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्यक्ति को यह विश्वास करने के लिए उत्प्रेरित करके कि वह दैवी अप्रसाद का भाजन होगा कराया गया कार्य
धारा 509 - शब्द, अंगविक्षेप या कार्य जो किसी स्त्री की लज्जा का अनादर करने के लिए आशयित है
धारा 510 - शराबी व्यक्ति द्वारा लोक स्थान में दुराचार।
धारा 511 - आजीवन कारावास या अन्य कारावास से दण्डनीय अपराधों को करने का प्रयत्न करने के लिए दण्ड
Adv. Krishna upadhyay
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-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दण्ड।
धारा 457 - कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए रात में छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।
धारा 458 - क्षति, हमला या सदोष अवरोध की तैयारी के करके रात में गॄह-अतिचार।
धारा 459 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करते समय घोर उपहति कारित हो
धारा 460 - रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या रात्रौ गॄह-भेदन में संयुक्ततः सम्पॄक्त समस्त व्यक्ति दंडनीय हैं, जबकि उनमें से एक द्वारा मॄत्यु या घोर उपहति कारित हो
धारा 461 - ऐसे पात्र को, जिसमें संपत्ति है, बेईमानी से तोड़कर खोलना
धारा 462 - उसी अपराध के लिए दंड, जब कि वह ऐसे व्यक्ति द्वारा किया गया है जिसे अभिरक्षा न्यस्त की गई है
धारा 463 - कूटरचना
धारा 464 - मिथ्या दस्तावेज रचना
धारा 465 - कूटरचना के लिए दण्ड।
धारा 466 - न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि की कूटरचना
धारा 467 - मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, इत्यादि की कूटरचना
धारा 468 - छल के प्रयोजन से कूटरचना
धारा 469 - ख्याति को अपहानि पहुंचाने के आशय से कूटरचन्न
धारा 470 - कूटरचित 2[दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेखट
धारा 471 - कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख का असली के रूप में उपयोग में लाना
धारा 472 - धारा 467 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
धारा 473 - अन्यथा दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकॄत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना
धारा 474 - धारा 466 या 467 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप में उपयोग में लाने का आशय रखते हुए, कब्जे में रखना
धारा 475 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 476 - धारा 467 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकॄति बनाना या कूटकॄत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना
धारा 477 - विल, दत्तकग्रहण प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रदद््, नष्ट, आदि करना
धारा 477क - लेखा का मिथ्याकरण
धारा 478 - व्यापार चिह्न
धारा 479 - सम्पत्ति-चिह्न
धारा 480 - मिथ्या व्यापार चिह्न का प्रयोग किया जाना
धारा 481 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग में लाना
धारा 482 - मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न को उपयोग करने के लिए दण्ड।
धारा 483 - अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाए गए सम्पत्ति चिह्न का कूटकरण
धारा 484 - लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाए गए चिह्न का कूटकरण
धारा 485 - सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा
धारा 486 - कूटकॄत सम्पत्ति-चिह्न से चिन्हित माल का विक्रय
धारा 487 - किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है
धारा 488 - किसी ऐसे मिथ्या चिह्न को उपयोग में लाने के लिए दण्ड
धारा 489 - क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना
धारा 489क - करेन्सी नोटों या बैंक नोटों का कूटकरण
धारा 489ख - कूटरचित या कूटकॄत करेंसी नोटों या बैंक नोटों को असली के रूप में उपयोग में लाना
धारा 489ग - कूटरचित या कूटकॄत करेन्सी नोटों या बैंक नोटों को कब्जे में रखना
