ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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तुझसे कुछ पल मिले तेरे साथ ,
ये आखिर कोई महंगी हसरत कहां ...
ये ठंडी रातें , सर्द हवाएं और दिसंबर की बरसात
उसे भी मेरी याद..... ?
नहीं नहीं , उसे इतनी फुरसत कहां....😌💔
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किसी ने कद्र नहीं की मेरी बेपनाह मोहब्बत की भी ,
कोई मेरे रूखे जवाबों पर जान वारता रहा .... ❤️🩹
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तुम समंदर हो , तुम्हारी अपनी मनमर्जियां हैं
मैं किनारा हूं , मेरी अपनी विवशतायें ....🍂
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ना वो मिला है ना मिलने का इशारा कोई
कैसे उम्मीद का चमकेगा सितारा कोई
हद से ज्यादा न किसी से मोहब्बत करना
जान लेता है हमेशा जान से प्यारा कोई ...💔
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जब समंदर आये , पांव चूमने ,
तो बरसाती बूंदों का इंतज़ार नहीं किया करते
खैर ,
जब मंज़िल पहाड़ हो , तो गहराई से प्यार नहीं किया करते ..... ❤️
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Thanks for your support and so much love.
I just need a little break now.
Gonna be here soon ( or late may be ) ❤️
Love uh all 🦋
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यूं दूर दूर होकर जताते हैं कि फिकर नहीं है
कसम इस चांद की आपको , आप ज़रा करीब रहिये ना
इश्क़ की ख़बर आपकी धड़कने देती हैं हमे
आप भी कोशिश करिए , हमसे एक बार तो कहिये ना ।। 🥹👀
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किताब के आगे के पन्नों पर होगा इश्क़, पीछे आंसू बेहिसाब ही रह जायेंगे
सवाल चाहे जितने हो , न सुनने वाला हो तो बिन जवाब ही रह जायेंगे
ये इश्क़ मोहब्बत गज़लें ये लफ़्ज़
ख़्वाब थे , ख़्वाब है और ख़्वाब ही रह जायेंगे 🥲💔
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सुख दुख , हार जीत हिस्से हैं ज़िंदगी के
यही सोच मैं खुशियों के मौके हर बार चुरा लेती हूं
इश्क , इम्तिहान , ज़िंदगी और मैं
खैर तुम हो तो सब संभालने को ,
यही सोच मैं फिर से मुस्कुरा देती हूं ।।
Thank you so much for everything Kanha... just for everything 🥹🫠❤️❤️∞
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A day with Him.... 🌙🦋🧿
कहा उन्होंने .... दीदार को तरस गए हम
आप मिले और ज़रा मोहब्बत की हिफाज़त रखें 🥹
कुछ इश्क़ , कुछ गुफ्तगू और कुछ शिकायत रखें 😌
हमने कहा, यूं करीब न आइये , जनाब थोड़ी शराफत रखें 🙈
जाने की इतनी जल्दी भी क्या है , वक्त दिखा हमे बार बार , मोहतरमा न लफ्जों की बगावत रखें 🥲
ढलती सांझ , एक फकीर माथे पे हाथ रख बोला
खुदा तुम्हारी जोड़ी सलामत रखे ।।🫠❤️
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ये धुन जो सुन रहे हो, उसकी सदा लगती है
साँस लेती है वो कि सुबह की सबा लगती है...
अब हम मंदिर-ओ-मस्जिद में क्यों जायें
वो बोलती है तो आयत-ए-खुदा लगती है...!!
·—·—·—·—🖤🖤—·—·—·—·
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त्यौंहार , लोग , वक्त और उम्र
अक्सर
गुज़र जाने के बाद ज़्यादा कीमती लगने लगते हैं।। 🙌
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एक पल में दिल के करीब एक पल में ओझल हुआ है
दो दिलों को मंज़ूर था महज़ क़िस्मत के कारण कत्ल हुआ है
आख़िर इश्क़ कहां किसी का मुक्कमल हुआ है
तुम्हे देखे एक अरसा हुआ , जाने कितनी शामें बीत गई
ये कैसी कैद का गुलाम मेरा दिल हुआ है
हाथ थाम हालात बोले , ज़रा संभल जो हुआ है
आख़िर इश्क़ कहां किसी का मुक्कमल हुआ है ।। 💔🥺
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यूं मुस्कुरा क्यूं रही हो अकेले , यारों के इस सवाल का जवाब हो गये ,
कुछ नही , कुछ नही ... से जाने कब तुम , आये हाये! बेहिसाब हो गए ,
आसमां से बरसा नूर जो उस शाम टकराए मुझसे
आंखों की हकीकत से जाने कब तुम ख़्वाब हो गए
बेहिसाब हो गए.... तुम ख़्वाब हो गए ❤️
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युद्ध जीते जाते हैं अभ्यास के दौरान
युद्ध वाले दिन तो केवल प्रमाण दिए जाते हैं ।। 🔥
