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NEERAJ CHOPRA WINS SILVER MEDAL FOR INDIA AT THE PARIS OLYMPICS. 🥈
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राजस्थान के प्रमुख शिवजी मंदिरों के बारे (पार्ट - 2)🔰 🔷 भंडदेवरा शिव मंदिर - (बारां) ▪️इसे ‘‘हाड़ौती का खजुराहो’’ तथा राजस्थान का लघु (मिनी) खजुराहो भी कहते हैं। ▪️इन मंदिरों का निर्माण पंचायतन शैली में भेदवंशीय राजा मलय ने करवाया। ▪️वर्तमान मे मन्दिर में वायुकोण पर स्थित विष्णु मन्दिर ही अवशिष्ट रह गया हैं। 🔷 नीलकण्ठ महादेव मन्दिर (टहला गाँव, राजगढ़ तह. अलवर) ▪️इस मन्दिर का निर्माण अजयपाल ने करवाया तथा इस मन्दिर में ही नृत्य गणेश की मूर्ति है। ▪️इस मंदिर के गर्भगृह में काले रंग का नीलम धातु का बना हुआ शिवलिंग है। 🔷 हर्षनाथ जी का मंदिर- काजल शिखर, हर्ष की पहाड़ी (सीकर) ▪️विग्रहराज द्वितीय के काल में 10वीं सदी में निर्मित इस मन्दिर में लिंगोद्भव शिव की मूर्ति स्थित है। ▪️इस मंदिर में ब्रह्मा व विष्णु को शिवलिंग का आदि अन्त जानने हेतु परिक्रमा करते हुए दिखाया गया है। ▪️महामारू शैली में निर्मित इस मन्दिर को औरंगजेब के सेनापति खानजहां बहादुर ने तोड़ा था, जिसके कारण राजा शिव सिंह ने इसका पुनर्निर्माण करवाया। ▪️यहाँ पर मेला भाद्रपद शुक्ल 13 को भरता हैं। 🔷 तिलस्वा महादेव मन्दिर – भीलवाड़ा ▪️यहाँ पर मेला शिवरात्री को लगता है तथा इस मन्दिर में चर्म रोगी व कुष्ठ रोगी को लाभ मिलता है। 🔷 महामन्दिर/ सिरे मंदिर - जोधपुर ▪️इस मन्दिर का निर्माण 84 खम्बों पर मारवाड़ के शासक मानसिंह ने करवाया था, इस मन्दिर में जालन्धर नाथ की प्रतिमा है। ▪️यह मन्दिर नाथ सम्प्रदाय का प्रमुख तीर्थ स्थल हैं। 🔷 फूलदेवरा शिवालय- अटरू (बारां) ▪️इस मंदिर के निर्माण में चूने का प्रयोग नहीं हुआ हैं तथा इस मन्दिर को मामा-भान्जा का मन्दिर कहते हैं। 🔷 अचलेश्वर महादेव मन्दिर (सिरोही) ▪️यहाँ पर शिवलिंग के स्थान पर एक खड्ढ़ा हैं जो ब्रह्मखड्ढ़ा कहलाता हैं, इसे शिव के पैर का अंगूठा मानते है। ▪️इस मन्दिर में महमूद बेगड़ा द्वारा खण्डित शिव प्रिया पार्वती हैं। 