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पंखों में जान नहीं , उड़ने का हौंसला होना चाहिए 👍. हाथ पैर होना बड़ी बात नहीं पर बात तो यह बड़ी है कि बिना हाथ पैर के भी उड़
पंखों में जान नहीं , उड़ने का हौंसला होना चाहिए 👍. हाथ पैर होना बड़ी बात नहीं पर बात तो यह बड़ी है कि बिना हाथ पैर के भी उड़ने का हौंसला हो 🙏 सलाम Sheetal Devi Archery आप सब के लिए प्रेरणास्रोत हो.अर्जुना पुरस्कार कि लिये आपको बहुत बहुत बधायी.

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Delhi Police Constable Examination, 2023 Normalised Marks Out; Login at https://ssc.nic.in Final Answer keys Out ; https://ssc.digialm.com/EForms/configuredHtml/2207/85205/login.html

2008 पंडित भीमसेन जोशी (04 फरवरी, 1922 -05 जनवरी, 2011) 2014 सी॰ एन॰ आर॰ राव (30 जून, 1934-अब तक), 16 नवंबर, 2014 घोषित 2014 सचिन तेंदुलकर (24 अप्रैल, 1973-अभी तक), 16 नवंबर 2014 घोषित 2015 अटल बिहारी वाजपेयी (25 दिसंबर, 1924-16 अगस्त  2018), 25 दिसंबर, 2015 को घोषित 2015 मदन मोहन मालवीय (25 दिसंबर, 1861- 12 नवंबर, 1946, मृत्यु के बाद), 25 दिसंबर 2015 को घोषित किया गया 2019 प्रणब मुखर्जी (11 दिसम्बर 1935 - 31 अगस्त 2020) 2019 नानाजी देशमुख (11अक्टूबर 1916 - 27 फ़रवरी 2010), मरणोपरांत 2019 भूपेन हजारिका (8 सितंबर 1926 - 5 नवंबर 2011), मरणोपरांत महत्वपूर्ण तथ्य भारत रत्न 26 जनवरी को भारत के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है। सबसे पहला पुरस्कार प्रसिद्ध वैज्ञानिक चंद्रशेखर वेंकटरमन को दिया गया था। तब से अनेक विशिष्ट जनों को अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्टता पाने के लिए यह पुरस्कार प्रस्तुत किया गया है। जनता पार्टी द्वारा इस पुरस्कार को 1977 में बंद कर दिया गया था, किंतु 1980 में कांग्रेस सरकर ने इसे फिर से दोबारा शुरू किया। जब साल 1980 में भारत रत्न पुरस्कार फिर से शुरू हुआ तो, इसे सर्वप्रथम मदर टेरेसा ने प्राप्त किया था। हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति, वैज्ञानिक डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को भी 1997 में यह प्रतिष्ठित पुरस्कार दिया गया। इसका कोई लिखित प्रावधान नहीं है कि ‘भारत रत्न’ केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाएगा। यह पुरस्कार स्वाभाविक रूप से भारतीय नागरिक बन चुकी ‘एग्नेस गोंखा बोजाखियू’, जिन्हें हम मदर टेरेसा के नाम से जानते हैं, को दिया गया। दो अन्य गैर-भारतीय – ख़ान अब्दुल गफ़्फ़ार ख़ान को 1987 में और नेल्सन मंडेला को 1990 में यह पुरस्कार दिया गया। यह भी अनिवार्य नहीं है कि भारत रत्न सम्मान प्रतिवर्ष दिया जाएगा। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। मरणोपरांत सर्वप्रथम लालबहादुर शास्त्री को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

