es
Feedback
TARGET POINTERS

TARGET POINTERS

Ir al canal en Telegram

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी चैनल TET/CTET/STET/KVS/DSSSB/DELED/BED/BPSC TRE/Bihar STET/POLICE/UPSSSC All Exams... 𝐀𝐝𝐬/𝐐𝐮𝐞𝐫𝐲/𝐅𝐨𝐫 𝐏𝐚𝐢𝐝 𝐏𝐫𝐨𝐌𝐨𝐭𝐢𝐨𝐧- 📞 Owner |➛ @AnilSBrijwasi

Mostrar más

📈 Análisis del canal de Telegram TARGET POINTERS

El canal TARGET POINTERS (@targetpointers) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 10 761 suscriptores, ocupando la posición 18 146 en la categoría Educación y el puesto 35 470 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 10 761 suscriptores.

Según los últimos datos del 19 septiembre, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 207, y en las últimas 24 horas de -5, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 5.82%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 5.19% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 626 visualizaciones. En el primer día suele acumular 558 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 2.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी चैनल TET/CTET/STET/KVS/DSSSB/DELED/BED/BPSC TRE/Bihar STET/POLICE/UPSSSC All Exams... 𝐀𝐝𝐬/𝐐𝐮𝐞𝐫𝐲/𝐅𝐨𝐫 𝐏𝐚𝐢𝐝 𝐏𝐫𝐨𝐌𝐨𝐭𝐢𝐨𝐧- 📞 Owner |➛ @AnilSBrijwasi

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 20 septiembre, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

10 761
Suscriptores
-524 horas
+2897 días
+20730 días
Archivo de publicaciones
IMPORTANT EXAM NOTE 🛡️ पिंडारी: उदय और पतन 🛡️ 🔆परिचय एवं उत्पत्तिशाब्दिक अर्थ: 'पिंडारी' मराठी भाषा का शब्द है। ★स्वरूप: यह लुटेरों का एक दल था, जिसमें हिन्दू और मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग शामिल थे। ★प्रथम उल्लेख: मुगलों के महाराष्ट्र आक्रमण (1689 ई.) के समय। 🤝मराठों के साथ संबंधभूमिका: बाजीराव प्रथम के समय से ये मराठों के अवैतनिक सैनिक (बिना वेतन के) थे। ★वेतन: इन्हें नकद वेतन नहीं मिलता था, ये केवल युद्ध के दौरान लूट के माल में हिस्सा लेते थे। 🚩 महत्वपूर्ण तथ्य: मल्हार राव होलकर ने ही पिंडारियों को 'सुनहला झंडा' (Golden Flag) प्रदान किया था। 🪖पानीपत के बाद: 1761 के बाद ये मालवा में बस गए और सिंधिया, होलकर व निजाम के सहायक बन गए। 🥷चार प्रमुख पिंडारी सरदार और उनका अंत परीक्षा की दृष्टि से यह सबसे महत्वपूर्ण खंड है: 🥷सरदार का नाम ----------विवरण/अंत 1. चीतू खां ★सबसे शक्तिशाली सरदार। अंत में जंगल में भाग गया जहाँ शेर (चीते) ने उसे खा लिया। 2. अमीर खां------ ★अंग्रेजों से संधि की। इसे टोंक (राजस्थान) की जागीर मिली और नवाब बना। 3. करीम खां----------★ इसने आत्मसमर्पण किया। इसे गोरखपुर जिले में गौसगढ़ की जागीर मिली। 4. वासिल मुहम्मद --- ★यह सिंधिया के आश्रय में था। बंदी अवस्था में इसने विष खाकर आत्महत्या कर ली। ☠️पिंडारियों का दमन (1817-18 ई.) ★गवर्नर जनरल: लॉर्ड हेस्टिंग्स (Lord Hastings)। ★योजना: हेस्टिंग्स ने पिंडारियों को चारों तरफ से घेरने की नीति अपनाई। ★उत्तरी कमान: स्वयं लॉर्ड हेस्टिंग्स ने संभाली। ★दक्षिणी कमान: टॉमस हिसलोप (Thomas Hislop) को दी गई। ★परिणाम: पिंडारियों के दमन के अभियान ने ही तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध का रूप ले लिया। 💡 इतिहास विशेष (Exam Quote): इतिहासकार मैल्कम (Malcolm) ने पिंडारियों के बारे में कहा था: "मराठा शिकारियों के साथ जाने वाले ये शिकारी कुत्ते (Hounds) थे।"

प्राचीन स्मारक संरक्षण अधिनियम 1904 ई. के द्वारा लॉर्ड कर्जन ने भारत में पहली बार ऐतिहासिक इमारतों की सुरक्षा एवं मरम्मत की ओर ध्यान देते हुए 50000 पौंड की धनराशि का आवंटन किया था। इस कार्य के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण को एकीकृत एवं केंद्रीय स्वरूप देते हुए जॉन मार्शल को इसका नया महानिदेशक नियुक्त किया गया।

