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TARGET POINTERS

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सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी चैनल TET/CTET/STET/KVS/DSSSB/DELED/BED/BPSC TRE/Bihar STET/POLICE/UPSSSC All Exams... 𝐀𝐝𝐬/𝐐𝐮𝐞𝐫𝐲/𝐅𝐨𝐫 𝐏𝐚𝐢𝐝 𝐏𝐫𝐨𝐌𝐨𝐭𝐢𝐨𝐧- 📞 Owner |➛ @AnilSBrijwasi

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📈 Análisis del canal de Telegram TARGET POINTERS

El canal TARGET POINTERS (@targetpointers) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 10 663 suscriptores, ocupando la posición 18 338 en la categoría Educación y el puesto 35 719 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 10 663 suscriptores.

Según los últimos datos del 02 octubre, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 136, y en las últimas 24 horas de -10, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 7.38%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 5.52% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 787 visualizaciones. En el primer día suele acumular 589 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 3.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
“सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी चैनल TET/CTET/STET/KVS/DSSSB/DELED/BED/BPSC TRE/Bihar STET/POLICE/UPSSSC All Exams... 𝐀𝐝𝐬/𝐐𝐮𝐞𝐫𝐲/𝐅𝐨𝐫 𝐏𝐚𝐢𝐝 𝐏𝐫𝐨𝐌𝐨𝐭𝐢𝐨𝐧- 📞 Owner |➛ @AnilSBrijwasi”

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 03 octubre, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

10 663
Suscriptores
-1024 horas
-757 días
+13630 días
Archivo de publicaciones
❇️ECCE EDUCATOR भर्ती के विभिन्न जनपदों के आवेदन करने की अन्तिम Last Date👇 ▪️बाराबंकी 31.10.2025 ▪️चंदौली 04.11.2025 ▪️सहारनपुर 04.11.2025 ▪️चित्रकूट 05.11.2025 ▪️फिरोजाबाद 12.11.2025 ▪️संतकबीरनगर 06.11.2025 https://t.me/TargetPointers

❇️LT ग्रेड शिक्षक भर्ती आवेदन संख्या ▪️ ‘गणित विषय’ 🔳 पुरुष सीट :- 556 🔳 महिला सीट :- 537 ■ आवेदन-1,86,992 [1 लाख 86 हजार+] ■ पुरुष - 1,15,296 [1लाख 15 हजार+] ■ महिला - 71,696 [71 हजार +] 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐞 𝐉𝐨𝐢𝐧 𝐟𝐨𝐫 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞 https://t.me/TargetPointers

❇️LT ग्रेड शिक्षक भर्ती आवेदन संख्या ▪️ ‘कंप्यूटर साइंस’ ▪️पुरुष सीट :- 601 ▪️महिला सीट :- 455 ■ आवेदन- 70,496 [ 70 हजार+] ■ पुरुष - 51,889 [51 हजार+] ■ महिला - 18,607 (18 हजार +) 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐞 𝐉𝐨𝐢𝐧 𝐟𝐨𝐫 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞 https://t.me/TargetPointers

❇️LT ग्रेड शिक्षक भर्ती आवेदन संख्या ▪️ ‘कंप्यूटर साइंस’ ▪️पुरुष सीट :- 601 ▪️महिला सीट :- 455 ■ आवेदन- 70,496 [ 70 हजार+] ■ पुरुष - 51,889 [51 हजार+] ■ महिला - 18,607 (18 हजार +) 𝐒𝐡𝐚𝐫𝐞 𝐉𝐨𝐢𝐧 𝐟𝐨𝐫 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞 https://t.me/TargetPointers

इस साल की शादी में ये रेट तय हुए हैं लडकों के-- 👇 पुलिस/सिपाही -10-15 लाख बैंक :- 20-25 लाख! दरोगा :- 30-35 लाख! मास्टर :- 15-20 लाख! Ssc /रेलवे -25-30 लाख! अग्नि वीर -5-7लाख सॉफ्टवेयर इंजीनियर/हार्डवेयर इंजीनियर/प्राइवेट बैंक एम्पलाई का मार्केट रेट है की लड़की इस प्रोफेशन की होनी चाहिए वैसे ब्रांड वैल्यू खुले बाजार में ओपन नहीं है अब इस साल यही रेट चल रहा है आगे बढ़ता है तो बताते हैं सूत्रों से पता चल रहा है रेट में तेजी आने की पूरी संभावना है।😀😜

❇️राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती का फिज़िकल 30 नवम्बर से 7 दिसम्बर 2025 तक होगा ▪️रिजल्ट कभी भी जारी हो सकता है..

