es
Feedback

¡No caigas en manos de tramposos! Telemetrio encuentra y marca estos canales 👉 Si quieres ver la etiqueta, suscríbete

ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

Ir al canal en Telegram
1 139
Suscriptores
+124 horas
+77 días
+730 días
Archivo de publicaciones
गुस्से में आग सी तपन रखती है मगर मुस्कुराना उसका छांव का सा है , नए ज़माने की है वो लड़की मगर तरीका इश्क़ निभाने का गांव का सा है 😌🌹

हर मोड़ पे यहां लोग बहुत मिलेंगे यकीं मानो सब बेकार है जीना उसी के लिए जो तुम्हारे लिए मरने को तैयार हैं ।। 🌸

किसी को तो पसंद आयेगी नादानियां मेरी अब सारा ज़माना तो समझदार नहीं ... 🥲🌸

तुम जो मुस्कुराते हो मेरे साथ , हर ऋतु मुझे सावन लगती है हाथ जहां थाम लेते हो , हर जगह मुझे वृंदावन लगती है 😌🌸

इंतज़ार करना जानती हूं मगर दगाबाज नहीं हूं हीर हूं मगर किसी रांझे की मोहताज नहीं हूं 😎

ख़्वाब ज़रा महंगे थे सो मैंने नींद गिरवी रख दी .... 🙂🩺

समझदारी ज़्यादा नहीं भाती मुझे तुम शरारती बन जाओ दिन रात देखा करूं तुम्हे , सुनो ! तुम मेरी NCERT बन जाओ 😒

ज़रा बिगड़ी हुई हूं मैं , मुझे बहुत खराब आदत है तुम्हारी 💫

परेशान जब भी होऊं , मुझे समझाते रहते हैं यूं घबराते नहीं मुश्किलों में , कहते रहते हैं नाजों से रखा है मुझे , हमेशा रखा है जुनून में यकीनन कोई तो जादू है उनमें पढ़ाई मेरी , कॉफी बनाने को जागते वो रहते हैं क्या आप यकीं करेंगे , ये हू–ब–हू मेरे पापा जैसे लगते हैं ।। 😍😌 HAPPY FATHER'S DAY 🌸

एक वक्त के महफिलों की जान हुआ करते थे हम भी , ख्वाहिशों ने कुछ यूं बेड़ियां बांधी की मिलना भी नसीब में ना रहा ✍

कान्हा 😍😌
कान्हा 😍😌

आप शायरी की बात करते हैं हम तो बातें भी कमाल की करते हैं । 😌😁❤️

🌧🌈
🌧🌈

ऐ ज़िंदगी ! ये तो कोई बात नहीं हुई सो जाऊं सुकून से , एक अरसे से वो रात नहीं हुई मुस्कुराऊं दिल_ओ_जान से ... दोस्तों से वो मुलाकात नहीं हुई जाने क्यूं है छोटी सी ज़िंदगी में गम भरे यूं हैं दिल ने हार ना मानने को कई बार समझाया है फिर भी हालातों ने मुझे रुलाया है ऐसी परिस्थितियां तो शायद किसी के साथ नहीं हुई ऐ ज़िंदगी ! ये तो कोई बात नहीं हुई 😒

है ठिकाना आज भी, फीका पड़ता ताज भी, सोचता हूं क्या कहूं, निकले बस दुआ,, सोच उनकी पानी जैसी, बिजली जैसी बाते, धोखे उनके पास हों, हां जल के धुआं, जो हो तुम वो रहो, कुछ भी किसी से न कहो वरना बोलते है लोग "हां, फिर क्या हुआ?" थम ना जाए पैर तेरे, ना डगमगाए तेरे रास्ते, है लिखा मैंने, जो भी अहसास हुआ! फर्क पड़ता तो पड़े, बात हो तेरा साथ हो,,, ना मैं सोचूं कुछ भी, निकले बस दुआ! है ठिकाना आज भी, फीका पड़ता ताज भी.. #elixir

ये जो तुम तोहफ़ा देते हो , महंगी घड़ियां और गुलाब साथ में , यकीन करो इनसे खूबसूरत लगेगा तुम्हारा हाथ मेरे हाथ में 😒

आज चांद, चांदनी की बातें न करके 'तारों' की कर रहा है, चांदनी को सताने के लिए तारीफें 'हजारों' की कर रहा है! @akshat

जब दुआएं मां की साथ हो जनाब मंज़िले मुश्किल नहीं हुआ करती ... ❤️

मुस्कुराते चेहरे की शिकन पढ़ लेते हैं , मुर्शीद बारीकियां तो देखो उनकी नजरों की ...♥️

यकीं मानो , करदो हां ! इश्क़ निभाना हमसे इतना भी मुश्किल नहीं रोटी बनाना मैं सीख लूंगी चोटी बनाना तुम सीख लेना 😌💙