fa
Feedback

فریب کلاهبرداران را نخورید! تل‌متریو این کانال‌ها را شناسایی و برچسب‌گذاری می‌کند 👉 برای مشاهده برچسب، اشتراک تهیه کنید

Science & Tech.

Science & Tech.

رفتن به کانال در Telegram

स्वागत है Science & Tech. में, जहाँ हम विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े महत्वपूर्ण टॉपिक्स को आसान और परीक्षा दृष्टिकोण से प्रस्तुत करते हैं! 🔹 भौतिकी, रसायन, जीवविज्ञान और कंप्यूटर विज्ञान के महत्वपूर्ण विषय 📚 🔹 Space tech, AI, nano tech. , robotics

نمایش بیشتر
1 531
مشترکین
-224 ساعت
-97 روز
-730 روز
آرشیو پست ها
ईमुद्रा की सुरक्षा समस्या, आईटी की तकनीकी शब्दावली के बिना समझाई गई कल्पना कीजिए कि एक एजेंसी वेबसाइटों को पहचान पत्र जारी करती है। आपका ब्राउज़र इन पहचान पत्रों पर भरोसा करके यह जांचता है कि आप असली वेबसाइट से जुड़ रहे हैं या नहीं। ईमुद्रा ऐसी ही एक सेवा प्रदान करती है। गलती क्या हुई? इसके आठ प्रमाणपत्र जारी करने वाले "डिजिटल स्टैम्प" में गुप्त कुंजी थीं जिन्हें आसानी से पता लगाया जा सकता था। कितनी आसानी से? एक कुंजी मात्र 4 थी। अन्य में 56 और 115 शामिल थे। ये कुंजी विशाल, यादृच्छिक रूप से चुनी गई संख्याएँ होनी चाहिए थीं जिनका अनुमान लगाना लगभग असंभव हो। कल्पना कीजिए कि एक पहचान पत्र एजेंसी अपने आधिकारिक स्टैम्प को "4" पर सेट किए गए संयोजन ताले से सुरक्षित रखती है। यह महत्वपूर्ण क्यों है? जिन लोगों को ये कुंजी मिल जाती हैं, वे नकली वेबसाइट पहचान पत्र बना सकते हैं। यदि वे आपके इंटरनेट कनेक्शन को भी इंटरसेप्ट कर लेते हैं, तो ये कार्ड उन्हें एक असली वेबसाइट का रूप धारण करने और आपके द्वारा साझा की गई जानकारी को पढ़ने या बदलने में मदद कर सकते हैं। क्या किया गया है? 17 अक्टूबर को रिपोर्ट मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर क्रोम और फ़ायरफ़ॉक्स ने प्रभावित प्रमाणपत्रों को ब्लॉक कर दिया। अन्य सॉफ़्टवेयर को अलग से अपडेट करने की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि ब्राउज़र सुरक्षा प्रणाली स्वचालित रूप से सभी ऐप्स को कवर नहीं करती है। क्या ग्राहक डेटा निश्चित रूप से चोरी हो गया है? केवल इस खामी से यह साबित नहीं होता। ईमुद्रा का कहना है कि उसने प्रभावित जारीकर्ताओं का उपयोग करके कोई भी ग्राहक प्रमाणपत्र जारी नहीं किया था और उन्हें रद्द कर दिया है। हालांकि, हमलावर कमजोर कुंजियों का उपयोग करके स्वतंत्र रूप से जाली प्रमाणपत्र बना सकते हैं। एक ऐसी कंपनी के लिए जिसका व्यवसाय दूसरों के डिजिटल स्टैम्प पर विश्वास पर निर्भर करता है, यह उसकी सुरक्षा जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है और उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।

