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ऐतिहासिक निर्णय
ऐतिहासिक निर्णय

वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की स्थिति:- ●2014: 55वां रैंक ●2024: 105वां रैंक जिस दिन भूख बगावत पर आ जाएगी, उस दिन भूखी जनता
वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की स्थिति:- ●2014: 55वां रैंक ●2024: 105वां रैंक जिस दिन भूख बगावत पर आ जाएगी, उस दिन भूखी जनता सिंहासन को भी खा जायेगी।

भारत_&_उत्तर_प्रदेश_जनगणना_2011_1.pdf8.17 MB

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🔳 विश्व के प्रमुख पठार
◾️कोलंबिया का पठार - संयुक्त राज्य अमेरिका ◾️ओजार्क पठार - अमेरिका ◾️अनातोलिया पठार - तुर्की ◾️तासिली पठार - अल्जीरिया ◾️बाई का पठार - अंगोला ◾️अदामावा का पठार - नाइजीरिया ◾️लॉरेशिया पठार - कनाडा ◾️माटोग्रासो पठार - ब्राजील ◾️कोरात का पठार - थाईलैंड ◾️चियापास पठार - दक्षिणी मैक्सिको ◾️जाडों पठार - पूर्वी नाइजीरिया ◾️बोर बोरगा पठार - ब्राज़ील ◾️तकला माकन पठार - चीन ◾️शान का पठार - म्यांमार ◾️पोतवार पठार - पाकिस्तान ◾️पैटागोनिया का पठार - अर्जेंटीना ◾️अवीसिनिया पठार - इथियोपिया ◾️लोएस का पठार - चीन ◾️उबांगी पठार - मध्य अमेरिका

🟧 भारतीय संविधान में हुए महत्त्वपूर्ण संशोधन ◽️ 97वाँ संविधान संशोधन (2011)
इस संशोधन के द्वारा सहकारी समितियों को एक संवैधानिक स्थान एवं संरक्षण प्रदान किया गया संशोधन द्वारा संविधान में निम्नलिखित तीन बदलाव किए गए- 1. सहकारी समिति बनाने का अधिकार एक मौलिक अधिकार बन गया। [अनुच्छेद-19 (1) ग] 2. राज्य की नीति में सहकारी समितियों को बढ़ावा देने का एक नया नीति निदेशक सिद्धांत का समावेश । (अनुच्छेद-43 ख) 3. 'सहकारी समितियाँ' नाम से एक नया भाग-IX-ख संविधान में जोड़ा गया। [अनुच्छेद-243 यज से 243 यन]
◽️ 99वाँ संविधान संशोधन (2014 ई.)
राष्ट्रीय
न्यायिक
नियुक्ति
आयोग
की
स्थापना
(S. C
ने
रिजेक्ट
किया
)
◽️ 100वाँ संविधान संशोधन (2015 ई.)
भारत-बांग्लादेश भूमि हस्तांतरण।
◽️
101वाँ संविधान संशोधन (2016 ई.)
इसके द्वारा वस्तु एवं सेवाकर (GST) को लागू किया गया।
◽️
102 वाँ संविधान संशोधन (2018 ई.)
इस अधिनियम द्वारा संविधान में अनुच्छेद 338 ख को जोड़ते हुए 'राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग' के गठन का प्रावधान किया गया है।
◽️
103वाँ संविधान संशोधन ,2019
इस संशोधन के माध्यम से सविधान में दो नए अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) को जोड़ा गया है। इस संविधान संशोधन से पूर्व में आरक्षण, सामाजिक व शैक्षिक पिछड़ापन को आधार मानते हुए जातिगत आधार पर ही दिया जाता रहा है, किंतु इस संशोधन के द्वारा 'आर्थिक वंचना' को भी पिछड़ेपन का आधार स्वीकार करते हुए 10% आरक्षण की व्यवस्था की गयी है।
◽️
104वाँ संविधान संशोधन ,2019
इस संशोधन द्वारा संविधान के अनुच्छेद 334 (क) में संशोधन करते हुए लोक सभा एवं राज्यों की विधान सभाओं में अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण संबंधी प्रावधान को पुनः अगले 10 वर्षों के लिए बढ़ाते हुए इसे 25 जनवरी, 2030 तक के लिए प्रभावी बना दिया गया है।
◽️
105वाँ संविधान संशोधन, 2021
  इसका उद्देश्य सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की पहचान करने की राज्यों की शक्ति को बहाल किया गया है।
◽️
106वाँ संविधान संशोधन, 2023
इसे नारी शक्ति वंदन विधयक भी कहा जाता है। इसके द्वारा लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को 33% का आरक्षण का प्रविधान क़िया गया