🔷 ऑपेश्वमर महादेव मन्दिर-रामसीन (जालौर) ▪️इस मन्दिर का प्राचीन नाम अपराजितेश्वर शिव मंदिर था, यहाँ पर राजस्थान का पहला श्वेत स्फटिक (कांच से निर्मित) शिवलिंग है। 🔷 स्कंध कार्तिकेय मन्दिर - तनेसर (उदयपुर) ▪️यह मन्दिर देवसेना के अधिपति स्कन्ध व शिवजी के पुत्र कार्तिकेय स्वामी का मन्दिर हैं। 🔷 हल्देश्वर महादेव मंदिर (पीपलूद-बाड़मेर) ▪️इसे मारवाड़ का लघु माउण्ट आबू कहते हैं, यह मंदिर 56 की पहाड़ियों की हल्देश्विर पहाड़ी पर बना है। ▪️56 की पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी पर गुफा में जोगमाया का मन्दिर है। 🔷 बाड़ौली के शिव मन्दिर (भैंसरोड़गढ़- चित्तौड़गढ़) ▪️भगवान शिव को समर्पित इस मंदिर में गुप्तकालीन स्थापत्य कला की छाप दिखाई देती है। ▪️यहाँ का मुख्य मन्दिर घाटेश्वपर शिव का मन्दिर हैं, लेकिन इस मंदिर में विष्णु के वामन अवतार की मूर्ति है। 🔷 मुकन्दरा का शिव मन्दिरः- कोटा ▪️यह राजस्थान का एकमात्र गुप्तकालीन शिव मन्दिर हैं। 🔷 गड़गच्च शिवालय – अटरू (बारां) ▪️इस मन्दिर को औरंगजेब ने तोपों से तोड़ा था। 🔷 गुप्तेश्वर मन्दिर – हाड़ा पर्वत (उदयपुर) ▪️इस मन्दिर को ’’गिरवा व मेवाड़ का अमरनाथ’’ कहते है। 🔷 अचलनाथ महादेव- जोधपुर ▪️इस मन्दिर के पास ’’गंगा बावडी’’ है। 🔷 केशव राय मंदिर – केशवरायपाटन-बूँदी 🔷 जसनगर का शिव मन्दिर-जसनगर (नागौर) 🔷 सारणेश्वर मंदिर – सिरोही 🔷 शिव मन्दिर- कुसुमा (सिरोही) 🔷 हरणी महादेव मन्दिर – भीलवाड़ा 🔷 अभनेश्वर महादेव मन्दिर – रणथम्भौर (सवाई माधोपुर) 🔷 नागेश्वर महादेव मन्दिर- अन्ता (बारां) 🔷 भूतेश्वर महादेव मंदिर - बसेड़ी (धौलपुर) 🔷 चौपड़ा महादेव मंदिर - धौलपुर ▪️राजस्थान के नाथद्वारा में दुनिया की सबसे बड़ी शिव मूर्ति स्थित है। ▪️इस मूर्ति की ऊंचाई करीब 351 फुट है। ये इतनी ऊंची है कि 20 किमी दूर से भी नजर आती है। इस मूर्ति को हेलिकॉप्टर से देखने के लिए जॉय राइड की शुरुआत की गई है। अब एक हजार फीट की ऊंचाई से दुनिया की सबसे बड़ी शिव प्रतिमा को देखा जा सकता है। 🔷 सेपऊ महादेव मन्दिर – धौलपुर

