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UPSC CSE Topper Hindi medium

UPSC CSE Topper Hindi medium

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यह चैनल यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि विद्यार्थी, सामग्री की उपलब्धता के मामले में पीछे न रहें और अंग्रेजी माध्यम के जैसा ही कंटेंट छात्रों को उपलब्ध हो। Main channel @csetopper Email for queries csetopperhindi@gmail.com

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📈 Análisis del canal de Telegram UPSC CSE Topper Hindi medium

El canal UPSC CSE Topper Hindi medium (@csetopperhindi) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 15 647 suscriptores, ocupando la posición 12 608 en la categoría Educación y el puesto 25 428 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 15 647 suscriptores.

Según los últimos datos del 07 octubre, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de -27, y en las últimas 24 horas de -3, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 20.71%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 7.28% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 3 241 visualizaciones. En el primer día suele acumular 1 139 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 12.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como प्रतिशत, कृषि, भारत, उत्तर, ethic.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
“यह चैनल यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि विद्यार्थी, सामग्री की उपलब्धता के मामले में पीछे न रहें और अंग्रेजी माध्यम के जैसा ही कंटेंट छात्रों को उपलब्ध हो। Main channel @csetopper Email for queries csetopperhindi@gmail.com”

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 08 octubre, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

15 647
Suscriptores
-324 horas
-197 días
-2730 días
Archivo de publicaciones
भारत_का_उभरता_सुपरकंप्यूटिंग_परितंत्र.pdf6.60 KB

Sample Questions from High Yield Current Affairs Module for UPPSC Prelims-26 You won’t need any other source than the solutions of this module for UPPSC Prelims- Current Affairs. Available in both English and Hindi Medium Text @csetopper_helpline to enrol.

For UPPSC Prelims-2026 Comprehensive Coverage of Current Affairs through 750 High Yield Questions and to the point solutions.
For UPPSC Prelims-2026 Comprehensive Coverage of Current Affairs through 750 High Yield Questions and to the point solutions. You can enrol by texting at @csetopper_helpline

सभी के लिए साक्षरता.pdf4.75 KB

सभी के लिए साक्षरता शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े
सभी के लिए साक्षरता शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े

#excersize 🔥 युद्ध अभ्यास 🔥 1. नोमैडिक एलिफेंट - 18वां भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास कहां - उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में प्रारंभ हुआ उद्देश्य - संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत अर्ध-शहरी और पर्वतीय इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने के लिए दोनों पक्षों की संयुक्त सैन्य क्षमता को बढ़ाना 2. अभ्यास तरंग शक्ति-2026 👉 कहां - जोधपुर वायु सेना स्टेशन पर। 👉 विषय-वस्तु - साझेदारी में शक्ति है। 👉 इस अभ्यास में सात मित्र देश अर्थात ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, जर्मनी, श्रीलंका और बांग्लादेश भाग ले रहे हैं। 👉 इस अभ्यास में शामिल विदेशी विमानों में एफ-35 लाइटनिंग-2, राफेल, एफ-16, ए400एम, एमआरटीटी, सी-130, सी-130जे और केसी-30ए शामिल हैं। 👉 ये विमान लड़ाकू अभियानों, हवाई परिवहन और हवा में ईंधन भरने जैसी विभिन्न परिचालन क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।

🔥 संवत्सरी जैन धर्म का बेहद खास पर्व है, जिसे पर्युषण पर्व के आखिरी दिन मनाया जाता है। 👉 यह पर्व मुख्य रूप से श्वेतांबर जैन संप्रदाय द्वारा मनाया जाता है। 👉 जैन धर्म से जुड़े लोगों के लिए यह दिन आध्यात्मिक चिंतन, क्षमा-प्रार्थना और आत्मशुद्धि का होता है। 👉 महावीर स्वामी के मूल सिद्धांतों 'अहिंसा परमो धर्म, जिओ और जीने दो' के सिद्धांत पर आधारित है। 👉 इस दिन को 'क्षमावाणी दिवस' के रूप में मनाया जाता है। 👉 पर्युषण पर्व आठ दिनों का होता है, जिनमें जैन धर्म के अनुयायी व्रत, स्वाध्याय और ध्यान के जरिए से अपनी आत्मा को शुद्ध करते हैं। 👉 मिच्छामी दुक्कड़म्' अर्थात्- मेरी गलतियों के लिए माफी प्रदान करो।

