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#QuickRevisionSeries
🔳अमीर खुसरो की रचनाएं
◼️किरान -उस-सादेन- इसमें बुगरा खां और उसके बेटे कैकुवाद के मिलन का वर्णन है
◼️मिफ्ताह-उल-फतह- जलालुद्दीन खिलजी के सैन्य अभियानों आदि का वर्णन
◼️ खजाइन-उल-फुतूह- अलाउद्दीन खिलजी के शासन का वर्णन
◼️नूह-सिपेहर- मुबारक खिलजी का चाटुकारिता पूर्ण वर्णन
◼️आशिका -गुजरात के राजकरण की पुत्री देवल रानी और अलाउद्दीन के पुत्र खिजर खान की प्रेम कथा का वर्णन
◼️तुगलकनामा -गयासुद्दीन तुगलक की विजय का चित्रण तथा खुसरो शाह के साथ उनके संघर्ष का वर्णन
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🔳मध्यकालीन इतिहास की अत्यधिक महत्वपूर्ण पुस्तक और उनके लेखक
◼️ताज-उल-मसिर -हसन निजामी
◼️तबकात-ए-नासिरी-मिनहाजुद्दिन सिराज
◼️फवाद-उल-फवाद -अमीर हसन देहलवी
◼️तारीख़-ए-फिरोजशाही - जियाउद्दीन बरनी
◼️फुतुहात-ए-फिरोजशाही -फिरोज शाह तुगलक
◼️फुतुह-उस- सलातिन- अब्दुल मलिक इसामी
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🔳उत्तर प्रदेश में स्थित आठ महाजनपद क्षेत्र और उनकी राजधानी
1.मल्ल (देवरिया, बस्ती, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर के जिले) राजधानी- कुशीनारा और पावा
2.काशी (वाराणसी)
3.कोशल (फैजाबाद, गोंडा, बहराइच के जिले) - राजधानी -उत्तर कोसल / दक्षिण कोसल / अयोध्या
4.वत्स (इलाहाबाद और मिर्जापुर के जिले) - राजधानी- कौशाम्बी
5.चेदि (बुंदेलखंड क्षेत्र) - राजधानी- शक्तिमती
6.पांचाल (रुहेलखंड, पश्चिमी यूपी) - राजधानी- अहिछत्र और कांपिल्य
7.शूरसेन (ब्रजमंडल) - राजधानी -मथुरा
8.कुरु - मेरठ और दक्षिण-पूर्वी हरियाणा, राजधानी - इंद्रप्रस्थ
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🔳मौर्यकालीन प्रशासन
◼️मंत्री/अधिकारी
▪️समाहर्ता =आय का संग्रहकर्ता
▪️सन्नीघाता =राजकीय कोष का अध्यक्ष
▪️प्रशास्ता= कारागार का अध्यक्ष
▪️नायक= नगर रक्षा का अध्यक्ष
▪️सीताअध्यक्ष= राजकीय भूमि का संरक्षक
▪️पण्याअध्यक्ष= वाणिज्य विभाग का प्रमुख
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🔳वैदिक कालीन प्रशासन
▪️कुलपति - परिवार का मुखिया
▪️ग्रामणी – ग्राम का मुखिया
▪️स्पास - जासूस / संदेशवाहक
▪️व्रजपति - चारागाहों का अधिकारी
▪️भागुदह - राजस्व संग्राहक।
▪️जीवगृह – पुलिस अधिकारी
▪️अक्षवपा – लेखपाल
▪️अथापति - मुख्य न्यायाधीश
▪️संगृहीत्री – कोषाध्यक्ष
▪️तक्षण – बढ़ई
▪️पलागला - संदेशवाहक
▪️गोविंकार्टना - वनों और खेलों के रक्षक
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🔲बौद्ध संगीतियां
◼️प्रथम बौद्ध संगीति-राजगृह (483 ई पू)
▪️शासक- (हर्यंक वंश)अजातशत्रु के संरक्षण में ▪️अध्यक्ष- महाकश्यप ▪️इसमें आनंद ने सुत्तपिटक की रचना की जिसमें बुद्ध की शिक्षाओं का समावेश है।◼️द्वितीय बौद्ध संगीति-वैशाली (383 ईपू)
▪️शासक (शिशुनाग वंश) कालाशोक ▪️अध्यक्ष- सबकामी ▪️इसमें बौद्ध व्यवस्था स्थाविरवादियो और महासांघिकों में विभाजित हो गई।◼️तृतीय बौद्ध संगीति-पाटलिपुत्र (250 ई पू)
▪️शासक(मौर्य वंश) अशोक ▪️अध्यक्ष- मोगलीपुत्त तिस्स ▪️अभिधम्म पिटक का संकलन इसी परिषद में किया गया था। ▪️बौद्ध धर्म प्रचारको को विभिन्न देशों में भेजा गया ◼️चतुर्थ बौद्ध संगीति कश्मीर में (72 ई)
▪️शासक- (कुषाण वंश )कनिष्क ▪️अध्यक्ष- वसुमित्र और अश्वघोष ▪️इसमें बौद्धधर्म अंततः हीनयान और महायान में विभाजित हो गय
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🔲आंग्ल- मैसूर युद्ध
🔳प्रथम आंग्ल मैसूर युद्ध ( 1767-69 ई.)
