SUCCESS CLASSES ANTA
Ir al canal en Telegram
Success Classes की स्थापना 2022 में GSD द्वारा की गयी। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए संपूर्ण समाधान प्रदान कराना है Team Success Classes
Mostrar más717
Suscriptores
Sin datos24 horas
-67 días
-1630 días
Archivo de publicaciones
एरिनपुरा के विद्रोह से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य -
➡️ जोधपुर लीजियन के सैनिकों ने 21 अगस्त, 1857 को विद्रोह कर आबू में अंग्रेज सैनिकों पर हमला कर एरिनपुरा में भी क्रांति का बिगुल बजाया।
➡️ जब क्रांतिकारी पाली पहुंचे तो आउवा (पाली जिले में स्थित एक गांव) के ठाकुर कुशाल सिंह ने उन्हें अपनी सेवा में ले लिया।
➡️ 8 सितंबर, 1857 को आउवा के ठाकुर व क्रांतिकारीयों ने जोधपुर की राजकीय फौज को पराजित कर दिया जिसमें किलेदार अनार सिंह मारा गया तथा सिंघवी कुशलराज जान बचाकर वहां से भाग खड़ा हुआ।
➡️ 18 सितंबर, 1857 को लॉरेन्स की सेना का क्रांतिकारियों के बीच भीषण संघर्ष हुआ जिसमें लॉरेन्स को पराजय का सामना करना पड़ा।
➡️ अंत में ठाकुर कुशाल सिंह ने 8 अगस्त, 1860 को नीमच में अंग्रेजों के सम्मुख आत्मसमर्पण कर दिया।
➡️ बाद में मेजर टेलर जांच आयोग ने कुशाल सिंह को 10 नवंबर, 1860 को दोषमुक्त कर दिया।
➡️ चेलावास का युद्ध राजस्थान के लोकगीतों में "गोरों और कालों का युद्ध" कहलाता हैं...!!
SUCCESS CLASSES ANTA
New Batch
BSTC/PTET
4 December 2024
Time table
10:00 se 11:30 Reasoning
11:45 se 1:00 culture
1:00 se 2:30 history
2:30 se 3:30 Hindi
राजस्थान का एकमात्र ऐसा लोक वाद्य यंत्र जिसकी डोरी मैं तनाव के लिए पखावज की तरह लकड़ी के गुटके डाले जाते है [❤️✍️]
[RAS pre..२०13]
"मंदिरो और राजाओं" के महलों के मुख्य द्वार पर बजाए जाने वाला वाद्य यंत्र हैं [❤️✍️]
[पटवार..२०11]
"वंशावलीयों" की "पीढ़ी दर पीढ़ी" लेखन करने वाला वर्ग कौनसा है [✍️❤️]
[जेल प्रहरी Exam..२०18]❤️
राजस्थान कि कौन सी पारंपरिक कपड़ा रंगाई तकनीक से लम्बे समय तक सुगंधित रहने वाले कपड़े/वस्त्र का उत्पादन किया जाता था?
[Statistical Officer Exam...२०२१]❤️
राजस्थान में 84 खंभों का स्मारक निम्न में से किसने बनवाया ?
(Stenographer - 05-10-2024 shift - 1)
विशेष सूचना : कल कुछ छात्र छात्राओ तथा अध्यापको के पशु परिचर का पेपर होने के कारण संस्था के सभी बैच का अवकाश घोषित किया जाता है
note : -
सवाई जयसिंह ने भारत में 5 अलग - अलग स्थानों पर सौर - वेध शालाओं का निर्माण करवाया था जिन्हे जंतर - मंतर के नाम से जाना जाता है जो निम्न प्रकार है -
1. दिल्ली - सबसे प्राचीन
2. जयपुर - सबसे बडी
3. मथुरा
4. उज्जैन
5. बनारस
* जयपुर के जंतर - मंतर को यूनेस्को के द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया
* सवाई जयसिंह ने जयपुर में जंतर - मंतर में सूर्य पर आधारित सम्राट यंत्र के नाम से विश्व की सबसे बडी घड़ी लगवाई थी. !
note : -
सवाई जयसिंह ने भारत में 5 अलग - अलग स्थानों पर सौर - वेध शालाओं का निर्माण करवाया था जिन्हे जंतर - मंतर के नाम से जाना जाता है जो निम्न प्रकार है -
1. दिल्ली - सबसे प्राचीन
2. जयपुर - सबसे बडी
3. माथुरा
4. उज्जैन
5. बनारस
* जयपुर के जंतर - मंतर को यूनेस्को के द्वारा विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया
* सवाई जयसिंह ने जयपुर में जंतर - मंतर में सूर्य पर आधारित सम्राट यंत्र के नाम से विश्व की सबसे बडी घड़ी लगवाई थी. !
