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पास नई अधिसूचना की तिथि से एक माह तक पुरानी वर्ष 2013 अधिसूचना के अनुसार कर भुगतान का विकल्प रहेगा, जिसके पश्चात संशोधित प्रणाली लागू होगी। जिन संपत्ति मालिकों ने पहले ही अपना बकाया चुका दिया है, उन पर इस नई अधिसूचना का वित्तीय वर्ष 2026-27 तक कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं उससे पूर्व के बकाया एवं ब्याज पर कोई असर नहीं होगा। यह ऐतिहासिक सुधार हरियाणा के शहरी स्थानीय निकायों में संपत्ति कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, समतापूर्ण एवं नागरिक-अनुकूल बनाने के साथ-साथ बेहतर नागरिक सेवाओं एवं अवसंरचना के वित्तपोषण हेतु नगर निकायों के राजस्व आधार को सुदृढ़ करेगा।

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भवनों तथा भूमि पर संपत्ति कर लगाने की एक नई पद्धति लागू चंडीगढ़, 28 जुलाई - मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य में नगर निगमों, नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं की सीमा के भीतर भवनों तथा भूमि पर संपत्ति कर लगाने की एक नई, सरलीकृत एवं पारदर्शी पद्धति को सैद्धांतिक (ULBs ) स्वीकृति प्रदान की गई। यह नई पद्धति हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के अंतर्गत नगर निगमों के लिए तथा हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 के अंतर्गत नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के लिए अलग-अलग अधिसूचित की जाएगी, और वर्ष 2013 की संपत्ति कर अधिसूचनाओं के स्थान पर लागू होगी। इससे राज्य के सभी शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में मूल्यांकन की एक समान, सूत्र-आधारित प्रणाली लागू होगी। पारदर्शिता एवं अनुपालन में सुगमता की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, नई प्रणाली में विवेकाधीन एवं जटिल मूल्यांकन प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूंजीगत मूल्य की गणना हेतु एक स्पष्ट, सूत्र-आधारित पद्धति अपनाई गई है कृ जो प्लॉट क्षेत्र अथवा कारपेट क्षेत्र, लागू कलेक्टर दर, तथा फ्लोर फैक्टर पर आधारित है। शहरों को चार श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है - नगर निगमों के लिए ए1 एवं ए2, तथा नगर परिषदों एवं नगर पालिकाओं के लिए बी एवं सी तथा प्रत्येक श्रेणी के लिए न्यूनतम एवं अधिकतम कर दरें निर्धारित की गई हैं। इससे संपत्ति मालिकों के लिए अधिक पूर्वानुमेयता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, जबकि नगर निकायों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार निर्धारित सीमा के भीतर दरें तय करने की लचीलापन प्राप्त होगी। नई पद्धति में एक उपयोग-आधारित गुणन कारक भी शामिल किया गया है, जो संपत्ति के आकार एवं उपयोग की प्रकृति - आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत अथवा विशेष श्रेणी के आधार पर कर देयता को जोड़ता है, जिससे कर का बोझ समान एवं आनुपातिक बना रहे। संपत्ति मालिकों को अचानक वृद्धि से बचाने हेतु, नई प्रणाली के तहत कर देयता में वृद्धि को सीमित किया गया है तथा पूर्ण संशोधित मूल्यांकित मूल्य तक पहुंचने तक इसे चरणबद्ध रूप से लागू किया जाएगा। व्यापक छूट जनहित को ध्यान में रखते हुए, नई नीति में संपत्ति कर से व्यापक छूट का प्रावधान किया गया है। प्रमुख छूटों में शामिल हैं : -धार्मिक संपत्तियां, जिनमें मंदिर, चर्च, गुरुद्वारे एवं मस्जिदें शामिल हैं, जो जनता को निःशुल्क सेवाएं प्रदान करती हैं – 100% छूट। -पट्टे या किराए पर न दी गई नगरपालिका संपत्तियां। -अनाथालय, वृद्धाश्रम, श्मशान एवं कब्रिस्तान तथा धर्मशालाएं। -सरकारी शैक्षणिक संस्थान एवं सरकारी अस्पताल। - विशुद्ध रूप से कृषि प्रयोजनों हेतु उपयोग की जाने वाली संपत्तियां। - सभी गौशालाएं (दूध, डेयरी उत्पाद, जैविक उर्वरक, बायो-सीएनजी/ध्बायोगैस, गोबर एवं गोमूत्र की बिक्री के अतिरिक्त किसी व्यावसायिक प्रयोजन हेतु प्रयुक्त भाग को छोड़कर)। -सेवारत / भूतपूर्व सैनिकों एवं अर्धसैनिक बल कार्मिकों तथा शहीद सैनिकों के परिवारों के स्व-अधिवासित आवासीय मकान (250 वर्ग मीटर तक)। -स्वतंत्रता सेनानियों, उनके जीवनसाथी एवं युद्ध विधवाओं के स्व-अधिवासित आवासीय मकान। - धर्मार्थ शैक्षणिक संस्थान, धर्मार्थ अस्पताल, तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (सीडब्ल्यूएसएन) हेतु विद्यालय। - नगरपालिका सीमा में नव-सम्मिलित गांवों के लाल डोरा क्षेत्र में स्थित आवासीय संपत्तियां, सम्मिलन की तिथि से पांच वर्षों तक (अधिकतम तीन मंजिल तक)। - निःशुल्क अथवा अवैतनिक पार्किंग इकाइयां। *अनुपालन एवं सामाजिक कल्याण को प्रोत्साहित करने हेतु छूट* नई पद्धति में समय पर अनुपालन को पुरस्कृत करने तथा सामाजिक कल्याण उद्देश्यों को समर्थन देने हेतु एक संरचित छूट ढांचा भी शामिल किया गया है। प्रमुख छूट इस प्रकार हैं : -नगरपालिका सीमा में स्थित मौजूदा गांवों के लाल डोरा क्षेत्र की आवासीय संपत्तियों पर संपत्ति कर में 75 % छूट - प्रति संपत्ति अधिकतम 25 % तक संयुक्त छूट, जिसमें