1 345
مشترکین
-224 ساعت
-27 روز
-630 روز
در حال بارگیری داده...
کانالهای مشابه
ابر برچسبها
هیچ دادهای
مشکلی وجود دارد؟ لطفاً صفحه را تازه کنید یا با مدیر پشتیبانی ما تماس بگیرید.
اشارات ورودی و خروجی
---
---
---
---
---
---
جذب مشترکین
ژوئیه '26
ژوئیه '260
در 0 کانالها
ژوئن '26
+12
در 0 کانالها
Get PRO
مه '26
+17
در 0 کانالها
Get PRO
آوریل '26
+22
در 0 کانالها
Get PRO
مارس '26
+19
در 0 کانالها
Get PRO
فوریه '26
+26
در 0 کانالها
Get PRO
ژانویه '26
+75
در 0 کانالها
Get PRO
دسامبر '25
+12
در 0 کانالها
Get PRO
نوامبر '25
+9
در 0 کانالها
Get PRO
اکتبر '25
+16
در 0 کانالها
Get PRO
سپتامبر '25
+11
در 0 کانالها
Get PRO
اوت '25
+12
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئیه '25
+13
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئن '25
+12
در 0 کانالها
Get PRO
مه '25
+13
در 0 کانالها
Get PRO
آوریل '25
+21
در 0 کانالها
Get PRO
مارس '25
+30
در 0 کانالها
Get PRO
فوریه '25
+37
در 0 کانالها
Get PRO
ژانویه '25
+46
در 0 کانالها
Get PRO
دسامبر '24
+15
در 0 کانالها
Get PRO
نوامبر '24
+27
در 0 کانالها
Get PRO
اکتبر '24
+16
در 0 کانالها
Get PRO
سپتامبر '24
+15
در 0 کانالها
Get PRO
اوت '24
+12
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئیه '24
+51
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئن '24
+176
در 0 کانالها
Get PRO
مه '24
+51
در 0 کانالها
Get PRO
آوریل '24
+28
در 0 کانالها
Get PRO
مارس '24
+48
در 0 کانالها
Get PRO
فوریه '24
+37
در 0 کانالها
Get PRO
ژانویه '24
+128
در 0 کانالها
Get PRO
دسامبر '23
+829
در 0 کانالها
| تاریخ | رشد مشترکین | اشارات | کانالها | |
| 01 ژوئیه | 0 |
پستهای کانال
| 2 | بدون متن... | 161 |
| 3 | بدون متن... | 166 |
| 4 | डिजिटल इंडिया कार्यक्रम को 9 स्तंभों के आधार पर बनाया गया था, ताकि डिजिटल पहुंच को बढ़ाने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एकीकृत ढांचा तैयार किया जा सके | 159 |
| 5 | आप यह मत सोचिएगा की योजना को तो पिछले ही वर्ष 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस कारण प्रश्न तब पूछा जाना था या आंकड़े तब जारी किया जाना था यदि किसी योजना ने वर्ष 2025 में अपने 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं, तो उसके अंतिम आंकड़े तुरंत उपलब्ध हो जाएंगे। सामान्यतः, केंद्र या राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के एक दशक (10 वर्ष) की अवधि पूर्ण होने के बाद, उनसे संबंधित वास्तविक आंकड़े अगले वित्तीय वर्ष में ही जारी किए जाते हैं।
इसे वर्तमान परिप्रेक्ष्य में इस प्रकार समझा जा सकता है:
वर्तमान में हम वित्तीय वर्ष 2026-27 में हैं। चूंकि यह वर्ष अभी प्रगति पर (Running) है, इसलिए इसके सटीक और वास्तविक आंकड़े हमें आगामी वित्तीय वर्ष 2027-28 में ही प्राप्त हो सकेंगे। चालू वित्तीय वर्ष के दौरान डेटा निरंतर अपडेट होता रहता है, इसलिए इसका अंतिम संकलन और प्रकाशन वर्ष की समाप्ति के बाद ही संभव होता है | 180 |
| 6 | प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) को 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। 1 जुलाई 2015 को शुरू हुई इस योजना ने हाल ही में अपने सफल दशक को पूरा किया है, जिसके कारण परीक्षाओं (विशेषकर UPSC, MPPSC राज्य लोक सेवा आयोग और कृषि परीक्षाओं) में इस पर गहन प्रश्न बनने की बहुत अधिक संभावना है। | 202 |
| 7 | بدون متن... | 204 |
| 8 | بدون متن... | 210 |
| 9 | بدون متن... | 279 |
| 10 | 19- 25 JUNE WEEKLY CURRENT AFFAIRS (MCQ ANS.) 26-6-26.pdf | 286 |
| 11 | https://youtu.be/HDc6StO01fk | 287 |
| 12 | https://youtu.be/TSj9jPruiGA | 433 |
| 13 | https://youtu.be/PnlEcK4U2JQ | 537 |
| 14 | بدون متن... | 914 |
| 15 | प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले हर दूसरे छात्र की कहानी आज कुछ ऐसी ही दिखती है—मेहनत की शुरुआत तो बड़े जोश से होती है, लेकिन अंतिम परिणाम तक पहुंचते-पहुंचते कदम डगमगा जाते हैं। जब परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं आता, तो अक्सर हम अपनी असफलताओं का ठीकरा माता-पिता, नौकरी की व्यस्तता, समाज, शिक्षकों या कोचिंग संस्थानों पर फोड़ देते हैं।
लेकिन अगर हम पूरी ईमानदारी से आत्म-निरीक्षण (Self-analysis) करें, तो इस असफलता के पीछे की असली वजह कोई बाहरी परिस्थिति नहीं, बल्कि हमारा अपना कम्फर्ट ज़ोन (Comfort Zone) होता है।
बिस्तर की गरमाहट प्यारी, नींदें अभी अधूरी हैं,
"आज नहीं कल पढ़ लेंगे", यह कैसी मजबूरी है?
