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UPSC CSE (Civil Services Examination) 2025 Prelims Admit Card Out
https://upsconline.gov.in/eadmitcard/admitcard_csp_2025/admit_card.php#hhh1
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13 out of the Top 25 in UPSC CSE 2024 are repeaters, having featured in the final recommended lists in at least one of the previous four years (2020–2023)
UPSC‑CSE 2024 Repeaters – Quick Highlights
📊 283 candidates in the 2024 final list had already cracked CSE earlier (2020‑23) – that’s ≈28 % of this year’s merit list.
🔄 166 repeaters are fresh from the 2023 batch, showing the “upgrade‑service” trend.
📅 Smaller numbers returned from 2022 (116), 2021 (35) and 2020 (24) – most officers settle once training starts.
🏆 34 repeaters landed in the Top 100 ranks this year; experience clearly boosts scores.
🕒 82 % of repeaters had just one previous appearance; only 52 showed up for the 3rd/4th time.
📈 Median rank of repeaters is 455, but they’re spread right up to Rank 3 – perseverance can pay big.
💡 Take‑away: re‑attempts are common for IAS/IFS dreams or home‑cadre goals – newcomers compete with seasoned officers, so strategy + practice matter!
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➡️सहायक संधि स्वीकार करने वाले प्रमुख राज्य तथा वर्ष
हैदराबाद - 1798 ई०
मैसूर - 1799 ई०
तंजौर - 1799 ई०
अवध - 1801 ई०
पेशवा - 1802 ई०
बरार के भोंसले - 1803 ई०
सिंधिया - 1804 ई०
👉ध्यान दे - इंदौर के होल्कर ने सहायक संधि स्वीकार नहीं की थी सहायक संधि को लॉर्ड वेलेजली (1798-1805 ई०) काल में क्रियान्वित किया गया था
• लॉर्ड वेलेजली द्वारा लागू की गई सहायक संधि व्यवस्था में 👇
a) दूसरों के खर्च पर एक बड़ी सेना बनाए रखना
b) भारत को नेपोलियन के खतरे से सुरक्षित रखना
c) भारतीय रियासतों के ऊपर ब्रिटिश सर्वोच्चता स्थापित करना
• भारत में सहायक संधि का प्रयोग लॉर्ड वेलेजली से पहले फ्रांसीसी गवर्नर डुप्ले ने किया था
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यहाँ UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संधियाँ और अधिनियम दिए गए हैं:
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संधियाँ और प्रोटोकॉल
1. स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) – पहला वैश्विक पर्यावरण सम्मेलन; UNEP की स्थापना हुई।
2. रामसर संधि (1971) – आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) के संरक्षण के लिए, विशेष रूप से प्रवासी पक्षियों के लिए।
3. CITES (1973) – विलुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है।
4. जैव विविधता पर संधि (CBD) (1992) – जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों के उचित वितरण पर केंद्रित।
5. मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) – ओजोन परत को बचाने के लिए ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध तरीके से हटाने पर केंद्रित।
6. क्योटो प्रोटोकॉल (1997) – ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता।
7. पेरिस समझौता (2015) – वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे रखने की वैश्विक प्रतिबद्धता।
8. बासेल संधि (1989) – खतरनाक अपशिष्ट के सीमा-पार परिवहन को नियंत्रित करता है।
9. रॉटरडैम संधि (1998) – खतरनाक रसायनों और कीटनाशकों के व्यापार को नियंत्रित करता है।
10. स्टॉकहोम संधि (2001) – स्थायी जैविक प्रदूषकों (POPs) को समाप्त करने पर केंद्रित।
11. संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा संधि (UNFCCC) (1992) – जलवायु परिवर्तन पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का ढांचा।
12. बॉन संधि (1979) – प्रवासी वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण पर केंद्रित।
13. मिनामाटा संधि (2013) – पारे (मरकरी) के प्रदूषण को कम करने पर केंद्रित।
भारतीय पर्यावरण कानून एवं अधिनियम
1. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (1986) – पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक कानून।
2. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) – भारत में वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा।