राजस्थान_जिला_दिग्दर्शन_नवीनतम_जिलों_सहित_2_1.pdf82.67 MB

स्पेशल SI , RAS, REET ,Exam🔻 🔷 प्रदेश के प्रमुख बांध 💠 ▪️बीसलपुर बांध - राजमहल, टोंक ▪️टोरडी सागर बांध - टोंक ▪️रामगढ बांध - जयपुर ▪️काणोता बांध,पाटन टैंक व गूलर बांध - जयपुर ▪️बंध बारेठा बांध - भरतपुर ▪️पाँचना बांध - करौली ▪️मोरेल बांध - सवाई माधोपुर ▪️काली सिंध व भीमसागर बांध - झालावाड ▪️सोम-कमला- अम्बा सिंचाई परियोजना - डूंगरपुर ▪️जवाई बांध,बांकली बांध,हेमावास बांध - पाली ▪️नारायण सागर बांध - अजमेर ▪️जवाहर सागर,कोटा सिंचाई बांध - कोटा ▪️राणा प्रताप सागर,भूपाल सागर,ओराई बांध सोनियाना बांध - चित्तौड़गढ़ ▪️माही बजाज सागर,कागदी पिक अप बांध - बाँसवाडा ▪️जाखम बांध - प्रतापगढ ▪️मेजा बांध,खारी बांध,अडवान बांध,राम सागर बांध - भीलवाड़ा ▪️जसवंत सागर व तख्त सागर बांध - जोधपुर ▪️वाकल बांध - उदयपुर ▪️अनूप सागर व गजनेर बांध - बीकानेर ▪️तालछापर बांध - चूरू ▪️अजीत सागर बांध - झुंझुंनू ▪️माधोसागर, कालाखोह व रेडियो सागर बांध - दौसा ▪️पार्वती बांध - धौलपुर ▪️गरदडा बांध - बूंदी ▪️ उम्मेद सागर,सीताबाडी बांध व परवन बांध - बाराँ

