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25 Sep 2026 PIB Updates   English @upsc_pib_news       Hindi @pib4upschindi #pdf  #UPSC  #GS  #CA #pib #notes ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Share & Support Us https://whatsapp.com/channel/0029VaGeBAB3wtbAVn6GBJ3F

​🔆 मैक्रो-अर्थव्यवस्था, बुनियादी ढांचा और स्वच्छ गतिशीलता ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: MoSPI / भारी उद्योग मंत्रालय ✅ पहल: PAIMANA पोर्टल / ICAT कृषि मशीनरी परीक्षण सुविधा ✅ स्थान: पूरे भारत / मानेसर ✅ उद्देश्य: उच्च मूल्य वाले राष्ट्रीय पूंजीगत व्यय की डिजिटल निगरानी करना और भारत के स्वच्छ गतिशीलता और मशीनीकृत कृषि में परिवर्तन को गति देना। ✅ संक्षेप में: MoSPI ने केंद्रीय बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट जारी की, जबकि ICAT ने प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना और एक नई कृषि परीक्षण सुविधा पर चर्चा के साथ अपनी 20वीं वर्षगांठ मनाई। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 PAIMANA पोर्टल का डेटा: MoSPI का पोर्टल वर्तमान में 1,731 केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (150 करोड़ रुपये और उससे अधिक मूल्य की) की निगरानी कर रहा है, जिसका कुल संशोधित लागत 33.60 लाख करोड़ रुपये है। 🔹 क्षेत्रीय प्रभुत्व: परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र राष्ट्रीय पूंजीगत व्यय में पूरी तरह से हावी है, जो कुल परियोजना लागत का 48% है (सड़क, रेलवे और विमानन को बढ़ावा देना), इसके बाद ऊर्जा क्षेत्र 32% है। 🔹 ICAT का विस्तार: अंतर्राष्ट्रीय सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (ICAT) ने इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए नए प्रस्तावित प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना पर एक रणनीतिक उद्योग संवाद का आयोजन किया। इसने भारत की पहली स्वदेशी कृषि मशीनरी परीक्षण सुविधा का भी उद्घाटन किया, जो ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी और कृषि मशीनीकरण के बीच की खाई को पाटती है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना: यह प्रमुख पहल भारत को स्वच्छ, टिकाऊ और आत्मनिर्भर इलेक्ट्रिक गतिशीलता की ओर ले जाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो पिछली ईवी सब्सिडी योजनाओं का उत्तराधिकारी है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तेजी से पूंजीगत व्यय पर बहुत अधिक निर्भर करती है। ✅ PAIMANA के माध्यम से 33.60 लाख करोड़ रुपये मूल्य की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की डिजिटल निगरानी करके और साथ ही ईवी और कृषि मशीनरी के लिए अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं का निर्माण करके (ICAT), सरकार यह सुनिश्चित करती है कि भारी बुनियादी ढांचा और स्वच्छ गतिशीलता दोनों कुशलतापूर्वक और नौकरशाही देरी के बिना विकसित हों। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए ध्यान दें 🔹 पोर्टल: PAIMANA पोर्टल (केंद्रीय क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी करता है)। 🔹 डेटा: परिवहन (48%) और ऊर्जा (32%) केंद्रीय बुनियादी ढांचा व्यय में सबसे आगे हैं। 🔹 संस्था: ICAT (अंतर्राष्ट्रीय सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #Economy #Infrastructure #ElectricVehicles #MakeInIndia #MoSPI #MHI #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रशासन और गहरे अंतरिक्ष खगोल भौतिकी ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय / विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ✅ परियोजना: आरोग्य मंथन 2026 / ब्लैक होल जेट अध्ययन ✅ स्थान: नई दिल्ली / अंतरिक्ष अनुसंधान ✅ उद्देश्य: एबी-पीएमजेएवाई की संरचनात्मक सफलताओं का जश्न मनाना और आकाशगंगा के विकास को आकार देने वाले तंत्रों को उजागर करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: स्वास्थ्य मंत्री ने आरोग्य मंथन 2026 का उद्घाटन किया, जबकि भारतीय वैज्ञानिकों ने बताया कि कैसे ब्लैक होल जेट "परि-आकाशगंगा माध्यम" (सीजीएम) को आकार देते हैं। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 आरोग्य मंथन 2026: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी-पीएमजेएवाई) की परिचालन उपलब्धियों को मनाने के लिए इसका उद्घाटन किया गया, जो कमजोर आबादी को विनाशकारी स्वास्थ्य व्यय से बचाने के लिए जारी है। 🔹 खगोल भौतिकी में सफलता: भारतीय शोधकर्ताओं ने विस्तार से बताया कि कैसे सुपरमैसिव ब्लैक होल से निकलने वाले शक्तिशाली जेट "शक्तिशाली प्रहार" के रूप में कार्य करते हैं, जो आकाशगंगाओं के भाग्य को आकार देते हैं। 🔹 सीजीएम का संबंध: ये जेट "परि-आकाशगंगा माध्यम" (सीजीएम) के साथ गहनता से संपर्क करते हैं - एक धुंधला, भूतिया गैस का आवरण जो एक आकाशगंगा के आकार से 10-20 गुना बड़ा होता है। चूंकि सीजीएम तारों के निर्माण के लिए सीधे ईंधन प्रदान करता है, इसलिए ये ब्लैक होल जेट उनकी मेजबान आकाशगंगाओं की स्टार-निर्माण क्षमता और विकासवादी जीवनकाल को मौलिक रूप से निर्धारित करते हैं। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ परि-आकाशगंगा माध्यम (सीजीएम): यह गैस और प्लाज्मा का विशाल प्रभामंडल है जो एक आकाशगंगा को घेरता है, जो आकाशगंगा और अंतर-आकाशगंगा माध्यम के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है; यह तारों के जन्म के लिए आवश्यक नई गैस के प्रवाह को नियंत्रित करता है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ सार्वजनिक स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (आरोग्य मंथन) या आकाशगंगाओं के ब्रह्मांडीय विकास (सीजीएम अनुसंधान) में मूलभूत शक्तियों को समझना, विकास को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक स्थिरता निर्धारित करने वाले जटिल अंतःक्रियाओं को समझने की आवश्यकता होती है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 कार्यक्रम: आरोग्य मंथन 2026 (एबी-पीएमजेएवाई और एबीडीएम का जश्न)। 🔹 वैज्ञानिक अवधारणा: परि-आकाशगंगा माध्यम (सीजीएम - तारों के निर्माण को बढ़ावा देने वाला गैसीय भंडार); सुपरमैसिव ब्लैक होल जेट। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Health #ScienceAndTech #Astrophysics #Governance #MoHFW #MoST #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 जैव विविधता, जल सुरक्षा और डिजिटल शासन ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय / जल शक्ति मंत्रालय / संचार मंत्रालय ✅ पहल: एमईई-टीआर 2026 मैनुअल / 9वां भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह / डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म ✅ स्थान: नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: शीर्ष शिकारी संरक्षण का कठोरता से मूल्यांकन करना, जलवायु-प्रतिरोधी जल प्रबंधन को संस्थागत बनाना और दूरसंचार उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना। ✅ संक्षिप्त विवरण: पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एमईई-टीआर 2026 के लिए तकनीकी मैनुअल जारी किया, जल शक्ति मंत्रालय ने 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह का समापन किया, और ट्राई ने एक व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 एमईई-टीआर 2026 मैनुअल: पर्यावरण मंत्रालय ने टाइगर रिजर्व के प्रबंधन प्रभाव मूल्यांकन (एमईई-टीआर) के लिए तकनीकी मैनुअल लॉन्च किया। यह आईयूसीएन ढांचे पर आधारित है, और यह छह महत्वपूर्ण तत्वों में 58 टाइगर रिजर्व का मूल्यांकन करता है: संदर्भ, योजना, इनपुट, प्रक्रियाएं, परिणाम और प्रभाव। 🔹 9वां आईआईडब्ल्यूडब्ल्यू का समापन: 9वें भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह का औपचारिक रूप से समापन हुआ, जिसमें वैश्विक नीति सहमति को सफलतापूर्वक वैश्विक दक्षिण के लिए संरचनात्मक रूप से जलवायु-प्रतिरोधी जल बुनियादी ढांचे के निर्माण की ओर स्थानांतरित किया गया। 🔹 ट्राई रेटिंग प्लेटफॉर्म: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। यह उपभोक्ताओं को विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी की गुणवत्ता का पारदर्शी रूप से मूल्यांकन और रेटिंग करने की अनुमति देता है, और दूरसंचार ऑपरेटरों को जवाबदेह ठहराने के लिए डेटा एकत्र करता है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ एमईई ढांचा: प्रबंधन प्रभाव मूल्यांकन एक वैश्विक स्तर पर स्वीकृत ऑडिटिंग उपकरण है जिसका उपयोग संयुक्त राष्ट्र और आईयूसीएन द्वारा संरक्षित क्षेत्रों के प्रबंधन का व्यवस्थित रूप से मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है ताकि उनके घोषित संरक्षण उद्देश्यों को प्राप्त किया जा सके। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ संप्रभु शासन के लिए सख्त, डेटा-समर्थित मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। ✅ चाहे टाइगर रिजर्व (एमईई-टीआर) की पारिस्थितिक प्रभावशीलता का ऑडिट किया जा रहा हो या दूरसंचार सेवा की गुणवत्ता (ट्राई रेटिंग प्लेटफॉर्म) का क्राउडसोर्सिंग किया जा रहा हो, जवाबदेही और नीतिगत सुधार के लिए पारदर्शी मूल्यांकन ढांचे स्थापित करना आवश्यक है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 ढांचा: एमईई-टीआर 2026 (टाइगर रिजर्व के लिए प्रबंधन प्रभाव मूल्यांकन; आईयूसीएन ढांचे पर आधारित)। 🔹 प्लेटफॉर्म: डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग प्लेटफॉर्म (ट्राई द्वारा लॉन्च किया गया)। 🔹 कार्यक्रम: 9वां भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (केंद्र बिंदु: जलवायु-प्रतिरोधी जल)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Environment #Biodiversity #WaterManagement #eGovernance #MoEFCC #MoJS #TRAI #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था, व्यापार कूटनीति और कृषि निर्यात ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: गृह मंत्रालय / वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ✅ पहल: 4वां यूपी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो / जीआई-टैग किए गए तुअर दाल का निर्यात ✅ स्थान: ग्रेटर नोएडा / कर्नाटक ✅ उद्देश्य: क्षेत्रीय विनिर्माण क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को सीधे अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत करना। ✅ एक पंक्ति में: गृह मंत्री ने ग्रेटर नोएडा में 4वें यूपी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो का उद्घाटन किया, जबकि एपीईडीए ने मालदीव को जीआई-टैग किए गए गुलबर्गा तुअर दाल का पहला निर्यात किया। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 4वां यूपीआईटीएस (ग्रेटर नोएडा): पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य में, इस व्यापार शो ने उत्तर प्रदेश के एक विशाल विनिर्माण केंद्र में रूपांतरण को उजागर किया (जिसमें चिकित्सा उपकरण पार्क और रक्षा गलियारा शामिल हैं)। 🔹 ओडीओसी लॉन्च: गृह मंत्री ने 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) वेबसाइट लॉन्च की ताकि वाराणसी की तिरंगा बर्फी और मथुरा की पेड़ा जैसे क्षेत्रीय व्यंजनों की वैश्विक स्तर पर मार्केटिंग की जा सके। 🔹 जीआई-टैग किए गए निर्यात: एपीईडीए ने कर्नाटक से मालदीव को जीआई-टैग किए गए गुलबर्गा तुअर दाल की खेप को रवाना किया। इस निर्यात-संबंधित चैनल ने स्थानीय बिचौलियों को सफलतापूर्वक दरकिनार कर दिया, जिससे किसानों को मौजूदा घरेलू बाजार मूल्य 60 रुपये प्रति किलोग्राम की तुलना में 82 रुपये प्रति किलोग्राम का लाभ मिला। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ गुलबर्गा तुअर दाल: यह कर्नाटक के कालाबुरागी क्षेत्र से जुड़ी है (जो एक प्रमुख शुष्क भूमि दाल उत्पादन केंद्र है), और इसे 2019 में इसके विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए भौगोलिक संकेत (जीआई) पंजीकरण प्राप्त हुआ। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ वास्तविक जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण बिचौलियों को दरकिनार करता है। ✅ विशाल व्यापार मंचों (यूपीआईटीएस) का उपयोग करके स्थानीय व्यंजनों की मार्केटिंग करने और पड़ोसी देशों (मालदीव) को प्रीमियम जीआई-टैग किए गए दालों का सीधे निर्यात करके, राज्य संरचनात्मक रूप से एमएसएमई और कृषि आय को बढ़ावा देता है, साथ ही क्षेत्रीय 'सॉफ्ट पावर' को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए ध्यान दें 🔹 कार्यक्रम: 4वां यूपी अंतर्राष्ट्रीय व्यापार शो (ग्रेटर नोएडा)। 🔹 पहल: 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी)। 🔹 कृषि निर्यात: जीआई-टैग किए गए गुलबर्गा तुअर दाल (कर्नाटक से मालदीव)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Economy #Agriculture #Exports #MSME #MHA #MoCI #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

✨ Today's Hindi 25 sep 2026 PIB Current Affairs News https://t.me/PIB4UPSCHindi/558 ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Get Updates on WhatsApp :- Click Here Join Our Discussion  :- Click here 🌟 For UPSC Beginners :- Click here
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24 Sep 2026 PIB Updates   English @upsc_pib_news       Hindi @pib4upschindi #pdf  #UPSC  #GS  #CA #pib #notes ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Share & Support Us https://whatsapp.com/channel/0029VaGeBAB3wtbAVn6GBJ3F

​🔆 रक्षा क्षेत्र में उन्नत तकनीक और रणनीतिक समुद्री कूटनीति ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय ✅ परियोजना: टीडीएफ (TDF) उन्नत तकनीक परियोजना / एक्सरसाइज वारुना (24वां संस्करण) ✅ स्थान: नई दिल्ली / टूलॉन, फ्रांस ✅ उद्देश्य: महत्वपूर्ण क्वांटम बुनियादी ढांचे को स्वदेशी बनाना और फ्रांस के साथ संयुक्त नौसैनिक परिचालन क्षमता को प्रदर्शित करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: डीआरडीओ (DRDO) ने क्वांटम क्रायोजेनिक्स के क्षेत्र में अपनी पहली उच्च-मूल्य वाली उन्नत तकनीक स्टार्टअप समझौते पर हस्ताक्षर किए, जबकि आईएनएस (INS) त्रिशूल एक्सरसाइज वारुना के लिए फ्रांस पहुंचा। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 क्वांटम क्रायोजेनिक्स (टीडीएफ): प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीडीएफ) के तहत, डीआरडीओ ने स्टार्टअप ज़ीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किए ताकि स्वदेशी रूप से एक 20 mK डिल्यूशन रेफ्रिजरेटर विकसित किया जा सके। यह 500 करोड़ रुपये के उन्नत तकनीक कोष के तहत पहली उच्च-मूल्य वाली परियोजना है। 🔹 राष्ट्रीय क्वांटम मिशन: यह विकास एक आत्मनिर्भर क्वांटम-तैयार पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर के लिए भारत की आयातित क्रायोजेनिक बुनियादी ढांचे पर पूर्ण निर्भरता को समाप्त करता है। 🔹 एक्स वारुना 2026: भारतीय नौसेना का जहाज (आईएनएस) त्रिशूल, भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास के 24वें संस्करण के लिए टूलॉन, फ्रांस पहुंचा, जिससे भारतीय महासागर और भूमध्य सागर में रणनीतिक प्रभाव का विस्तार हो रहा है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ प्रौद्योगिकी विकास कोष (टीडीएफ): डीआरडीओ द्वारा 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कार्यान्वित, जो स्वदेशी अनुसंधान और विकास के लिए एमएसएमई (MSME) और स्टार्टअप को महत्वपूर्ण धन प्रदान करता है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ रणनीतिक संप्रभुता समुद्र की गहराई से लेकर क्वांटम कंप्यूटिंग तक फैली हुई है। ✅ क्वांटम हार्डवेयर (टीडीएफ) के लिए स्वदेशी उन्नत तकनीक स्टार्टअप को बढ़ावा देकर और साथ ही वैश्विक स्तर पर नौसैनिक शक्ति का प्रदर्शन करके (एक्स वारुना), भारत यह सुनिश्चित करता है कि उसकी सैन्य शक्ति अत्याधुनिक, आत्मनिर्भर तकनीक द्वारा समर्थित है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 परियोजना: स्वदेशी 20 mK डिल्यूशन रेफ्रिजरेटर (ज़ीरो एमके इंडिया प्राइवेट लिमिटेड)। 