🔳 राज्यों में अनुच्छेद 371 (A-J) के तहत विशेष प्रावधान
◾️अनुच्छेद 371- महाराष्ट्र और गुजरात ◾️अनुच्छेद 371A - नागालैंड ◾️अनुच्छेद 371B-  असम। ◾️अनुच्छेद 371C- मणिपुर ◾️अनुच्छेद 371 D - आंध्र प्रदेश और तेलंगाना (नोट - अनुच्छेद 371E संसद को आंध्र प्रदेश राज्य में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने का अधिकार देता है लेकिन वास्तव में यह संविधान के इस भाग में अन्य उपबंधों के अर्थ में एक 'विशेष उपबंध' नहीं है।) ◾️अनुच्छेद 371F-  सिक्किम ◾️अनुच्छेद 371G- मिजोरम ◾️अनुच्छेद 371H- अरुणाचल प्रदेश ◾️अनुच्छेद 371J - हैदराबाद-कर्नाटक

🔳 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति ◾️ भारत में माफ करने/सजा कम करने संबंधी  संवैधानिक प्रावधान: अनुच्छेद 72
◽️ लघुकरण (Commutation) - सज़ा की प्रकृति को बदलना जैसे मृत्युदंड को कठोर कारावास में बदलना। ◽️ परिहार (Remission) - सज़ा की अवधिको बदलना जैसे 2 वर्ष के कठोर कारावास को 1 वर्ष के कठोर कारावास में बदलना। ◽️ विराम (Respite) - विशेष परिस्थितियों की वजह से सज़ा को कम करना जैसे शारीरिक अपंगता या महिलाओं कि गर्भावस्था के कारण। ◽️ प्रविलंबन (Reprieve) - किसी दंड को कुछ समय के लिये टालने की प्रक्रिया जैसे फाँसी को कुछ समय के लिये टालना। ◽️ क्षमा (Pardon) - पूर्णतः माफ़ कर देना (इसका तकनीकी मतलब यह है कि अपराध कभी हुआ ही नहीं। नोट 👉 संविधान के अनुच्छेद 161 द्वारा राज्य के राज्यपाल को भी क्षमादान की शक्ति प्रदान की गई है। ◾️राज्यपाल राज्य के विधि विरुद्ध अपराध में दोषी व्यक्ति के संदर्भ में यह शक्ति रखता है। ◾️राज्यपाल को मृत्यदंड को क्षमा करने का अधिकार नहीं है।
🔘 राज्यपाल मृत्यदंड को निलंबित, दंड अवधि को कम करना एवं दंड का स्वरूप बदल सकता

🔳 आपात काल से संबंधित महत्त्वपूर्ण अनुच्छेद
◾️अनु. 352 - आपात की उद्घोषणा ◾️अनु. 353 - आपात की उद्घोषणा का प्रभाव ◾️अनु. 354 - जब आपात की उद्घोषणा प्रवर्तन में है तब राजस्वों के वितरण संबंधी उपबंधों का लागू होना ◾️अनु. 355 - वाह्य आक्रमण और आंतरिक अशांति से राज्य की संरक्षा करने का संघ का कर्त्तव्य ◾️अनु. 356 - राज्यों में संवैधानिक तंत्र के विफल हो जाने की स्थिति में उपबंध ◾️अनु. 357 - अनु. 356 के अधीन की गई उद्घोषणा के अधीन विधायी शक्तियों का प्रयोग ◾️अनु. 358 - आपात के दौरान अनु. 19 के उपबंधों का निलंबन ◾️अनु. 359 - आपात के दौरान भाग 3 द्वारा प्रदत्त अधिकारों के प्रवर्तन का निलंबन ◾️अनु. 360 - वित्तीय आपात के बारे में उपबंध

केंद्र सरकार ने 5 और भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया। ये भाषाएं है–मराठी, असामी,बंगाली,पाली और प्राकृत इसके पहले भारत
केंद्र सरकार ने 5 और भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया। ये भाषाएं है–मराठी, असामी,बंगाली,पाली और प्राकृत इसके पहले भारत में छह भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया गया था:तमिल, संस्कृत, कन्नड़, तेलुगु, मलयालम, ओडिया इसके साथ अब 11 शास्त्रीय भाषाएं हो गई है।

