879
مشترکین
-124 ساعت
-47 روز
-1730 روز
آرشیو پست ها
मुझे कौन जानता था तेरी बंदगी से पहले,
मुझे रास आ गया तेरे दर पे सर झुकाना। 😍
RADHE KRISHNA ❤️
शर्तों में कब बांधा है तुम्हे ऐ ज़िंदगी
ये उम्मीद के धागे है कभी तुम नही कभी हम नही
अपनी बेबसी पर आज रोना आया
दूसरों को नहीं… ..
आज मैंने अपनों को आजमाया.....
हर वक्त उनकी तन्हाइयां दूर करनी चाही....
लेकिन हर मोड़ पर .....
आज खुद को अकेला पाया.....