धारा 489घ - करेन्सी नोटों या बैंक नोटों की कूटरचना या कूटकरण के लिए उपकरण या सामग्री बनाना या कब्जे में रखना
धारा 489ङ - करेन्सी नोटों या बैंक नोटों से सदृश्य रखने वाली दस्तावेजों की रचना या उपयोग
धारा 490 - समुद्र यात्रा या यात्रा के दौरान सेवा भंग
धारा 491 - असहाय व्यक्ति की परिचर्या करने की और उसकी आवश्यकताओं की पूर्ति करने की संविदा का भंग
धारा 492 - दूर वाले स्थान पर सेवा करने का संविदा भंग जहां सेवक को मालिक के खर्चे पर ले जाया जाता है
धारा 493 - विधिपूर्ण विवाह का धोखे से विश्वास उत्प्रेरित करने वाले पुरुष द्वारा कारित सहवास।
धारा 494 - पति या पत्नी के जीवनकाल में पुनः विवाह करना
धारा 495 - वही अपराध पूर्ववर्ती विवाह को उस व्यक्ति से छिपाकर जिसके साथ आगामी विवाह किया जाता है।
धारा 496 - विधिपूर्ण विवाह के बिना कपटपूर्वक विवाह कर्म पूरा करना।
धारा 497 - व्यभिचार
धारा 498 - विवाहित स्त्री को आपराधिक आशय से फुसलाकर ले जाना, या निरुद्ध रखना
धारा 498A - किसी स्त्री के पति या पति के नातेदार द्वारा उसके प्रति क्रूरता करना
धारा 499 - मानहानि
धारा 500 - मानहानि के लिए दण्ड।
धारा 501 - मानहानिकारक जानी हुई बात को मुद्रित या उत्कीर्ण करना।
धारा 502 - मानहानिकारक विषय रखने वाले मुद्रित या उत्कीर्ण सामग्री का बेचना।
धारा 503 - आपराधिक अभित्रास।
धारा 504 - शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना
धारा 505 - लोक रिष्टिकारक वक्तव्य।
धारा 506 - धमकाना
धारा 507 - अनाम संसूचना द्वारा आपराधिक अभित्रास।
धारा 508 - व
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389 - जबरन वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को अपराध का आरोप लगाने के भय में डालना।
धारा 390 - लूट।
धारा 391 - डकैती
धारा 392 - लूट के लिए दण्ड
धारा 393 - लूट करने का प्रयत्न।
धारा 394 - लूट करने में स्वेच्छापूर्वक किसी को चोट पहुँचाना
धारा 395 - डकैती के लिए दण्ड
धारा 396 - हत्या सहित डकैती।
धारा 397 - मॄत्यु या घोर आघात कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती।
धारा 398 - घातक आयुध से सज्जित होकर लूट या डकैती करने का प्रयत्न।
धारा 399 - डकैती करने के लिए तैयारी करना।
धारा 400 - डाकुओं की टोली का होने के लिए दण्ड
धारा 401 - चोरों के गिरोह का होने के लिए दण्ड।
धारा 402 - डकैती करने के प्रयोजन से एकत्रित होना।
धारा 403 - सम्पत्ति का बेईमानी से गबन / दुरुपयोग।
धारा 404 - मॄत व्यक्ति की मॄत्यु के समय उसके कब्जे में सम्पत्ति का बेईमानी से गबन / दुरुपयोग।
धारा 405 - आपराधिक विश्वासघात।
धारा 406 - विश्वास का आपराधिक हनन
धारा 407 - कार्यवाहक, आदि द्वारा आपराधिक विश्वासघात।
धारा 408 - लिपिक या सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन
धारा 409 - लोक सेवक या बैंक कर्मचारी, व्यापारी या अभिकर्ता द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन
धारा 410 - चुराई हुई संपत्ति
धारा 411 - चुराई हुई संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना
धारा 412 - ऐसी संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना जो डकैती करने में चुराई गई है।
धारा 413 - चुराई हुई संपत्ति का अभ्यासतः व्यापार करना।
धारा 414 - चुराई हुई संपत्ति छिपाने में सहायता करना।
धारा 415 - छल
धारा 416 - प्रतिरूपण द्वारा छल
धारा 417 - छल के लिए दण्ड।
धारा 418 - इस ज्ञान के साथ छल करना कि उस व्यक्ति को सदोष हानि हो सकती है जिसका हित संरक्षित रखने के लिए अपराधी आबद्ध है
धारा 419 - प्रतिरूपण द्वारा छल के लिए दण्ड।
धारा 420 - छल करना और बेईमानी से बहुमूल्य वस्तु / संपत्ति देने के लिए प्रेरित करना
धारा 421 - लेनदारों में वितरण निवारित करने के लिए संपत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाना
धारा 422 - त्रऐंण को लेनदारों के लिए उपलब्ध होने से बेईमानी से या कपटपूर्वक निवारित करना