रत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है यह सम्मान राष्ट्र सेवा के लिए दिया जाता है। प्रारंभ = 2 जनवरी 1954 को 3 व्यक्तियो को दिया गया था राधाकृष्णन को राजगोपालाचारी को सी. वी. रमन को क्षेत्र = कला , शिक्षा, साहित्य ,विज्ञान, समाज सेवा ,खेल आदि के लिए दिया जाता है। अलंकरणकर्ता = भारत सरकार द्वारा। राशि = शून्य देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' की शुरुआत 1954 से हुई। अब तक विभिन्न क्षेत्रों की 48 हस्तियों को भारत रत्न के सम्मान से नवाजा जा चुका है। पहला भारत रत्न का सम्मान देश के दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 1954 में प्रदान किया। भारत रत्न 2019 प्रणब मुखर्जी, भूपेन हजारिका एवं नानाजी देशमुख को प्रदान किया गया है। प्रणब मुखर्जी पूर्व राष्ट्रपति रहे हैं, भूपेन हजारिका प्रसिद्ध गायक और नाना जी देशमुख जनसंघ के नेता थे। इन तीनों को 08 अगस्त 2019 को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न‘ से सम्मानित किया गया है जिसकी घोषणा 25 जनवरी 2019 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर की गई थी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक नानाजी देशमुख और गायक भूपेन हजारिका को मरणोपरांत यह सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया है। 20 वर्ष बाद दो से ज्यादा हस्तियों को इस सर्वोच्च नागरिक सम्मान के लिए चुना गया है। इससे पहले 1999 में समाजवादी नेता जयप्रकाश नारायण, सितार वादक पंडित रविशंकर, अर्थशास्त्री डॉ. अमर्त्य सेन और स्वतंत्रता सेनानी रहे गोपीनाथ बोरदोलोई को इस सम्मान के लिए चुना गया था। चार साल बाद भारत रत्न की घोषणा हुई है। इससे पहले 2015 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और स्वतंत्रता सेनानी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के संस्थापक मदन मोहन मालवीय को यह सम्मान दिया गया था। इससे पहले 45 हस्तियों को भारत रत्न सम्मान दिया जा चुका है। अब यह संख्या 48 हो गई है। भारत रत्न पुरस्कार विजेताओं की सूची वर्ष नाम जीवन काल 1954 डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (05 सितंबर, 1888-17 अप्रैल, 1975) 1954 चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (10 दिसंबर, 1878-25 दिसंबर, 1972) 1954 डॉ. चन्‍द्रशेखर वेंकटरमण (07 नवंबर, 1888-21 नवंबर, 1970) 1955 डॉ. भगवान दास (12 जनवरी, 1869 -18 सितंबर, 1958) 1955 सर डॉ॰ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या (15 सितंबर, 1860-12 अप्रैल, 1962) 1955 पंडित जवाहर लाल नेहरु (14 नवंबर, 1889-27 मई, 1964) 1957 गोविंद वल्लभ पंत (10 सितंबर, 1887-07 मार्च, 1961) 1958 डॉ॰ धोंडो केशव कर्वे (18 अप्रैल, 1858-09 नवंबर, 1962) 1961 डॉ॰ बिधन चंद्र रॉय (01 जुलाई, 1882-01 जुलाई, 1962) 1961 पुरूषोत्तम दास टंडन (01 अगस्त, 1882-01 जुलाई, 1962) 1962 डॉ॰ राजेंद्र प्रसाद (03 दिसंबर, 1884-28 फरवरी, 1963) 1963 डॉ॰ जाकिर हुसैन (08 फरवरी, 1897-03 मई, 1969) 1963 डॉ॰ पांडुरंग वामन काणे (07 मई 1880-08 मई 1972) 1966 लाल बहादुर शास्त्री (02 अक्टूबर, 1904-11 जनवरी, 1966), मृत्यु के बाद 1971 इंदिरा गाँधी (19 नवंबर, 1917-31 अक्टूबर, 1984) 1975 वराहगिरी वेंकट गिरी (10 अगस्त, 1894-23 जून, 1980) 1976 के. कामराज (15 जुलाई, 1903-1975), मरणोपरांत 1980 मदर टेरेसा (27 अगस्त, 1910-05 सितंबर, 1997) 1983 आचार्य विनोबा भावे (11 सितंबर, 1895-15 नवंबर, 1982), मरणोपरांत 1987 खान अब्दुल गफ्फार खान (06 फरवरी 1890 -20 जनवरी, 1988), पहले गैर-भारतीय 1988 एम जी आर (17 जनवरी, 1917-24 दिसम्बर, 1987), मृत्यु के बाद 1990 डॉ॰ भीमराव आंबेडकर (14 अप्रैल, 1891-06 दिसम्बर, 1956), मृत्यु के बाद 1990 नेल्सन मंडेला (18 जुलाई, 1918-05 दिसम्बर, 2013), दूसरे गैर-भारतीय 1991 राजीव गांधी (20 अगस्त, 1944-21 मई, 1991), मृत्यु के बाद 1991 सरदार वल्लभ भाई पटेल (31 अक्टूबर, 1875-15 दिसम्बर, 1950), मृत्यु के बाद 1991 मोरारजी देसाई (29 फ़रवरी, 1896-10 अप्रैल, 1995) 1992 मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (11 नवंबर, 1888-22 फरवरी, 1958), मरणोपरांत 1992 जे. आर. डी. टाटा (29 जुलाई, 1904-29 नवंबर, 1993) 1992 सत्यजीत राय (02 मई, 1921-23 अप्रैल, 1992) 1997 ऐ. पी. जे. अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर, 1931-27 जुलाई, 2015) 1997 गुलजारी लाल नंदा (04 जुलाई, 1898-15 जनवरी, 1998) 1997 अरुणा आसफ अली (16 जुलाई, 1909 -29 जुलाई, 1996), मरणोपरांत 1998 एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी (16 सितंबर, 1916-11 दिसम्बर, 2004) 1998 सी. सुब्रामनीयम (30 जनवरी, 1910-07 नवंबर, 2000) 1998 जयप्रकाश नारायण (11 अक्टूबर, 1902-08 अक्टूबर, 1979), मृत्यु के बाद 1999 पंडित रवि शंकर (07 अप्रैल, 1920-12 दिसम्बर, 2012) 1999 अमर्त्य सेन (03 नवंबर 1933-अब तक) 1999 गोपीनाथ बोरदोलोई (1890-1950), मरणोपरान्त 2001 लता मंगेशकर (28 सितंबर, 1929 - 6 फ़रवरी 2022) 2001 उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ां (21 मार्च, 1916-21 अगस्त, 2006)

अपने सपनो को सफल बनाने के लिए बातों से नही, रातों से लढना पड़ता है……..🖋️
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