ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Ir al canal en Telegram
1 121
Suscriptores
Sin datos24 horas
-37 días
+430 días
Archivo de publicaciones
1 121
ये वो लोग.....
जो चंद लम्हों में नाप लेते हैं
औकात किसी की.....
शायद.....
देखा नहीं हैं उन्होंने
कुदरत का कायदा......!!
—————🖤🖤—————
1 121
हर पल में प्यार है
हर लम्हे में खुशी है
खो दो तो याद है
जी लो तो जिंदगी है...!!
—————🖤🖤—————
1 121
अपने
किरदार से
महकता है इन्सान...
चरित्र को
पवित्र करने का
इत्र नहीं होता...!!
—————🖤🖤—————
1 121
कट ही जाएगी जुदाई भी
बिछड़ने से थोड़ी ना मर जाएंगे...
तेरे भी दिन गुजर जाएंगे
मेरे भी दिन गुजर जाएंगे...!!
—————🖤🖤—————
1 121
निगाहों की बेचैनी
समझ आती है मुझे....
तेरा
बार बार मेरी तरफ देखना
एक दिन
मार देगा मुझे....!!
—————🖤🖤—————
1 121
ऐ चांद की किरणों जाओ ना
तुम उस को छू कर आओ ना
वो कब कब क्या क्या करता है
वो जागता है या सोता है
वो किस से बातें करता है
वो शाम को कैसा लगता है
जब जागे कैसा दिखता है
तुम चुपके चुपके जाओ ना
तुम उसको छू कर आओ ना
हम उसके बिना अधूरे हैं
और जाना मुश्किल लगता है
तुम कान में उसके कह देना
कोई याद तुम्हें बहुत करता है
ऐ चांद की किरणों जाओ ना
तुम उसको छू कर आओ ना...!!
—————🖤🖤—————
1 121
रंगतों पे जानें का
फायदा नहीं है...
साफ बादल से.....
बारिश की
उम्मीद नहीं होती.....!!
—————🖤🖤—————
1 121
हाए......
ये ज़ुल्फ़ें यूँ सँवार के चलना
बड़ा कहर ढ़ाता है...
ज़रा कभी तो
समेट लो इनको
एक बार हमें देख कर......!!
—————🖤🖤—————
1 121
रूह से हो होकर गुज़रती है
इश्क़ की महीन रेखा....
जिस्म वालों को
पता ही नहीं
क्या होता है
दिल का लगा लेना.....!!
—————🖤🖤—————
1 121
गज़ब का जलवा है
सर उठा के देख ज़रा....
भीड़ जो लगी है सरे बाज़ार.....
सब तेरी जुल्फों से
घायल नज़र आते हैं हमें...!!
—————🖤🖤—————
1 121
तुम्हें देखने के बाद
कुछ इस तरह बेबस
मेरे ख़्याल हो गए...
कि तुमसे अलग
कुछ सोचना भी चाहूं
तो सोचा नहीं जाता...!!
—————🖤🖤—————
1 121
तेरी आहट से
बढ़ जाती हैं
धड़कनें मेरे दिल की...
इसे गर इश्क़ न कहें...
जो ज़्यादती होगी...!!
—————🖤🖤—————
1 121
काजल भला
कोई इतना धार-दार होता है...?
निगाहों को चीरते
हलक से उतर कर...
कलेजे को ज़ख्मी कर गया...!!
—————🖤🖤—————
1 121
हया की शर्त
अब मोहब्बत में
कौन रख़ता है...
शहर में
तन ढकने को
पिछड़ा समझतें हैं लोग...!!
—————🖤🖤—————
1 121
56✨
🫴
नशा बुरा नहीं है , लत बुरी है
इश्क़ बुरा नहीं है , आदत बुरी है
सालों तरसे हैं लोग , मेरी इक नज़र को भी
एक पल में तुझे दिल दिया
तेरी क्या ये .... फितरत बुरी नहीं है..
😅💙.
1 121
55✨
🫴
गिर कर , उठ कर , संभल कर , निभा कर
मगर मुक्कमल हुए कुछ वादे बन जायेंगे
इन रास्तों से वास्ता महज़ इतना है कि
मंज़िल पे पहुंच कर , ये हसीं यादें बन जायेंगे ।।
😌💙
1 121
54✨
🫴
हर वक्त अच्छा होने की गलती ,
हर वक्त सच्चा होने का पछतावा ,
झूठ कहने वालो को अंदाज़ा भी नहीं
यकीन करने वालो पे क्या गुज़री होगी ।। 🥲
1 121
53✨
🫴
हवस की परवरिश होती है ,
मोहब्बत के परदे में
अब कहां इस ज़माने में किसी को सच्चा प्यार होता है।। 😌💔
1 121
52✨
🫴
"Tears shed for another person are not a sign of weakness. They are a sign of a pure heart." 🌸😌
¡Ya disponible! Investigación de Telegram 2025 — los principales insights del año 