हुरड़ा सम्मेलन ( भीलवाड़ा ) 17 जुलाई 1734 ई. : -
आयोजक - सवाई जयसिंह
अध्यक्ष - मेवाड़ महाराणा जगत सिंह - 2
इस सम्मेलन में भाग लेने वाले राजा -
दलेल सिंह ( बुंदी )
शत्रुशाल हाडा ( कोटा )
अभय सिंह ( जोधपुर )
जोरावर सिंह ( बिकानेर )
गोपाल सिंह ( करौली )
बख्त सिंह ( नागौर )
देबारी समझौता ( उदयपुर) 1708 ई. :-
आमेर के सवाई जयसिंह + मारवाड़ के अजीतसिंह + मेवाड़ के अमरसिंह - 2
मेवाड़ के अमर सिंह - 2 ने अपनी पुत्री चंद्रकवर / चंद्रकुंवरी का विवाह आमेर के शासक सवाई जयसिंह के साथ किया था. !
चंद्रकुवरी का पुत्र - माधोसिंह
मारवाड़ के अजित सिंह ने अपनी पुत्री का विवाह सुरज कुंवर का विवाह सवाई जयसिंह से किया था. !
सुरज कंवर का पुत्र - ईश्वरी सिंह
इस समझौते के अनुसार आमेर का अगला शासक माधोसिंह होगा...!!
Note:- सवाई रामसिंह - 2 के समय ब्रिटेन के राजकुमार प्रिंस अलबर्ट ( प्रिंस ऑफ़ बेल्स ) ने जयपुर की यात्रा की थी रामसिंह - 2 ने प्रिंस अलबर्ट के स्वागत में 1876 ई. में जयपुर को गुलाबी रंग से पुतवा दिया था, इस यात्रा के दौरान स्टेनले रिड़ी नामक एक अंग्रेज भी आया था जिसने अपनी पुस्तक ' रॉयल टूर टू इंडिया " ( भारत का शाही सफर ) में सर्वप्रथम जयपुर के लिए पिंक सिटी ( Pink City ) शब्द का प्रयोग किया गया था तभी से जयपुर को गुलाबी नगर के नाम से जाना जाता है...!!
हवा महल : -
सवाई प्रताप सिंह ने 1799 ई. त्रिपोलिया बाजार में पांच मंजिला इमारत हवा महल का निर्माण करवाया था. !
पांच मंजिला इमारत
1. शरद / प्रकाश मंदिर - सबसे निचली मंजिल
2. रतन मंदिर
3. विचित्र मंदिर
4. प्रकाश / सूर्य मंदिर
5. हवा मंदिर - सबसे ऊपरी मंजिल
953 - झरोखे
365 - खिड़कियां
हवामहल भगवान विष्णु को समर्पित है
हवामहल की आकृति भगवान कृष्ण के मुकुट के समान है
हवा महल का वस्तुकार - उस्ताद लालचंद
हवामहल को लालमंदिर के नाम से भी जाना जाता है
हवामहल का निर्माण शाही सवारियों को देखने के लिए करवाया गया था...!!
मिर्जा राजा मानसिंह द्वारा निर्मित मंदिर / महल -
भवानी शंकर मंदिर - बेकटपुर ( बिहार )
महादेव मंदिर - बोधगया ( बिहार )
रोहतास गढ़ के महल - रोहतासगढ़ ( बिहार )
राधा गोविंद मंदिर - बृंदावन ( U P )
मान महल - काशी ( U P )
मान मंदिर - पुष्कर
पंच महल - बैराठ ( जयपुर )
रामगढ़ का किला - जयपुर
शिला देवी - आमेर
जगत शिरोमणि मंदिर - आमेर
कछवाहा वंश का ऐसा शासक जिसने सर्वाधिक समय तक मुगलो की सेवा की -
SUCCESS CLASSES ANTA
New Batch
BSTC/PTET
2 December 2024
Time table
10:00 se 11:30 Reasoning
11:30se 1:00 History
1:00 se 2:30 Culture
2:30 se 3:30 Hindi
¡Ya disponible! Investigación de Telegram 2025 — los principales insights del año 
