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RO/ARO MAINS SYLLABUS CHANGE पर एक सवाल आयोग से!
जब मेंस में Answer Writing कराने का इतना मन बना ही लिया है, तो आखिरी रस्म क्यों छोड़ रहे हैं? 🤔
सीधे इंटरव्यू भी करा लीजिए साहब!
आखिरी समय में बिना किसी पूर्व सूचना के अभ्यर्थियों की तैयारी का पूरा पैटर्न ही बदल दीजिए, आखिर अभ्यर्थी हैं… प्रयोग तो इन पर होते ही रहते हैं! 🙂💔
आयोग है या प्रयोगशाला, ये समझ नहीं आ रहा! 🤦♂️🙏🌺 शारदीय नवरात्रि — तीसरा दिन 🌺🙏
🔱 माँ चंद्रघंटा की जय!
माँ चंद्रघंटा आप सभी के जीवन में सुख, शांति, साहस और समृद्धि प्रदान करें।
जय माता दी! ❤️🔱
Repost from Desh duniya news for civil services
🥀 मेरी नौकरी, मेरे सपने और मैं…
हर रोज़ एक उम्मीद लेकर उठती हूँ,
हर रात कुछ अधूरे सपने लेकर सोती हूँ।
किताबों के बीच खुद को ढूँढ़ती रहती हूँ,
न जाने कब से अपनी किस्मत से लड़ती रहती हूँ।
सब पूछते हैं, “नौकरी कब लग जाएगी?”
कोई ये नहीं पूछता,
कि इस इंतज़ार में मेरी हिम्मत कहाँ तक बच पाएगी।
कभी खुद पर भरोसा, कभी खुद से शिकायत होती है,
चेहरे पर मुस्कान, मगर दिल में कितनी घबराहट होती है।
दूसरों को आगे बढ़ते देखकर खुश तो होती हूँ,
पर फिर अकेले में बैठकर अपने नसीब पर रोती हूँ।
माँ-बाप की उम्मीदें हैं, आँखों में कुछ सपने हैं,
मेहनत तो बहुत करती हूँ, फिर भी न जाने क्यों
मेरे हिस्से में अब तक सिर्फ़ इंतज़ार के लम्हे हैं।
अब थक गई हूँ हर बार खुद को समझाते-समझाते,
हर नाकामी के बाद फिर से हौसला जुटाते-जुटाते।
कभी लगता है शायद मुझमें ही कोई कमी है,
फिर दिल कहता है—
तूने मेहनत तो की है, तेरी हार अभी कहाँ हुई है?
बस एक दिन ऐसा आए, जब ये इंतज़ार ख़त्म हो जाए,
मेरी मेहनत का भी कोई खूबसूरत अंजाम हो जाए।
जिन आँखों में आज आँसू हैं, उनमें खुशी उतर आए,
और मेरी माँ के चेहरे पर
मुझे सफल देखकर सुकून नज़र आए।
बस इतनी-सी ख्वाहिश है मेरी इस ज़िंदगी से,
कि एक दिन मुझे भी मेरी मेहनत का फल मिले…
और मैं रोऊँ तो किसी नाकामी के दर्द से नहीं,
बल्कि उस दिन की खुशी से,
जब कोई कहे—
“डियर, तुम्हारी नौकरी लग गई!” ❤️🩹
UPSSSC PET का सेंटर 500 KM दूर! 😂
नौकरी मिले न मिले, सरकार ने बेरोजगारों को उत्तर प्रदेश दर्शन जरूर करा दिया! 🤡
