर 1100 होगी*
*एमबीबीएस सीटों की संख्या 120 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव*
*ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट, आईसीयू, आईसीसीयू सहित नेफ्रोलॉजी और न्यूरो सर्जरी जैसी विशेषज्ञ सेवाएं होंगी उपलब्ध*
चंडीगढ़,2 सितंबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेशवासियों को बेहतर, आधुनिक और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा की सुविधाओं को भी लगातार मजबूत कर रही है, ताकि आमजन को गंभीर बीमारियों और आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर उपचार मिल सके।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को सचिवालय में स्टेट फाइनेंस कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में करनाल स्थित कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के फेज-II विस्तार को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव भी मौजूद थी। फेज-II के तहत अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं और क्षमता में बड़े स्तर पर विस्तार किया जाएगा। इससे करनाल सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। वर्तमान में कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हर वर्ष 120 एमबीबीएस विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है तथा 64 पीजी सीटें हैं। अस्पताल में करीब 600 बेड की क्षमता है।
फेज-II के तहत अस्पताल परिसर के विस्तार के लिए 404.95 करोड़ रुपये की लागत का प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट एवं बर्न वार्ड, आईसीयू, आईसीसीयू, जनरल मेडिसिन, नेफ्रोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और मनोरोग विभाग से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा हेलिपैड तथा अन्य जरूरी सहयोगी एवं सहायक सुविधाओं का भी प्रावधान किया जाएगा। प्रस्तावित विस्तार के तहत अस्पताल में करीब 505 नए बेड जोड़े जाएंगे। इससे अस्पताल की कुल बेड क्षमता लगभग 600 से बढ़कर 1100 बेड हो जाएगी। इससे गंभीर बीमारियों, दुर्घटनाओं और अन्य जटिल मामलों के मरीजों को बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी और क्षेत्र में विशेषज्ञ एवं सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।
अधिकारियों ने बताया कि इसी प्रकार मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस दाखिला क्षमता को 120 सीटों से बढ़ाकर 250 सीट करने का प्रस्ताव है। इससे मेडिकल शिक्षा और डॉक्टरों की ट्रेनिंग के लिए संस्थान की क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। फेज-II के तहत कुछ निर्माण कार्य पहले ही शुरू किए जा चुके हैं। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 169.58 करोड़ रुपये की लागत से अतिरिक्त हॉस्टल और आवासीय सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, अस्पताल परिसर के फेज-II विस्तार का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा।
फेज-II विस्तार के माध्यम से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ भविष्य में शैक्षणिक, क्लीनिकल और सुपर-स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार के लिए भी आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार होगा। इससे संस्थान को व्यापक तृतीयक चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने वाले प्रमुख संस्थान के रूप में और मजबूत किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सीजी रजनी कांथन, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के निदेशक श्री धीरेंद्र खरगटा सहित अधिकारीगण मौजूद थे। | 125 |
