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Devendra Choudhary IAS

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Welcome, For you guy's here uploading soon all videos Audio or class regarding UPSC examination. Make your own strategy and be succeed. जूनून है तो सब है -🚨 devendrakumarind1@gmail.com

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अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को, सच्चाई में बदल सकते हो।.....
अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को, सच्चाई में बदल सकते हो।.....

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अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को, सच्चाई में बदल सकते हो।.....
अगर आप जिद्दी हो तो आप अपने हर सपने को, सच्चाई में बदल सकते हो।.....

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यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना पड़ता है । पूछा चिड़िया से किसी ने कैसे बना लेते हो इतना सुंदर आशि
यूं ही नहीं मिलती राही को मंजिल, एक जुनून सा दिल में जगाना पड़ता है । पूछा चिड़िया से किसी ने कैसे बना लेते हो इतना सुंदर आशियाना, बोली चिड़िया , भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार, तिनका – तिनका उठाना पड़ता है ।

अपना सूरज बना डालिए ताकि घोर अंधेरी रातों में सारा जहां प्रकाशमान रहे _ DC
अपना सूरज बना डालिए ताकि घोर अंधेरी रातों में सारा जहां प्रकाशमान रहे _ DC

Lohri in Punjab Magh Bihu in Assam Uttarayan in Gujarat Uttarayani in Uttarakhand Bhogi in Telangana & Andhra Pongal in Tamil
Lohri in Punjab Magh Bihu in Assam Uttarayan in Gujarat Uttarayani in Uttarakhand Bhogi in Telangana & Andhra Pongal in Tamilnadu Sankrant in Kashmir Makara Sankranti in Karnataka Happy Makar Sankranti 🍂🍁🌟

🛑 दुख गहराई देता है , खुशी ऊंचाई देती है। दुख जड़ देता है , सुख शाखा देता है । सुख उस वृक्ष के समान है जो आकाश में जाता है, और दुख उस जड़ के समान है जो पृथ्वी के गर्भ में उतरती जाती है। दोनों की जरूरत है , और एक पेड़ जितना ऊंचा जाता है , उतना ही गहरा होता जाता है । पेड़ जितना बड़ा होगा , उसकी जड़ें उतनी ही बड़ी होंगी। वास्तव में, यह हमेशा अनुपात में होता है। यही इसका संतुलन है । 🛑 “ Sadness gives depth. Happiness gives height. Sadness gives roots. Happiness gives branches. Happiness is like a tree going into the sky, and sadness is like the roots going down into the womb of the earth. Both are needed, and the higher a tree goes, the deeper it goes, simultaneously. The bigger the tree, the bigger will be its roots. In fact, it is always in proportion. That’s its balance.”

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✌️✌️Your intense Hard work, Your Conviction, Your Determination will help you to reach here. 👌👌 🔥🔥🔥शीलं परम भूषणम् 🔥🔥🔥 #upsc #lbsnaa #motivation #live2023

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प्रसंग , जोशीमठ, उत्तराखंड का प्राचीन शहर चिंता का विषय बन गया है। हालांकि जोशीमठ शहर में पिछले दो दशकों से दरारें उभर रही हैं, लेकिन पिछले कुछ दिनों में चीजें बढ़ गई हैं। स्थान उत्तराखंड के चमोली जिले में 6,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के मार्ग पर स्थित शहर उच्च जोखिम वाले भूकंपीय 'जोन-वी' में आता है। यह मेन सेंट्रल थ्रस्ट (MCT) लाइन के शीर्ष पर स्थित है । पूरे उत्तराखंड राज्य का भूगोल नाजुक है। और, जोशीमठ विशेष रूप से पुराने भूमि निक्षेपों पर स्थित है। इसलिए जोशीमठ में भूस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके चलते हर साल जोशीमठ के लोगों के घरों और खेतों में दरारें पड़ जाती हैं। ज्योतिर्मठ हिंदू मठ, हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण स्थलों में से एक, यहां है। इसके पास चीन के साथ सीमा के निकटतम सैन्य स्टेशनों में से एक है। मेन सेंट्रल थ्रस्ट (एमसीटी) लाइन MCT हिमालय में एक दरार या भूगर्भीय दोष है। इसका निर्माण इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट और यूरेशियन प्लेट की टक्कर से हुआ है। लगातार विवर्तनिक गतिविधियों के कारण एमसीटी के नीचे का क्षेत्र विशेष रूप से बहुत नाजुक है। और, इसलिए, एमसीटी क्षेत्रों में भूकंपीय गतिविधियां बहुत आम हैं। एमसीटी उत्तर-पश्चिम-दक्षिणपूर्व दिशा में हिमालय में 2200 किमी से अधिक तक फैली हुई है। जोशीमठ एमसीटी के ऊपर स्थित है। कौन ज़िम्मेदार? जोशीमठ में संकट प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों है। भू धंसाव - उपसतह सामग्री के हटाने या विस्थापन के कारण पृथ्वी की सतह का धीरे-धीरे जमना या अचानक धंसना - जोशीमठ के लगभग सभी वार्डों में संरचनात्मक दोषों और क्षति को प्रेरित किया है। टनलिंग और स्लोप कटिंग तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना और हेलंग बाईपास के निर्माण को धंसने के मुख्य कारणों में से एक माना जाता है। 1976 की मिश्रा समिति की रिपोर्ट में कहा गया है कि "जोशीमठ एक प्राचीन भूस्खलन पर स्थित है" और भारी निर्माण कार्य को रोक दिया जाना चाहिए। Way Forward/सुझावात्मक उपाय 📍साइट की स्थिरता की जांच के बाद ही क्षेत्र में आगे का निर्माण किया जाना चाहिए, और ढलानों पर उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। 📍खुदाई या विस्फोट से कोई बोल्डर नहीं हटाया जाना चाहिए और भूस्खलन क्षेत्र में कोई पेड़ नहीं काटा जाना चाहिए। 📍 अपने तार्किक व निर्विवाद्य सुझाव शामिल करें.......।