3. वन (संरक्षण) अधिनियम (1980) – वन भूमि के गैर-वन कार्यों में उपयोग को नियंत्रित करता है।
4. जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम (1974) – जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए।
5. वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम (1981) – वायु प्रदूषण को रोकने के लिए।
6. जैविक विविधता अधिनियम (2002) – जैव विविधता के संरक्षण और लाभों के न्यायसंगत वितरण के लिए।
7. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) अधिनियम (2010) – पर्यावरणीय मामलों के त्वरित निपटान के लिए NGT की स्थापना।
8. क्षतिपूरक वनीकरण निधि अधिनियम (2016) – वनीकरण प्रयासों के लिए धन प्रबंधन।
9. तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) अधिसूचना (1991, 2019 में संशोधित) – तटीय क्षेत्रों में गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
10. पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना (2006) – पर्यावरण प्रभाव आकलन की प्रक्रियाओं को निर्धारित करता है।
ये विषय UPSC प्रारंभिक परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। यदि आपको किसी का विस्तृत विवरण चाहिए तो बताइए!
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यहाँ UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण पर्यावरणीय संधियाँ और अधिनियम दिए गए हैं:
अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण संधियाँ और प्रोटोकॉल
स्टॉकहोम सम्मेलन (1972) – पहला वैश्विक पर्यावरण सम्मेलन; UNEP की स्थापना हुई।
रामसर संधि (1971) – आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) के संरक्षण के लिए, विशेष रूप से प्रवासी पक्षियों के लिए।
CITES (1973) – विलुप्तप्राय प्रजातियों के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करता है।
जैव विविधता पर संधि (CBD) (1992) – जैव विविधता के संरक्षण, सतत उपयोग और लाभों के उचित वितरण पर केंद्रित।
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) – ओजोन परत को बचाने के लिए ओजोन-क्षयकारी पदार्थों को चरणबद्ध तरीके से हटाने पर केंद्रित।
क्योटो प्रोटोकॉल (1997) – ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता।
पेरिस समझौता (2015) – वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे रखने की वैश्विक प्रतिबद्धता।
बासेल संधि (1989) – खतरनाक अपशिष्ट के सीमा-पार परिवहन को नियंत्रित करता है।
रॉटरडैम संधि (1998) – खतरनाक रसायनों और कीटनाशकों के व्यापार को नियंत्रित करता है।
स्टॉकहोम संधि (2001) – स्थायी जैविक प्रदूषकों (POPs) को समाप्त करने पर केंद्रित।
संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा संधि (UNFCCC) (1992) – जलवायु परिवर्तन पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग का ढांचा।
बॉन संधि (1979) – प्रवासी वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण पर केंद्रित।
मिनामाटा संधि (2013) – पारे (मरकरी) के प्रदूषण को कम करने पर केंद्रित।
भारतीय पर्यावरण कानून एवं अधिनियम
पर्यावरण संरक्षण अधिनियम (1986) – पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यापक कानून।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (1972) – भारत में वन्यजीवों और जैव विविधता की सुरक्षा।
वन (संरक्षण) अधिनियम (1980) – वन भूमि के गैर-वन कार्यों में उपयोग को नियंत्रित करता है।
जल (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम (1974) – जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए।
वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम (1981) – वायु प्रदूषण को रोकने के लिए।
जैविक विविधता अधिनियम (2002) – जैव विविधता के संरक्षण और लाभों के न्यायसंगत वितरण के लिए।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) अधिनियम (2010) – पर्यावरणीय मामलों के त्वरित निपटान के लिए NGT की स्थापना।
क्षतिपूरक वनीकरण निधि अधिनियम (2016) – वनीकरण प्रयासों के लिए धन प्रबंधन।
तटीय विनियमन क्षेत्र (CRZ) अधिसूचना (1991, 2019 में संशोधित) – तटीय क्षेत्रों में गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) अधिसूचना (2006) – पर्यावरण प्रभाव आकलन की प्रक्रियाओं को निर्धारित करता है।
ये विषय UPSC प्रारंभिक परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। यदि आपको किसी का विस्तृत विवरण चाहिए तो बताइए!