रील्स की दुनिया, दोस्तों का साथ, बड़ा सुख देता है,
यही कम्फर्ट ज़ोन धीरे से, सारा समय चुरा लेता है।
जब आता है परिणाम और नाम नहीं होता सूची में,
तब अचानक दोष दिखने लगते हैं हर एक दूजी में!
"कोचिंग ने अच्छा नहीं पढ़ाया, नोट्स में कमी रह गई थी,
माता-पिता ने टोका बहुत, समाज की बातें सहनी पड़ी थीं।"
"नौकरी की व्यस्तता थी, समय ही कहाँ मिल पाया था,
किस्मत ही खराब थी मेरी, ईश्वर ने जाल बिछाया था।"
सोचो ज़रा तुम बैठ अकेले, क्या सच में यही कहानी है?
या फिर तुमने ही अपनी, हिम्मत और लगन गंवानी है?
शिक्षक रास्ता दिखाता है, चलना तुम्हें ही पड़ता है,
जो रातों की नींदें खोता है, वही इतिहास बदलता है।
कठिन सवालों से डरकर, तुमने ही पन्ने पलटे थे,
जब मेहनत की बारी आई, तब तुम्हारे ही कदम हटे थे।
तोड़ दो इस कम्फर्ट ज़ोन के छलावे को, यह एक मीठा ज़हर है,
इसके पार ही सफलता की, एक नई और उजली सहर है।
दोषारोपण की आदत छोड़ो, जिम्मेदारी खुद पर लो,
मंज़िल पाना है अगर, तो पहले खुद से लड़ना सीखो
आखिरी बात इस क्लास में हर एक स्टूडेंट जानता है के शक्कर स्वास्थ्य के लिए कितनी नुकसानदायक होती है, लेकिन फिर भी हम उसे खाते हैं और तब तक खाते हैं जब तक कि डायबिटीज ना हो जाए कहीं ऐसा न हो कि यह डायबिटीज हमारे अंगों को खराब कर दे और हम किसी कार्य के लायक ना बचें, इसलिए अभी भी समय है।ऊपर कही गई बातों पर ध्यान से सोचिए और अपने कंफर्ट जोन से निकलकर सर्वश्रेष्ठ प्रयास कीजिये
उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत् ।
आत्मैव ह्यात्मनो बन्धुरात्मैव रिपुरात्मनः ॥
श्रीमद्भगवद्गीता
इसे श्लोक का अर्थ है की
मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन के द्वारा अपना उद्धार करे, अपना पतन न होने दे। क्योंकि यह मन ही मनुष्य का सबसे बड़ा मित्र है और यही मन उसका सबसे बड़ा शत्रु भी है। | 814 |
| 16 | https://youtu.be/ZKiUh2A__So?si=ddBzDpStjHETU4e4 | 462 |
| 17 | https://youtu.be/LASWZZZ9NSo?si=ES5HSIXZjcz-Y80O | 1 088 |
| 18 | بدون متن... | 675 |
| 19 | https://youtube.com/shorts/Q3iNxBIa8Xc?si=IhN0ry75RHSCvLKA | 670 |
| 20 | https://youtube.com/shorts/dpJYMOTkHYI?si=h9cOS2WvTogM0e7u | 657 |
اکنون در دسترس! پژوهش تلگرام ۲۰۲۵ — مهمترین بینشهای سال 