CAT में आज 1.5 गण्टे बहस चली फिर भी अंतिम निर्णय नही आया अब अगली सुनवाई  4 Nov को होगी

CAT में आज 1.5 घण्टे बहस चली फिर भी अंतिम निर्णय नही आया अब अगली सुनवाई  4 Nov को होगी #groupd exam

https://www.youtube.com/live/y8GwAOkXyPg?si=SjhC61P0UMh02Lge 5 बजे से जुड़िए CTET की SST के महत्वपूर्ण प्रश्नों की स्पेशल क्लास से।

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*अमेजन ने 14,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला।* कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ ह्यूमन रिसोर्सेज बेथ गैलेटी ने कर्मचारियों को ईमेल के जरिए टर्मिनेशन लेटर भेजा।

❇️चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia अब 5 ट्रिलियन डॉलर मार्केट वैल्यू वाली कंपनी बन गई है। मतलब, आज दुनिया में एक ऐसी कंपनी मौजूद है, जिसका मार्केट वैल्यू अमेरिका और चीन को छोड़कर बाकी सभी देशों की अर्थव्यवस्था से भी बड़ा है। और गजब की बात यह है कि यह सब मात्र दो साल में हुआ है: मई         2023    $1 Trillion फ़रवरी    2024     $2 Trillion जून        2024     $3  Trillion जुलाई     2025     $4  Trillion अक्टूबर   2025    $5  Trillion AI ने पूरी दुनिया की आर्थिक गणित बदल दी है - और Nvidia इस बदलाव के केंद्र में है।

*❇️Railway group D, Exam आप सबके बीच पहले भी बता या था 17 November से paper नही हो पायेगा, तो clear* है अब 17 November से नही हो पायेगा Railway Board नई date जारी करेगा # Group D

❇️Famous Awards Established Years ✅️Famous Awards Established Years ✅️1901 = नोबेल पुरस्कार ✅️1917 = पुलित्जर पुरस्कार ✅️1929 = ऑस्कर अवार्ड ✅️1952 = कलिंग पुरस्कार ✅️1954 = भारत रत्न ✅️1954 = राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार ✅️1954 = साहित्य अकादमी पुरस्कार ✅️1957 = रेमन मैग्सेसे पुरस्कार ✅️1958 = शांति स्वरूप भटनागर ✅️1961 = ज्ञानपीठ पुरस्कार ✅️1961 = अर्जुन पुरस्कार ✅️1969 = मैन बुकर पुरस्कार ✅️1969 = दादा साहब फाल्के पुरस्कार ✅️1985 = द्रोणाचार्य पुरस्कार ✅️1991 = सरस्वती सम्मान ✅️1992 = व्यास सम्मान ✅️1992 = राजीव गांधी खेल रत्न ✅️1995 = गांधी शांति पुरस्कार

https://www.youtube.com/live/aC_DusyyjME?si=Z5hpw8qtPn6UZ1VG 2 बजे से जुड़िए CTET MATHS की महत्वपूर्ण प्रश्नों की स्पेशल क्लास से।