शंकराचार्य के चार मठ/पीठ | Four Mathas Of Shankaracharya: भारतीय सनातन परम्परा के विकास और हिन्दू धर्म के प्रचार के लिए आदि शंकराचार्य ने भारत के चारों कोनों में चार मठों की स्थापना की थी. इन्हें पीठ कहा जाता है. ये मठ गुरु शिष्य परम्परा के निर्वहन का प्रमुख केंद्र है. आदि शन्कराचार्य ने चारों मठों को अपने योग्यतम शिष्यों को मठाधीश बनाया. हर मठाधीश शंकराचार्य कहलाता है और अपने जीवनकाल में ही सबसे योग्य शिष्य को अपना उतराधिकारी बना देता है. गोवर्धन मठ (Govardhan Math) भारत के पूर्वी भाग में उडीसा राज्य के जगन्नाथ पुरी में स्थित है! गोवर्धन मठ के अंतर्गत दीक्षा प्राप्त करने वाले सन्यासियों के नाम के बाद अरण्य सम्प्रदाय का विशेषण लगाया जाता है. जिससे उन्हें उस सम्प्रदाय का सन्यासी माना जाता है। इस मठ का महाकाव्य है प्रज्ञान ब्रह्मा और इस मठ के तहत ऋग्वेद को रखा गया है। इस मठ के पहले मठाधीश आदिगुरु शंकराचार्य के शिष्य पदम्पाद हुए। शारदा मठ (Sharda Math) शारदा कालिका मठ गुजरात के द्वारका धाम है. इसके तहत दीक्षा लेने वाले सन्यासियों के नाम के बाद तीर्थ और आश्रम सम्प्रदाय विशेषण लगाया जाता है। जिससे उन्हें उस सम्प्रदाय का सन्यासी माना जाता है। इस मठ का महाकाव्य है तत्वमसि और इसमे सामवेद को रखा गया है। शारदा मठ के पहले मठाधीश हस्तामलक (पृथ्वीधर) थे। हस्तामलक आदि शंकराचार्य के प्रमुख चार शिष्यों में से एक थे। श्रृंगेरी मठ (Sringeri Math) श्रृंगेरी मठ भारत के दक्षिण में रामेश्वरम में स्थित है। श्रृंगेरी मठ के अंतर्गत दीक्षा प्राप्त करने वाले सन्यासियों के नाम के पश्चात सरस्वती, भारती तथा पुरी सम्प्रदाय का विशेषण लगाया जाता है।जिससे उन्हें उक्त सम्प्रदाय का सन्यासी माना जाता है। इस मठ का महाकाव्य अहं ब्रह्मास्मि है तथा मठ के अंतर्गत युजुर्वेद को रखा गया है। श्रृंगेरी मठ के प्रथम मठाधीश आचार्य सुरेश्वर जी थे, जिनका दीक्षा पूर्व नाम मंडन मिश्र था। 🛑🛑📍📍ज्योतिर्मठ (Jyotirmartha)/जोशीमठ (Joshimatha) 🛑🛑 ज्योतिर्मठ उतराखंड 🗺️ के बद्रिकाश्रम में है, ज्योतिर्मठ के तहत दीक्षा लेने वाले सन्यासियों के नाम के बाद गिरी , पर्वत और सागर सम्प्रदाय का विशेषण लगाया जाता है, जिससे उन्हें उस सम्प्रदाय का सन्यासी माना जाता है। इसका महाकाव्य अयमात्मा ब्रह्मा है। मठ के अंतर्गत अथर्ववेद को रखा गया है। इसके पहले मठाधीश आचार्य तोटक थे। ( Why in News :- 👇👇 Article)

तजुर्बा बता रहा हूँ ऐ दोस्त दर्द , गम , डर जो भी है बस तेरे अन्दर है , खुद के बनाए पिंजरे से निकल कर तो देख , तू भी एक सिकंदर है

छोटा लक्ष्य एक अपराध है , अपने लक्ष्य को हमेशा बड़ा रखो । A small goal is a crime, always keep your goal big.

“यदि आप कुछ भी जोखिम नहीं लेते हैं , तो आप और भी अधिक जोखिम उठाते हैं । ” “If you don’t risk anything, you risk even more.”

विकास दिव्यकीर्ति : © दृष्टि आईएएस हिंदी साहित्य : कल सुबह

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