जापान की संसद ने औपचारिक रूप से शिगेरू इशिबा को देश का नया प्रधानमंत्री चुना।
जापान की संसद ने औपचारिक रूप से शिगेरू इशिबा को देश का नया प्रधानमंत्री चुना।

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SKY Educom 🔳 कांग्रेस पूर्व स्थापित संस्थाएं ◼️ईस्ट इंडिया एसोसिएशन: 1866: लन्दन संस्थापक: दादाभाई नौरोजी ◼️ इंडियन सोसाइटी: 1872: लन्दन संस्थापक: आनंद मोहन बोस ◼️ इंडियन एसोसिएशन: 1876: कोलकाता संस्थापक: आनंद मोहन बोस और एस एन बनर्जी ◼️पूना सार्वजनिक सभा: 1870: पूना संस्थापक: एस एच चिपलुणकर, जी वी जोशी और एम् जी राणाडे ◼️ मद्रास महाजन सभा: 1884: चेन्नई संस्थापकजी एस अय्यर, एम विरंघवाचारी और आनंद चारलु ◼️बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन: 1885: मुंबई (पूर्व नाम: बम्बाई) संस्थापक: फिरोजशाह मेहता, के टी तेलांग और बदरुद्दीन तैयबजी #Skyeducom

SKY Educom 🔳 गवर्नर/गवर्नर जनरल/वायसराय द्वारा किए गए प्रमुख कार्य ◾️अंग्रेजी शिक्षा - विलियम बैंटिंक ◾️सामाजिक सुधार - विलियम बैंटिंक ◾️ठगों का दमन - कैप्टन स्लीमन ◾️प्रेस पर प्रतिबंध हटाना - चार्ल्स मेटकॉफ ◾️सिन्ध का विलय - लॉर्ड एलनबरो ◾️दास प्रथा का अंत - लॉर्ड एनलबरो ◾️व्यपगत का सिद्धान्त - लॉर्ड डलहौजी ◾️राज्य हड़प नीति - लॉर्ड डलहौजी ◾️ड्राक्सिन ऑफ लैप्स - लॉर्ड डलहौजी ◾️अवध का विलय - लॉर्ड डलहौजी ◾️चतुराईपूर्ण निष्क्रियता की नीति - जान लॉरेंस ◾️वर्नाकुलर प्रेस एक्ट - लॉर्ड लिटन ◾️अग्रफारवर्ड नीति - लॉर्ड रिपन ◾️स्थानीय स्वशासन - लॉर्ड रिपन

SKY Educom 🔳 उत्तर प्रदेश में प्रथम ◼️यूपी के पहले मुख्यमंत्री - गोविंद बल्लभ पंत ◼️यूपी की प्रथम राज्यपाल - सरोजिनी नायडू ◼️यूपी के पहली महिला मुख्यमंत्री - सुचेता कृपलानी ◼️इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रथम मुख्य न्यायाधीश- वॉल्टर मॉर्गन ◼️ यूपी विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष -पुरुषोत्तम दास टंडन ◼️यूपी के प्रथम सूचना आयुक्त -मोहम्मद असगर ◼️यूपी के पहले लोकायुक्त- जस्टिस  विसंभर दयाल ◼️ यूपी की सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री -मायावती (चार बार) ◼️यूपी में प्रथम राज्य आपातकाल -फरवरी 1968 से फरवरी 1969 तक #skyeducom

SKY Educom 🔳 जैन ग्रंथ एवं उनके रचनाकार ◾️कल्पसूत्र          - भद्रबाहु ◾️स्यादवादमंजरी - मल्लिसेन ◾️न्यायावतार       - सिद्धसेन दिवाकर ◾️न्याय दीपिका   - धर्मभूषण ◾️द्रव्य संग्रह       - नेमिचंद्र ◾️तत्वार्थ सूत्र      - उमास्वामी ◾️श्लोक वार्तिक  - विद्यानंद स्वामी ◾️प्रवचनसार      - कुन्दकुन्द ◾️पंचविंशतिका   - पद्मनंदि ◾️परिशिष्ट पर्वन  - हेमचंद्र #skyeducom

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अनुरा कुमार दिसानायके होंगे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति
अनुरा कुमार दिसानायके होंगे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति

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