science Pyq.pdf

Project Meridian: अमेरिकी रक्षा नीति में AI और निजी दिग्गजों का बढ़ता वर्चस्व अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने Project Meridian की घोषणा की है, जिसे आधुनिक युद्ध कला (Future of Warfare) के अध्ययन और कार्यान्वयन के लिए एक क्रांतिकारी पहल माना जा रहा है। इस परियोजना का नेतृत्व Elon Musk (SpaceX/Starlink), Palmer Luckey (Anduril Industries) और Newt Gingrich जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्वों द्वारा किया जाएगा। यह कदम वैश्विक सैन्य रणनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। प्रमुख विश्लेषणात्मक बिंदु:
युद्ध का निजीकरण (Privatization of War):
पारंपरिक सैन्य रणनीतिकारों के बजाय अब युद्ध की रूपरेखा 'Tech Oligarchs' द्वारा तैयार की जाएगी। यह सिलिकॉन वैली की तकनीकी गति और निजी पूंजी को सीधे Military-Industrial Complex से जोड़ने का प्रयास है।
AI और स्वायत्त हथियारों की भूमिका:
Palmer Luckey की कंपनी Anduril पहले से ही AI-आधारित निगरानी और स्वायत्त इंटरसेप्टर ड्रोन (Lattice OS) विकसित कर रही है। Project Meridian का मुख्य उद्देश्य युद्धक्षेत्र को Automate करना है, जिससे भविष्य में मानवीय हस्तक्षेप के बिना युद्ध लड़ने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
नैतिक संकट और जवाबदेही (Accountability):
यदि मशीन-लर्निंग एल्गोरिदम निर्णय लेने की प्रक्रिया में हावी होते हैं, तो 'Kill Chain' से मानवीय विवेक का हटना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवाधिकारों के लिए एक गंभीर चुनौती पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष:
यह पहल दर्शाती है कि आने वाले समय में Asymmetric Warfare और Electronic Intelligence वैश्विक शक्ति संतुलन का आधार होंगे।

UPPCS Science PYQ notes

० UPPCS Prelims लिए पादपों में पोषण से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण PYQ-Pattern Facts:- • क्लोरोफिल → मैग्नीशियम युक्त प्रकाश-संश्लेषी वर्णक • रंध्र (Stomata) → गैसों का आदान-प्रदान एवं वाष्पोत्सर्जन • जाइलम (Xylem) → जल एवं खनिजों का परिवहन • फ्लोएम (Phloem) → पत्तियों में निर्मित भोजन का परिवहन • राइजोबियम → जैविक नाइट्रोजन स्थिरीकरण • माइकोराइजा → विशेषकर फॉस्फोरस के अवशोषण में सहायता • अमरबेल (Cuscuta) → पूर्ण परजीवी पौधा • नेपेंथीस (Nepenthes) → कीटभक्षी पौधा • C₃ पौधे → प्रथम स्थायी उत्पाद: 3-PGA • C₄ पौधे → प्रथम स्थायी उत्पाद: ऑक्सालोएसीटिक अम्ल (OAA) • CAM पौधे → रंध्र सामान्यतः रात्रि में खुलते हैं • मक्का एवं गन्ना → प्रमुख C₄ पौधे • मैग्नीशियम → क्लोरोफिल अणु का केंद्रीय तत्व • नाइट्रोजन → प्रोटीन, न्यूक्लिक अम्ल एवं क्लोरोफिल के निर्माण में आवश्यक • फॉस्फोरस → ATP एवं न्यूक्लिक अम्ल का महत्वपूर्ण घटक • पोटैशियम → रंध्र संचालन एवं एंजाइम सक्रियण में महत्वपूर्ण • आयोडीन परीक्षण → पत्ती में स्टार्च की पहचान • स्टार्च + आयोडीन → नीला-काला रंग • प्रकाश संश्लेषण में मुक्त O₂ → जल से प्राप्त • कैल्विन चक्र → क्लोरोप्लास्ट के स्ट्रोमा में • प्रकाश-निर्भर अभिक्रियाएँ → थायलाकोइड झिल्ली पर • प्रकाश-स्वतंत्र अभिक्रियाएँ → मुख्यतः स्ट्रोमा में • हरितलवक (Chloroplast) → प्रकाश संश्लेषण का प्रमुख कोशिकांग • कार्बन डाइऑक्साइड का प्रवेश → मुख्यतः रंध्रों द्वारा • जल का अवशोषण → मुख्यतः जड़ रोमों द्वार • जड़ रोम → जल एवं खनिजों के अवशोषण के लिए अनुकूलित संरचनाएँ • मोलिब्डेनम → नाइट्रोजन उपापचय एवं नाइट्रेट अपचयन में महत्वपूर्ण • लौह (Fe) → क्लोरोफिल निर्माण एवं इलेक्ट्रॉन परिवहन से संबंधित • कैल्शियम → कोशिका भित्ति एवं कोशिका झिल्ली की संरचना में महत्वपूर्ण • सल्फर → कुछ अमीनो अम्ल एवं प्रोटीन के निर्माण में आवश्यक • कैक्टस → CAM प्रकाश संश्लेषण का प्रमुख उदाहरण • गेहूँ, चावल एवं आलू → प्रमुख C₃ पौधे • ड्रोसेरा एवं वीनस फ्लाईट्रैप → कीटभक्षी पौधे • हॉस्टोरिया → परजीवी पौधों में पोषक तत्वों के अवशोषण हेतु विशेष संरचना

