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آرشیو پست ها
इश्क़ मुकम्मल हो तो राहत हो,
गर मिले वो जिसकी चाहत हो!
बेक़रार हो जिसे सुनकर दिल,
उसकी कदमों की ही आहट हो।
हमारे आँसू पोंछ कर वो मुस्कुराते हैं, इसी अदा से वो मेरे दिल को चुराते हैं, हाथ उनका छू जाये हमारे चेहरे को, बस इसी उम्मीद में खुद को रुलाते हैं।
गुज़र रही हैं जिंदगी
ऐसे मुकाम से,
अपने भी दूर हो जाते हैं
ज़रा से ज़ुकाम से,
तमाम कायनात में एक क़ातिल
बीमारी की हवा हो गई
वक़्त ने कैसा सितम ढाया कि
दूरियाँ ही दवा हों गई,,,
*प्रेम किसी से कब हो जाये,*
*ये किसी को अंदाजा नहीं होता।*
*ये दिल तो वो घर है,*
*जिसका कोई दरवाजा नहीं होता।*
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
*वक्त का तक़ाज़ा देखिये..*
*एक समय था जब लोग चाहने पर भी मदद नहीं करते थे...*
*आज यह समय है कि चाहकर भी मदद नहीं कर पा रहे हैं।*
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
*नफरत का खुद कोई अस्तित्व नहीं होता,*
*वो तो केवल प्रेम की गैरहाजिरी का परिणाम होता है।*
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
*आंसू भी आते हैं,*
*दर्द छुपाना भी पड़ता है।*
*ये जिंदगी है जनाब.....*
*यहां जबरदस्ती मुस्कुराना भी पड़ता है।*
🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻
*चुभ जाती है बातें कभी,*
*कभी लहजे मार जाते है ..........!*
*ये जिंदगी है,साहब*
*यहाँ हम गैरों से ज्यादा अपनों से हार जाते हैं .......!!"*
अपने पूर्वजों को समझने में हमसे ही भूल हुई:
जब किसी की मृत्यु होती थी तब 13 दिन तक उस घर में कोई प्रवेश नहीं करता था। यही आइसोलेशन था क्योंकि मृत्यु या तो किसी बीमारी से होती है या वृद्धावस्था के कारण जिसमें शरीर तमाम रोगों का घर होता है।यह रोग हर जगह न फैले इसलिए 14 दिन का क्वॉरंटीन बनाया गया।
जो शव को अग्नि देता है, उसको घर वाले तक नहीं छू सकते। 13 दिन तक उसका भोजन, पानी, बिस्तर, कपड़े सब अलग कर दिए जाते हैं।
तेरहवें दिन शुद्धिकरण के पश्चात, सिर के बाल हटवाकर ही पूरा परिवार शुद्ध होता था।लेकिन तब भी आप बहुत हँसे थे। ब्लडी इंडियन कहकर खूब मजाक बनाया।
जब मां बच्चे को जन्म देती है तो जन्म के 11 दिन तक बच्चे व माँ को कोई नही छूता। ताकि जच्चा और बच्चा किसी इंफेक्शन के शिकार ना हों। लेकिन इस परम्परा को पुराने रीति रिवाज, ढकोसला कह कर त्याग दिया गया।जब किसी के शव यात्रा से लोग आते हैं घर में प्रवेश नहीं मिलता है और बाहर ही हाथ पैर धोकर स्नान करके, कपड़े वहीं निकालकर घर में आया जाता है, इसका भी खूब मजाक उड़ाया आपने।
अब समझ मे आ गया होगा आपके कि हमारे धर्म को
-सत्य सनातन क्यों कहते हैं !
खुदा का शुक्र है कि उसने ख्वाब बना दिये,
वरना तुम्हें देखने की हसरत रह ही जाती।।।।❣️
*"हर नज़र में नहीं है मुमकिन,*
*बेगुनाह रहना..!*
*चलो कोशिश करे*
*खुद की नजर में ही सही, बेदाग रहे*