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🔹 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन से पहले के संगठन (1885 से पहले)1️⃣ जमींदारी एसोसिएशन (1837) – प्रसन्न कुमार टैगोर, द्वारकानाथ टैगोर, राधाकांता देव | बंगाल 2️⃣ लैंडहोल्डर्स सोसाइटी (1838) – द्वारकानाथ टैगोर एवं अन्य | बंगाल 3️⃣ ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (1851) – राजा राधाकांता देव, देबेन्द्रनाथ टैगोर एवं अन्य | कोलकाता 4️⃣ बॉम्बे एसोसिएशन (1852) – जगन्नाथ शंकरशेठ | मुंबई 5️⃣ मद्रास नेटिव एसोसिएशन (1852) – गाजुलु लक्ष्मीनारसु चेत्ती | चेन्नई 6️⃣ पूना सार्वजानिक सभा (1870) – महादेव गोविंद रानाडे, गणेश वासुदेव जोशी, एस.एच. चिपलूणकर एवं अन्य | पुणे 7️⃣ इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन (1870) – केशव चंद्र सेन | कोलकाता 8️⃣ सत्यशोधक समाज (1873) – ज्योतिराव फुले | महाराष्ट्र 9️⃣ इंडियन लीग (1875) – शिशिर कुमार घोष | बंगाल 🔟 आर्य समाज (1875) – स्वामी दयानंद सरस्वती | मुंबई (बाद में पंजाब में सक्रिय) 1️⃣1️⃣ थियोसोफिकल सोसाइटी (1875) – हेलेना ब्लावाट्स्की, हेनरी ओल्कॉट (बाद में एनी बेसेंट ने भारत में प्रचार किया) | चेन्नई 1️⃣2️⃣ इंडियन एसोसिएशन (1876) – सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, आनंद मोहन बोस | कोलकाता 1️⃣3️⃣ इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस (1883) – सुरेन्द्रनाथ बनर्जी | कोलकाता 1️⃣4️⃣ डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी (1884) – बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, महादेव गोविंद रानाडे एवं अन्य | पुणे
📌 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का गठन – 1885संस्थापक: एलन ऑक्टेवियन ह्यूम स्थान: मुंबई उद्देश्य: भारतीयों को राजनीतिक रूप से एकजुट करना, प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी और संवैधानिक सुधार। 🔹 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन के बाद के संगठन (1885 के बाद) 1️⃣5️⃣ सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी (1905) – गोपाल कृष्ण गोखले | पुणे 1️⃣6️⃣ मुस्लिम लीग (1906) – नवाब सलीमुल्लाह, आगा खान एवं अन्य | ढाका 1️⃣7️⃣ ग़दर पार्टी (1913) – लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना एवं अन्य | सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका 1️⃣8️⃣ होम रूल लीग (1916) – बाल गंगाधर तिलक एवं एनी बेसेंट | पुणे एवं मद्रास 1️⃣9️⃣ अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) (1920) – लाला लाजपत राय | मुंबई 2️⃣0️⃣ असहयोग आंदोलन (1920) – महात्मा गांधी (INC के नेतृत्व में) | अखिल भारत 2️⃣1️⃣ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) (1924) – सचिंद्र नाथ सान्याल, राम प्रसाद बिस्मिल, जोगेश चंद्र चटर्जी एवं अन्य | कानपुर 2️⃣2️⃣ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) (1925) – केशव बलिराम हेडगेवार | नागपुर 2️⃣3️⃣ हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) (1928) – भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद एवं अन्य | दिल्ली 2️⃣4️⃣ साइमन कमीशन विरोध आंदोलन (1928) – INC एवं अन्य राष्ट्रवादी नेताओं के नेतृत्व में | अखिल भारत 2️⃣5️⃣ सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) – महात्मा गांधी (INC के नेतृत्व में) | अखिल भारत 2️⃣6️⃣ खुदाई खिदमतगार (1930) – खान अब्दुल गफ्फार खान | उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) 2️⃣7️⃣ अखिल भारतीय किसान सभा (1936) – स्वामी सहजानंद सरस्वती | लखनऊ 2️⃣8️⃣ फॉरवर्ड ब्लॉक (1939) – सुभाष चंद्र बोस | कोलकाता 2️⃣9️⃣ भारत छोड़ो आंदोलन (1942) – महात्मा गांधी (INC के नेतृत्व में) | अखिल भारत 3️⃣0️⃣ आजाद हिंद फौज (INA) (1942) – रास बिहारी बोस (संस्थापक), सुभाष चंद्र बोस (बाद में नेतृत्व किया) | सिंगापुर
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🔹 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन से पहले के संगठन (1885 से पहले)1️⃣ जमींदारी एसोसिएशन (1837) – प्रसन्न कुमार टैगोर, द्वारकानाथ टैगोर, राधाकांता देव | बंगाल 2️⃣ लैंडहोल्डर्स सोसाइटी (1838) – द्वारकानाथ टैगोर एवं अन्य | बंगाल 3️⃣ ब्रिटिश इंडियन एसोसिएशन (1851) – राजा राधाकांता देव, देबेन्द्रनाथ टैगोर एवं अन्य | कोलकाता 4️⃣ बॉम्बे एसोसिएशन (1852) – जगन्नाथ शंकरशेठ | मुंबई 5️⃣ मद्रास नेटिव एसोसिएशन (1852) – गाजुलु लक्ष्मीनारसु चेत्ती | चेन्नई 6️⃣ पूना सार्वजानिक सभा (1870) – महादेव गोविंद रानाडे, गणेश वासुदेव जोशी, एस.एच. चिपलूणकर एवं अन्य | पुणे 7️⃣ इंडियन रिफॉर्म एसोसिएशन (1870) – केशव चंद्र सेन | कोलकाता 8️⃣ सत्यशोधक समाज (1873) – ज्योतिराव फुले | महाराष्ट्र 9️⃣ इंडियन लीग (1875) – शिशिर कुमार घोष | बंगाल 🔟 आर्य समाज (1875) – स्वामी दयानंद सरस्वती | मुंबई (बाद में पंजाब में सक्रिय) 1️⃣1️⃣ थियोसोफिकल सोसाइटी (1875) – हेलेना ब्लावाट्स्की, हेनरी ओल्कॉट (बाद में एनी बेसेंट ने भारत में प्रचार किया) | चेन्नई 1️⃣2️⃣ इंडियन एसोसिएशन (1876) – सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, आनंद मोहन बोस | कोलकाता 1️⃣3️⃣ इंडियन नेशनल कॉन्फ्रेंस (1883) – सुरेन्द्रनाथ बनर्जी | कोलकाता 1️⃣4️⃣ डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी (1884) – बाल गंगाधर तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, महादेव गोविंद रानाडे एवं अन्य | पुणे
📌 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) का गठन – 1885संस्थापक: एलन ऑक्टेवियन ह्यूम स्थान: मुंबई उद्देश्य: भारतीयों को राजनीतिक रूप से एकजुट करना, प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी और संवैधानिक सुधार। 