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IAS/PCS Updates: This group is dedicated for all updates i.e. notification, question paper, answer key, movement, highcourt judgement, results etc, regarding PCS Pre Mains and Interview.
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महान साइंटिस्ट थॉमस अल्वा एडिसन स्कूल टाइम में अच्छे स्टूडेंट नहीं थे। वह प्रायः ऐसे क्वेश्चन पूछा करते थे जिसका उत्तर उनके टीचर देने में असमर्थ होते थे, इसलिए वे एडिसन के इर्रिटेटिंग प्रश्नों के कारण उससे परेशान और नाराज़ रहते थे।
दरअसल किताबी पढ़ाई जो अक्सर स्कूल में हुआ करती है, वो एडिसन के मन में कभी रुचि नहीं पैदा करती थी। उसके प्रश्न पूछने की आदत से परेशान होकर अंततः स्कूल के प्रिंसिपल ने एडिसन को स्कूल से बर्खास्त कर दिया, उनके मां से कहा कि आपका बेटा क्लास के अन्य बच्चों के साथ पढ़ने लायक नहीं है। इसे किसी विशेष स्कूल में भेजिए।
एडिसन की मां अपने बच्चे की नई चीजें जानने की जिज्ञासा को जानती थीं। उन्होंने उससे ये कहने के बजाय की वो स्कूल से तुम्हारे व्यवहार के वजह से निकाल दिया गया है, यह कहा कि स्कूल के और बच्चे तुम्हारे स्तर के जिज्ञासा वाले नहीं है, इसलिए अब आगे की पढ़ाई तुम घर रहकर करोगे।
एडिसन ने प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और उत्तर खोजने की ललक को आगे भी जारी रखा। और एक दिन उसने ऐसे ही प्रयोगों में कई बार असफलता के बाद बल्ब का अविष्कार किया, जिसके बिना हम आज की अपनी सभ्यता की कल्पना भी नहीं कर सकते।
इसलिए हमें नए प्रश्नों, नई आवाज़ों, नये विचारों को पनपने का मौका देना चाहिए। क्या पता कल इन्हीं में से कोई ऐसा अविष्कार या विचार दे दे, जिससे हमारी पूरी दुनिया ही बदल जाये।
बच्चों के छोटे हाथों को चाँद सितारे छूने दो;
चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएँगे!
~निदा फ़ाज़ली
@pcspmi
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"तृण धरि ओट कहत बैदेही"
लोक श्रुति है कि अशोक वाटिका में रावण के अवांछित सामीप्य से बचने के लिए मां सीता ने रावण और अपने बीच में एक छोटा सा तिनका रख दिया था और फिर उस दुष्ट राक्षस को चेतावनी दी कि यदि तू इतना ही सामर्थ्यशाली है तो इस तिनके को पार करके दिखा। जनक सुता जग जननी जानकी का एक ज़रा से तिनके पर इस अटूट भरोसे की वजह क्या थी? तिनके को भूमिज कहा जाता है, अर्थात जो भूमि की कोख से पैदा हुआ हो और मां सीता का भी जन्म भूमि से ही हुआ था जिसके कारण उन्हें भूमिजा भी जा कहा जाता है।माता सीता ने उस तिनके में अपना सहोदर, भूमि से ही उपजा अपना भाई देखा था और वह जानती थी कि किसी भाई की उपस्थिति में किसी भी दुराचारी रावण की इतनी सामर्थ्य नहीं कि उसकी बहन को छू भी सके।
ईश्वर सभी बहनों को भाई के रूप में ऐसा ही भरोसा दे तथा सभी भाइयों को इस भरोसे की रक्षा के लिए अनंत सामर्थ्य प्रदान करें।
आप सभी को रक्षाबंधन की ढेर सारी शुभकामनाएं🙏🏻💐
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प्रतिवादी के अधिवक्ता ने आयोग के पुनः अपील करने की प्रति उपलब्ध न होने और कम समय मिलने के कारण ख़ुद को मामले के अनुसार तैयारी न कर पाने की दलील दी,
जिस पर न्यायाधीश असंतुष्ट थे, उन्होंने कहा कि तुम्हारे पास कहने को कुछ खास है भी नहीं, आवश्यक मामला है ये, त्वरित निर्णय लिया जाएगा फिर भी आपको एक और मौका देते हुए 16 अगस्त की तिथि दी जाती है।
ज्ञात हो कि आयोग ने कहा है कि यदि ये केस न होता तो हम 7 अगस्त को ही परिणाम जारी करने के लिए तैयार थे।
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Drashti ias me UPPCS mains 2022
k liye bhi mentorship program hai...
Jo bhi join krna chahe kar skta h....