संयुक्त राष्ट्र ने 2026 को अंतर्राष्ट्रीय चरागाह और पशुपालक वर्ष (IYRP) घोषित किया है। भारत के पशुपालक गुर्जर – जम्मू और कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड – भैंस, भेड़ चराने वाले घुमंतू चरवाहे बकरवाल – जम्मू और कश्मीर – खानाबदोश भेड़ और बकरी पालने वाले गद्दी – हिमाचल प्रदेश – मौसमी भेड़ और बकरी पालन रायका (रेबारी) – राजस्थान – ऊंट, भेड़ और बकरी पालन मालधारी – गुजरात – मवेशी और भैंस चराना (गिर क्षेत्र) धनगर – महाराष्ट्र – भेड़ और बकरी पालने वाले कुरुबा – कर्नाटक, तमिलनाडु – पारंपरिक चरवाहे गोल्ला – आंध्र प्रदेश, तेलंगाना – मवेशी और भेड़ पालन टोडा – नीलगिरि पहाड़ियाँ, तमिलनाडु – भैंस पालने वाले चांगपा – लद्दाख – पश्मीना बकरी पालन भोटिया – उत्तराखंड – ट्रांस-हिमालयी व्यापार के साथ भेड़ और बकरी पालन अहीर – हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश – मवेशी और भैंस पालन बंजारा (लम्बाडी) – तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र – भेड़, मवेशी;  अर्ध-खानाबदोश पशुपालन रबारी – गुजरात, राजस्थान – ऊंट, भेड़ और बकरी पालन वन गुज्जर – उत्तराखंड, पश्चिमी UP – जंगल आधारित भैंस पालक कोली – गुजरात – मछली पकड़ने के साथ-साथ पशुपालन कुचबंधी – ओडिशा – पशुपालन और छोटे-मोटे पशुपालन गतिविधियाँ पहाड़ी गद्दी – हिमाचल प्रदेश – ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मौसम के अनुसार भेड़ चराने वाले टोडा बडागास (पशुपालक वर्ग) – नीलगिरी – भैंस पालन किन्नौरा – हिमाचल प्रदेश – भेड़ और बकरियों के साथ मिश्रित कृषि-पशुपालन मिशमी – अरुणाचल प्रदेश – झूम खेती के साथ मवेशी, मिथुन पालन आदि – अरुणाचल प्रदेश – मिथुन आधारित पशुपालन और मिश्रित खेती अपातानी – अरुणाचल प्रदेश – मवेशी और सूअरों के साथ अर्ध-पशुपालन नागा जनजातियाँ – नागालैंड – मवेशी और मिथुन पालन (कृषि-पशुपालन) गारो – मेघालय – झूम खेती के साथ मवेशी पालन मिज़ो (लुशाई) – मिज़ोरम – झूम के साथ सूअर और मवेशी पालन कुकी – मणिपुर, मिज़ोरम – मौसमी आवाजाही के साथ पशुधन पालन कार्बी – असम – कृषि के साथ संयुक्त पशुपालन        