० UPPCS Prelims के लिए प्रणियों में पोषण से PYQ-Pattern Facts :- • पित्त का निर्माण → यकृत (Liver) • पित्त का संग्रह → पित्ताशय (Gallbladder) • पित्त का प्रमुख कार्य → वसा का इमल्सीकरण (Emulsification) • प्रोटीन का पाचन → आमाशय से प्रारंभ होता है। • स्टार्च का पाचन → मुखगुहा से प्रारंभ होता है। • अधिकांश पाचन एवं पोषक तत्वों का अवशोषण → छोटी आंत में होता है। • जल का प्रमुख अवशोषण → बड़ी आंत में होता है। • पेप्सिन → प्रोटीन के पाचन से संबंधित एंजाइम। • लाइपेज → वसा के पाचन से संबंधित एंजाइम। • एमाइलेज → स्टार्च/कार्बोहाइड्रेट के पाचन से संबंधित एंजाइम। • विल्ली (Villi) → पोषक पदार्थों के अवशोषण हेतु सतह क्षेत्र बढ़ाती हैं। • अमीबा → कूटपाद (Pseudopodia) द्वारा भोजन ग्रहण करता है। • हाइड्रा → बाह्यकोशिकीय एवं अंतःकोशिकीय दोनों प्रकार का पाचन। • जुगाली करने वाले प्राणी → सेलूलोज के पाचन में सहजीवी सूक्ष्मजीवों की महत्वपूर्ण भूमिका। • एबोमेसम (Abomasum) → जुगाली करने वाले प्राणियों का सच्चा आमाशय (True Stomach)। • मानव में सेलूलोज का पाचन → नहीं होता, क्योंकि सेल्यूलेज एंजाइम का अभाव होता है। • कार्बोहाइड्रेट का अंतिम पाचन → मुख्यतः ग्लूकोज जैसे सरल शर्करों में। • प्रोटीन का अंतिम पाचन → अमीनो अम्लों में। • वसा का अंतिम पाचन → फैटी अम्ल एवं ग्लिसरॉल/मोनोग्लिसराइड में। #UPPCS #Prelims ##PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1

भारत की अंतरिक्ष यात्रा के प्रमुख पड़ाव — • 1962 – परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत INCOSPAR (Indian National Committee for Spac
भारत की अंतरिक्ष यात्रा के प्रमुख पड़ाव —
• 1962 – परमाणु ऊर्जा विभाग के अंतर्गत INCOSPAR (Indian National Committee for Space Research) का गठन। • 1969 – ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) की स्थापना। • 1975 – भारत के प्रथम उपग्रह आर्यभट्ट का प्रक्षेपण। • 1980 – SLV-3 ने रोहिणी RS-1 को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया; भारत स्वदेशी प्रक्षेपण यान से उपग्रह कक्षा में स्थापित करने वाला देश बना। • 2008 – चंद्रयान-1 का प्रक्षेपण; चंद्रमा पर जल-अणुओं की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका। • 2013 – मंगलयान (Mars Orbiter Mission) का प्रक्षेपण; भारत का पहला मंगल मिशन। • 2023 – आदित्य-L1 का प्रक्षेपण; भारत का पहला अंतरिक्ष-आधारित सौर मिशन। • 2023 – चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के निकट सफल सॉफ्ट लैंडिंग की। • 2025 – एक्सिओम-4 (Ax-4) मिशन का प्रक्षेपण; भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ISS जाने वाले पहले भारतीय बने।

ई-गवर्नेंस (E-Governance)
+1
ई-गवर्नेंस (E-Governance)

