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ब्रह्मचर्य जीवन पुस्तकें

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ब्रह्मचर्य-जीवन की अनिवार्य आवश्यकता

कभी मत करना भाईयों 🙏💪

🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎🌎 हमारी संस्कृति कहती है...... उद्यमेन हि सिद्धयन्ति कार्याणि न मनोरथैः । न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः ।। अर्थ - कार्य परिश्रम से ही पूर्ण होते हैं , मन में सोचने से नहीं । जैसे मन मे सोचने मात्र से सोते हुए सिंह के मुख में हिरण नहीं आते हैं । पुरषार्थ के बिना योग्यता और क्षमता अपाहिज होती है । एक अति योग्य व्यक्ति जो प्रमाद ओर आलस्य के कारण निष्क्रिय हुआ बैठा है । वह जीवन में कुछ नहीं कर पाता,,,,,, दूसरी और . . . एक कम योग्य व्यक्ति भी जो उत्साहित है , निरन्तर प्रयत्नशील है , अपने कार्य के प्रति पूर्ण समर्पित है , और इंद्रियों पर नियंत्रण रखता है वह जीवन को सार्थक करता हुआ एक दिन अपने अभीष्ट लक्ष्य तक पहुंच जाता है । इस परिपेक्ष में यह श्लोक पूर्णतया सार्थक है । Note - इसलिए मित्रों केवल सोचने और कहने से ब्रह्मचर्य का पालन नहीं होगा उसके लिए आपको पुरूषार्थ करना ही पड़ेगा ।। 🙏🙏 Admin ब्रह्मचर्य जीवन🙏🙏

🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥☠☠☠☠☠☠☠☠☠☠☠☠☠☠ प्रश्न: आसक्ति क्या होती है? उत्तर:आसक्ति का अर्थ किसी चीज़ में अत्यधिक लगाव होना, इतना लगाव होना कि आप उस चीज़ को अपने से एक सेकंड भी दूर नही होना देना चाहते। आसक्ति किसी पदार्थ के लिए हो सकती है, जिसको हम अपनी इंद्रिय सुख के लिए इस्तेमाल करते है। आसक्ति एडिक्शन के लिए आध्यत्मिक शब्द है। आसक्ति होने पर दिमाग काम नही करता, नुकसान नही सूझता ,नुकसान हो भी रहा होता है और इंसान मानने को तैयार भी नही होता। आसक्ति शब्द अशक्ति से बना है, जिसका अर्थ है कि किसी चीज़ के सामने बिल्कुल घुटने टेक देना , अशक्त हो जाना, जैसे कि किसी भी addiction में होता है। उसे हर पल वही चीज़ ही सूझती है, उसको लाख समझा लो वो घूम फिरकर वही आ जाता है जो उसने करना है।यही आसक्ति होती है। helpless stage होती है यह, इंसान बेबस होता है बस अपने को झूठे दिलासे देता रहता है।विवेकशून्यता की स्थिति होती है।यदि आप को इसका प्रैक्टिकल example देखना है तो किसी एडिक्ट को समझा कर देख लेना , उससे बात करके देख लेना पता चल जाएगा। 🙏🙏🙏 Admin ब्रह्मचर्य जीवन 🙏🙏🙏

📚ब्रह्मचर्य पर 14 पुस्तकें📚👇 1.📚ब्रह्मचर्य के साधन📚 https://t.me/Aryapdfbooks/832 https://t.me/Aryapdfbooks/834 https://t.me/Aryapdfbooks/836 https://t.me/Aryapdfbooks/837 https://t.me/Aryapdfbooks/1423 2.📚ब्रह्मचर्य गौरव📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1453 3.📚ब्रह्मचर्य ही जीवन है📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1446 4.📚ब्रह्मचर्य की आवश्यकता📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1447 5.📚ब्रह्मचर्य शक्ती📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1448 6.📚ब्रह्मचर्य और आत्मसंयम📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1449 7.📚ब्रह्मचर्य व्रत📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1450 8.📚ब्रह्मचर्य विज्ञान📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1451 9.📚कन्या और ब्रह्मचर्य📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1452 10.📚ब्रह्मचर्य📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1458 11.📚मानसिक ब्रह्मचर्य📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1462 12.📚ब्रह्मचर्य ही जीवन है📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1464 13.📚ब्रह्मचर्य की महिमा📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1466 14.📚ब्रह्मचर्य दर्शन📚 https://t.me/Aryapdfbooks/1468 और पुस्तकों के लिए तुरंत जाँइन कीजिए👇 विश्व का सर्वश्रेष्ठ आर्ष पुस्तकालय यहॉं आपको मिलेंगी सभी प्रकार की धार्मिक, आध्‍यात्मिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक, स्‍वास्‍थ्‍य, उपन्‍यास, जीवनी, प्रेरक, योग, आयुर्वेद, व अन्‍य ज्ञानवर्धक विषयों पर PDFपुस्तकें। Join👉 @Aryapdfbooks Join👉 @Aryapdfbooks1 ब्रह्मचर्य पालन करने वालो के लिए विश्व का श्रेष्ठ चैनल ।यहाँ मिलेगी ब्रह्मचर्य पर अनेक पुस्तकें तुरन्त join करें Join 👉 @brahmacharya4