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बड़ी खबर विनेश को मिलेगा सिल्वर मैडल सिल्वर मेडल के लिए विनेश फोगाट की अपील हुई स्वीकार , संयुक्त रूप से मिलेगा सिल्वर मेडल!❤️
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फिर से रिएक्शन नहीं भेज रहे आप 🥹

राघव प्रकाश हिंदी .pdf90.27 MB

राजनैतिक शब्दावली 🔰 (अति महत्वपूर्ण) 🔷 स्थगन प्रस्ताव ▪️स्थगन प्रस्ताव किसी लोक महत्व के मामले पर पेश किया जाता है । जब ये स्वीकार कर लिया जाता है तब लोक महत्व के कार्य के लिए सदन का नियमित कार्य रोक दिया जाता है ।इस प्रस्ताव को पेश करने के लिए न्यूनतम 50 सदस्यों की स्वीकृति जरूरी है । 🔷 धन विधेयक ▪️संसद में राजस्व एकत्र करने या अन्य प्रकार के धन के संबंधित विधेयक को धन विधेयक कहा जाता है । धन विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किया जाता है । धन विधेयक को पुन:विचार के लिए राष्ट्रपति लौटा नहीं सकता । 🔷 विनियोग विधेयक ▪️विनियोग विधेयक में भारत की संचित निधि पर भारित व्यय की पूर्ति के लिए धन तथा सरकार के खर्च के लिए अनुदान की मांग शामिल होती है । भारत में संचित निधि में से कोई भी धन विनियोग विधेयक के अधीन ही निकाला जा सकता है । 🔷 अविश्वास प्रस्ताव ▪️यह प्रस्ताव लोकसभा या विधानसभा में विपक्षी दलों द्वारा लाया जाता है । दरअसल ये प्रस्ताव सत्तारूढ पार्टी या गठबंधन के बहुतमत की परीक्षा होती है...। अगर ये प्रस्ताव पारित हो जाता है तो मंत्रिपरिषद् को इस्तीफा देना पड़ता है । सरकार गिर जाती है । 🔷 अध्यादेश ▪️जब संसद का अधिवेशन नहीं चल रहा हो और किसी विशेष उद्देश्य के लिए कानून की आवश्यकता हो, तो राष्ट्रपति अध्यादेश जारी कर सकता है । इस अध्यादेश का प्रभाव संसद द्वारा निर्मित कानून जैसा ही होगा । 🔷 प्रश्नकाल ▪️जब संसद की कार्यवाही शुरू होती है...उसके शुरू के पहला घंटा सामान्यत: प्रश्नकाल कहलाता है । 🔷 शून्य काल ▪️संसद के दोनों सदनों में प्रश्न काल के ठीक बाद के समय को शून्य काल कहा जाता है । शून्य काल का लोकसभा या राज्यसभा की प्रक्रिया तथा संचालन नियम में कोई उल्लेख नहीं है । 🔷 सदन का स्थगन ▪️स्थगन द्वारा सदन के कामकाज को विनिर्दिष्ट समय के लिए स्थगित कर दिया जाता है । 🔷 अनुपूरक प्रश्न ▪️सदन में किसी सदस्य द्वारा अध्यक्ष की अनुमति से किसी विषय पर दिए गए जवाब का स्पष्टीकरण के लिए अनुपूरक प्रश्न पूछने की अनुमति प्रदान करता है 🔷 विघटन ▪️केवल लोकसभा का ही विघटन हो सकता है । इससे लोकसभा भंग हो जाती है । 🔷 तारांकित प्रश्न ▪️जिन सवालों का जवाब सदस्य तुरंत सदन में चाहता है उसे तारांकित प्रश्न कहा जाता है 🔷 अतारांकित प्रश्न ▪️जिन प्रश्नों का उत्तर सदस्य लिखित में चाहता है, उन्हें अतारांकित प्रश्न कहा जाता है । 🔷 पदेन ▪️पद धारण करने के कारण । 🔷 निर्वाचन मंडल ▪️विशेष मतदान के मकसद से गठित निर्वाचकों का विशेष समूह । जैसे- राष्ट्रपति के चुनाव के लिए संसद या विधानसभाओं से निर्वाचित सदस्य निर्वाचक मंडल का गठन करते है 🔷 न्यायिक समीक्षा ▪️विधायिका का बनाया गया कानून संविधान के मुताबिक है या नहीं, इसकी न्यापालिका जांच करती है, इसे ही न्यायिक समीक्षा कहा जाता है । 🔷 प्रभुसत्ता संपन्न ▪️जहां देश आंतरिक और बाह्य मामलों में पूरी तरह स्वतंत्र हो और किसी बाह्य शक्ति पर निर्भर न हो । 🔷 निषेधाधिकार ▪️मुख्य कार्यपालिका द्वारा सोच-विचार के बाद किसी विधायी अधिनियम पर अपनी अस्वीकृति । ऐसा करने से अधिनियम कानून का रुप नहीं ले पाता । 🔷 निंदा प्रस्ताव ▪️सरकार की गलत नीतियों की आलोचना करने के लिए संसद के किसी भी सदन में निंदा प्रस्ताव लाया जा सकता है । 🔷 गुलेटिन ▪️वह संसदीय प्रक्रिया जिसमें सभी मांगों को जो नियत तिथि तक नहीं निपटाई गई हो बिना चर्चा के ही मतदान के लिए रखा जाता है। 🔷 काकस (Caucus) ▪️किसी राजनीतिक दल अथवा गुट के प्रमुख सदस्यों की बैठक को काकस कहते हैं । इन प्रमुख सदस्यों द्वारा तय की गई नीतियों से ही पूरा दल संचालित होता है। 🔷 सचेतक ▪️राजनीतिक दल में अनुशासन बनाए रखने के लिए सचेतक की नियुक्ति हर दल द्वारा की जाती है। 🔷 धर्म निरपेक्ष ▪️जहां धर्म के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता तथा सभी धर्मों को समान रूप से देखा जाता है| 🔷 लोकतंत्र ▪️सरकार को सारी शक्तियां जनता से प्राप्त होती हैं । शासकों का चुनाव जनता द्वारा किया जाता है । दूसरे रूप में कह सकते हैं कि लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए है 🔷 समाजवाद ▪️ऐसी व्यवस्था जिसमें उत्पादन और वितरण का स्वामित्व राज्य के नियंत्रण में रहता है । 🔷 गणराज्य ▪️इसका मतलब यह है कि राज्य का अध्यक्ष एक निर्वाचित व्यक्ति है जो एक निश्चित अवधि के लिए पद ग्रहण करता है