भारत_में_डेटा_सेंटरः_डिजिटल_युग_का_बुनियादी_ढांचा.pdf1.02 MB

भव्य योजना scheme .pdf2.72 KB

वाइब्रेंट_विलेजेस_प्रोग्राम_समावेशी_विकास_के_माध्यम_से_भारत_की_सीमाओं.pdf10.16 KB

photo content

भूतापीय ऊर्जा ( geothermal energy ) .pdf6.28 KB

दानवीर, एक जन-नेतृत्व वाली कंप्यूटर क्राउडसोर्सिंग पहल है।

भारत का चीनी उद्योग: एक नज़र में👇👇 👉 भारत का चीनी उद्योग कृषि, उद्योग और ग्रामीण आजीविका का एक बड़ा इकोसिस्टम है। 👉 भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक देश है। 👉 गन्ना सेक्टर लगभग 5 करोड़ किसानों और चीनी मिलों व उनसे जुड़े उद्योगों में काम करने वाले करीब 5 लाख श्रमिकों को आजीविका प्रदान करता है। 👉 वर्ष 2025-26 में भारत का गन्ना उत्पादन 500 एमएमटी 👉 वर्ष 2015-16 में 348.44 एमएमटी उत्पादन 👉 यह पिछले 10 वर्षों में लगभग 43.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। 👉 गन्ने की खेती के अंतर्गत आने वाला क्षेत्रफल - 2015-16 के 49.27 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2025-26 में 58.87 लाख हेक्टेयर हो गया है। 👉 उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र भारत के शीर्ष गन्ना उत्पादक राज्य हैं। 👉 भारत ने 2016-17 के 0.47 लाख एमटी की तुलना में, 2025-26 में 8 लाख एमटी चीनी का निर्यात किया। 👉 भारतीय चीनी के प्रमुख निर्यात गंतव्यों में श्रीलंका, पश्चिम एशिया और पूर्वी अफ्रीका शामिल हैं। 🔥 चीनी की कीमतों में वर्तमान वृद्धि कई कारकों के संयोजन के कारण है, जिनमें शामिल हैं:👇👇 1. अपेक्षित से कम घरेलू उत्पादन, 2. त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी हुई मांग, 3. मौसम के कारण गन्ने की फसल को हुआ नुकसान, 4. वैश्विक स्तर पर चीनी की घटती आपूर्ति और बढ़ती कीमतें, और 5. उद्योग के कुछ वर्गों द्वारा सट्टेबाजी और जमाखोरी। Source:- PIB @csetopperhindi

essay paper cse 2026.pdf1.26 KB

A. सांस्कृतिक विरासत का डिजिटलीकरण 1. ज्ञान भारतम मिशन 👉 शुरुआत 2025 में 👉 उद्देश्य - भारत की पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, डिजिटलीकरण और उस तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए। 👉 प्रौद्योगिकी को जोड़ना : दीर्घकालिक संरक्षण और वैश्विक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाया जा रहा है। 2. राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण 👉 राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च 2026 में पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण और उनका एक व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से शुरू किया गया। B. संग्रहालय के संग्रहों का डिजिटलीकरण 👉 संस्कृति मंत्रालय तकनीकी सहयोग से विकसित जतन सॉफ्टवेयर के जरिये संग्रहालयों के संग्रहों और अभिलेखीय संसाधनों का डिजिटलीकरण कर रहा है। 👉 यह सॉफ्टवेयर सी-डैक, पुणे, महाराष्ट्र के तकनीकी सहयोग से विकसित किया गया है। संग्रहालयों के संग्रहों तक डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराने के लिए म्यूजियम्स ऑफ इंडिया पोर्टल के माध्यम से एक राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी तैयार की गई है। ⚡️ प्रौद्योगिकी-सक्षम विरासत संरक्षण 👉 विरासत के दस्तावेजीकरण और संरक्षण को मजबूत करने के लिए एलआईडीएआर (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) स्कैनिंग, जीआईएस (भौगोलिक सूचना प्रणाली)-आधारित मैपिंग और ड्रोन सर्वेक्षण जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग किया जा रहा है। C. संस्कृति और ज्ञान के संरक्षण के लिए एआई का उपयोग 👉 भाषिणी (2022 में शुरू) 22 भाषाओं (वॉयस) और 36 भाषाओं (टेक्स्ट) को पढ़-लिख और अनुवाद कर सकती है। 👉 भारतजेन 22 अनुसूचित भाषाओं के लिए एआई मॉडल विकसित कर रहा है। 👉 आदि-वाणी डिजिटल संरक्षण और अनुवाद के माध्यम से संथाली, भीली, मुंडारी और गोंडी जैसी जनजातीय भाषाओं को सहयोग प्रदान करता है। आदि-वाणी भारत की जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए एआई-आधारित मंच है। 👉 अनुवादिनी, ई-कुंभ, एसपीपीईएल, संचिका और ज्ञान-सेतु जैसे मंच बहुभाषी शिक्षा के विस्तार तथा विलुप्‍त होने का संकट झेल रही भाषाओं और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। D. वैदिक विरासत पोर्टल 👉 मार्च 2023 में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्‍द्र (आईजीएनसीए) के अंतर्गत शुरू। 👉 उद्देश्य भारत की वैदिक ज्ञान परंपराओं का संरक्षण, दस्तावेजीकरण और डिजिटल पहुंच उपलब्ध कराना है। 👉 कवरेज: ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की परंपराएं। इसमें व्यापक श्रव्य-दृश्य सामग्री, पांडुलिपियां और अनुष्ठान संबंधी दस्तावेजी सामग्री शामिल है तथा मंच पर 500 घंटे से अधिक की रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराई गई हैं। Source:- PIB @csetopperhindi

