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JOB ALERT (Study)

JOB ALERT (Study)

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"किसी भी एग्जाम के नोट्स फ्री में पाने के लिए और किसी भी एग्जाम की प्रैक्टिस करने का एक मात्र चैनल" Main चैनल लिंक @JobAlert678 फ्री स्टडी चैनल @JobAlertStudy

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📈 Análisis del canal de Telegram JOB ALERT (Study)

El canal JOB ALERT (Study) (@jobalertstudy) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 11 122 suscriptores, ocupando la posición 17 883 en la categoría Educación y el puesto 36 065 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 11 122 suscriptores.

Según los últimos datos del 11 julio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 18, y en las últimas 24 horas de -7, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 39.56%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 27.01% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 4 400 visualizaciones. En el primer día suele acumular 3 004 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 26.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como भारत, यूजरनेम, आधार, कार्ड, प्रमाण.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
"किसी भी एग्जाम के नोट्स फ्री में पाने के लिए और किसी भी एग्जाम की प्रैक्टिस करने का एक मात्र चैनल" Main चैनल लिंक @JobAlert678 फ्री स्टडी चैनल @JobAlertStudy

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 12 julio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

11 122
Suscriptores
-724 horas
+147 días
+1830 días
Archivo de publicaciones
मध्यकालीन भारत के प्रमुख संतों का कालक्रम (Chronology) उनके जन्म और जीवन काल के अनुसार निम्नलिखित है: रामानुजाचार्य (1017 – 1137 ई.): भक्ति आंदोलन के प्रारंभिक प्रतिपादक जिन्होंने 'विशिष्टाद्वैत' का दर्शन दिया। निम्बार्काचार्य (11वीं-12वीं शताब्दी): इन्होंने द्वैताद्वैतवाद का प्रचार किया और भगवान कृष्ण की भक्ति पर जोर दिया। मध्वाचार्य (1238 – 1317 ई.): इन्होंने 'द्वैतवाद' दर्शन की स्थापना की और भक्ति को मोक्ष का मार्ग बताया। संत ज्ञानेश्वर (1275 – 1296 ई.): महाराष्ट्र के महान संत जिन्होंने 'ज्ञानेश्वरी' की रचना की। संत नामदेव (1270 – 1350 ई.): महाराष्ट्र के वारकरी संप्रदाय से संबंधित, जिनकी रचनाएँ गुरु ग्रंथ साहिब में भी संकलित हैं। रामानंद (14वीं-15वीं शताब्दी): उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन लाने का श्रेय इन्हें जाता है। इनके 12 प्रमुख शिष्य थे, जिनमें कबीर और रविदास शामिल थे। संत कबीर (1440 – 1510 ई.): निर्गुण भक्ति धारा के सबसे प्रभावशाली संत, जिन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संदेश दिया। संत रविदास (15वीं शताब्दी): रामानंद के शिष्य और मीराबाई के गुरु माने जाते हैं। गुरु नानक देव (1469 – 1539 ई.): सिख धर्म के संस्थापक और समानता के प्रबल समर्थक। वल्लभाचार्य (1479 – 1531 ई.): पुष्टिमार्ग के संस्थापक और कृष्ण भक्ति के प्रमुख संत। चैतन्य महाप्रभु (1486 – 1534 ई.): बंगाल में 'संकीर्तन' प्रथा को लोकप्रिय बनाने वाले कृष्ण भक्त। मीराबाई (1498 – 1546 ई.): राजस्थान की प्रसिद्ध कृष्ण भक्त कवयित्री। संत सूरदास (1479 – 1584 ई.): सगुण भक्ति धारा के कवि, जिन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन किया। संत तुलसीदास (1532 – 1623 ई.): 'रामचरितमानस' के रचयिता और राम भक्ति के शिखर पुरुष। संत तुकाराम (1608 – 1649 ई.): महाराष्ट्र के प्रसिद्ध विठ्ठल भक्त और अभंगों के रचयिता।

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राधे राधे 🌸🌸 good morning everyone 💫💫🙏🙏🙏