🔹 सैन्य अभ्यास: एक्स वारुना (24वां संस्करण, भारत-फ्रांस नौसैनिक अभ्यास)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Defence #ScienceAndTech #InternationalRelations #MakeInIndia #MoD #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 विज्ञान और प्रौद्योगिकी, चक्रीय अर्थव्यवस्था और जैव-विनिर्माण ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ✅ परियोजना: पीएलए-आधारित जैव-अपघटनीय प्लास्टिक का वाणिज्यिक लॉन्च ✅ स्थान: कुम्भी, उत्तर प्रदेश / नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: स्वदेशी जैव-आधारित विनिर्माण क्षमताओं का विकास करना और पेट्रोलियम-आधारित प्लास्टिक से दूर जाना। ✅ संक्षिप्त विवरण: सरकार ने महत्वाकांक्षी बायोई3 नीति के तहत, गन्ने से प्राप्त जैव-अपघटनीय प्लास्टिक (पीएलए) के वाणिज्यिक उपयोग को औपचारिक रूप से लॉन्च किया। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 पीएलए जैव-अपघटनीय प्लास्टिक: मंत्री ने पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए) और को-पॉलिमर के लिए वाणिज्यिक अनुसंधान और विकास चरण की शुरुआत की। बालरामपुर चीनी मिल्स द्वारा स्थापित पायलट सुविधा (100 टीपीए) को जैव प्रौद्योगिकी विभाग के तहत बीआईआरएसी द्वारा 75 करोड़ रुपये के अनुदान का समर्थन प्राप्त है। 🔹 बायोई3 नीति का क्रियान्वयन: यह परियोजना बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी) ढांचे के प्रत्यक्ष क्रियान्वयन का प्रतीक है, जो गन्ने के बायोमास को अगली पीढ़ी के टिकाऊ सामग्रियों में परिवर्तित करता है, और अनिवार्य रूप से "कचरे को संपत्ति" में बदलने का काम करता है। 🔹 जैव-अर्थव्यवस्था में वृद्धि: भारत की जैव-अर्थव्यवस्था ने तेजी से वृद्धि देखी है, जो 2014 में 10 बिलियन डॉलर से बढ़कर आज लगभग 195 बिलियन डॉलर हो गई है, जिसमें प्रयोगशाला अनुसंधान से वाणिज्यिक जैव-विनिर्माण की ओर भारी बदलाव आया है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ पॉलीलैक्टिक एसिड (पीएलए): एक नवीकरणीय, जैव-अपघटनीय और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य जैव-प्लास्टिक, जो कि किण्वित पौधे के स्टार्च (जैसे गन्ना या मक्का) से प्राप्त होता है, और यह पारंपरिक पेट्रोकेमिकल-आधारित प्लास्टिक का एक टिकाऊ विकल्प है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ एक टिकाऊ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था जहरीली पेट्रोकेमिकल आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भर नहीं हो सकती। ✅ बायोई3 नीति के माध्यम से स्वदेशी जैव-विनिर्माण (पीएलए प्लास्टिक) को वित्तीय सहायता प्रदान करके, राज्य कृषि उत्पादन (गन्ना) को उच्च मूल्य वाले उन्नत तकनीकी सामग्रियों में परिवर्तित करता है, जिससे एक चक्रीय और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 प्रौद्योगिकी: पीएलए (पॉलीलैक्टिक एसिड - पौधे-आधारित जैव-अपघटनीय प्लास्टिक)। 🔹 नीति: बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी)। 🔹 संस्था: बीआईआरएसी (जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #ScienceAndTech #Environment #CircularEconomy #MakeInIndia #BioE3 #MoST #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, मुक्त व्यापार समझौते और सांस्कृतिक कूटनीति ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय / संस्कृति मंत्रालय ✅ कार्यक्रम: 14वां ईएएस-ईएमएम / ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 ✅ स्थान: मनीला, फिलीपींस / नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: ब्रिक्स समूह में क्षेत्रीय व्यापार समझौतों को निष्पक्ष बनाना और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ावा देना। ✅ संक्षिप्त विवरण: भारत ने मनीला में एएसईएएन आर्थिक मंत्रियों की परामर्श बैठक में संतुलित एआईटीआईजीए की समीक्षा की वकालत की और नई दिल्ली में आगामी ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल की घोषणा की। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 एएसईएएन-भारत व्यापार समीक्षा: मनीला में 23वीं एएसईएएन-भारत आर्थिक मंत्रियों की परामर्श बैठक में, भारत ने मौजूदा व्यापार असंतुलन को दूर करने और घरेलू व्यवसायों के लिए बाजार पहुंच को आसान बनाने के लिए एएसईएएन-भारत वस्तुओं के व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की त्वरित और निष्पक्ष समीक्षा का जोरदार समर्थन किया। 🔹 द्विपक्षीय व्यापार डेटा: 2025-26 में भारत और एएसईएएन के बीच द्विपक्षीय व्यापार 128.38 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो भारत के कुल वैश्विक व्यापार का 10.5% से अधिक है। 