महत्वपूर्ण सामाजिक सुधार अधिनियम🔰 ▪️शिशु वध प्रतिबंध (1798-1805) - वेलेजली ▪️सती प्रथा पर प्रतिबंध (1829) - लॉर्ड विलियम बेंटिक ▪️दास प्रथा प्रतिबंध (1843) - एलनबरो ▪️हिंदू विधवा पुनर्विवाह (1856) - लॉर्ड कैनिंग ▪️नेटिव मैरिज एक्ट (1872) - नॉर्थब्रुक ▪️एज आफ कंसेंट एक्ट (1891) - लैंसडाउन ▪️शारदा एक्ट (1930) - इरविन

राजस्थान की प्रमुख औद्योगिक नीतियां 🔰 1 प्रथम औद्योगिक नीति 24 जून 1978 2 द्वितीय औद्योगिक नीति अप्रैल 1991 3 तृतीय औद्योगिक नीति 15 जून 1994 4 चतुर्थ औद्योगिक नीति 4 जून 1998 5 पाँचवी नई औद्योगिक व निवेश नीति अगस्त, 2010 6 छठी नई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग नीति • 20 नवम्बर 2015 7 सातवीं नई औद्योगिक विकास नीति 19 दिसम्बर 2019

◾बीकानेर में तीन सोलर पार्क ✍️ 1. पुगल (गाँव- सुरासर) - 1,000 मेगावाट। 2. पुगल तहसील (गाँव - भणावतावाला) - 1,000 मेगावाट। 3. छतरगढ़ (गाँव - सरदारपुरा) - 450 मेगावाट। ◾ भड़ला, बाप तहसील (फलौदी) में 500 मेगावाट का एक सोलर पार्क NTPC रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जायेगा। 1. मथानिया सौर ऊर्जा परियोजना - जोधपुर। 2. धूनिया सौर ऊर्जा परियोजना - जोधपुर। 3. नांदिया सौर ऊर्जा परियोजना - जोधपुर। 4. भीरूखेड़ा सौर ऊर्जा परियोजना - बीकानेर। 5. मोकला सौर ऊर्जा परियोजना - जैसलमेर। 6. आगोरिया सौर ऊर्जा परियोजना - बाड़मेर। 7. फागी सौर ऊर्जा परियोजना - जयपुर। 8. गौरीर सौर ऊर्जा परियोजना - झुंझुनूं।

नजर न लग जाए कही।🤫🫣🥹🥲👏👏
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Rajasthan Geography Notes (1).pdf164.47 MB

राजस्थान के राज्यपालों की सूची एवं उनका कार्यकाल 🔰 [पार्ट -02] ▪️श्री धनिकलाल मण्डल ( कार्यवाहक) ▪️नोट – यह तत्कालीन हरियाणा के राज्यपाल थे इन्हें राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था) ▪️कार्यकाल 31-05-1993 से 29-06-1993 ▪️श्री बलिराम भगत ▪️कार्यकाल 30-06-1993 से 30-04-1998 ▪️सरदार दरबारा सिंह ▪️नोट – कार्यकाल के दौरान मृत्यु (24-05-1998) हुईं। ▪️कार्यकाल 01-05-1998 से 24-05-1998 ▪️श्री एन. एल. तिबरेबल (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 25-05-1998 से 15-01-1999 ▪️न्यायमूर्ति श्रीमान अंशुमान सिंह ▪️कार्यकाल 16-01-1999 से 13-05-2003 ▪️श्री निर्मल चन्द्र जैन ▪️नोट – कार्यकाल के दौरान मृत्यु (22-09-2003) हुईं। ▪️कार्यकाल 14-05-2003 से 22-09-2003 ▪️श्री कैलाश मिश्रा (कार्यवाहक) ▪️नोट – यह तत्कालीन गुजरात के राज्यपाल थे इन्हें राजस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 22-09-2003 से 13-01-2004 ▪️श्री मंदन लाल खुराना ▪️नोट – इन्होने अपने पद से त्यागपत्र दिया। ▪️कार्यकाल 14-01-2004 से 01-11-2004 ▪️श्री टी.वी॰ राजेश्वर (कार्यवाहक) ▪️नोट – यह उत्तरप्रदेश के राज्यपाल थे जिन्हे राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 01-11-2004 से 08-11-2004 ▪️श्रीमति प्रतिभा पाटिल ▪️नोट – राजस्थान की प्रथम महिला राज्यपाल। ▪️नोट – राजस्थान के राज्यपाल के पद से त्यागपत्र देने वाली प्रथम महिला राज्यपाल। ▪️कार्यकाल 08-11-2004 से 23-06-2007 ▪️डॉ॰ ए॰आर॰ किदवई (कार्यवाहक) ▪️नोट – यह तत्कालीन हरियाणा के राज्यपाल थे जिन्हें राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 23-06-2007 से 06-09-2007 ▪️श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह (कार्यवाहक) ▪️नोट – कार्यकाल के दौरान मृत्यु (01-12-2009) हुईं। ▪️कार्यकाल 06-09-2007 से 01-12-2009 ▪️श्रीमति प्रभा राव (कार्यवाहक) ▪️नोट – यह तत्कालीन हिमाचल प्रदेश की राज्यपाल थीं इन्हें राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 3-12-2009 to 24-01-2010 ▪️श्रीमति प्रभा राव ▪️नोट – पद पर रहते हुये मृत्यु (26-04-2010) हुई थीं। ▪️कार्यकाल 25-01-2010 से 26-04-2010 ▪️श्री शिवराज पाटिल (कार्यवाहक) ▪️नोट – यह तत्कालीन पंजाब राज्य के राज्यपाल थे। इन्हें राजस्थान राज्य के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 28-04-2010 से 12-05-2012 ▪️श्रीमती मार्गरेट अल्वा ▪️कार्यकाल 12-05-2012 से 07-08-2014 ▪️श्री राम नाइक (कार्यवाहक) ▪️नोट – यह तत्कालीन उत्तरप्रदेश राज्य के राज्यपाल थे जिन्हें राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 08-08-2014 से 03-09-2014 ▪️श्री कल्याण सिंह ▪️नोट – कल्याण सिंह जब राजस्थान के राज्यपाल थे तब इन्हें 28.01.2015 से 12.08.2015 तक हिमाचल प्रदेश राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। ▪️कार्यकाल 04-09-2014 से 02-09-2019 ▪️श्री कलराज मिश्र ▪️कार्यकाल 09-09-2019 से 31-07-2024 ▪️श्री हरिभाऊ किसनराव बागडे ▪️कार्यकाल 31-07-2024 से...

राजस्थान के राज्यपालों की सूची एवं उनका कार्यकाल 🔰 [पार्ट -01] ▪️राजप्रमुख सवाई मानसिंह ▪️कार्यकाल 30-03-1949 से 31-10-1956 ▪️सरदार गुरमुख निहाल सिंह 🔻नोट – राजस्थान राज्य के प्रथम राज्यपाल सरदार गुरमुख निहाल सिंह हैं।(सबसे लंबा कार्यकाल) ▪️कार्यकाल 01-11-1956 से 15-04-1962 ▪️डॉ. संपूर्णानन्द ▪️कार्यकाल 16-04-1962 से 15-04-1967 ▪️सरदार हुकुम सिंह ▪️कार्यकाल 16-04-1967 से 19-11-1970 ▪️न्यायमूर्ति जगत नारायण (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 20-11-1970 से 23-12-1970 ▪️सरदार हुकुम सिंह ▪️कार्यकाल 24-12-1970 से 30-06-1972 ▪️सरदार जोगिंदर सिंह ▪️कार्यकाल 01-07-1972 से 14-02-1977 ▪️न्यायमूर्ति वेदपाल त्यागी (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 15-02-1977 से 11-05-1977 ▪️श्री रघुकुल तिलक ▪️कार्यकाल 12-05-1977 से 08-08-1981 ▪️न्यायमूर्ति कल्याण दत्त शर्मा (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 08-08-1981 से 05-03-1982 ▪️एयर चीफ़ मार्शल ओ.पी. मेहरा ▪️कार्यकाल 06-03-1982 से 04-01-1985 ▪️न्यायमूर्ति पी.के. बनर्जी (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 05-01-1985 से 31-01-1985 ▪️एयर चीफ़ मार्शल ओ.पी. मेहरा ▪️कार्यकाल 01-02-1985 से 03-11-1985 ▪️न्यायमूर्ति डी.पी. गुप्ता (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 04-11-1985 से 19-11-1985 ▪️वसंत राव पाटिल ▪️कार्यकाल 20-11-1985 से 14-10-1987 ▪️न्यायमूर्ति जगदीश शरण वर्मा (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 15-11-1987 से 19-02-1988 ▪️श्री सुखदेव प्रसाद ▪️कार्यकाल 20-02-1988 से 02-02-1989 ▪️न्यायमूर्ति जगदीश शरण वर्मा (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 03-02-1989 से 19-02-1989 ▪️श्री सुखदेव प्रसाद ▪️कार्यकाल 20-02-1989 से 02-02-1990 ▪️श्री मिलाप चंद जैन (कार्यवाहक) ▪️कार्यकाल 03-02-1990 से 13-02-1990 ▪️श्री प्रो. देवी प्रसाद चट्टोंपध्याय ▪️कार्यकाल 14-02-1990 से 25-08-1991 ▪️डॉ॰ स्वरूप सिंह (कार्यवाहक) 🔻नोट – यह गुजरात के राज्यपाल थे इन्हें राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। 🔹कार्यकाल 26-08-1991 से 04-02-1992 ▪️श्री डॉ॰ एम. चेन्ना रेड्डी ▪️कार्यकाल 05-02-1992 से 30-05-1993