शामिल है . -चालू आकलन वर्ष के 30 अप्रैल तक बकाया राशि सहित सभी देय राशियों का भुगतान करने पर 10 % छूट . - लगातार 3 पूर्ववर्ती वर्षों तक समय पर कर भुगतान करने वाले अच्छे करदाताओं को 5 % छूट - महिलाओं के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों पर 25 % छूट (संयुक्त स्वामित्व की स्थिति में आनुपातिक)। -दिव्यांग व्यक्तियों (40% या अधिक दिव्यांगता) के स्वामित्व वाली आवासीय संपत्तियों पर 10% छूट - पूर्ण रूप से क्रियाशील शून्य-अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली वाले ग्रुप हाउसिंग सोसायटी / प्रॉपर्टी क्लस्टर हेतु 10 % छूट . इन छूटों का उद्देश्य समय पर भुगतान, पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं तथा समावेशी स्वामित्व को प्रोत्साहित करना है। *संपत्ति मालिकों के लिए सुगम लेन-देन* सुगम लेन-देन सुनिश्चित करने हेतु, संपत्ति मालिकों के
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हरियाणा ने 30 लाख रुपये तक के इलेक्ट्रिक वाहनों पर दी पूर्ण कर छूट चंडीगढ़, 28 जुलाई : स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हरियाणा मंत्रिमंडल ने राज्य में खरीदे और पंजीकृत किए गए 30 लाख रुपये तक के एक्स-शोरूम मूल्य वाले नए विशुद्ध इलेक्ट्रिक/बैटरी से चलने वाले दो पहिया, तीन पहिया (ऑटो/ई-रिक्शा) और चार पहिया वाहनों के पंजीकरण के समय मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट को मंज़ूरी दे दी है। साथ ही 30 लाख रुपये से अधिक कीमत के इलेक्ट्रिक वाहनों पर 50 प्रतिशत की छूट को भी मंजूरी दी गई। यह निर्णय इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए अधिक प्रोत्साहन प्रदान करने और पूरे राज्य में स्वच्छ व पर्यावरण-अनुकूल मोबिलिटी की दिशा में बदलाव को गति देने के लिए 2 मार्च, 2026 को प्रस्तुत हरियाणा बजट 2026-27 में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा को पूरा करता है। वर्तमान में, हरियाणा इलेक्ट्रिक/बैटरी चालित वाहनों और सीएनजी (CNG) वाहनों के पंजीकरण पर एकमुश्त मोटर वाहन कर में 20 प्रतिशत की छूट प्रदान करता है। नवीनतम मंज़ूरी के साथ, पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मौजूदा छूट को बढ़ाकर 30 लाख रुपये तक के एक्स-शोरूम मूल्य वाले नए विशुद्ध इलेक्ट्रिक/बैटरी चालित दो पहिया, तीन पहिया (ऑटो/ई-रिक्शा) और चार पहिया वाहनों के नए पंजीकरण के लिए पूर्ण (100 प्रतिशत) छूट कर दिया गया है। हालांकि, सीएनजी वाहनों के लिए एकमुश्त मोटर वाहन कर में मौजूदा 20 प्रतिशत की छूट बिना किसी बदलाव के जारी रहेगी। यह निर्णय हरियाणा मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत लिया गया है, जिसके तहत राज्य सरकार को हरियाणा में पंजीकृत और संचालित विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए मोटर वाहन कर की दरें निर्धारित करने का अधिकार प्राप्त है। इस बढ़ी हुई कर छूट से इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक किफायती बनाकर राज्य में उनकी खरीद और पंजीकरण को काफी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह पहल वाहनों के उत्सर्जन को कम करने, प्रदूषण पर अंकुश लगाने, वायु गुणवत्ता में सुधार करने और हरियाणा में पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने में भी योगदान देगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम हरित विकास और स्वच्छ पर्यावरण के प्रति हरियाणा की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अपनाने में तेजी लाएगा।
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पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण का दायरा बढ़ाया चंडीगढ़, 28 जुलाई : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज आयोजित हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के निवासी पूर्व अग्निवीरों को प्रत्यक्ष भर्ती में अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर- कम -ड्राइवर, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड तथा गृह विभाग के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) में कांस्टेबल के पदों पर 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण प्रदान करने को मंजूरी दी गई। भारत सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले प्रशिक्षित अग्निवीरों को भविष्य में सार्थक रोजगार के अवसर मिलें। यह पहल अग्निपथ योजना के दीर्घकालिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए उन्हें सरकारी सेवाओं में रोजगार का स्पष्ट अवसर प्रदान करती है। इसी उद्देश्य के अनुरूप हरियाणा सरकार ने सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को प्रत्यक्ष भर्ती में आरक्षण देने के विषय पर विचार किया। इसके बाद राज्य सरकार ने हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को होरिजेंटल आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया। इससे पहले हरियाणा सरकार पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-‘सी’ पदों, जैसे पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में फॉरेस्ट गार्ड, कारागार विभाग में वार्डर तथा खान एवं भू-विज्ञान विभाग में ग्रुप-‘डी’ के माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण प्रदान कर चुकी है। इसके अलावा राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-‘बी’ के पदों पर 1 प्रतिशत, ग्रुप-‘सी’ के पदों पर 5 प्रतिशत, पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पदों पर 20 प्रतिशत तथा फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवा चुकी है। उल्लेखनीय है कि फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर आरक्षण को पहले के 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया है। इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गृह विभाग के अंतर्गत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी), अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर- कम -ड्राइवर तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड के पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण का लाभ देने का सुझाव दिया। मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ इन सिफारिशों को लागू किया जाएगा। आईआरबी, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा विभाग तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण दिए जाने से उन्हें सरकारी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, राज्य सरकार उनकी सैन्य सेवा के दौरान अर्जित कौशल और प्रशिक्षण का उपयोग इन विशेषीकृत सेवाओं को और मजबूत बनाने में कर सकेगी। यह निर्णय न केवल पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करेगा, बल्कि राज्य की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, अग्निशमन सेवाओं और वन्यजीव संरक्षण सेवाओं को भी सुदृढ़ करेगा। साथ ही, यह अग्निपथ योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को बढ़ावा देगा और सैन्य सेवा पूरी करने के बाद पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी सेवाओं में सहज कैरियर परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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पीएमएवाई-यू 2.0 के लाभार्थियों को बड़ी राहत, हरियाणा सरकार ने स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में की कटौती चंडीगढ़, 28 जुलाई : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के अंतर्गत स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में छूट तथा निश्चित शुल्क निर्धारित करने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पंजीकृत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लाभार्थियों के लिए पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 60 वर्गमीटर तक के पात्र आवासीय इकाइयों पर लागू होगा। स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में छूट, समयबद्ध और महत्वाकांक्षी अभियान के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में घर खरीदने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है। प्रस्ताव के अनुसार, पात्र आवासीय इकाइयों के लिए कन्वेयंस डीड (स्वामित्व हस्तांतरण दस्तावेजों) पर प्रति दस्तावेज 500 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1ए के अनुच्छेद 23-ए, जो हरियाणा में लागू है, के अंतर्गत देय स्टांप ड्यूटी भी घटाकर 500 रुपये प्रति दस्तावेज कर दी गई है। इस निर्णय से ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लाभार्थियों पर आवास खरीद से संबंधित लेन-देन व वित्तीय बोझ कम होगा। इससे पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत ‘‘सभी के लिए आवास’’ के लक्ष्य को बढ़ावा मिलेगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में हरियाणा में कन्वेयंस डीड पर भारतीय स्टांप अधिनियम, 1899 की अनुसूची-1ए के अनुच्छेद 23-ए के तहत 5 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी तथा 2 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क देय है। यदि संपत्ति का हस्तांतरण किसी महिला के पक्ष में किया जाता है तो 2 प्रतिशत की छूट उपलब्ध है। वहीं, पंजीकरण शुल्क स्लैब के आधार पर निर्धारित किया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा 50,000 रुपये है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पात्र ईडब्ल्यूएस लाभार्थियों के लिए किफायती आवास को बढ़ावा देने के स्टांप ड्यूटी एवं पंजीकरण शुल्क में यह विशेष रियायत प्रदान कर किफायती आवास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, पात्र कन्वेयंस डीड पर स्टाम्प डयूटी पंजीकरण शुल्क में छूट को स्वीकृति प्रदान की गई है।