🔹 भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन के बाद के संगठन (1885 के बाद) 1️⃣5️⃣ सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी (1905) – गोपाल कृष्ण गोखले | पुणे 1️⃣6️⃣ मुस्लिम लीग (1906) – नवाब सलीमुल्लाह, आगा खान एवं अन्य | ढाका 1️⃣7️⃣ ग़दर पार्टी (1913) – लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना एवं अन्य | सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका 1️⃣8️⃣ होम रूल लीग (1916) – बाल गंगाधर तिलक एवं एनी बेसेंट | पुणे एवं मद्रास 1️⃣9️⃣ अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) (1920) – लाला लाजपत राय | मुंबई 2️⃣0️⃣ असहयोग आंदोलन (1920) – महात्मा गांधी (INC के नेतृत्व में) | अखिल भारत 2️⃣1️⃣ हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) (1924) – सचिंद्र नाथ सान्याल, राम प्रसाद बिस्मिल, जोगेश चंद्र चटर्जी एवं अन्य | कानपुर 2️⃣2️⃣ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) (1925) – केशव बलिराम हेडगेवार | नागपुर 2️⃣3️⃣ हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) (1928) – भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद एवं अन्य | दिल्ली 2️⃣4️⃣ साइमन कमीशन विरोध आंदोलन (1928) – INC एवं अन्य राष्ट्रवादी नेताओं के नेतृत्व में | अखिल भारत 2️⃣5️⃣ सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) – महात्मा गांधी (INC के नेतृत्व में) | अखिल भारत 2️⃣6️⃣ खुदाई खिदमतगार (1930) – खान अब्दुल गफ्फार खान | उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) 2️⃣7️⃣ अखिल भारतीय किसान सभा (1936) – स्वामी सहजानंद सरस्वती | लखनऊ 2️⃣8️⃣ फॉरवर्ड ब्लॉक (1939) – सुभाष चंद्र बोस | कोलकाता 2️⃣9️⃣ भारत छोड़ो आंदोलन (1942) – महात्मा गांधी (INC के नेतृत्व में) | अखिल भारत 3️⃣0️⃣ आजाद हिंद फौज (INA) (1942) – रास बिहारी बोस (संस्थापक), सुभाष चंद्र बोस (बाद में नेतृत्व किया) | सिंगापुर
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❇️ *indian Constitution All Parts* ❇️
*भाग 1* ➺ संघ और उसके क्षेत्र (अनुच्छेद 1-4)
*भाग 2* ➺ नागरिकता (अनुच्छेद 5-11)
*भाग 3* ➺ मूलभूत अधिकार (अनुच्छेद 12 - 35)
*भाग 4* ➺ राज्य के नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36 - 51)
*भाग 4 ( A )* ➺ मूल कर्तव्य (अनुच्छेद 51A )
*भाग 5* ➺ संघ (अनुच्छेद 52-151)
*भाग 6* ➺ राज्य (अनुच्छेद 152 -237)
*भाग 7* ➺ संविधान (सातवाँ संशोधन) अधिनियम, 1956 द्वारा निर्मित
*भाग 8* ➺ संघ राज्य क्षेत्र (अनुच्छेद 239-242)
*भाग 9* ➺ पंचायत (अनुच्छेद 243- 243 O)
*भाग 9 (A )* ➺ नगरपालिका (अनुच्छेद 243 P - 243ZG)
*भाग 10* ➺ अनुसूचित और जनजाति क्षेत्र (अनुच्छेद 244 - 244A)
*भाग 11* ➺ संघ और राज्यों के बीच संबंध (अनुच्छेद 245 - 263)
*भाग 12* ➺ वित्त, संपत्ति, संविदाएं और वाद (अनुच्छेद 264 - 300A)
*भाग 13* ➺ भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम (अनुच्छेद 301 - 307)
*भाग 14* ➺ संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं (अनुच्छेद 308 -323)
*भाग 14 A* ➺ अधिकरण (अनुच्छेद 323A - 323B)
*भाग 15* ➺ निर्वाचन (अनुच्छेद 324 -329 A)
*भाग 16* ➺ कुछ वर्गों के लिए विशेष उपबंध संबंध (अनुच्छेद 330- 342)
*भाग 17* ➺ राजभाषा (अनुच्छेद 343- 351)
*भाग 18* ➺ आपात उपबंध (अनुच्छेद 352 - 360)
*भाग 19* ➺ प्रकीर्ण (अनुच्छेद 361 -367)
