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कोई भाई हम से परिवहन की pdf मांग रहा था , तो भाई आप के लिए है ये । टीम:- मुकेश क्लासेज

Geography Rajasthan Notes.pdf.pdf6.77 MB

PATWAR TEST PAPER Ans Key Ꭻᴏɪɴ ➛ @MUKESHCLASSES @RAJASTHAN_GK1
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RAJ POLICE TEST PAPER Ans Key Ꭻᴏɪɴ ➛ @MUKESHCLASSES @RAJASTHAN_GK1
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HAPPY HOLI WEST BANGAL....
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HAPPY HOLI.... RAJASTHAN
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*आपको और आपके परिवार को* *होली के पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाये*! *होली के रंगो की तरह आपकी जिंदगी भी, खुशियों के रंगो से भरी हो* *मेरी यही कामना हैं*!! 🙏🙏

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( राजस्थान की अपवाह प्रणाली ) राजस्थान की अधिकांश नदिया बरसाती है। माही व चम्बल प्रमुख बारहमासी नदियां है बनास व लूनी नदी बरसाती नदिया है। अपवाह तंत्र की दृष्टि से राजस्थान की नदियों को तीन भागों में बांटा गया है अरब सागर की नदियां 17% अंतः प्रवाह की नदियां 60% बंगाल की खाड़ी 23 % राजस्थान की अधिकांश नदियां अंतः प्रवाही है क्योंकि यहां मरुस्थल का सर्वाधिक विस्तार है अरावली राजस्थान में जल विभाजक रेखा है क्योंकि यह बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की नदियों को अलग करती है राजस्थान में सतही जल या नदी जल देश की कुल जल का 1 . 16% राजस्थान में भूमिगत जल देश के कुल भूमिगत जल का 1.67 % नाडा या रेल – जालौर में लूनी नदी के अपवाह क्षेत्र को कहते हैं कर्क रेखा को दो बार काटने वाली नदी माही नदी है माघ पूर्णिमा को बेणेश्वर धाम डूंगरपुर में आदिवासियों का कुंभ का आयोजन किया जाता है इस स्थल को त्रिवेणी संगम के नाम से भी जाना जाता है आंतरिक जल प्रवाह की नदियां ( Rivers of internal water flows )  वे नदिया जो राज्य में आप के प्रवाह क्षेत्र में ही विलुप्त हो जाती है तथा जिनका जल समुद्र तक नही जा पाता है। ये नदियां काकनी,कांतली,साबी,घग्घर,मेंथा,बाँडी, रूपनगढ़ आदि। बांगल की खाड़ी का अपवाह तंत्र     “बीका को बाप बकरी पचा गयो”    —    बी    —    बनास का    —    कालीसिँध को    —    कावेरी बा    —    बाणगंगा प    —    परवन बकरी–    बेड़च प    —    पार्वती चा    —    चम्बल गयो    —    गंभीरी अन्त: प्रवाह की नदियाँ     “काका रूस गया घर मेँ”    —    का    —    कातंली का    —    काकनेय रू    —    रूपनगढ़ स    —    साबी गया    —    X घ    —    घग्घर र    —    रूपारेल मेँ    —    मेन्था अरब सागरिय अपवाह तंत्र की नदियाँ     “मालू सोजा नहीँ तो सांप खा जायेगा”     मा    —    माही लू    —    लूनी सो    —    सोम जा    —    जाखम नही तो    —    X सा    —    साबरमती प    —    पश्चिमी बनास खा    —    खारी जायेगा    —    X काकनेय/ काकनी नदी ( Kaknayi ) जैसलमेर के कोटड़ी गॉव से होता है जैसलमेर मे बुझ झील को जल देने के पश्चात मीठा खाड़ी नामक स्थान पर विलुप्त हो जाती है उपनाम – काकनेय, काकनी, मसुरदी। स्थानीय भाषा मे इसे मसुरदी नदी कहा जाता है । कांतली नदी ( Kantli River ) उद्गम – सीकर जिले की खण्डेला पहाड़ियों से होता है ।  सीकर मे बहने के पश्चात झुंझुनू मे बहती हुई मन्दरेला नामक स्थान पर विलुप्त हो जाती है यह नदी झुंझुनू जिले को दो भागो मे बांटती है इसकी लम्बाई लगभग 100 किमी.है नदियों के निकट स्थित अभयारण्य ( Sanctuary near rivers ) राष्टीय चम्बल धड़ियाल अभयारण्य :- चम्बल नदी जवाहर सागर अभयारण्य :- चम्बल नदी शेरगढ़ अभयारण्य (बारां):- परवन नदी बस्सी अभयारण्य (चितौड़गढ):- ओऱई व बामनी का उदगम भेसरोडगड़ (चितौड़गढ़):- चम्बल व बामनी का संगम Drainage System of Rajasthan important fact –  राज्य की सर्वाधिक लम्बी नदी सर्वाधिक सतही जल वाली नदी चम्बल है। राज्य के कोटा सम्भाग में सर्वाधिक नदिया है। सर्वाधिक बांध चम्बल नदी पर है। चम्बल नदी पर भैंसरोडगढ़ के निकट चूलिया जल प्रपात तथा माँगली नदी पर बूंदी में प्रसिद्ध भीमलत प्रपात है। राज्य में लगभग 60%आंतरिक जल प्रवाह प्रणाली विद्यमान है। सर्वाधिक जिलो में बहने वाली नदियां :-चम्बल, बनास ,लूनी। अन्तर्राजिय सिमा बनाने वाली राज्य की एक मात्र नदी चम्बल है। चम्बल,सोम और जाखम नदियों के संगम पर स्थित बेणेश्वरधाम धाम वनवासियों का महातीर्थ है। सोम नदी के किनारे डूंगरपुर में देव सोमनाथ मंदिर है