शिक्षक अपनी नौकरी छोड़ रहे हैं : एक कड़वी सच्चाई “शिक्षक जा रहा है” — यह लेख एनसीईआरटी के पूर्व निदेशक कृष्ण कुमार द्वारा लिखा गया है, जो द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ था। इस लेख का सारांश इस प्रकार है — आज देशभर के स्कूलों में एक शांत लेकिन गहराई तक परेशान करने वाला बदलाव हो रहा है — 👉वह है शिक्षकों के मन में बढ़ती थकान, बेबसी और मोहभंग। 👉शिक्षक अपनी नौकरियां छोड़ रहे हैं — कुछ चुपचाप, और कुछ भीतर ही भीतर टूटकर। 👉वहीं, नई पीढ़ी अब शिक्षक बनना ही नहीं चाहती। ऐसा क्यों हो रहा है? 🔹 1. शिक्षकों के चारों ओर फैला नौकरशाही का जाल : 📍 पढ़ाने के बजाय शिक्षक अब रिपोर्ट भरने, फॉर्म भरने और डाटा अपलोड करने में उलझे रहते हैं। 📍 “फोटो भेजो”, “प्रमाण दो”, “रिपोर्ट अपलोड करो” — यही उनका रोज़मर्रा का काम बन गया है। 📍 अब कक्षा में उनकी उपस्थिति घट रही है, जबकि स्क्रीन के सामने बिताया समय बढ़ रहा है। 🔹 2. तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता : 📍 हर विषय में डिजिटल टूल, ऐप्स और स्मार्ट बोर्ड थोपे जा रहे हैं। 📍 विषय, बच्चे की उम्र या संदर्भ को बिना समझे आदेश दिए जाते हैं — “तकनीक का उपयोग करो।” 📍 शिक्षण से मानवीय स्पर्श गायब हो गया है; शिक्षा अब मशीन-केंद्रित बन गई है। 🔹 3. शिक्षक बन गए हैं ‘इवेंट मैनेजर’ : 📍 हर दिन कोई न कोई दिवस मनाना होता है — योग दिवस, मातृभाषा दिवस, पर्यावरण दिवस आदि। 📍 अब शैक्षणिक गुणवत्ता नहीं, बल्कि कार्यक्रमों की संख्या और दिखावा सफलता का पैमाना बन गया है। 📍 प्रधानाचार्य और शिक्षक दोनों इस प्रदर्शन संस्कृति के जाल में फंसे हुए हैं। 🔹 4. ग्रामीण शिक्षकों की दयनीय स्थिति : 📍 दो-तीन शिक्षक सैकड़ों छात्रों को पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। 📍 पढ़ाने के साथ-साथ उन्हें मिड-डे मील, छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म, साइकिल, सरकारी रिपोर्ट्स सब संभालनी पड़ती हैं। 📍 अब वास्तविक शिक्षा से अधिक महत्व “डाटा भेजने” को दिया जा रहा है। *🔹 5. मानसिक तनाव और आत्म-सम्मान की हानि : 📍 लगातार ऊपर से निगरानी ने शिक्षकों का आत्मविश्वास तोड़ दिया है। 📍 हर काम का सबूत मांगा जाता है — विश्वास समाप्त हो गया है। 📍 छात्रों के तनाव और व्यवहारिक समस्याओं से जूझते-जूझते शिक्षक भावनात्मक रूप से थक चुके हैं। 📍 माता-पिता की अवास्तविक अपेक्षाएं और हर चीज़ का प्रमाण देने का दबाव। 🔹 6. शिक्षा का असली उद्देश्य खो गया है : 📍 शिक्षकों पर सिलेबस पूरा करने का भारी दबाव है। 📍 विषयों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, चाहे उसकी जरूरत हो या नहीं। 📍 अब स्कूल “मानव निर्माण की जगह” नहीं रह गए हैं। 📍 आज की शिक्षा प्रणाली प्रदर्शन दिखाने की परियोजना बनकर रह गई है। 📍 शिक्षक-छात्र का भावनात्मक रिश्ता, जो शिक्षा का केंद्र था, अब डाटा और डेडलाइन के नीचे दब गया है। 📍 अब छात्र शिक्षक को सेवा प्रदाता समझने लगे हैं — सम्मान खो गया है। 🔹 अब विचार करने का समय है... 👉शिक्षा का असली केंद्र फिर से बच्चे और शिक्षक होने चाहिए, ना कि डाटा और रिपोर्ट। 👉यदि शिक्षकों को स्वतंत्रता, सम्मान और विश्वास नहीं दिया गया,तो कल की शिक्षा निर्जीव हो जाएगी। 📚 हमें एक बार फिर शिक्षकों पर विश्वास करना होगा — क्योंकि अगर शिक्षक चला गया,तो स्कूल तो खड़ा रहेगा,पर शिक्षा नहीं बचेगी।।

इंद्र देव के इन्हीं हरकतों से देवता असुर सब मिलकर उनकी फील्डिंग सेट कर देते थे, हरकत ही ऐसा था। एक तो छठ पूजा में बारिश और एक अभी भी बारिश...।