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वर्ष 2027 में राज्य स्तर पर धूमधाम से मनाया जाएगा संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व : मुख्यमंत्री चंडीगढ़, 28 जुलाई: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2027 में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व पूरे राज्य में भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया जाएगा। इसके आयोजन की तैयारियों के लिए राज्य सरकार एक उच्च स्तरीय समिति का गठन करेगी, जो कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर उनके सफल आयोजन को सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल की बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आगामी 29 जुलाई को हरियाणा का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी में आयोजित विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों तथा पूजन-अर्चना में भाग लेगा। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नबीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ तथा भारतीय जनता पार्टी अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लाल सिंह आर्य सहित पार्टी के अनेक वरिष्ठ नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी से सुशोभित कलश हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल को विधिवत सौंपा जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके उपरांत प्रतिनिधिमंडल 30 जुलाई की सायंकाल पावन कलश लेकर गुरुग्राम के सिरहौल बॉर्डर पहुंचेगा, जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा उसका भव्य स्वागत किया जाएगा। स्वागत के बाद इस पावन कलश को गुरुग्राम स्थित श्री शीतला माता मंदिर में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 4 अगस्त को इस पावन कलश की मिट्टी भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के सभी 27 संगठनात्मक जिलों के जिला अध्यक्षों एवं सामाजिक प्रतिनिधियों को विधिवत प्रदान की जाएगी। इसके पश्चात यह पावन मिट्टी पूरे हरियाणा के गांव-गांव तक पहुंचाई जाएगी, ताकि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समरसता, समानता, सामाजिक न्याय और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जा सके तथा "समरसता संकल्प अभियान" को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जा सके। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण बेदी, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक श्री मनीष लोहान, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार श्री राजीव जेटली, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रे उपस्थित रहे।
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लिए बोर्ड आफ डायरेक्टर की तिमाही बैठक किसानों के साथ की जाए। कैथल चीनी मिल में उच्च क्वालिटी का गुड़ बनाया जाए। उन्होंने राज्य के विभागों, बोर्ड एवं कारपोरेशनों में चीनी के पाउच का उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीनी मिलों में सुगरकेन हारवेस्टर मशीनों के अलावा कम्प्रेस बायो गेस प्लांट लगाने के लिए भी कार्य किया जा रहा है। हरकोफेड द्वारा गरीब परिवारों को 7 प्रतिशत ब्याज पर 12.50 लाख रुपए तक का आवास ऋण मुहैया करवाया जा रहा है। अब तक 21 हजार लोगों के मकान बनवाए जा चुके है। सहकारी फेडरेशन में खरीदे गए ट्रेक्टर, अन्य वाहनों की उपलब्धता की विस्तृत रिपोर्ट बनाई जाए। इसके अलावा कस्टम हायर सेंटरों में खरीद किए गए कृषि उपकरणों की भी सूची बनाई जाए ताकि इन उपकरणोंं का समुचित उपयोग सुनिश्चित हो । उन्होंने कहा कि लेनदेन में होने वाले फ्रॉड के लिए लेनदेन के सभी कार्य ऑनलाईन किए जाएं। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, अतिरिक्त प्रधान सचिव विजयेन्द्र कुमार, प्रधान सचिव सहकारिता पंकज यादव, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव अजय कुमार सहित सहकारी फेडरेशनों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
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प्रदेश में खुलेंगे 700 वीटा बूथ : मुख्यमंत्री चण्डीगढ, 28 जुलाई: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा, साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर इन समूहों के लिए शैड तथा पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। मुख्यमंत्री सोमवार देर सायं चण्डीगढ़ में सहकारी फेडरेशन, डेरीफेड, वीटा बूथ, हरहित स्टोर, लेबरफेड, हाउसफेड आदि सहकारी फेडरेशनों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में सहकारिता एवं मंत्री अरविन्द शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आय के स्त्रोतों की बढ़ोतरी के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। दुग्ध उत्पादन एवं अन्य दुग्ध उत्पाद के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने सहकारिता विभाग द्वारा सर्दियों में 3 रुपए, गर्मियों में 5 रुपए दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में 2 रुपए के हिसाब से बढाने की घोषणा की। अब यह राशि 5 रुपए तथा 7 रुपए प्रति लीटर की गई है। उन्होंने कहा कि दुग्ध मार्केटिंग के लिए 3 रुपए प्रति लीटर की बढौतरी की जा रही है ताकि वीटा दूध को अन्य दूध की तर्ज पर मुनाफे में लाया जा सके। *मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान* मुख्यमंत्री