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *_ऋतू राज बसंत की आयी बहार_* *_उड़ रहा चारों ओर गुलाल_* *_रंग बरसे पीले हरे और लाल_* *_मु
🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 *_ऋतू राज बसंत की आयी बहार_* *_उड़ रहा चारों ओर गुलाल_* *_रंग बरसे पीले हरे और लाल_* *_मुबारक हो आपको होली का त्यौहार_* 😊😊👉🏻 *_HAPPY HOLI_* 👈🏻😊😊 *MUKESH CLASSES*

https://youtu.be/x3tNr2JPvYw दोस्तो ऊपर लिंक पर क्लिक कर के बताओ जल्दी से किस टॉपिक पर क्लास लगाए पहले कला एवं संस्कृति में
https://youtu.be/x3tNr2JPvYw दोस्तो ऊपर लिंक पर क्लिक कर के बताओ जल्दी से किस टॉपिक पर क्लास लगाए पहले कला एवं संस्कृति में

International Women's Day 2020: यह 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है? महिलाओं के प्रति सम्मान, पशंसा और उनके आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उत्सव को मनाने के लिए हर साल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है. परन्तु क्या आप जानते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को ही क्यों मनाया जाता है, कब से इसको मनाना शुरू हुआ इत्यादि. आइये इस लेख के माध्यम से अध्ययन करते हैं. कैसे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत हुई? 1908 मैं न्यूयॉर्क सिटी मैं वोटिंग के अधिकारों की मांग के लिए 15000 महिलाओं ने काम के घंटे कम करने और बेहतर वेतन मिलने के लिए मार्च किया. अमेरिका की सोशलिस्ट पार्टी की घोषणा के अनुसार एक साल बाद 1909 मैं यूनाइटेड स्टेट्स में पहला राष्ट्रीय महिला दिवस 28 फरवरी को मनाया गया. जर्मनी की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की महिला ऑफिस की लीडर Clara Zetkin ने 1910 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने का विचार रखा. उन्होंने सुझाव दिया की महिलाओं को अपनी मांगो को आगे बढ़ाने के लिए हर देश में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना चाहिए. यहीं आपको बता दें कि तकरीबन 17 देशों की 100 से ज्यादा महिलाओं ने एक इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेंस में इस सुझाव पर सहमती जताई और इस प्रकार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की स्थापना हुई. इस समय इसका मुख्य उद्देश्य था महिलाओं को वोटिंग का अधिकार दिलवाना. पहली बार 19 मार्च, 1911 को आस्ट्रिया डेनमार्क, जर्मनी और स्विट्ज़रलैंड में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया. दो साल बाद इसकी तारीख को बदलते हुए यानी 1913 मैं इसे 8 मार्च कर दिया गया और तब से इसे हर साल मनाया जाता है. भारत में महिला सशक्तिकरण से संबंधित कानून इसको मनाने की आधिकारिक मान्यता 1975 में दी गई जब संयुक्त राष्ट्र ने इसे वार्षिक तौर पर एक थीम के साथ मनाना शुरू किया. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पहली थीम थी 'सेलीब्रेटिंग द पास्ट, प्लानिंग फ़ॉर द फ्यूचर.' UN के अनुसार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 की थीम है "I am Generation Equality: Realizing Women’s Rights”. इस थीम को संयुक्त राष्ट्र की नई बहु-भाषी मुहिम, जनरेशन इक्वेलिटी के साथ जोड़ा गया है, जो बीजिंग डिक्लेरेशन और प्लेटफ़ॉर्म फॉर एक्शन की 25वीं वर्षगांठ का प्रतीक है. इसको बीजिंग, चीन में महिलाओं पर चौथे विश्व सम्मेलन में 1995 में अपनाया गया. यहीं आपको बता दें कि बीजिंग प्लेटफॉर्म फॉर एक्शन को हर जगह महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए सबसे प्रगतिशील रोडमैप के रूप में मान्यता प्राप्त है. साथ ही आपको बता दें कि इस साल का कैंपेन (campaign) थीम है #EachforEqual. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2019 का थीम है #BalanceforBetter अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कैसे मनाया जाता है? @MUKESHCLASSES #MUKESHCLASSES सम्पूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन घर हो या ऑफिस सभी जगह महिलाओं को स्पेशल ट्रीटमेंट दिया जाता है. उन्हें गिफ्ट्स, फ्लावर्स, चॉकलेट्स इत्यादि दिए जाते हैं. कई जगहों पर पार्टी भी कि जाती हैं. कहीं-कहीं इस दिन ऑफिसों मैं महिलाओं को छुट्टी या फिर हाफ डे दिया जाता है. थीम के अनुसार जगह-जगह पर कैंपेन होते हैं. महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनितिक उपलब्धियों के जश्न के तौर पर भी इसे मनाया जाता है. तो अब अप जान गए होंगे की 8 मार्च को ही क्यों अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है.

https://youtu.be/Ic7pD-S-UjE राजस्थान इतिहास का पार्ट-2 जिस ने नही देखा हो वो जल्दी से जाके देख लो और मित्रो ऊपर वाली लिंक को
https://youtu.be/Ic7pD-S-UjE राजस्थान इतिहास का पार्ट-2 जिस ने नही देखा हो वो जल्दी से जाके देख लो और मित्रो ऊपर वाली लिंक को कॉपी कर के अपने दोस्तों तक भी शेयर करे । 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

किस दुर्ग में कितने साके हुए इस प्रकार हैं चित्तौड़गढ़ में - 3 साके जैसलमेर में - अढ़ाई साके गागरोन दुर्ग - 2 साके सिवाना दुर्ग - 2 साके रणथंबोर - 1 साके जालौर दुर्ग - 1 साके जॉइन @RAJASTHAN_GK1

मीणा जनजाति का सबसे बड़ा मेला कहा लगता हैं
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चोटिला का उर्स कहा पर लगता हैं
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दीपदान की परम्परा किस झील में की जाती है
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"मयूर नृत्य" कहा पर किया जाता हैं
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