🔹 ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026: संस्कृति मंत्रालय, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) के माध्यम से, भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के तहत नई दिल्ली में 12 से 14 अक्टूबर तक यह फेस्टिवल आयोजित करेगा। इस फेस्टिवल का विषय “साझा कहानियाँ, साझा भविष्य” है, और यह सीधे ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों द्वारा अपनाए गए भोपाल घोषणापत्र से प्रेरित है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस): यह 18 देशों (10 एएसईएएन राज्य + 8 संवाद भागीदार, जिनमें भारत शामिल हैं) का एक प्रमुख क्षेत्रीय मंच है। यहां होने वाली आर्थिक चर्चाएं इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की आपूर्ति श्रृंखला संरचना को काफी प्रभावित करती हैं। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ भू-राजनीतिक एकीकरण दो मार्गों पर संचालित होता है: आर्थिक और सांस्कृतिक। ✅ दक्षिण पूर्व एशिया में संतुलित व्यापार संरचनाओं (एआईटीआईजीए समीक्षा) के लिए सक्रिय रूप से बातचीत करते हुए, और साथ ही वैश्विक दक्षिण के साथ सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देते हुए (ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल), भारत अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित करता है और एक मजबूत सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 समझौता: एआईटीआईजीए (एएसईएएन-भारत वस्तुओं का व्यापार समझौता)। 🔹 डेटा: 2025-26 में भारत-एएसईएएन व्यापार 128.38 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 🔹 सांस्कृतिक कार्यक्रम: ब्रिक्स थिएटर फेस्टिवल 2026 (नई दिल्ली; यह भोपाल घोषणापत्र से प्रेरित है)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Economy #ForeignTrade #InternationalRelations #ASEAN #BRICS #MoCI #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 जल सुरक्षा, बुनियादी ढांचा और दक्षिण-दक्षिण सहयोग ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: जल शक्ति मंत्रालय ✅ पहल: 9वां भारत अंतर्राष्ट्रीय जल सप्ताह (IIWW) ✅ स्थान: भारत मंडपम, नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: घरेलू मेगा-परियोजनाओं के लिए वैश्विक इंजीनियरिंग विशेषज्ञता का उपयोग करना और भारत को वैश्विक दक्षिण में जल कूटनीति में एक नेता के रूप में स्थापित करना। ✅ एक पंक्ति में: भारत ने 'कलपसर परियोजना' के लिए नीदरलैंड के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए और 9वें IIWW 2026 के दौरान 'इंडो-अफ्रीका WASH गोलमेज सम्मेलन' की मेजबानी की। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 भारत-नीदरलैंड रणनीतिक साझेदारी: गुजरात में विशाल कलपसर परियोजना के लिए डच संस्थानों (डेल्टारेस और टीयू डेल्फ़्ट) के साथ दो महत्वपूर्ण त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। नीदरलैंड अपनी एक सदी पुरानी तटीय बुनियादी ढांचा इंजीनियरिंग विशेषज्ञता साझा करेगा। 🔹 कलपसर परियोजना: इसका उद्देश्य साबरमती, माही और धाधार नदियों से बहने वाले पानी और नर्मदा के पानी के संयोजन से खम्भात की खाड़ी में एक विशाल मीठे पानी का जलाशय बनाना है, जिससे गुजरात की क्षेत्रीय जल सुरक्षा में क्रांति आएगी। 🔹 इंडो-अफ्रीका WASH गोलमेज सम्मेलन: IIWW के दौरान आयोजित इस गोलमेज सम्मेलन में 22 अफ्रीकी देशों को भारत के सफल डिजिटल जल प्रबंधन, सामुदायिक-आधारित स्वच्छता (SBM-G) और जलवायु-प्रतिरोधी बुनियादी ढांचे (जल जीवन मिशन) के मॉडल साझा किए गए, ताकि सामूहिक रूप से एसडीजी 6 को प्राप्त किया जा सके। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ जल जीवन मिशन का प्रभाव: ग्रामीण भारत में नल से पानी की पहुंच 2019 में 3.24 करोड़ घरों से बढ़कर आज 15.94 करोड़ घरों तक पहुंच गई है, जो विकासशील अफ्रीकी देशों के लिए एक सफल और व्यावहारिक मॉडल है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ जल सुरक्षा आर्थिक लचीलापन का आधार है। ✅ भारत, एक तरफ नीदरलैंड के साथ मेगा-बांधों (कलपसर) के लिए उन्नत तटीय इंजीनियरिंग का आयात कर रहा है, और दूसरी तरफ, इंडो-अफ्रीका गोलमेज सम्मेलन के माध्यम से, अपने सफल ग्रामीण स्वच्छता मॉडल को वैश्विक दक्षिण में निर्यात कर रहा है, जिससे यह तकनीकी अवशोषण और कूटनीतिक प्रभाव दोनों में संतुलन बनाए रखता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 बुनियादी ढांचा: कलपसर परियोजना (खम्भात की खाड़ी, गुजरात; मीठे पानी का जलाशय)। 🔹 वैश्विक भागीदार: नीदरलैंड (डेल्टारेस और टीयू डेल्फ़्ट)। 🔹 कार्यक्रम: इंडो-अफ्रीका WASH गोलमेज सम्मेलन (9वें IIWW, नई दिल्ली में)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Environment #Infrastructure #InternationalRelations #WaterManagement #MoJS #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 वैश्विक स्वास्थ्य कूटनीति और घरेलू खाद्य मानक ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय / एफएसएसएआई ✅ कार्यक्रम: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के उप-कार्यक्रम / खाद्य सुरक्षा संशोधन का मसौदा 2026 ✅ स्थान: न्यूयॉर्क, यूएसए / नई दिल्ली ✅ उद्देश्य: भारत के सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) मॉडल को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना और घरेलू स्तर पर भ्रामक खाद्य विपणन को सख्ती से रोकना। ✅ संक्षिप्त विवरण: भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में हेपेटाइटिस और सिकल सेल रोग को खत्म करने के अपने लक्ष्यों को उजागर किया, जबकि एफएसएसएआई ने गैर-डेयरी उत्पादों को 'पनीर' के रूप में लेबल करने पर प्रतिबंध लगाने की पहल की। