ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Ir al canal en Telegram
1 139
Suscriptores
+124 horas
+77 días
+730 días
Archivo de publicaciones
1 139
एक दो झूठ नहीं, अभी कई बहाने लगेंगे
कहानियाँ गढ़नी पड़ेगी, कई फसाने लगेंगे
इस कदर आन मिले हो तुम मुझमें ,
कि तुमसे निकलने में मुझे ज़माने लगेंगे .... 🎀
1 139
न सोचा करो हर बार कि
हम भूल जायेंगे तुमको ,
न तुम इतने आम हो ,
न ये मेरे बस की बात है .. ..🌷🦋
1 139
किसी ने तुम्हारा नाम लिखा पन्ना निकाल दिया यूं ही
मुझे यकीन है कोई तुम्हे अपनी किताबों में सजा कर रखेगा
तुम ना बरबाद करना खुद को किसी न चाहने वाले पे
मुझे यकीन है कोई तुम्हे सर आंखों पर बैठा कर रखेगा .... ❤️🫂
1 139
कही होकर भी नहीं हूँ और कही न होकर भी हूँ!
बड़ी कशमकश में हूँ कि आज-कल कहाँ हूँ और कहाँ नहीं हूँ!
~⭐️
1 139
एक थकी हुई सी ज़िंदगी को सुकून दे जाती हैं ,
उसकी बाहें मानो घर बैठे पहाड़ हो मेरे लिए ... ❤️
1 139
कोई मोहब्बत ना समझा उसकी , किसी का वो इश्क़ कमाल हो गया
उसका हर जवाब कम था कहीं , किसी का वो उलझन भरा सवाल हो गया
किसी ने ठुकरा दी उसके साथ रातें भी , किसी का वो सुबह का पहला खयाल हो गया ...
🌙🌻🧸💛
1 139
आबादी का किस्सा सुनाता हूँ।
कभी उसे देख देख मुस्काता था।
आज भरे चौराहे बेवज़ह मुस्कुराता हूँ।
यार मेरे मुझे घर ले जाने की बात करते है।
पगाल हूँ ,सर न फोड़ दूँ, पास आने से भी डरते है।
पुल के ऊपर जहां हम शाम बिताते थे।
नदी के बहाव का लुफ़्त उठाते थे।
उसी पुल ने नीचे कोने में खुली चट्टान पर मेरा बसेरा है।
रात कितनी भी घनी क्यों न हो,दिखता मुझे सवेरा है।
कभी नदी के बहाव को रोक देता हूँ।
कभी हँसते हँसते खुद का सर फोड़ देता हूँ।
जब कोई उस पार मिट्टी जलाने आता है।
यूँ लगता है जैसे ,ऊपर से खुद मेरा बुलावा आता है।
आसमान खुला है, एक प्यारी सी तस्वीर छायी है।
लगता है खाने की थाली लिए मेरी माँ आयी है।
~अभि
1 139
किस्मत मेहरबान है मुझ पे
मुझे यूं ही अकेला छोड़ा जाने की आदत है ,
तुम न गिनवाओ कारण मुझसे दूर होने के
तुम जाओ , तुम्हे जाने की इजाज़त है ।। 😌
1 139
Repost from 💓सुकूँन 🍁
गम:❤️
वो टकरा जाता है हर रोज़ मुस्कुरा कर,
एक हम है, जो भरे अश्क़ों से भी गले लगा लेते है!
~आbhiwrites 🩷
1 139
प्रेम को समझने के लिए हृदय चाहिए होता है,
निभाने के लिए धैर्य और पाने के लिए सौभाग्य.... ❤️
Good morning 🎀
1 139
मरने की तरकीबें बहुत थी, अब ना मैं जीने का इंतज़ार करूं
आसमां अभी काफ़ी पड़ा है, मैं कोशिशें बेशुमार करूं
बंधी रही मैं ख्वाइशों की उम्मीदों से
अब वक्त है मैं हदें पार करूं 🦋
1 139
Repost from 💓सुकूँन 🍁
वो जो आज मेरा सुकून छीन के बैठी है!
कभी मेरे सीने में हमारे घर का नक्शा बनाती थी!!
#Abhiwrites❣
1 139
मैं नहीं आती अब तेरे दर पर ऐ खुदा !
जिनकी दुआयें कुबूल हुई , बंदगी उन्हें मुबारक हो ,
मैं जी लूंगी मेरी मौत भी ,
वो जिन्हें मिला , ज़िंदगी उन्हें मुबारक हो ।।😌🙌
1 139
Repost from 💓सुकूँन 🍁
Is there someone who doesn't need anything?
Is there someone who can cry with you?
Is there someone for whom only love is enough?
Is there someone who is full of emotions?
Is there someone who can read the language of eyes?
~Abhiwrites🩷1 139
बेइमानी हैं तेरे इश्क़ में निभाने की ,
कि किस्मत चाहे भी तो अपनी राहें नहीं मिलती ,
ये दूरियां खा गई मेरी मोहब्बत ,
सुबह के खयाल मिलते हैं तेरे मुझे मगर सोने को तेरी बाहें नहीं मिलती ... 😒
Gud morning ❤️
