शारीरिक शिक्षक समूह, राजस्थान
رفتن به کانال در Telegram
ऊर्जावान खेल प्रेमी साथियों का चैंनल पर स्वागत है,यहां पर आपको जैसे :- 1.पीटीआई भर्ती की सम्पूर्ण जानकारी! 2.खेल के स्टार खिलाड़ियों के जन्मदिवस Apdts! 3.खेल & शा.शिक्षा की सम्पूर्ण जानकारी! 4. Sports Qouta भर्ती नोटिफिकेशन! आदि खेल की हर अपडेट्स मिलेगी...
نمایش بیشتر6 545
مشترکین
-224 ساعت
-137 روز
+3130 روز
آرشیو پست ها
- फर्जी डिग्री लेकर सरकारी नौकरी वाले 7 साल काटेंगे जेल?
सवा लाख कर्मचारी रडार पर, जानिए- झूठे तलाक वालों की कैसे होगी पहचान
जयपुर
राजस्थान में पिछले 5 साल में हुई सरकारी भर्तियां जांच की रडार पर आ गई हैं। सरकार ने अब फर्जी डिग्रियों से नौकरी पाने वालों को जेल में डालने की तैयारी कर ली है।
इस फैसले से सरकारी नौकरी में सिलेक्ट हुए करीब सवा लाख सरकारी कर्मचारी जांच के दायरे में आ गए हैं। साथ ही झूठे तलाक देकर नौकरियां पाने वालों की भी पहचान की जाएगी।
पेपर लीक, फर्जी ओएमआर शीट भरने, डमी कैंडिडेट बैठाने जैसे मामलों की जांच में जुटी एंटी चीटिंग सेल सहित अन्य जांच एजेंसियों ने पुरानी भर्तियों को खंगालने में जुट गई हैं।
दैनिक भास्कर ने एसआईटी, एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) और एंटी चीटिंग सेल के अधिकारियों और लीगल एक्सपट्र्स के जरिए सरकार की तैयारियों को लेकर पड़ताल की। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए पूरी रिपोर्ट...
- सरकार ने क्या आदेश निकाले हैं?
चुनावी नतीजों के 2 दिन बाद ही 6 जून 2024 को भर्ती पक्रोष्ठ कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए। जिनमें पिछले 5 साल में हुई सरकारी भर्तियों में सिलेक्ट हुए अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इसके लिए हर विभाग में एक इंटरनल कमेटी बनाए जाने के निर्देश दिए हैं।
पिछली सरकार में 12 से ज्यादा अलग-अलग विभागों में नौकरियां निकाली गई थीं। उनमें भर्ती हुए सभी कर्मचारी इस दायरे में आएंगे। राजस्थान के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा जब इतनी बड़ी तादाद में नौकरी कर रहे सरकारी कर्मचारियों के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे। फर्जी दस्तावेजों के साथ-साथ झूठे तलाक लेकर नौकरी पाने वाले कार्मिक भी एजेंसियों की रडार पर होंगे।
यहां हम आपको स्टेप वाइज स्टेप बताएंगे कि आखिर सरकार किस तरह से इतनी सारी भर्तियों की जांच करवाएगी, जांच में कौन-कौनसी एजेंसियां इन्वॉल्व रहेंगी? कौन-कौन लोग दायरे में आएंगे? दोषी पाए जाने पर क्या एक्शन होगा?
- जांच कौनसी एजेंसियों के हाथ में होगी?
एक्सपर्टस ने बताया कि राजस्थान पुलिस का स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी), स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) और नव गठित एंटी चीटिंग सेल के जरिए पेपर आउट-नकल करने व डमी कैंडिडेट बैठाने वालों के साथ अब फर्जी डिग्री लगाकर सरकारी नौकरी पाने वाले की जांच की जाएगी।
- जांच के स्टेप क्या होंगे?