Most viral baby monkey ♥️♥️

पढ़ाई इतनी बेहतरीन तरीके से कर लो की..... Exams Centre पर जा कर पछताना ना परे काश पढ़ लिया होता...!!🥲🙂 𝐆ood 𝐍ight

❣️📌भारत ने फरवरी 2026 में मालदीव को अपनी पहली 'हाई-स्पीड फेरी' (High-Speed Ferry) उपहार में दी है। ❣️मालदीव को यह उपहार हाई
❣️📌भारत ने फरवरी 2026 में मालदीव को अपनी पहली 'हाई-स्पीड फेरी' (High-Speed Ferry) उपहार में दी है। ❣️मालदीव को यह उपहार हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (HICDP) फेज-III समझौते के तहत दिया गया है, जिस पर जनवरी 2025 में कुल 12 हाई-स्पीड फेरी प्रदान करने पर हस्ताक्षर किए गए थे। 📌 क्षेत्र👉 पहली फेरी का उपयोग मुख्य रूप से फाफू (Faafu) और धालू (Dhaalu) एटोल के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए किया जाएगा।

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वाक्य के अशुद्ध भाग का चयन कीजिए : कृपया आप ही यह बताने की कृपा करें कि दिल्ली कब चलना है |
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किस क्रम में 'मंदिरा-मदिरा' शब्द युग्म का सही अर्थ भेद है
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'उद्धार' में कौन-सी संधि है?
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इनमें से देशज शब्द कौनसा है?
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'तिरोहित' शब्द का अर्थ है-
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निम्नलिखित में से कौन विदेशज शब्द नहीं है?
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निम्नांकित में से सारे तत्सम शब्दों वाला समूह है-
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निम्नांकित में से सारे तद्भव शब्दों वाला समूह है-
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सही विलोम नहीं है
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सही विलोम युग्म है
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कालीबंगा की 'अग्निवेदिकाएं' कालीबंगा का सिटाडेल उत्तरी और दक्षिणी भागों में बंटा हुआ है और दक्षिणी हिस्से में पुरातत्त्वविदों ने पाँच या इससे भी अधिक मिट्टी के ईंटों के बने पृथक-पृथक प्लेटफार्म को चिन्हित किया है। इतिहासकार के अनुसार ये यज्ञवंदियाँ या अग्निकुण्ड थीं। इन गड्‌ढ़ों से राख, चारकोल और आयताकार मिट्टी के टुकड़े तथा टेराकोटा केक पाए गए हैं। बी.बी. लाल का मानना है कि इन भवनों में अग्निकुण्ड से जुड़े कर्मकाण्डीय पुरोहितों का निवास स्थान था। अग्निकुण्डों या अग्निवेदिकाओं को प्राप्ति बनावली, लोथल, आमरी, नागेश्वर और बगाड़ तथा हरियाणा के राखीगढ़ी से हुई है, किन्तु केवल कालीबंगा और बनावली से प्राप्त अग्निवेदिकाओं सामुदायिक महत्त्व की प्रतीत होती हैं।  

दसवीं अनुसूची - इसमें संविधान के अनुच्छेद 102(2) एवं अनुच्छेद 191(2) के अंतर्गत दल परिवर्तन के आधार पर निरर्हता (Disqualification) के बारे में उपबंध किया गया है। इसे 52वें संविधान संशोधन अधि. 1985 द्वारा जोड़ा गया है। उल्लेखनीय है कि दल-बदल के आधार पर निरर्हता सम्बन्धी प्रश्नों का विनिश्चय यथास्थिति सदन के अध्यक्ष या सभापति द्वारा किया जाता है। ● ग्यारहवीं अनुसूची - इसमें पंचायतों को शक्तियाँ तथा प्राधिकार प्रदान किया गया है। इसके अन्तर्गत पंचायतों को कार्य करने के लिए कुल 29 विषय प्रदान किये गये हैं। इसे 73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा जोड़ा गया है। ● बारहवीं अनुसूची - इसमें नगरपालिका की शक्तियों का उल्लेख है। इसके अन्तर्गत शहरी क्षेत्र की स्थानीय निकायों को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किये गये हैं। यह अनुसूची 74वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा स्थापित की गई है।