ने कहा कि मुर्राह नस्ल की भैंस हरियाणा की पहचान है। दुग्ध उत्पादन को बढाने के लिए और ज्यादा सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए पेक्स में महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूहों ने दूध की बिक्री के लिए सहमति जताई है। जल्द ही सहकार से समृद्धि की ओर ले जाने के लिए इन समूहों के लिए शैड बनवाकर आधुनिक डेरी सुविधाएं सुलभ करवाकर कार्य शुरू करवाया जाएगा। *710 सहकारी समितियों का ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन* मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की 800 सहकारी समितियों में से 710 का ऑनलाईन रजिस्ट्रशन किया गया है। इस अभियान में तेजी लाई जा रही है ताकि सभी समितियों का पंजीकरण ऑनलाईन कर शेयर ट्रांसफर सेवा शुरू की जा सके। उन्होंने कहा कि सीएम पेक्स को एम पेक्स में बदलने के लिए कार्य किया जाए ताकि इनमें सीएससी, कैटल फीड, बीज बिक्री, खाद, कीटनाशक दवाईयां आदि 33 प्रकार के कार्य आरम्भ किये जा सके। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह सहकारी समितियों को लाभ में लाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य योजना बनाई जाए। सहकारी समितियों के माध्यम से हर घर को काम मिल सकता है। इस प्रकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती के साथ हरियाणा को डेरी विकास क्षेत्र में नई ऊंचाईयों तक ले जाना है। *प्रदेश में खुलेंगे 700 वीटा बूथ* मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रोजगार को बढावा देने के लिए 674 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं तथा जल्द ही 318 बूथ ओर खोले जाएगें। इसके अलावा 240 बूथों के लिए प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि वीटा बूथ सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 5 लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है। उन्होंने कहा कि दुग्ध से कई तरह के उत्पाद तैयार किए जाएं ताकि सहकारी फेडरेशन को घाटे से उबारा जा सके। इसके लिए जल्द ही आईसक्रीम बनानी शुरू की जाएगी। *बावल दुग्ध प्लांट की क्षमता बढाकर 5 लाख लीटर होगी* मुख्यमंत्री ने कहा कि वीटा दुध एवं उत्पादों की बिक्री के लिए रेलवे तथा डिफेंस के लिए प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट लगाया जा रहा है जिसकी क्षमता बढाकर चरणबद्व तरीके से 5 लाख लीटर की जाएगी। इसके अलावा अम्बाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का प्लांट लगाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश के हर जिले में 5 से 10 हजार लीटर क्षमता के 21 मिल्क चिलिंग सेंटर खोले जाएगें। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य परिवहन के बस अड्डों पर 75 बूथ खोले गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, टूरिज्म क्षेत्रों तथा ग्रुप हाऊसिंग सोसायटियों तथा सिविल अस्पतालों में भी जन औषधि स्टोर की तरह वीटा बूथ खोले जाएगें। इसी प्रकार प्रदेश में 1400 हरहित स्टोर खोले जाएगें तथा पंचायतों में आईओसीएल के लिए 300 स्थलों की पहचान की गई है। *चीनी मिलों में पिराई का लक्ष्य 130 दिन, रिकवरी लक्ष्य बढाकर 10 प्रतिशत किया जाए* मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारी चीनी मिलों में पिराई का लक्ष्य 130 दिन किया जाए तथा रिकवरी लक्ष्य बढाकर 10 प्रतिशत किया जाए। इसके अलावा गन्ने का क्षेत्रफल बढाने के लिए ड्रीप इरीगेशन का उपयोग के साथ किसानों को ज्यादा से ज्यादा गन्ना लगाने हेतू प्रोत्साहित किया जाए। इसके
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मुख्यमंत्री की डेयरी क्षेत्र के लिए पांच बड़ी घोषणाएं चंडीगढ़, 27 जुलाई : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने डेयरी क्षेत्र को नई गति देने, किसानों की आय बढ़ाने और महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से पांच महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन निर्णयों से डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सहकारिता आंदोलन को भी मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वीटा को दूध उपलब्ध कराने वाले महिला स्वयं सहायता समूहों तथा महिला सीएम पैक्स (CMPACS) दोनों से जुड़ी महिलाओं को 10 रुपये प्रति लीटर की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इससे अधिक से अधिक महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने गांवों में पंचायती भूमि पर ‘सांझी डेयरी’ स्थापित करने की भी घोषणा की। इन सामुदायिक डेयरियों में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्य महिलाओं के पशुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पशुपालन की लागत कम होगी और महिलाओं की आय में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ (HDDCF) महिला स्वयं सहायता समूहों और महिला सीएम पैक्स की सदस्य महिलाओं को दुग्ध पशु खरीदने के लिए रियायती ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा, ताकि अधिक महिलाएं डेयरी व्यवसाय अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकें। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत हरियाणा डेयरी विकास सहकारी प्रसंघ (HDDCF) को दूध आपूर्ति करने वाले दुग्ध उत्पादकों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाने की घोषणा भी की। इसके अनुसार ग्रीष्मकाल में प्रोत्साहन राशि 5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 7 रुपये प्रति लीटर तथा शीतकाल में 3 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 5 रुपये प्रति लीटर की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और महिलाओं की आय बढ़ाने, डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने तथा सहकारिता आंदोलन को नई ऊर्जा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देंगे और हरियाणा को डेयरी विकास के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन श्री मोहन लाल बडौली को कार्यभार ग्रहण कराया चंडीगढ़, 27 जुलाई : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के नवनियुक्त चेयरमैन श्री मोहन लाल बडौली को उनके पद का कार्यभार ग्रहण कराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने श्री मोहन लाल बडौली को नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बडौली अपने अनुभव, संगठनात्मक क्षमता एवं कार्यकुशलता के बल पर हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा जनहित एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। कार्यभार ग्रहण के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, डॉ अरविन्द कुमार शर्मा,श्री श्याम सिंह राणा, विधायक कृष्णा गहलावत, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहाकार श्री राजीव जेटली, मीडिया सचिव श्री प्रवीण आत्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
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श्रद्धालुओं को श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी महाराज की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। उन्होंने उपस्थितगण से संतों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने, पर्यावरण संरक्षण, गौसेवा, समाज सेवा और मानव कल्याण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। *संत समाज के महापुरुष और मुख्यमंत्री का एकसाथ होना अद्भुत संगम: कृष्ण बेदी* कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि जींद की धरती पर आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम विशेष शुभ मुहूर्त में बना है। आज हम सबका यह सौभाग्य है कि हम सब अपने संत समाज के महापुरुषों और प्रदेश के मुख्य सेवक यानी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को एक साथ देख पा रहे हैं। सेवक और संत दोनों के एक ही मंच पर दर्शन होना सौभाग्य की बात होती है। यह संगम प्रदेश में विकास, सुख, शांति और समृद्धि की बहार को और तेज करने वाला है। *हरियाणा के मुख्यमंत्री की सरलता और कार्यशैली से सभी प्रभावित: डॉ. कृष्ण मिड्ढा* हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकऱ डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के हर परिवार की जरूरत के अनुसार योजनाएं और नीतियां लागू की हैं। सरकार द्वारा जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं व नीतियों का लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर बिना खर्ची-बिना पर्ची सरकारी नौकरियां दी जा रही हैं। मुख्यमंत्री के इस कार्य की पूरे देश में चर्चा हो रही है। दूसरे प्रदेशों के मुख्यमंत्री भी हरियाणा के मुख्यमंत्री जैसी मुस्कुराहट, सरलता, कार्यशैली की तारीफ करने के साथ-सा खुद भी इसी व्यवहार को अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। *हरियाणा में हो रहे हैं तेज गति से विकास कार्य: विधायक महंत योगी बालक नाथ* राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत योगी बालक नाथ ने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तीव्र गति से विकास कार्य करवा रहे हैं। राजस्थान में अभी बहुत विकास कार्यों की जरूरत है, पर हरियाणा में भाजपा सरकार ने तो खेतों के रास्ते तक भी पक्के कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि मानव जाति के उत्थान के लिए बाबा खाकनाथ जी के संदेश को जन-जन तक पहुंचकर मानव कल्याण का कार्य करें।