🔥 समाधान दीदी 🔥 👉 मई 2026 को लॉन्च किया गया। 👉 एआई-सक्षम वॉयस चैटबॉट है। 👉 सीपीग्राम्स को अधिक सुलभ, बहुभाषी और नागरिक-केंद्रित बनाता है । 👉 यह चैटबॉट संवादात्मक एआई का उपयोग करके नागरिकों को त्वरित, सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रतिक्रियाएँ प्रदान करता है। 👉 सीपीग्राम्स - केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली। कार्य - नागरिकों की शिकायतों के निवारण के लिए विश्व का सबसे बड़ा 24x7 डिजिटल नागरिक इंटरफ़ेस प्लेटफॉर्म है। 👉 महत्त्व - लोक प्रशासन और शासन सुधारों के क्षेत्र में सहयोग। Source:- PIB @csetopperhindi

🔥 भारत का मखाना सेक्टर: पारंपरिक फसल से ग्लोबल सुपरफूड तक 🔥 👉 मखाना, जिसे वैज्ञानिक रूप से Euryale ferox के नाम से जाना जाता है। 👉 एक जलीय फसल है, जिसकी खेती मुख्य रूप से उथले तालाबों, झीलों और आर्द्रभूमियों में की जाती है। 👉 भूनने या प्रसंस्करण के बाद बीज फूलकर फॉक्स नट (मखाना) के रूप में खाया जाता है। 👉 भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है। 👉 इसका उत्पादन मुख्य रूप से बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में किया जाता है। 👉 सरकार ने केंद्रीय बजट 2025-26 में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की थी। 👉 मखाना पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, आहार फाइबर तथा मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और आयरन जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं। 👉 इसमें सोडियम की मात्रा कम होती है और यह कोलेस्ट्रॉल-मुक्त होता है। 👉 इसका ग्लाइसेमिक लोड कम होता है, जिससे यह मधुमेह को नियंत्रित करने वाले लोगों के लिए उपयुक्त है। 👉 यह हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने, पाचन में सहायता करने के साथ-साथ अपने एंटी-एजिंग गुणों के लिए भी जाना जाता है। 👉 अध्ययनों से संकेत मिलता है कि मखाने का पोषक तत्व प्रोफाइल कई आम तौर पर खाए जाने वाले मेवों जैसे बादाम, अखरोट और काजू की तुलना में बेहतर है। 👉 इसमें वसा की मात्रा बहुत कम (प्रति 100 ग्राम 0.33 ग्राम) होती है, यह फाइबर से भरपूर है, इसमें विभिन्न आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं और इसकी लगभग 95 प्रतिशत प्रोटीन पाचन क्षमता है। इसका आवश्यक अमीनो एसिड सूचकांक और रासायनिक स्कोर मछली के समान है। Source: PIB @csetopperhindi

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#nitiaayog #manufacturing 🔥 भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने वाले प्रमुख क्षेत्र 🔥 👉 Report - NITI AAYOG द्वारा जारी “की सेक्टर्स टु पोज़िशन इंडिया एज ए ग्लोबल मेन्युफैक्चरिंग हब” 👉 चार प्रमुख क्षेत्र- 1. रसायन, 2. दूरसंचार और नेटवर्किंग उपकरण, 3. वस्त्र और 4. सौर फोटोवोल्टिक विनिर्माण उद्देश्य - उन क्षेत्रों की पहचान करना है जहां भारत में विकास की अपार संभावनाएं हैं और जहां लक्षित हस्तक्षेपों से 1. घरेलू क्षमताओं को मजबूत किया जा सकता है, 2. प्रतिस्पर्धात्मकता और मूल्यवर्धन को बढ़ाया जा सकता है तथा 3.निर्यात-उन्मुख विनिर्माण विकास को गति दी जा सकती है। @source :- PIB @csetopperhindi