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🚨राजस्थान में राष्ट्रपति शासन (अब तक चार बार) 📍प्रथम:-  13 मार्च-26 अप्रैल,1967 👉 राज्यपाल- सम्पूर्णानं 👉 मुख्यमंत्री- मोहनलाल सुखाडिया 👉विधानसभा- 4th 👉विधानसभा अध्यक्ष- निरंजननाथ आचार्य 📍दूसरा:-  30 अप्रैल- 21 जून,1977 👉राज्यपाल- वेदपाल त्यागी 👉मुख्यमंत्री- हरिदेव जोशी 👉विधानसभा- 5th 👉विधानसभा अध्यक्ष- रामकिशोर व्यास 📍तीसरा:-16 फरवरी- 5 जून,1980 👉राज्यपाल- रघुकुल तिलक 👉मुख्यमंत्री- भैरोंसिंह शेखावत 👉विधानसभा- 6th 👉विधानसभा अध्यक्ष- गोपाल सिंह 📍चौथा:- 15 दिसम्बर,1992 -3 दिसम्बर,1993 👉राज्यपाल- एम. चेनारेड्डी 👉मुख्यमंत्री- भैरोसिंह शेखावत 👉विधानसभा- 9th 👉विधानसभा अध्यक्ष- हरिशंकर (नोट:- सबसे लम्बा- चौथा राष्ट्रपति शासन और सबसे कम समय तक प्रथम राष्ट्रपति शासन)

राजस्थान के प्रमुख निर्गुण सम्प्रदाय ▪️कबीर पंथी,परनामी,लालदासी, निरंजनी,रामस्नेही,जसनाथी बिश्नोई, दादू सम्प्रदाय [ महत्त्वपूर्ण ] ▪️चरणदासजी - अलवर ▪️संत धन्ना - धुवन (टोंक) ▪️लालदासजी - धोलीधूप गाँव (भरतपुर) ▪️दादूदयाल - अहमदाबाद (गुजरात) ▪️संत मावजी - सावला (डूंगरपुर) ▪️जाम्भोजी - पीपासर (नागौर) ▪️जसनाथजी - कतरियासर (बीकानेर) ▪️संत पीपा - गागरोण (झालावाड़) ▪️संत रामचरणजी - सोडा गाँव (जयपुर) ▪️हरिदासजी - कापड़ोद (नागौर)

राजस्थान एकीकरण के समय राजप्रमुख🔰 Trick : उदय, भीम, भूपाल - मानसिंह के पास गये उदय - उदयभान सिंह - प्रथम चरण भीम - भीम सिंह - द्वितीय चरण भूपाल - भूपाल सिंह - तृतीय चरण मानसिंह - मानसिंह - 4,5,6 चरण राजस्थान की कुप्रथाएँ सबसे पहले रोकने वाले जिले/सन् Trick : सब का कोटा त्याग जो सज कर उड़ा 22, 33, 41, 44 ,53 (क्रमानुसार) सब - सती प्रथा - बूँदी - 1822 मेँ का कोटा - कन्या बध प्रथा - कोटा -1833 मेँ त्याग जो - त्याग प्रथा - जोधपुर -1841 मेँ सज - समाधी प्रथा - जयपुर - 1844मेँ कर - silent उडा - डाकन प्रथा - उदयपुर -1853 मेँ