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संत महापुरुष समाज को सत्य, सेवा और राष्ट्रभक्ति की राह दिखाते हैं: मुख्यमंत्री चंडीगढ़, 27 जुलाई: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उनके आदर्श मानवता, सेवा, समरसता और राष्ट्र निर्माण का संदेश देते हैं। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन मूल्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है, ताकि समाज में सद्भाव और संस्कारों की भावना और अधिक मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह बात सोमवार को जींद जिले के गांव उझाना में श्री श्री 1008 सिद्ध बाबा खाक नाथ जी महाराज के नवनिर्मित समाधि स्थल पर आयोजित मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी, हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, रोहतक स्थित मठ अस्थल बोहर के महंत तथा राजस्थान के तिजारा से विधायक महंत बालक नाथ, उझाना मठ के महंत राज नाथ, महंत पूर्ण नाथ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने उझाना में सामुदायिक केंद्र के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये तथा गांव के अन्य विकास कार्यों के लिए 51 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांग के अनुरूप गांव में सड़क निर्माण, कुंड तालाब के जीर्णोद्धार, पानी निकासी का स्थाई समाधान तथा गांव के स्कूल में विज्ञान संकाय शुरू करवाई जाएगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर में मत्था टेका तथा यज्ञ में पूर्णाहुति दी और ध्वजारोहण भी किया। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि किसी महा मानव की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा का अर्थ केवल विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाना नहीं होता बल्कि अपने जीवन में श्रद्धा को प्रतिष्ठित करना, अपने आचरण में सत्य को अपनाना, अपने व्यवहार में करुणा को उत्पन्न करना तथा समाज में सेवा तथा सद्भाव को प्रतिष्ठित करना है। उन्होंने खुशी जाहिर की कि उझाना का पावन मठ लगभग 600 वर्षों से करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति हमारी आध्यात्मिक परंपरा में है। श्री नायब सिंह सैनी ने उझाना के धाम द्वारा गौशाला के संचालन की सराहना करते हुए कहा कि गौशाला भारतीय संस्कृति की करुणा और संवेदना का जीवंत प्रतीक है। हमारी परंपरा में गौसेवा धार्मिक आस्था होने के साथ-साथ सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। प्रकृति और गौमाता की रक्षा व सम्मान की संस्कृति ही भारत को विश्वगुरु बनाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों ने सदैव समाज को एकजुट करने, मानव सेवा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया है। जब-जब समाज भटका है, तब-तब संतों ने दीपक बनकर समाज को नई रोशनी दिखाई है। संतों के बताए मार्ग पर चलकर ही सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार संत-महापुरुषों के विचारों और उनके योगदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। राज्य सरकार ने ‘संत महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना’ शुरू की है, जिसके माध्यम से महापुरुषों की जयंतियां और स्मृति दिवस व्यापक स्तर पर मनाए जा रहे हैं, ताकि नई पीढ़ी उनके जीवन से प्रेरणा ले सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों को नई पहचान दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक जैसे कार्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। मोदीजी के नेतृत्व में जहां एक तरफ देश में आधुनिक ढांचे और सुविधाओं का विस्तार हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ हमारी प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं संवर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय लिए गए 217 संकल्पों में से डेढ़ साल के समय में 66 संकल्प पूरे किए जा चुके हैं जबकि शेष संकल्पों को पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने बताया कि भाजपा की तीसरे कार्यकाल में हरियाणा में देश के अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे अधिक फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जा रही हैं, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को 2100 रुपये प्रतिमाह की सहायता दी जा रही है, गरीब महिलाओं की रसोई में 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाया जा रहा है, मरीजों के लिए मुफ्त डायलिसिस तथा जिला अस्पतालों के जीर्णोद्धार तथा नए मेडिकल कॉलेज खोलने का कार्य हरियाणा में तेज गति से करवाया जा रहा है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के कल्याण और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास की नीति पर कार्य कर रही है और प्रदेश में पारदर्शी तथा जनहितैषी शासन व्यवस्था स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री ने
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हरियाणा ने सर्टिफाइड ज़मीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन किए चंडीगढ़, 27 जुलाई: ज़मीन से जुड़ी सेवाओं को तेज़, पारदर्शी और पेपरलेस बनाने के मकसद से नागरिकों के लिए एक बड़ा सुधार करते हुए, हरियाणा सरकार ने एक ऑनलाइन सिस्टम शुरू किया है। इससे लोग रेवेन्यू ऑफिस जाए बिना जमाबंदी, म्यूटेशन, फर्द बदर और रजिस्टर्ड सेल डीड की डिजिटल रूप से सर्टिफाइड कॉपी के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उन्हें हासिल कर सकते हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि विभाग ने 'रेवेन्यू हरियाणा पोर्टल' पर नया मॉड्यूल शुरू किया है, जिससे नागरिक एक आसान ऑनलाइन प्रोसेस के ज़रिए सर्टिफाइड ज़मीन के रिकॉर्ड हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी डिविजनल कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर को पूरे राज्य में इस सिस्टम को एक जैसा लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसे आसानी से लागू करने के लिए डिपार्टमेंट ने रेवेन्यू अधिकारियों के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर और नागरिकों के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस वाला एक डिटेल्ड यूज़र मैनुअल भी तैयार किया है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि आवेदक ओटीपी ऑथेंटिकेशन के ज़रिए अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पोर्टल पर लॉग इन कर सकते हैं और ज़रूरी डॉक्यूमेंट चुनकर और ज़िला, तहसील और गाँव जैसी जानकारी भरकर एप्लीकेशन सबमिट कर सकते हैं। हर एप्लीकेशन के लिए एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी बनेगी और उसे वेरिफिकेशन के लिए संबंधित पटवारी या रेवेन्यू अधिकारी के पास इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजा जाएगा। एप्लीकेशन मंज़ूर होने और तय फीस ऑनलाइन जमा करने के बाद डिजिटल रूप से सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट अपने आप बन जाएगा और आवेदक के डैशबोर्ड से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। म्यूटेशन, रजिस्टर्ड सेल डीड और फर्द बदर की सर्टिफाइड कॉपी के लिए 100 रुपये की एक जैसी फीस लगेगी, चाहे डॉक्यूमेंट कितना भी बड़ा हो। जमाबंदी के लिए, पहले 10 पेज तक 100 रुपये की फीस लगेगी, जबकि उसके बाद हर पेज के लिए 5 रुपये अतिरिक्त फीस लगेगी। तय फीस ऑनलाइन जमा की जा सकती है, जिसके बाद डिजिटल रूप से सर्टिफाइड डॉक्यूमेंट आवेदक के डैशबोर्ड से डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगा। डॉ. मिश्रा ने कहा कि इस पहल से तहसील ऑफिस के बार-बार चक्कर लगाने की ज़रूरत काफी कम होने ज़मीन के रिकॉर्ड हासिल करने में देरी कम होने और एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ़्लो के ज़रिए पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। यह ऑनलाइन सिस्टम हर एप्लीकेशन और मंज़ूरी का पूरा इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड रखकर जवाबदेही भी मज़बूत करेगा। डेटा की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए अपलोड किए गए रिकॉर्ड्स के सही होने की ज़िम्मेदारी संबंधित पटवारी या राजस्व अधिकारी की तय की गई है। अपलोड करने के बाद किसी भी सुधार की प्रक्रिया केवल तय आधिकारिक प्रक्रिया के ज़रिए ही की जाएगी। वित्त आयुक्त ने कहा कि यह पहल राज्य की राजस्व प्रशासन को आधुनिक बनाने और टेक्नोलॉजी-आधारित, नागरिक-अनुकूल प्लेटफॉर्म के ज़रिए सरकारी सेवाएँ पहुँचाने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा है, जिससे ज़मीन के रिकॉर्ड तक पहुँच तेज़, ज़्यादा पारदर्शी और परेशानी-मुक्त हो सकेगी।
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युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हुनरमंद लोगों के कौशल को किया सांझा: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़, 26 जुलाई: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश की युवा पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए हुनरमंद लोगों के कौशल को मन की बात कार्यक्रम के दौरान सांझा किया। प्रधानमंत्री हर महीने मन की बात की कार्यक्रम में ऐसे लोगों के कौशल को सांझा करते है, जो दूसरे लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए स्वरोजगार शुरु करने का हौंसला देते है। यह कदम प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को साकार करने की महत्वपूर्ण कड़ी है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा विधानसभा क्षेत्र के आईजीएन कॉलेज में स्थित धनौरा जाटान बूथ पर प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को नागरिकों के साथ सुना। इसके उपरांत उन्होंने नागरिकों से इस विषय पर चर्चा भी की। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर विभिन्न खेलों के विजेता खिलाडिय़ों को बधाई दी। इसके साथ ही एक पेड़ मां के नाम लगाने की अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ 86 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पौधे रोपित किए जा रहे है। मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि परिवार में किसी खुशी के मौके जैसे जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ इत्यादि पर पौधा रोपित जरूर करे। इस मौके पर पूर्व राज्यमंत्री श्री सुभाष सुधा, उपायुक्त श्री विश्राम कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक श्री चंद्र मोहन, एडीसी श्री विवेक आर्य, एसडीएम श्री अनुभव मेहता, चेयरमैन श्री सुभाष कलसाना, भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री जयभगवान शर्मा डीडी, चेयरमैन श्री गुरनाम सैनी, श्री रविंद्र सांगवान, जिलाध्यक्ष श्री रमेश सैनी, चेयरपर्सन साक्षी खुराना सहित गणमान्य मौजूद रहे।
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