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🌾 सब्जी/मसाला क्लस्टर योजना — मुख्य बातें 1.यह योजना बिहार सरकार द्वारा चलाई जा रही है, जिसमें टमाटर, मिर्च और लहसुन की खेती को सब्सिडी (अनुदान) के साथ प्रोत्साहित किया गया है। 2.इस योजना को लागू करते समय किसानों को “क्लस्टर” (गुट / समूह) के रूप में काम करना होगा: हर क्लस्टर में कम से कम 3 किसान शामिल होंगे, और क्लस्टर की कुल खेती की भूमि 6 हेक्टेयर निर्धारित है। 3.खेती की लागत और सब्सिडी (अनुदान) — टमाटर और मिर्च (हाइब्रिड) की खेती की अनुमानित लागत ₹ 0.60 लाख प्रति हेक्टेयर है। लहसुन की खेती के लिए लागत ₹ 1.00 लाख प्रति हेक्टेयर तय की गई है। 4.इन लागतों पर किसानों को कुल 50% सब्सिडी दी जाएगी — जिसमें 40% + 10% (टॉप-अप) शामिल है। 5.सब्सिडी की रकम DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से DBT-in-Cash या DBT-in-Kind रूप में दी जाएगी। 6.भुगतान दो किस्तों में: पहली किस्त रोपण सामग्री/INM-IPM सामग्री की क्रय के लिए (60%), और दूसरी किस्त खेती के भौतिक सत्यापन (field verification) के बाद (40%) दी जाएगी। 7.योजना लाभार्थी — जो किसान इसका लाभ ले सकते हैं: छोटे एवं सीमांत किसान। मालिकाना जमीन न रखने वाले (lease/sharecropped land) किसान भी आवेदन कर सकते हैं। लाभ एवं उद्देश्य: सब्जी/मसाला (टमाटर, मिर्च, लहसुन) उत्पादन को बढ़ावा देना। किसानों की आय में वृद्धि और खेती की लागत कम करना। समूह/cluste­r आधारित खेती से छोटे किसानों को भी बड़े पैमाने पर खेती का फायदा मिलना। कुल मिलाकर, राज्य में हorti-क्षेत्र (फल, सब्जी, मसाले) को बढ़ावा देना, कृषि विविधीकरण (crop diversification) करना। लागू जिले: इस योजना का लाभ बिहार के 26 जिलों में मिलेगा — इनमें अररिया, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, पूर्वी चंपारण, गया, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, लखीसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, शेखपुरा और वैशाली शामिल हैं।

अभया ब्रिगेड — क्या है -अभया ब्रिगेड को 2025 में Bihar Police ने शुरू किया है। -यह हर जिले और हर थाने (पुलिस स्टेशन) में बनेगी। -टीम की कमान एक महिला सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) के हाथ होगी। साथ में एक महिला कांस्टेबल और दो पुरुष कांस्टेबल होंगे। 🎯 उद्देश्य / काम -अभया ब्रिगेड का मकसद है स्कूल, कॉलेज, कोचिंग-केंटर तथा उन इलाकों पर विशेष निगरानी रखना, जहाँ छात्र-छात्राओं — विशेषकर लड़कियों — की सुरक्षा चिंतित होती है। ये टीम “हॉट-स्पॉट्स” (जहाँ ज्यादा शिकायतें होती हैं) चिन्हित करेगी, वहाँ गश्त करेगी और अगर कोई छेड़-छाड़ या गंद-मनचला पाए तो तुरंत कार्रवाई करेगी। इन टीमों को तेज़–तर्रार कार्रवाई के लिए स्कूटी या वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। 🛡️ मकसद — क्यों ज़रूरी थी कई बार स्कूल/कॉलेज आदि के आसपास ईव-टीजिंग, छेड़-छाड़, असुरक्षा की शिकायतें आती रही हैं — अभया ब्रिगेड इसी समस्या से निपटने के लिए है। इससे लड़की-छात्राओं को सुरक्षित माहौल मिलेगा, और पुलिस-जनता के बीच भरोसा मजबूत होगा। 📝 वर्तमान स्थिति बिहार में पहले से काम कर रही Shakti Suraksha Dal के कर्मचारियों के अनुभव और आंकड़ों की मदद से, हॉट-स्पॉट्स की पहचान हो चुकी है। अब अभया ब्रिगेड को उन हिस्सों में तैनात किया जा रहा है जो सबसे संवेदनशील माने गए थे — स्कूल, कॉलेज, कोचिंग आदि।