*भाग 20* ➺ संविधान के संशोधन अनुच्छेद
*भाग 21* ➺ अस्थायी संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध (अनुच्छेद 369 - 392)
*भाग 22* ➺ संक्षिप्त नाम, प्रारंभ, हिन्दी में प्राधिकृत पाठ और निरसन (अनुच्छेद 393 - 395)
https://t.me/onlyupscprilims
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रामसर स्थल
भारत एशिया में सबसे अधिक रामसर स्थलों वाला देश है और यूनाइटेड किंगडम (176) तथा मैक्सिको (144) के बाद दुनिया में तीसरा सबसे अधिक है।
नए स्थल हैं -
1. सक्करकोट्टई पक्षी अभयारण्य - तमिलनाडु
2. थेर्थंगल पक्षी अभयारण्य - तमिलनाडु
3. खेचोपलरी वेटलैंड - सिक्किम
4. उधवा झील - झारखंड
✳️ तमिलनाडु में अब 20 रामसर स्थल हैं और यह भारत में सबसे अधिक रामसर स्थलों वाला राज्य है, जिसके बाद 10 स्थलों के साथ उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है।
रामसर स्थलों और उनके संरक्षण के बारे में
✳️ रामसर स्थल वे वेटलैंड हैं जिन्हें अंतर्राष्ट्रीय महत्व का माना जाता है।
✳️ वे रामसर सूची में सूचीबद्ध हैं, जो संरक्षित क्षेत्रों का दुनिया का सबसे बड़ा नेटवर्क है।
✳️ रामसर कन्वेंशन, जिसे अंतर्राष्ट्रीय महत्व के वेटलैंड्स पर कन्वेंशन के रूप में भी जाना जाता है, वेटलैंड्स के संरक्षण और बुद्धिमानी से उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक अंतर-सरकारी समझौता है।
✳️ यह एकल पारिस्थितिकी तंत्र पर ध्यान केंद्रित करने वाली एकमात्र वैश्विक संधि है।
✳️ कन्वेंशन को 2 फरवरी, 1971 को ईरानी शहर रामसर में अपनाया गया था और 1975 में लागू हुआ। यह कन्वेंशन भारत में 1982 में लागू हुआ।
✳️ हर साल 2 फरवरी को विश्व वेटलैंड्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।
✳️ इसका सचिवालय स्विटजरलैंड के ग्लैंड में स्थित है।
भारत में रामसर स्थल
✳️ सबसे पहले चिल्का झील (उड़ीसा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) को 1981 में नामित किया गया था।
✳️ सबसे बड़ा रामसर स्थल: सुंदरबन (पश्चिम बंगाल) को सबसे बड़ा रामसर स्थल होने का गौरव प्राप्त है, जो 4230 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है।
✳️ सबसे छोटा रामसर स्थल: रेणुका वेटलैंड - हिमाचल प्रदेश - (0.2 वर्ग किलोमीटर)
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*➡️ RBI (Reserve Bank of India):–*
◾️इसकी स्थापना RBI Act,1934 के तहत 1 अप्रैल 1935 को की गई
◾️इसे ’हिल्टन यंग कमीशन(रॉयल कमीशन)’ की सिफारिश पर स्थापित किया गया है।
◾️1 जनवरी 1949 को इसका राष्ट्रीयकरण किया गया।
◾️संरचना– एक ’पूर्णकालिक गवर्नर’ और अधिकतम चार डिप्टी गवर्नर(चार साल हेतु)।
◾️कार्य
▪️नोट जारी करना।
▪️भारत सरकार का बैंक।
▪️बैंकों का बैंक के रूप में कार्य करना।
▪️क्रेडिट का नियंत्रक।
▪️विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षक के रूप में।
◾️मुख्यालय–प्रारम्भ में इसका HQ ’कोलकाता’ में था परन्तु 1937 में इसे मुम्बई स्थानांतरित कर दिया।
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*➡️केन्द्र राज्य संबंध से संबंधित आयोग/समितियाँ👇👇*
