es
Feedback

¡No caigas en manos de tramposos! Telemetrio encuentra y marca estos canales 👉 Si quieres ver la etiqueta, suscríbete

ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

Ir al canal en Telegram
1 135
Suscriptores
+124 horas
+17 días
-130 días
Archivo de publicaciones
122✨ 🫴 आज़ादी से इश्क़ किया उन्होंने और आज़ादी हमारे नाम हुई छलक पड़े आंसू मां भारती के जब जीत की मुस्कुराहट देश में पैगाम हुई आज छू लिया हमने चांद को भी धरा पे भारत की ख्याति सरेआम हुई मेरा फिर से एक बार सलाम उन जवानों को जिनसे खूबसूरत हमारी हर सुबह और सुकून भरी हर शाम हुई ।। 🌸 🇮🇳Happy Independence Day 🇮🇳

🥹🤲
🥹🤲

122✨ 🫴 गुम हो तुम सवालों में सिर्फ जो अर्थ चाहोगे ... तो ही कृष्ण मिलेंगे न 🌸

121✨ 🫴 ...और तुम क्या क्या संभाल लोगे मेरा कमरे के सिवा बिखरी बिखरी मेरी ज़िंदगी भी हैं ...🫠

120✨ 🫴 मंज़िल मिलने पर सुनायेंगे सफ़र की दास्तां केसे गुजरी रातें किस कदर थामे आंसू और कैसा था रास्ता 🌈

119✨ 🫴 काफ़ी मिलती जुलती आदतें हैं हमारी हम दोनों ज़िद के लिए इश्क़ छोड़ सकते हैं।।🙂💔

119✨ 🫴 तुम्हारे शहर की शामें बहुत हसीन है कुछ पल चुरा लूं ... गर तुम्हे बुरा ना लगे नाम तो जुड़ा ही मेरे साथ तुम्हारा एक तस्वीर भी जोड़ लूं ... ताकि कुछ अधूरा ना लगे ...🥹🌸

118✨ 🫴 हौंसला पास में हैं और आसमान सामने मगर जिम्मेदारियों तले दबे परिंदे को कहां पंख पसंदीदा मिलते हैं .... 🫠

तुम हार के दिल अपना मेरी जीत अमर कर दो .... 🥹🩷

117✨ 🫴 हारने वालों का भी अलग रुतबा होता है मलाल वो करें जो दौड़ में शामिल ही नहीं हुए ।।🔥

116✨ 🫴 मैं रंग चाहे जो भी पहनूं ... तुम , हाय ! कहके मुझपे ही मरना और मैं कहूंगी , मुझे पसंद है देखना चांद को तुम हामी भरकर मुझे ही देखा करना ।।🤧😂

115✨ 🫴 फैसला सुनाया जाता है चंद अल्फाजों को पढ़कर पूरी कहानी कहां कोई जानना चाहता है।।🙂

114✨ 🫴 वक्त पड़ने पे देखोगे तुम समझदारियां मेरी वरना मेरा बचपना तुम्हे हंसाएगा बहुत ...🤧😌

113✨ 🫴 आपने ही मोहब्बत जतायी हमारा आपसे लगाव कोई ज़्यादा नहीं था आपने दरवाज़े खोले अपनी बाहों के वरना हमारा आपके दिल में आने का कोई इरादा नहीं था।। 🤭

112✨ 🫴 मैं कोई नशा नहीं करती तुम्हारी तस्वीर देखने के सिवा.... 🤧

111✨ 🫴 ये जो तुम साफ़ दिल के हो न दिमाग वालों से हार जाओगे ।। 🫠

💔
💔

110✨ 🫴 मेरी बात से कोई तालुक नहीं मेरे जज़्बात बस खयाली है भीड़ है मेरे शहर में इतनी मगर मेरे मिजाजी लोगों से ये ख़ाली है 🍂

109✨ 🫴 यूं ही आंखों को भा गया वो शख़्स वरना हम कहां इश्क़ में फंसने वालों में से थे ....🥹

108✨ 🫴 संघर्ष को ये स्मरण है अवनति उन्नति का ही एक चरण है ।। 🌈🫧