▪️मद्रास की संधि
▪️हैदर अली और अंग्रेज गवर्नर बैरलस्ट के बीच, जिसमे अंग्रेजो की हार हुई।
🔳द्वितीय आंग्ल मैसूर युद्ध ( 1780-84 ई.)
▪️मंगलोर की संधि
▪️ हैदर अली और अंग्रेज वारेन हेस्टिंग्स के बीच,
🔳 ततीय आंग्ल मैसूर युद्ध( 1790-92 ई.)
▪️श्रीरंगपट्टनम की संधि
▪️ टीपू सुल्तान और अंग्रेज लार्ड कार्नवालिस के बीच लड़ाई संधि के द्वारा समाप्त हुई।
🔳चतुर्थ आंग्ल मैसूर युद्ध (1797-99 ई.)
▪️ टीपू सुल्तान और अंग्रेजो लार्ड वेलेजली के बीच, टीपू की हार हुई वह युद्ध के मध्य दिवंगत हुआ ,मैसूर शक्ति का पतन
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🔳पेशवाओं के काल में मराठा
▪️बालाजी विश्वनाथ (1713-20 ई.)
▪️बाजीराव प्रथम (1720-40 ई.)
▪️बालाजी बाजीराव (1740-61 ई.)
(नाना साहब )पानीपत का तीसरा युद्ध (14 जनवरी, 1761 ई.)
▪️माधवराव प्रथम (1761-72 ई.)
▪️नारायण राव (1772-73 ई.)
▪️माधव नारायण राव (1774-95 ई.)
▪️बाजीराव द्वितीय (1795 ई.-1818 ई.
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🔳उतरवर्ती मुगल शासक
▪️1. बहादुरशाह → 1207-1712 ई०( शाह -ए -बेखबर)
▪️2. जहाँदार शाह → 1712-1713 ई०(लंपट मूर्ख
▪️3. फर्रुखसियर → 1713-1719 ई०( घृणित कायर)
▪️4. मुहम्मदशाह → 1719-1748 ई० (रंगीला)
▪️5. अहमदशाह → 1748-1754 ई०
▪️6. आलमगीर-II → 1754-1759 ई०
▪️7. शाहआलम-II → 1759-1806 ई०
▪️8. अकबर-II→ 1806-1837 ई०
▪️9. बहादुर शाह जफर→ 1837-1857 ई०
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🔳भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेद
▪️अनुच्छेद 25- धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार
▪️अनुच्छेद 26-व्यक्ति को अपने धर्म का पालन, प्रचार, और उसका अनुसरण करने की स्वतंत्रता होती है।
▪️अनुच्छेद 27-किसी को ऐसा कर देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है, जो किसी धर्म या धार्मिक संस्था के प्रचार और रख-रखाव के लिए हो
▪️अनुच्छेद 28- किसी राज्य द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित शैक्षिक संस्थान में धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकती
▪️अनुच्छेद 29- अल्पसंख्यक वर्ग के हितों का संरक्षण
▪️अनुच्छेद 30- अल्पसंख्यक वर्ग के शिक्षा संस्थान की स्थापना और प्रशासन
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🧿 सूची - I को सूची - II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए -
सूची - I (शिवाजी के अष्ट प्रधान) सूची - II (कार्य)
A. पेशवा. 1. आय-व्यय की लेखा परीक्षा
B. वाकिया-नवीस 2. विदेश मामलों का प्रबंधन
C. सुमंत 3. राजा का रोजनामचा रखना
D. पंत अमात्य 4. लोकहित का ध्यान रखना
कूट:
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-1, C-4, D-3
(c) A-4, B-1, C-2, D-3
(d) A-4, B-3, C-2, D-1
उत्तर: (d)
व्याख्या -
√ 'अष्टदिग्गज' और 'अष्टप्रधान' दो अलग-अलग राजाओं के दरबार से संबंधित थे, जिनमें अक्सर भ्रम हो जाता है
• अष्टप्रधान- यह छत्रपति शिवाजी महाराज का 8 मंत्रियों का प्रशासनिक परिषद (परिषद) था
• अष्टदिग्गज- यह विजयनगर साम्राज्य के महान राजा कृष्णदेव राय के दरबार में रहने वाले 8 प्रसिद्ध तेलुगु कवियों और विद्वानों का समूह था।