#QuickRevisionSeries 🔳दैनिक प्रयोग में आने वाले दवाइयों के प्रकार
◼️एंटासिड- पेट में अतिरिक्त एसिड को काम करते हैं (जैसे -मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड,ENO आदि ) ◼️ट्रेंकुलाइजर -तनाव और मानसिक बीमारी के इलाज में ◼️एनाल्जेसिक- दर्द से राहत देने के लिए (एस्प्रिन ,आदि) ◼️नारकोटिक एनाल्जेसिक- दर्द निवारक जो लत का कारण बन सकते हैं ( जैसे मॉर्फिन और इसके डेरिवेटिव) ◼️ एंटीसेप्टिक- बैक्टीरिया को मारते हैं( जैसे सोफ्रेमायसन ,डिटॉल, टिंचर आयोडीन आदि ) ◼️एंटीबायोटिक -सूक्ष्म जीवों द्वारा उत्पादित रासायनिक पदार्थ को मारते हैं और उनके विकास को रोकते हैं (जैसे पेनिसिलिन ,सल्फा ड्रग्स ,स्ट्रेप्टोमाइसिन)
#AbNahiRukegaPrelims "संकल्प से सिद्धि" JOIN- @uppcs1

#QuickRevisionSeries 🔳विटामिन और उनकी कमी से होने वाले रोग
◼️विटामिन A( रेटिनोल )-रतौंधी ◼️विटामिन C( एस्कोरबिक एसिड)- स्कर्वी रोग ◼️विटामिन D( कैलशिफेराल )-रिकेट्स (बच्चों में) ऑस्टियोमालासिया (वयस्क में) ◼️विटामिन E (टोकॉफरोल)- जनन शक्ति का कम होना ◼️विटामिन K (फाइलोक्वीनोन) - रक्त का थक्का न बनाना
#AbNahiRukegaPrelims "संकल्प से सिद्धि" JOIN- @uppcs1

० “विद्युत चुंबकीय तरंग ऊर्जा/आवृति के घटते क्रम में– • गामा किरण(Gamma-rays) • एक्स-रे वेव(X–rays) • पराबैंगनी तरंग(Ultraviolet wave) • दृश्य तरंग(Visible wave) • अवरक्त तरंग(Infrared wave) • माइक्रोवेव(Microwave) • रेडियो वेव(Radio wave) #Prelims #PYQFacts #PCS2026 #PrelimsModeActivated_ThePCSHub

Reusable rocket 🚀
Reusable rocket 🚀

एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज भारत का पहला फुल फ्लो स्टेजेड कम्बशन (FFSC) रॉकेट इंजन विकसित कर रहा है। यह देश के निजी अंतरिक्ष
एस्ट्रोबेस स्पेस टेक्नोलॉजीज भारत का पहला फुल फ्लो स्टेजेड कम्बशन (FFSC) रॉकेट इंजन विकसित कर रहा है। यह देश के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। 80 टन क्लास का यह इंजन लिक्विड ऑक्सीजन (LOX) और लिक्विड मीथेन का उपयोग करता है, जो रियूजेबल लॉन्च व्हीकल्स के लिए एक कुशल प्रोपेलेंट (ईंधन) का मिश्रण है। एडवांस्ड 3D प्रिंटिंग का उपयोग करके, कंपनी ने इंजन के विकास में तेजी लाई है और अपने LOX पावरहेड को हॉट फायर टेस्टिंग के लिए तैयार कर रही है। आंध्र प्रदेश में 21.5 एकड़ की सुविधा से संचालित, एस्ट्रोबेस 2026 के अंत तक पूरी तरह से एकीकृत इंजन परीक्षणों की योजना बना रहा है और 2028 तक अपना पहला मीडियम लिफ्ट रॉकेट लॉन्च करने का लक्ष्य रखता है।

Pinaka...
Pinaka...

Ionosphere is ionized region of Earth's upper atmosphere. It extending from 80 to 400 km. It affects radio communications, GP
Ionosphere is ionized region of Earth's upper atmosphere. It extending from 80 to 400 km. It affects radio communications, GPS signals, & auroras.