☕ बोस्टन टी पार्टी की कहानी (Boston Tea Party) बोस्टन टी पार्टी अमेरिकी क्रांति की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण घटना थी। यह ब्रिट
☕ बोस्टन टी पार्टी की कहानी (Boston Tea Party)
बोस्टन टी पार्टी अमेरिकी क्रांति की शुरुआत में एक महत्वपूर्ण घटना थी। यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ अमेरिकी उपनिवेशवादियों के विरोध का एक बड़ा प्रदर्शन था।
🗓️ घटना की तिथि
यह घटना 16 दिसंबर 1773 को मैसाचुसेट्स के बोस्टन बंदरगाह पर हुई थी।
📜 घटना के कारण
यह घटना मुख्यतः ब्रिटिश संसद द्वारा पारित चाय अधिनियम (Tea Act), 1773 के विरोध में हुई थी। इसके मुख्य कारण थे: प्रतिनिधित्व के बिना कराधान ("No Taxation Without Representation"): अमेरिकी उपनिवेशवासी इस बात से नाराज़ थे कि ब्रिटिश संसद उन पर कर (Tax) लगा रही थी, जबकि संसद में उनका कोई प्रतिनिधि नहीं था। वे इसे अपने अधिकारों का उल्लंघन मानते थे। ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार (Monopoly): चाय अधिनियम के तहत, ब्रिटिश सरकार ने वित्तीय संकट का सामना कर रही ईस्ट इंडिया कंपनी को अमेरिका में चाय बेचने का एकाधिकार (monopoly) दे दिया था और उसे कई करों से छूट दे दी थी। सस्ती चाय का विरोध: यह नई व्यवस्था उपनिवेशवासियों के लिए चाय को सस्ता बना रही थी, लेकिन उपनिवेशवादियों को डर था कि यदि संसद एक वस्तु के बाज़ार पर एकाधिकार कर सकती है, तो वह किसी भी वस्तु के व्यापार को नियंत्रित कर सकती है। स्थानीय व्यापारी और तस्कर (smugglers) भी अपने व्यापार के नुकसान से चिंतित थे।
🚢 घटना का विवरण
16 दिसंबर 1773 की रात को, सैमुअल एडम्स के नेतृत्व में सन्स ऑफ लिबर्टी (Sons of Liberty) नामक समूह के लगभग 60 से 130 सदस्य। उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए मोहॉक आदिवासियों की तरह वेशभूषा धारण की। उन्होंने चुपचाप बोस्टन बंदरगाह पर खड़े ईस्ट इंडिया कंपनी के तीन जहाजों (डार्टमाउथ, बीवर और एलेनोर) पर चढ़ाई कर दी। तीन घंटे के भीतर, उन्होंने 342 चाय की पेटियों (लगभग 92,000 पाउंड चाय) को तोड़कर समुद्र में फेंक दिया। इस कार्रवाई से कंपनी को उस समय लगभग £9,659 का भारी नुकसान हुआ, जिसका वर्तमान मूल्य लाखों डॉलर है।
💥 परिणाम और महत्व
ब्रिटिश कार्रवाई: इस घटना से ब्रिटिश सरकार अत्यंत क्रोधित हुई और उसने 1774 में "असहनीय अधिनियम" (Intolerable Acts) कहे जाने वाले कड़े कानून पारित किए। इनमें बोस्टन बंदरगाह को बंद करना और मैसाचुसेट्स की स्व-सरकार के अधिकार को छीनना शामिल था। क्रांति का उत्प्रेरक: इन सख्त कानूनों ने उपनिवेशवासियों के विरोध को और तेज़ कर दिया। बोस्टन टी पार्टी और उसके बाद की ब्रिटिश कार्रवाईयों ने अमेरिकी उपनिवेशों के बीच एकता की भावना को बढ़ावा दिया और अंततः अमेरिकी क्रांतिकारी युद्ध (American Revolutionary War) की नींव रखी।

खजुराहो के निर्माताः चंदेल वंश
+4
खजुराहो के निर्माताः चंदेल वंश

photo content

आवश्यक जानकारी।
आवश्यक जानकारी।

📅 12 जनवरी
🔥 स्वामी विवेकानंद जयंती
🏋 राष्ट्रीय युवा दिवस

लौट आओ दिसंबर... माना की तुम नहाने नहीं देते थे मगर ये जनवरी तो मुंह भी धोने नहीं देती है..!! 🙈 कई लोग तो बस polish से काम चला रहे हैं 😂

*❇️DSSSB EXAM DATES - 16 February To 14 May 2026 Schedule PDF⤵️* ▫️ *PRT Dates* : 16, 17, 18, 19, 20, 23 February and 26, 31 March; 3, 10 April ▫️ *TGT (Music, Special TGT) Date* : 14 March ▫️ *PGT Dates* : 12, 13, 14, 15, 16, 17 April ▫️ *MTS (2024) Dates* : 24, 25, 26, 27, 28 February 2, 3, 5, 6, 8, 14, 15, 25, 27, 28, 29, 30 March, 11, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 28, 29, 30 April & 1, 2, 3, 4, 5, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14 May *& Some Other Post Schedule Also*

❇️ये IPS आयोग के उपसचिव कि तरह कार्य करेगे‼️

❇️शिक्षा सेवा चयन आयोग मे 4 IPS कि नियुक्ति होगी, और आयोग कि सुरक्षा के लिये एक PAC बटालियन भी रहेगी‼️

101. मृत सागर क्या है? Deepti
Anonymous voting

100. महासागरों में निम्न में से कौन सा लवण सर्वाधिक मात्रा में पाया जाता है? Deepti
Anonymous voting

99. भारत के किस राज्य में सर्वाधिक वर्षा होती है? Deepti
Anonymous voting

98. निम्न में से कौन-सा सागर यूरोप को अफ्रीका से अलग करता है? Deepti
Anonymous voting

97. पृथ्वी से भेजी जाने वाली रेडियो तरंगे वायुमंडल की किस परत द्वारा पृथ्वी पर वापस लौट आती है? Deepti
Anonymous voting

96. जब जल वाष्प वायुमण्डल में अवक्षेपित (संघनित) होकर द्रव के रूप में पृथ्वी पर गिरती है जो उसे कहते हैं? Deepti
Anonymous voting

95. पृथ्वी के वायुमंडल की किस परत में ओजोन की परत होती है? Deepti
Anonymous voting

94. वातावरण की सबसे गर्म परत कौन-सी है? Deepti
Anonymous voting