2015.538829.Mansik-Brahmacharya.pdf22.87 MB

*ब्रह्मचर्य_बनाए_रखने_के_वैज्ञानिक_कारण: 2* #ब्रह्मचर्य का शारीरिक, मानसिक व वाचिक वैसे तीनों प्रकार से पालन न होने पर पुरुष व स्त्री दोनों के शरीर में से सेक्स होर्मोन्स बाहर निकल जाते हैं | ये सेक्स होर्मोन्स ज्यादातर लेसीथीन, फोस्फरस, नाइट्रोजन व आयोडीन जैसे जरूरी तत्त्वों से बने हैं जो जीवन, शरीर और मस्तिष्क के लिए बहुत उपयोगी हैं| इसके लिये रेमन्ड बर्नार्ड की किताब *“Science of Regeneration”देखनी चाहिये|* उसमें वे कहते है कि मनुष्य की सभी जातिय वृत्तियों का संपूर्ण नियंत्रण अंतःस्त्रादि ग्रंथियों के द्वारा होता है| अंतःस्त्रावि ग्रंथियों को अंग्रेजी में ऍन्डोक्राइन ग्लेन्ड्स कहते हैं| यही ऍन्डोक्राइन ग्लेन्ड्स जातिय रस उत्पन्न करती है और उसका अन्य ग्रंथियों के ऊपर भी प्रभुत्व रहता है| हमारे खून में स्थित जातिय रसों यानि कि होर्मोन्स की प्रचुरता के आधार पर हमारा यौवन टिका रहता है | जब ये अंतःस्त्रावि ग्रंथियॉं जातिय रस कम उत्पन्न करने लगती हैं तब हमें वृद्धत्व व अशक्ति का अनुभव होने लगता है| यौन सुख के बारे में सिर्फ कल्पना करने में भी ऊर्जा का उपयोग होता हैं| जिन्होंने अपना ज्यादा वीर्य खो दिया होता है वे आसानी से चिढ़चिढ़े हो जाते हैं| वे जल्दी से उनके मन का संतुलन खो देते हैं| छोटी चीजें उन्हें परेशान कर देती हैं| शारीर और मन स्फूर्ति से काम नहीं कर पाते| शारीरिक और मानसिक सुस्ती, थकान और कमजोरी का अनुभव होता हैं| बुरा स्मृति, समय से पहले बुढ़ापा, नपुंसकता और विभिन्न प्रकार के नेत्र रोग और तंत्रिका रोग इस महत्वपूर्ण तरल पदार्थ के भारी नुकसान के कारण हैं| जो #ब्रह्मचर्य के व्रत का पालन नहीं करते वे क्रोध, आलस्य और डर के दास बन जाते हैं| यदि अपने होश नियंत्रण के तहत नहीं होते, आप मूर्ख कार्रवाई करने लगते हैं जो बच्चे भी करने की हिम्मत नहीं कर्नेगे| आधुनिक विज्ञान युवा कायम रखने के, कायाकल्प आदि के लिए प्रयोग करने में पीछे नहीं हैं, लेकिन ऊर्जा केवल 3-4 साल तक ही रहता है| इसलिए, क्रम में रहने के लिए, युवा ऍन्डोक्राइन ग्रंथियों को सक्रिय रखा जाना चाहिए और रक्त में सेक्स हार्मोन प्रचुर मात्रा में होना चाहिए| *----ब्रह्मचारी*