धारा 423 - अन्तरण के ऐसे विलेख का, जिसमें प्रतिफल के संबंध में मिथ्या कथन अन्तर्विष्ट है, बेईमानी से या कपटपूर्वक निष्पादन
धारा 424 - सम्पत्ति का बेईमानी से या कपटपूर्वक अपसारण या छिपाया जाना
धारा 425 - रिष्टि / कुचेष्टा।
धारा 426 - रिष्टि के लिए दण्ड
धारा 427 - कुचेष्टा जिससे पचास रुपए का नुकसान होता है
धारा 428 - दस रुपए के मूल्य के जीवजन्तु को वध करने या उसे विकलांग करने द्वारा रिष्टि
धारा 429 - किसी मूल्य के ढोर, आदि को या पचास रुपए के मूल्य के किसी जीवजन्तु का वध करने या उसे विकलांग करने आदि द्वारा कुचेष्टा।
धारा 430 - सिंचन संकर्म को क्षति करने या जल को दोषपूर्वक मोड़ने द्वारा रिष्टि
धारा 431 - लोक सड़क, पुल, नदी या जलसरणी को क्षति पहुंचाकर रिष्टि
धारा 432 - लोक जल निकास में नुकसानप्रद जलप्लावन या बाधा कारित करने द्वारा रिष्टि
धारा 433 - किसी दीपगॄह या समुद्री-चिह्न को नष्ट करके, हटाकर या कम उपयोगी बनाकर रिष्टि
धारा 434 - लोक प्राधिकारी द्वारा लगाए गए भूमि चिह्न के नष्ट करने या हटाने आदि द्वारा रिष्टि
धारा 435 - सौ रुपए का या (कॄषि उपज की दशा में) दस रुपए का नुकसान कारित करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा।
धारा 436 - गॄह आदि को नष्ट करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा।
धारा 437 - किसी तल्लायुक्त या बीस टन बोझ वाले जलयान को नष्ट करने या असुरक्षित बनाने के आशय से कुचेष्टा।
धारा 438 - धारा 437 में वर्णित अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा की गई कुचेष्टा के लिए दण्ड।
धारा 439 - चोरी, आदि करने के आशय से जलयान को साशय भूमि या किनारे पर चढ़ा देने के लिए दण्ड।
धारा 440 - मॄत्यु या उपहति कारित करने की तैयारी के पश्चात् की गई रिष्टि
धारा 441 - आपराधिक अतिचार।
धारा 442 - गॄह-अतिचार
धारा 443 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
धारा 444 - रात्रौ प्रच्छन्न गॄह-अतिचार
धारा 445 - गॄह-भेदन।
धारा 446 - रात्रौ गॄह-भेदन
धारा 447 - आपराधिक अतिचार के लिए दण्ड।
धारा 448 - गॄह-अतिचार के लिए दण्ड।
धारा 449 - मॄत्यु से दंडनीय अपराध को रोकने के लिए गॄह-अतिचार
धारा 450 - अपजीवन कारावास से दंडनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार
धारा 451 - कारावास से दण्डनीय अपराध को करने के लिए गॄह-अतिचार।
धारा 452 - बिना अनुमति घर में घुसना, चोट पहुंचाने के लिए हमले की तैयारी, हमला या गलत तरीके से दबाव बनाना
धारा 453 - प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन के लिए दंड
धारा 454 - कारावास से दण्डनीय अपराध करने के लिए छिप कर गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन करना।
धारा 455 - उपहति, हमले या सदोष अवरोध की तैयारी के पश्चात् प्रच्छन्न गॄह-अतिचार या गॄह-भेदन
धारा 456 - रात में छिप कर गॄह
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को अपने कर्तव्यों से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया घोर क्षति कारित करना।
धारा 334 - प्रकोपन पर स्वेच्छया क्षति करना
धारा 335 - प्रकोपन पर स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना
धारा 336 - दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा पहुँचाने वाला कार्य।
धारा 337 - किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो, चोट पहुँचाना कारित करना
धारा 338 - किसी कार्य द्वारा, जिससे मानव जीवन या किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को ख़तरा हो, गंभीर चोट पहुँचाना कारित करना
धारा 339 - सदोष अवरोध।
धारा 340 - सदोष परिरोध या गलत तरीके से प्रतिबंधित करना।
धारा 341 - सदोष अवरोध के लिए दण्ड
धारा 342 - ग़लत तरीके से प्रतिबंधित करने के लिए दण्ड।
धारा 343 - तीन या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध।
धारा 344 - दस या अधिक दिनों के लिए सदोष परिरोध।
धारा 345 - ऐसे व्यक्ति का सदोष परिरोध जिसके छोड़ने के लिए रिट निकल चुका है