✅ शिवाजी के अष्टप्रधान -
1.पेशवा (मुख्य प्रधान) - राजा के बाद सबसे शक्तिशाली पद। इनका कार्य सामान्य प्रशासन की देखरेख करना, लोकहित का ध्यान रखना और राजा की अनुपस्थिति में नेतृत्व करना था
2. अमात्य (मजूमदार) - राज्य के वित्त मंत्री इनका मुख्य कार्य राज्य के आय-व्यय का पूरा हिसाब-किताब रखना था
3. वाकिया-नवीस (मंत्री) - ये राजा के दैनिक कार्यों, दरबार की गतिविधियों का रोजनामचा (रिकॉर्ड) रखते थे और गृह व खुफिया विभाग संभालते थे
4. सुमंत (दबीर) - विदेश मंत्री। इनका कार्य विदेशी मामलों का प्रबंधन करना, पड़ोसी राज्यों से संबंध और दूतों का स्वागत करना था
5. सचिव (शुरू-नवीस) - शाही पत्राचार का कार्य। राजा के पत्रों का मसौदा तैयार करना और सरकारी आदेशों की भाषा को शुद्ध करना इनका काम था
6. सर-ए-नौबत (सेनापति) - सेना के प्रधान। इनका कार्य सेना की भर्ती, संगठन, प्रशिक्षण और युद्ध के समय सैन्य संचालन करना था
7. पंडित राव (दानाध्यक्ष) - धार्मिक मामलों के प्रमुख। दान-पुण्य का प्रबंधन, धार्मिक विवादों का निपटारा और सांस्कृतिक कार्यों की देखरेख इनका मुख्य कार्य था
8. न्यायाधीश - मुख्य न्यायाधीश। सैनिक और दीवानी मामलों में राजा के बाद न्याय करने का सर्वोच्च अधिकार इन्हीं के पास था।
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🔳महत्वपूर्ण अभिलेख
▪️ हाथीगुम्फा अभिलेख - कलिंग राजा खारवेल
▪️जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख - रुद्रदामन
▪️नासिक अभिलेख - गौतमी बलश्री
▪️प्रयाग स्तम्भ लेख - समुद्रगुप्त
▪️ऐहोल अभिलेख - पुलकेशिन-II
▪️मन्दसौर अभिलेख - मालवा नरेश यशोवर्मन
▪️ग्वालियर अभिलेख - प्रतिहार नरेश भोज
▪️ भितरी एवं जूनागढ़ अभिलेख - स्कन्दगुप्त
▪️देवपाड़ा अभिलेख - बंगाल शासक विजयसेन
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🔳अकबर के कुछ महत्वपूर्ण कार्य
▪️1562 - दास प्रथा का अंत
▪️1562 - अकबर की 'हरमदल' से मुक्ति
▪️1563 - तीर्थयात्रा कर समाप्त
▪️1564 - जजिया कर समाप्त
▪️1571 - फतेहपुर सीकरी की स्थापना एवं राजधानी का आगरा से फतेहपुर स्थानान्तरण
▪️1575 - इबादत खाने की स्थापना
▪️1579 - महजर की घोषणा
▪️1580 - 'दहसाला प्रणाली (टोडरमल द्वारा) लागू।
▪️1582 - दीन-ए-इलाही की घोषणा
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🔳17 सतत विकास लक्ष्य 2030
▪️लक्ष्य 1: गरीबी उन्मूलन
▪️लक्ष्य 2: शून्य भूखमरी
▪️लक्ष्य 3: अच्छा स्वास्थ्य और खुशहाली
▪️लक्ष्य 4: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
▪️लक्ष्य 5: लैंगिक समानता
▪️लक्ष्य 6: स्वच्छ जल और स्वच्छता
▪️लक्ष्य 7: सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा
▪️लक्ष्य 8: अच्छा कार्य और आर्थिक विकास
▪️लक्ष्य 9: उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढाँचा
▪️लक्ष्य 10: असमानता कम करना
▪️लक्ष्य 11: टिकाऊ शहर और समुदाय
▪️लक्ष्य 12: जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन
▪️लक्ष्य 13: जलवायु कार्रवाई
▪️लक्ष्य 14: जल के नीचे जीवन
▪️लक्ष्य 15: भूमि पर जीवन
▪️लक्ष्य 16: शांति और न्याय मजबूत संस्थाएँ
▪️लक्ष्य 17: लक्ष्य प्राप्त करने के लिए साझेदारी
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