*शुरुआत में दिक्कत आती है एक महीने इसलिए शुरुआत में अधिक सतर्क रहो* *हर दिन प्राणायाम करो ध्यान करो व्यायाम करो और माइंड को बिजी रखने के लिए कोई अच्छी मूवी देखो या पुस्तक पढ़ो* *टेलीग्राम चैनेल पे केवल पुस्तकें ही अपलोड करके रखा हूँ वोहोत सारे*

Ok bhai Day 180 कठिनाइयां तो आती है नए ब्रमचारी को लेकिन इस बार मैंने ज्यादा मौका नही दिया कामवासना को कि वो मुझेपे हावी हो सके । इस बार मैंने लंगोट धारण किया जिसके कारण इंटेंस urges बोहोत कम आई और लंगोट के कारण मन भी पवित्र रहने लगा ऐसा मेरा अनुभव है । दूसरी बात की मैं व्यायाम करने में एक भी दिन आलस नही किया जिसके कारण जल्दी नींद आती है और relapse से बच जाता हूँ क्योंकि रात में रिलैप्स अधिक होता है । तीसरी बात की इस बार मैं बिजी भी रहने लगा 'ब्रह्मचर्य जीवन' यूट्यूब चैनल और पढ़ाई के कारण । Benefits : सबसे पहले तो अपने चेहरे पर मैंने बदलाव अनुभव किया । शरीर पहले से बड़ी फील होती है हालांकि उतना muscle गेन नही हुआ सायद bad डाइट के कारण लेकिन पहले से बेहतर है बॉडी shape । जब से हस्तमैथुन छोड़ा हु तब से कोई दवाई की आवश्यकता नही पढ़ी मतलभ रोग प्रतिरोधक छमता सही हो गयी ।नही तो पहले बिना cough सिरप के ठंड नही गुज़रती थी । अब आत्मग्लानी सी अनुभव नही होती ।बस एक संतुष्टि रहती है मन में इसके साथ निडरता आई है , आत्मविस्वास बढ़ी है । मन मे एक calmness, शांति रहती है । कोई चीज़ की craving नही होती ऐसा लगता है कि सबकुछ है मेरे पास । ब्रह्मचर्य पर कभी कभी आलस और खालीपन से भी फील होता है जिसे takle करने के लिये मैं महापुरुषों का जीवनी पढ़ता हूं खास कर बिस्मिल जी का । ये मेरे लिए चार्जर की काम करती है फिर से फुर्ती आ जाती है और दोबारा से व्यायाम वगेरा में मन लगने लगता है । स्वनदोष के बात करें तो 8-10 बार हुई होगी ।शुरुआत में बोहोत होता था लेकिन अभी 36 दिनों कबाड़ दोबारा हुई बिना किसी स्वप्न के कुछ दिन पहले ।इसके बारे में चिंता करने की आवश्यकता नही है शुतुआत कि कुछ महीने और भी benefits जो nofappers क्लेम करते है वो मिली है लेकिन एक बात कहूंगा कि केवल लाभ के लिए ब्रह्मचर्य मत करना । लाभ अपने आप मिलेगी बस इसे अपना लाइफस्टाइल बना लो ।प्रयास करो कि हर दिन अनुशासन बना रहे ।हमेशा ऐसी चीज़ें पढ़ो या देखो जिससे हस्तमैथुन वगेरा से सत्रुता हो जाये । धन्यवाद (सौजन्य : ब्रह्मचर्य जीवन यूट्यूब चैनल)

Semen loss is biggest loss. वीर्यनाश सबसे बड़ा नुकसान । वीर्य के नाश होने पे हमे उतना ही दुख होना चाहिए जितना एक स्त्री को उसके पति के देहांत से होता है ।वीर्यनाश करने वाले युवा का बुढापा और मृत्यु बोहोत ही दर्दनाक होता है ।वीर्य ही शक्ति है POWER है इसलिये वीर्यरक्षा करते रहें ।भोगी संसार के बातों में न आएं।

एक बार काम क्रिया( sexual Act) के दौरान व्यर्थ बहाई गयी जीवन शक्ति 10 दिन के शारीरिक परिश्रम 3 दिन का मानसिक परिश्रम के बराबर है , तो सोचो 🤔 ये जीवन शक्ति(Vital Fluid) कितनी 😱 महत्वपूर्ण है ‼️ ➖➖➖➖➖➖➖➖➖ JOIN करे🔜 @Brahmacharya 🌷 शेयर करना न भूले 🌷