• प्रशासनिक सुधार आयोगः (शीतलवाड़ समिति) -1966-1969
• राजमन्नार समिति - 1996-71
• आनंदपुर साहिब प्रस्ताव -1973 में
• सरकारिया आयोग - 1983-88
• पुंछी आयोग - 2007-10
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*भारत की प्रथम स्वतंत्र अस्थायी सरकार (1915) 🇮🇳🔥*
👉 स्थापना: 1915
👉 स्थान: काबुल, अफगानिस्तान
👉 राष्ट्रपति: राजा महेंद्र प्रताप सिंह
👉 प्रधानमंत्री: मौलवी बरकतुल्ला
🔥 क्रांतिकारी कदम का ऐतिहासिक महत्व
ब्रिटिश शासन के विरुद्ध भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन दिलाने के उद्देश्य से राजा महेंद्र प्रताप और बरकतुल्ला ने अफगानिस्तान में भारत की प्रथम स्वतंत्र अस्थायी सरकार की स्थापना की। यह सरकार ब्रिटिश भारत से अलग, स्वतंत्र भारतीय राष्ट्र के विचार को सशक्त करने के लिए बनाई गई थी।
🎯 उद्देश्य:
✅ ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना
✅ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना
✅ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को संगठित करना
✊ महत्वपूर्ण तथ्य:
🔹 यह सरकार अफगानिस्तान के तत्कालीन शासक अमीर हबीबुल्लाह खान के समर्थन से स्थापित हुई थी।
🔹 इस सरकार ने जर्मनी, तुर्की और रूस जैसे देशों से समर्थन लेने का प्रयास किया।
🔹 यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अनोखा और महत्वपूर्ण प्रयास था, जिसने बाद में आज़ादी की लड़ाई को और मजबूती दी।
🇮🇳 इस ऐतिहासिक पहल को याद रखें, क्योंकि यही हमारे स्वतंत्रता संग्राम की नींव थी! 🔥💪
📌 ऐसी और ऐतिहासिक जानकारियों के लिए जुड़े रहें!
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*❣ Team - I.A.S. Point 🇮🇳❣*
*Best way of learning 😇*
*भारत की प्रथम स्वतंत्र अस्थायी सरकार (1915) 🇮🇳🔥*
👉 स्थापना: 1915
👉 स्थान: काबुल, अफगानिस्तान
👉 राष्ट्रपति: राजा महेंद्र प्रताप सिंह
👉 प्रधानमंत्री: मौलवी बरकतुल्ला
🔥 क्रांतिकारी कदम का ऐतिहासिक महत्व
ब्रिटिश शासन के विरुद्ध भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन दिलाने के उद्देश्य से राजा महेंद्र प्रताप और बरकतुल्ला ने अफगानिस्तान में भारत की प्रथम स्वतंत्र अस्थायी सरकार की स्थापना की। यह सरकार ब्रिटिश भारत से अलग, स्वतंत्र भारतीय राष्ट्र के विचार को सशक्त करने के लिए बनाई गई थी।
🎯 उद्देश्य:
✅ ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकना
✅ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाना
✅ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को संगठित करना
✊ महत्वपूर्ण तथ्य:
🔹 यह सरकार अफगानिस्तान के तत्कालीन शासक अमीर हबीबुल्लाह खान के समर्थन से स्थापित हुई थी।
🔹 इस सरकार ने जर्मनी, तुर्की और रूस जैसे देशों से समर्थन लेने का प्रयास किया।
🔹 यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक अनोखा और महत्वपूर्ण प्रयास था, जिसने बाद में आज़ादी की लड़ाई को और मजबूती दी।
🇮🇳 इस ऐतिहासिक पहल को याद रखें, क्योंकि यही हमारे स्वतंत्रता संग्राम की नींव थी! 🔥💪