० वायु प्रदूषण (Air Pollution) :- • वायु प्रदूषण से आशय वायु में हानिकारक गैसों, धूल एवं कणों की मात्रा सामान्य स्तर से अधिक हो जाने से है। • वायु प्रदूषण के प्रमुख स्रोत – वाहन, उद्योग, ताप विद्युत संयंत्र, जीवाश्म ईंधनों का दहन एवं पराली जलाना हैं। • प्रमुख वायु प्रदूषक – PM₂.₅, PM₁₀, सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओजोन (O₃), सीसा (Pb) एवं अमोनिया (NH₃) हैं। • PM₂.₅ सबसे सूक्ष्म एवं सर्वाधिक हानिकारक कणीय प्रदूषक माना जाता है। • PM₁₀ का आकार 10 माइक्रोमीटर से कम तथा PM₂.₅ का आकार 2.5 माइक्रोमीटर से कम होता है। • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) हीमोग्लोबिन से मिलकर कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन (Carboxyhaemoglobin) बनाती है। • सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड (NOₓ) अम्लीय वर्षा (Acid Rain) के प्रमुख कारण हैं। • क्षोभमंडलीय ओजोन (Tropospheric Ozone) एक हानिकारक वायु प्रदूषक है। • स्मॉग (Smog) धुआँ (Smoke) एवं कोहरे (Fog) का मिश्रण है। • प्रकाश-रासायनिक स्मॉग (Photochemical Smog) का प्रमुख कारण NOₓ एवं हाइड्रोकार्बन हैं। • शीत ऋतु में दिल्ली एवं उत्तर भारत में स्मॉग की समस्या अधिक देखी जाती है। • वायु प्रदूषण से दमा, ब्रोंकाइटिस, फेफड़ों के रोग, हृदय रोग एवं आँखों में जलन जैसी समस्याएँ होती हैं। • वायु गुणवत्ता को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) द्वारा मापा जाता है। • AQI जितना अधिक होगा, वायु की गुणवत्ता उतनी ही खराब होगी। • भारत में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) वर्ष 2019 में प्रारंभ किया गया। • विश्व पर्यावरण दिवस प्रत्येक वर्ष 5 जून को मनाया जाता है। ० क्विक रिवीजन :- • सबसे हानिकारक कणीय प्रदूषक → PM₂.₅ • अम्लीय वर्षा के प्रमुख कारण → SO₂ एवं NOₓ • CO बनाती है → कार्बोक्सीहीमोग्लोबिन • स्मॉग → धुआँ + कोहरा • प्रकाश-रासायनिक स्मॉग → NOₓ + हाइड्रोकार्बन • वायु गुणवत्ता का सूचक → AQI • राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम → 2019 • विश्व पर्यावरण दिवस → 5 जून #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub @ThePCSHub1

० प्रदूषक और उससे प्रभावित अंग :- • एस्बेस्टस धूल - फेफड़ा • सीसा - केंद्रीय नर्वस सिस्टम • कार्बन मोनोऑक्साइड - रक्त धाराएं • पारा- उदर • फ्लोराइड - दांत #Prelims #PYQFacts #PCS2026 #PrelimsModeActivated_ThePCSHub

#OFFICERSACADMY 🔳महत्वपूर्ण हार्मोन और उनके कार्य ◼️एस्ट्रोजेन:यह प्रजनन, मासिक धर्म चक्र और रजोनिवृत्ति (menopause) के लिए ज़िम्मेदार है ◼️प्रोजेस्टेरोन:यह गर्भावस्था बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ◼️प्रोलैक्टिन: बच्चे के जन्म के बाद, स्तनपान कराने के लिए यह हार्मोन महिला में पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा रिलीज़ होता है, ◼️टेस्टोस्टेरोन:पुरुषों में यह पुरुष प्रजनन ऊतकों टेस्टिस (testes) और प्रोस्ट्रेट (prostrate) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ◼️इंसुलिन:यह ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करता है.

#OFFICERSACADMY 🔳पादप हार्मोन और उनके कार्य ◼️(a)ऑक्सिन- कोशिकाओं की लम्बाई में वृद्धि, कोशिका विभाजन में सहयोग, पौधों की गतियों पर नियन्त्रण, पत्तियों को गिरने से रोकना, बीज रहित फलों के उत्पादन में सहायता करना। ◼️(b) जिबरेलिन- बीजों के शीघ्र अंकुरण में सहायक, बौने पौधों की लम्बाई में वृद्धि, पौधों की पत्तियों को चौड़ी करने में सहायता करना। ◼️(c) साइटोकाइनिन- प्रोटीन के संश्लेषण में सहायक, कोशिकाओं एवं तने की लम्बाई में वदि पार्श्व कलिकाओं में वृद्धि, जड़ों एवं पत्तियों की वृद्धि रोकने में सहायक एवं अंकुरण के समय उत्प्रेरक उत्पन्न करना ◼️(d) एब्सिसिक अम्ल (ABC) वृद्धि रोधक- पत्तियों के एवं फूलों के खुलने एवं बन्द करने की क्रियाओं का नियन्त्रण, पतझड़ की क्रिया को प्रोत्साहित करना तथा पौधों की वृद्धि दर को कम करना।