धारा 346 - गुप्त स्थान में सदोष परिरोध।
धारा 347 - सम्पत्ति की जबरन वसूली करने के लिए या अवैध कार्य करने के लिए मजबूर करने के लिए सदोष परिरोध।
धारा 348 - संस्वीकॄति उद्दापित करने के लिए या विवश करके सम्पत्ति का प्रत्यावर्तन करने के लिए सदोष परिरोध
धारा 349 - बल।
धारा 350 - आपराधिक बल
धारा 351 - हमला।
धारा 352 - गम्भीर प्रकोपन के बिना हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने के लिए दण्ड
धारा 353 - लोक सेवक को अपने कर्तव्य के निर्वहन से भयोपरत करने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 354 - स्त्री की लज्जा भंग करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 354क - यौन उत्पीड़न
धारा 354ख - एक औरत नंगा करने के इरादे के साथ कार्य
धारा 354ग - छिप कर देखना
धारा 354घ - पीछा
धारा 355 - गम्भीर प्रकोपन होने से अन्यथा किसी व्यक्ति का अनादर करने के आशय से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 356 - हमला या आपराधिक बल प्रयोग द्वारा किसी व्यक्ति द्वारा ले जाई जाने वाली संपत्ति की चोरी का प्रयास।
धारा 357 - किसी व्यक्ति का सदोष परिरोध करने के प्रयत्नों में हमला या आपराधिक बल का प्रयोग।
धारा 358 - गम्भीर प्रकोपन मिलने पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग
धारा 359 - व्यपहरण
धारा 360 - भारत में से व्यपहरण।
धारा 361 - विधिपूर्ण संरक्षकता में से व्यपहरण
धारा 362 - अपहरण।
धारा 363 - व्यपहरण के लिए दण्ड
धारा 363क - भीख मांगने के प्रयोजनों के लिए अप्राप्तवय का व्यपहरण का विकलांगीकरण
धारा 364 - हत्या करने के लिए व्यपहरण या अपहरण करना।
धारा 364क - फिरौती, आदि के लिए व्यपहरण।
धारा 365 - किसी व्यक्ति का गुप्त और अनुचित रूप से सीमित / क़ैद करने के आशय से व्यपहरण या अपहरण।
धारा 366 - विवाह आदि के करने को विवश करने के लिए किसी स्त्री को व्यपहृत करना, अपहृत करना या उत्प्रेरित करना
धारा 366क - अप्राप्तवय लड़की का उपापन
धारा 366ख - विदेश से लड़की का आयात करना
धारा 367 - व्यक्ति को घोर उपहति, दासत्व, आदि का विषय बनाने के उद्देश्य से व्यपहरण या अपहरण।
धारा 368 - व्यपहृत या अपहृत व्यक्ति को गलत तरीके से छिपाना या क़ैद करना।
धारा 369 - दस वर्ष से कम आयु के शिशु के शरीर पर से चोरी करने के आशय से उसका व्यपहरण या अपहरण
धारा 370 - मानव तस्करी - दास के रूप में किसी व्यक्ति को खरीदना या बेचना।
धारा 371 - दासों का आभ्यासिक व्यवहार करना।
धारा 372 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को बेचना।
धारा 373 - वेश्यावॄत्ति आदि के प्रयोजन के लिए नाबालिग को खरीदना।
धारा 374 - विधिविरुद्ध बलपूर्वक श्रम।
धारा 375 - बलात्संग
धारा 376 - बलात्कार के लिए दण्ड
धारा 376क - पॄथक् कर दिए जाने के दौरान किसी पुरुष द्वारा अपनी पत्नी के साथ संभोग्र
धारा 376ख - लोक सेवक द्वारा अपनी अभिरक्षा में की किसी स्त्री के साथ संभोग
धारा 376ग - जेल, प्रतिप्रेषण गॄह आदि के अधीक्षक द्वारा संभोग
धारा 376घ - अस्पताल के प्रबन्ध या कर्मचारिवॄन्द आदि के किसी सदस्य द्वारा उस अस्पताल में किसी स्त्री के साथ संभोग
धारा 377 - प्रकॄति विरुद्ध अपराध
धारा 378 - चोरी
धारा 379 - चोरी के लिए दंड
धारा 380 - निवास-गॄह आदि में चोरी
धारा 381 - लिपिक या सेवक द्वारा स्वामी के कब्जे में संपत्ति की चोरी।
धारा 382 - चोरी करने के लिए मॄत्यु, क्षति या अवरोध कारित करने की तैयारी के पश्चात् चोरी करना।
धारा 383 - उद्दापन / जबरन वसूली
धारा 384 - ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए दण्ड।
धारा 385 - ज़बरदस्ती वसूली के लिए किसी व्यक्ति को क्षति के भय में डालना।
धारा 386 - किसी व्यक्ति को मॄत्यु या गंभीर आघात के भय में डालकर ज़बरदस्ती वसूली करना।
धारा 387 - ज़बरदस्ती वसूली करने के लिए किसी व्यक्ति को मॄत्यु या घोर आघात के भय में डालना।
धारा 388 - मॄत्यु या आजीवन कारावास, आदि से दंडनीय अपराध का अभियोग लगाने की धमकी देकर उद्दापन
धारा