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्वास्थ्य कूटनीति: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) की बैठक में, भारत ने अपने डिजिटल स्वास्थ्य परिवर्तन को प्रदर्शित किया, जिसमें 90 करोड़ से अधिक अद्वितीय स्वास्थ्य पहचान और 1.8 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सफलता पर प्रकाश डाला गया। 🔹 रोग उन्मूलन लक्ष्य: भारत ने हेपेटाइटिस (बी और सी) को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरे के रूप में 2030 तक समाप्त करने और सिकल सेल एनीमिया को 2047 तक पूरी तरह से खत्म करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत ने सिकल सेल देखभाल को बदलने के लिए वनएससीडी वैश्विक साझेदारी के शुभारंभ का भी सह-आयोजन किया। 🔹 एफएसएसएआई 'पनीर' संशोधन: उपभोक्ताओं को गुमराह करने से रोकने के लिए, एफएसएसएआई ने बिक्री पर प्रतिबंध और नियम में एक संशोधन प्रस्तावित किया। यह सख्ती से अनिवार्य करता है कि एनालॉग उत्पाद (गैर-दूध घटकों से बने) अब अपने नामकरण या विपणन में "पनीर" शब्द का उपयोग नहीं कर सकते हैं। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ एनालॉग डेयरी उत्पाद: ये ऐसे विकल्प हैं जिन्हें डेयरी उत्पादों के स्वाद और बनावट की नकल करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनमें सस्ते वनस्पति तेल और गैर-डेयरी प्रोटीन का उपयोग किया जाता है, और अक्सर उपभोक्ताओं को यह विश्वास दिलाते हैं कि वे वास्तविक दूध से बने उत्पादों को खरीद रहे हैं। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए वैश्विक समन्वय और सख्त घरेलू विनियमन दोनों की आवश्यकता होती है। ✅ संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने डिजिटल यूएचसी मॉडल को प्रस्तुत करके और साथ ही खाद्य सुरक्षा परिभाषाओं को सख्त करके (पनीर बनाम एनालॉग) आहार में मिलावट से निपटने के लिए, राज्य अपने नागरिकों के लिए समग्र स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 उन्मूलन लक्ष्य: हेपेटाइटिस (2030); सिकल सेल एनीमिया (2047)। 🔹 वैश्विक पहल: वनएससीडी (सिकल सेल रोग के लिए वैश्विक साझेदारी, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा में लॉन्च किया गया)। 🔹 नियामक निकाय: एफएसएसएआई (एनालॉग 'पनीर' पर प्रतिबंध लगाने के लिए मसौदा संशोधन)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #Health #InternationalRelations #FoodSecurity #Governance #MoHFW #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

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23 Sep 2026 PIB Updates   English @upsc_pib_news       Hindi @pib4upschindi #pdf  #UPSC  #GS  #CA #pib #notes ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ Share & Support Us https://whatsapp.com/channel/0029VaGeBAB3wtbAVn6GBJ3F

​🔆 अर्थव्यवस्था, डेटा प्रशासन और घरेलू पर्यटन के रुझान ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ✅ पहल: घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण (DTES) 2025-26 ✅ स्थान: पूरे भारत में ✅ उद्देश्य: लक्षित आर्थिक नीति निर्माण के लिए घरेलू यात्रा के रुझानों और उपभोक्ता व्यय के पैटर्न का सांख्यिकीय रूप से विश्लेषण करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण जारी किया, जिसमें यह पता चला कि सामाजिक यात्राएं कुल यात्राओं में सबसे अधिक हैं, जबकि व्यावसायिक यात्राओं में उपभोक्ताओं द्वारा सबसे अधिक खर्च किया जाता है। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 यात्रा का उद्देश्य: पिछले 365 दिनों में, 'तीर्थयात्रा और धार्मिक' उद्देश्यों के लिए यात्राओं का सबसे अधिक अनुपात (48%) रहा। हालांकि, पिछले 30 दिनों में की गई यात्राओं में, 'सामाजिक' यात्राएं सबसे अधिक थीं (89%)। 🔹 व्यय के आंकड़े: जहां धार्मिक यात्राओं से यात्राओं की संख्या अधिक होती है, वहीं व्यावसायिक यात्राओं में परिवारों द्वारा प्रति यात्रा सबसे अधिक औसत व्यय (₹5,949) दर्ज किया गया। 🔹 प्रमुख गंतव्य: अंतर-राज्य और अंतर-राज्य यात्राओं को मिलाकर, उत्तर प्रदेश सबसे प्रमुख गंतव्य राज्य के रूप में उभरा (कुल पर्यटक यात्राओं का 15.5%), इसके बाद बिहार (10.5%) और तमिलनाडु (9.6%) रहे। मई और अक्टूबर को यात्रा के चरम महीने दर्ज किए गए। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ DTES 2025-26: NSS के 80वें दौर के हिस्से के रूप में आयोजित, यह सर्वेक्षण रातोंरात और उसी दिन की घरेलू यात्रा के व्यवहार के बारे में विस्तृत, डेटा-संचालित जानकारी प्रदान करता है, जो पर्यटन क्षेत्र के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में योगदान के लिए एक आधारभूत डेटासेट के रूप में कार्य करता है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ डेटा-संचालित नीति निर्माण के लिए मजबूत क्षेत्र-विशिष्ट आंकड़ों की आवश्यकता होती है। ✅ घरेलू यात्रा व्यय (DTES) को गणितीय रूप से मापने से, राज्य रणनीतिक रूप से अपने बुनियादी ढांचागत निवेश को उच्च-उत्पादक क्षेत्रों की ओर लक्षित कर सकता है - विशेष रूप से तीर्थ यात्रा मार्गों (उच्च मात्रा) और व्यावसायिक केंद्रों (उच्च राजस्व) को उन्नत करना। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 डेटा: 'तीर्थयात्रा और धार्मिक' यात्रा का उद्देश्य सबसे प्रमुख है (48%); व्यावसायिक यात्राओं में सबसे अधिक व्यय होता है। 🔹 प्रमुख गंतव्य: उत्तर प्रदेश (पर्यटक यात्राओं का 15.5% हिस्सा)। 🔹 रिपोर्ट स्रोत: MoSPI के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS3 #Economy #Tourism #DataGovernance #MoSPI #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 रक्षा कूटनीति और समुद्री सुरक्षा ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय ✅ कार्यक्रम: एक्सरसाइज स्लिनेक्स-26 (13वां संस्करण) ✅ स्थान: विशाखापत्तनम ✅ उद्देश्य: भारतीय और श्रीलंकाई नौसेनाओं के बीच परिचालन क्षमता और रणनीतिक समन्वय को बढ़ाना। ✅ संक्षेप में: भारत-श्रीलंका द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास स्लिनेक्स-26 का 13वां संस्करण विशाखापत्तनम में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिससे 'महासागर' (MAHASAGAR) की दृष्टि को आगे बढ़ाया गया। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 एक्स स्लिनेक्स-26: द्विपक्षीय अभ्यास का समुद्री चरण जटिल समन्वित समुद्री युद्धाभ्यास, क्रॉस-डेक उड़ान संचालन और विशेष बलों के अभ्यासों, जिनमें 'विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर' (VBSS) और स्लिथरिंग ऑपरेशन शामिल हैं, से भरा रहा। 🔹 रणनीतिक संरेखण: यह अभ्यास सीधे भारत की 'पड़ोसी पहले' (Neighbourhood First) नीति को मजबूत करता है और क्षेत्रीय समुद्री क्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए 'महासागर' (MAHASAGAR) ढांचे में सक्रिय रूप से योगदान देता है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ महासागर (MAHASAGAR): इसका अर्थ है 'क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए आपसी और समग्र उन्नति,' जो भारतीय नौसेना की प्रमुख रणनीतिक कूटनीतिक पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय महासागर क्षेत्र (IOR) को स्वतंत्र और खुला बनाए रखना है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ क्षेत्रीय निवारण के लिए तत्काल पड़ोसी देशों के साथ निर्बाध सामरिक अंतर-क्षमता की आवश्यकता होती है। ✅ महत्वपूर्ण समुद्री क्षेत्रों में उन्नत नौसैनिक अभ्यासों (स्लिनेक्स) का आयोजन करके, भारत अपने रणनीतिक परिधि को मजबूत करता है और आईओआर में नेट सुरक्षा प्रदाता के रूप में अपनी निर्विवाद भूमिका को पुष्ट करता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 सैन्य अभ्यास: एक्स स्लिनेक्स-26 (भारत और श्रीलंका, विशाखापत्तनम)। 🔹 संक्षिप्त नाम: महासागर (भारतीय नौसेना का क्षेत्रीय कूटनीतिक ढांचा)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Defence #MaritimeSecurity #InternationalRelations #IndianNavy #MoD #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 निवारक स्वास्थ्य देखभाल, पारंपरिक चिकित्सा और कार्यस्थल कल्याण ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: आवास और शहरी विकास मंत्रालय / आयुष मंत्रालय ✅ कार्यक्रम: 11वां आयुर्वेद दिवस ✅ स्थान: नई दिल्ली / पटना ✅ उद्देश्य: आधुनिक कॉर्पोरेट गतिविधियों और सार्वजनिक खानपान में पारंपरिक निवारक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को शामिल करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: एमओएचयूए और आयुष मंत्रालय ने 11वें आयुर्वेद दिवस का आयोजन किया, जिसमें 'कार्यस्थल योग' और पारंपरिक बाजरा आधारित आहार को बढ़ावा दिया गया ताकि आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से निपटा जा सके। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 11वां आयुर्वेद दिवस: यह कार्यक्रम मुख्य विषय "एक स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद" के तहत मनाया गया, जिसमें निवारक उपायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, समग्र स्वास्थ्य प्रणाली को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। 🔹 कार्यस्थल में एकीकरण: एमओएचयूए ने शहरी क्षेत्रों में डेस्क जॉब करने वालों के लिए दिनचर्या (दैनिक कल्याण) और ऋतुचर्या (मौसमी अनुकूलन) को एकीकृत करने पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यस्थल योग, मुद्रा सुधार और आंखों के लिए ब्रेक जैसे मॉड्यूल को दैनिक कार्यालय की गतिविधियों में शामिल किया जा रहा है ताकि स्वाभाविक रूप से जीवन शक्ति में सुधार हो सके। 🔹 पारंपरिक खाद्य प्रदर्शनी: इसी समय, पटना में क्षेत्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान (आरएआरआई) ने एक छोटी प्रदर्शनी का आयोजन किया, जिसमें विशेष रूप से बाजरा (श्री अन्न) और मौसमी पारंपरिक खाद्य पदार्थों के पोषण संबंधी महत्व को बढ़ावा दिया गया, ताकि आहार को व्यक्ति के प्रकृति (शारीरिक संविधान) के अनुसार निर्धारित किया जा सके। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ शहरी क्षेत्रों में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) की महामारी से निपटने के लिए संरचनात्मक जीवनशैली में बदलाव की आवश्यकता है। ✅ आयुर्वेदिक कल्याण मॉड्यूल को प्रशासनिक कार्यस्थलों में शामिल करके और सक्रिय रूप से स्वदेशी बाजरा आधारित आहार को बढ़ावा देकर, राज्य अपने पारंपरिक ज्ञान का उपयोग करके सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने का प्रयास कर रहा है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 कार्यक्रम का विषय: "एक स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद" (11वां आयुर्वेद दिवस)। 🔹 आयुर्वेदिक अवधारणाएं: दिनचर्या (दैनिक दिनचर्या); ऋतुचर्या (मौसमी नियम); प्रकृति (व्यक्तिगत शारीरिक संविधान)। 🔹 पोषण पर ध्यान: बाजरा (श्री अन्न)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #Health #AYUSH #Nutrition #Governance #MoHUA #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 सहकारी क्षेत्र, शहरी गतिशीलता और कृषि का डिजिटलीकरण ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: सहकारिता मंत्रालय ✅ परियोजना: 'भारत टैक्सी' का शुभारंभ / मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना ✅ स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश ✅ उद्देश्य: गिग अर्थव्यवस्था में प्लेटफ़ॉर्म एकाधिकार को खत्म करना और कृषि सहकारी समितियों का व्यापक डिजिटलीकरण करना। ✅ संक्षिप्त विवरण: सहकारिता मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश में सहकारी-संचालित 'भारत टैक्सी' सेवा और महत्वपूर्ण कृषि डिजिटल पोर्टल लॉन्च किए। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 भारत टैक्सी: लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में लॉन्च की गई। यह स्पष्ट रूप से सहकारी सिद्धांत पर आधारित है: "ड्राइवर ही मालिक है।" यह ड्राइवरों को सीधे इक्विटी के हिस्सेदार बनाता है, न कि शोषित गिग कार्यकर्ता, और इस प्रकार एकाधिकारवादी राइड-हेलिंग मॉडल को मौलिक रूप से बाधित करता है। 🔹 रणनीतिक समझौता ज्ञापन: 'भारत टैक्सी' ने तत्काल व्यावसायिक व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल और लखनऊ पुलिस के साथ रणनीतिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। 🔹 कृषि प्रौद्योगिकी पोर्टल: इस कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना' पोर्टल, 'उर्वरक सेतु' मोबाइल ऐप और यूपीसीडीसी ऐप का भी शुभारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य सहकारी उर्वरक और कृषि डेटाबेस नेटवर्क का डिजिटलीकरण करना है। ​🗿 मुख्य बिंदु ✅ डिजिटल युग में वास्तविक आर्थिक सशक्तिकरण के लिए, शिकारी गिग-अर्थव्यवस्था प्लेटफार्मों के विकल्प आवश्यक हैं। ✅ शहरी गतिशीलता (भारत टैक्सी) में सहकारी मॉडल का विस्तार करके, राज्य समान रूप से धन का वितरण सुनिश्चित करता है और आवश्यक सेवा प्रदाताओं के लिए गरिमामय श्रम अधिकारों को बहाल करता है। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण बिंदु 🔹 परियोजना: 'भारत टैक्सी' (उत्तर प्रदेश में लॉन्च की गई सहकारी गतिशीलता सेवा; मूल सिद्धांत: "ड्राइवर ही मालिक है")। 🔹 पोर्टल: 'उर्वरक सेतु' मोबाइल ऐप; 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना'। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #GS3 #Economy #CooperativeSector #eGovernance #LabourRights #MoC #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

​🔆 सामाजिक न्याय और वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण ​🌟 सारांश ✅ मंत्रालय: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ✅ योजना: अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) ✅ स्थान: पूरे भारत में ✅ उद्देश्य: वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुलभ संस्थागत सहायता, बचाव और शिकायत निवारण तंत्र प्रदान करना। ✅ संक्षेप में: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री ने अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY) के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्थापित टोल-फ्री राष्ट्रीय हेल्पलाइन के कार्यों पर प्रकाश डाला। ​♻️ मुख्य बातें 🔹 राष्ट्रीय हेल्पलाइन: यह टोल-फ्री हेल्पलाइन AVYAY योजना का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए बचाव सेवाओं, कानूनी सलाह और वृद्धावस्था देखभाल के संदर्भों का समन्वय करने के लिए डिज़ाइन की गई है, हालांकि यह सीधे वित्तीय सहायता नहीं प्रदान करती है। ​🔍 पृष्ठभूमि ✅ अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY): यह एक व्यापक केंद्रीय क्षेत्र योजना है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नागरिक स्वस्थ, खुशहाल और गरिमामय जीवन जिएं। ✅ इसमें वित्तीय सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा और वरिष्ठ नागरिक घरों की स्थापना सहित कई पहल शामिल हैं। ​🧠 प्रारंभिक परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण 🔹 योजना: अटल वयो अभ्युदय योजना (AVYAY - वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए एक छत्र योजना)। ​➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ ​#️⃣Tag : #GS2 #SocialJustice #VulnerableSections #Governance #MoSJE #PIB #UPSC ​✨Join- https://t.me/PIB4UPSCHindi

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