स्टेप-1 : जांच की शुरुआत भर्ती के लिए किए गए आवेदनों से होगी। राज्य सरकार के निर्देश के बाद जांच एजेंसियां सभी सवा लाख भर्तियों की जांच के दौरान उनके प्रमाण पत्रों की भी बारीकी से जांच करेगी।
स्टेप-2 : एजेंसियों की ओर से देखा जाएगा कि कैंडिडेट्स ने किस राज्य के किस संस्थान से डिग्री ली हैं। विशेष तौर पर उन आवेदनों को अलग किया जाएगा, जिन पर निजी संस्थानों या यूनिवर्सिटी के कोर्स के प्रमाण पत्र लगाए हुए हैं। खासतौर से राज्य के बाहर की निजी यूनिवर्सिटी और संस्थानों की डिग्रियों वाले छात्रों की सूची तैयार की जाएगी।
स्टेप-3 : पुलिस अधिकारियों के अनुसार संबंधित सभी निजी यूनिवर्सिटी व संस्थानों से संबंधित कैंडिडेट्स की डिग्रियों की पुष्टि की जाएगी। खास तौर पर देखा जाएगा कि ये डिग्रियां छात्र ने रेगुलर (कक्षा में उपस्थित होकर) परीक्षा दी हैं या प्राइवेट (कक्षा में जाने की जरूरत नहीं, सीधे परीक्षा में बैठ सकते हैं)।
स्टेप-4 : सूत्रों के अनुसार उन कैंडिडेट्स की सूची अलग से तैयार की जाएगी, जिनके आवेदन में बताए कोर्स की तारीखें आपस में क्लैश कर रही हैं। थोड़ा भी शक होने पर राज्य के बाहर इन निजी यूनिवर्सिटी व संस्थानों को रजिस्टर्ड डाक से आवेदन की कॉपी भेज कर जानकारी ली जाएगी और जरूरत पड़ने पर टीम भेजी जाएगी।
- फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वालों के खिलाफ क्या होगा एक्शन?
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सरकार फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहती है। सरकार ने जांच एजेंसियों को फर्जी दस्तावेज पाए जाने पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दे दिए हैं। जिन कैंडिडेट्स ने फर्जी डिग्री या डिप्लोमा के कागजात लगाए हैं, उन पर धोखाधड़ी की धारा 420 में मामले दर्ज किए जाएंगे।
लीगल एक्सपर्ट राम प्रताप सैनी के अनुसार फर्जी डिग्रियों से नौकरी पाने के मामले इन पांच सालों में नहीं, बल्कि इससे पहले भी होते रहे हैं। फर्जी डिग्री या डिप्लोमा के आधार पर नौकरी पाने वालों को एफआईआर के बाद राज्य सरकार बर्खास्त कर सकती है। वहीं, धोखाधड़ी में केस दर्ज होगा, तो इसमें 7 साल की जेल का प्रावधान है।
सैनी के अनुसार जब भी भर्तियां निकलती हैं, तब फर्जी डिग्री-डिप्लोमा की व्यवस्था करने वालों की एक गैंग सक्रिय हो जाती है। जो कैंडिडेट्स से पैसा इकट्ठा करती हैं। लेकिन देखा गया है कि इन मामलों में गैंग का नुकसान नहीं होता, जितना कैंडिडेट्स का हो जाता है।
Note :-
- हमारे पास जो भी ओथेन्टीक अपडेट्स आती है सबसे पहले आप तक पहुंचाने कि कोशिश करते है।
- डमी / फ़र्ज़ी etc. अपडेट्स हमारे साथियों द्वारा एकत्रित किया जाकर सबके सामने आएं ताकि हकीकत पता चले।
जो सही है उससे डरने कि जरूरत नहीं ऒर जो गलत है उसको फिर कहीं छुपने कि जगह भी नहीं है।
- आप सबके लिए समर्पित थे है ऒर रहेंगे, दुनियां कुछ भी बोले घंटा फर्क नहीं पड़ता हमें। जो सत्य है उसके साथ है।
- दर्द हमें भी बहुत होता है जो हमारे बहुत सारे साथी ऐसे फर्जीयो के चक्कर में ज़िन्दगी ऒर दिन बद-से-बदतर गुज़र रहें है ऒर दुःख होना लाज़मी भी है जिसने दिल से मेहनत किया वो घर बैठा मख्खी मार रहें ऒर बाक़ी 2नंबरी मेवा खा रहें है।
- हम उसी के ही जिमेवार है जो हमने कहा है उसके नहीं जो आपणे सुना है।
बाबा बलकारी दुःखियों कि सदा सहायते
दोषियों को हवालात दिखाइदें...। 🙏
!! सत्यमेव जयते !!
اکنون در دسترس! پژوهش تلگرام ۲۰۲۵ — مهمترین بینشهای سال 
