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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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स्त्री के स्तनों से जुड़ा होता है स्त्री का सारा व्यक्तित्व...
जब तक स्त्री माँ नही बन जाती तब तक उसकी ऊर्जा पूर्णतः स्तनों तक नही पहुँचती ।शरीर शास्त्री ये प्रश्न उठाते रहते हैं कि पुरुष के शरीर में स्तन क्यों होते हैं जब कि उनकी कोई आवश्यकता नहीं दिखाई देती है। क्योंकि पुरुष को बच्चे को दूध तो पिलाना नहीं है। फिर उनकी क्या आवश्यकता है। वे ऋणात्मक ध्रुव हैं। इसलिए तो पुरुष के मन में स्त्री के स्तनों की और इतना आकर्षण है। वे धनात्मक ध्रुव हैं।
इतने काव्य, साहित्य, चित्र, मूर्तियां सब कुछ स्त्री के स्तनों से जुड़े है। ऐसा लगता है जैस पुरुष को स्त्री के पूरे शरीर की अपेक्षा उसके स्तनों में अधिक रस है। और यह कोई नई बात नहीं है। गुफाओं में मिले प्राचीनतम चित्र भी स्तनों के ही है। स्तन उनमें महत्वपूर्ण है। बाकी का सारा शरीर ऐसा मालूम पड़ता है कि जैसे स्तनों के चारों और बनाया गया हो। स्तन आधार भूत है।
क्योंकि स्तन उनके धनात्मक ध्रुव हैं। और जहां तक योनि का प्रश्न है वह करीब-करीब संवेदन रहित है। स्तन उसके सबसे संवेदनशील अंग है। और स्त्री देह की सारी सृजन क्षमता स्तनों के आस-पास है।
यही कारण है कि हिंदू कहते हैं कि जबतक स्त्री मां नहीं बन जाती, वह तृप्त नहीं होती। पुरुष के लिए यह बात सत्य नहीं है। कोई नहीं कहेगा कि पुरुष जब तक पिता न बन जाए तृप्त नहीं होगा। पिता होना तो मात्र एक संयोग है। कोई पिता हो भी सकता है, नहीं भी हो सकता है। यह कोई बहुत आधारभूत सवाल नहीं है। एक पुरुष बिना पिता बने रह सकता है। और उसका कुछ न खोये।
लेकिन बिना मां बने स्त्री कुछ खो देती है। क्योंकि उसकी पूरी सृजनात्मकता, उसकी पूरी प्रक्रिया तभी जागती है। जब वह मां बन जाती है। जब उसके स्तन उसके अस्तित्व के केंद्र बन जाते हैं। तब वह पूर्ण होती है। और वह स्तनों तक नहीं पहुंच सकती यदि उसे पुकारने वाला कोई बच्चा न हो।
तो पुरुष स्त्रियों से विवाह करते हैं ताकि उन्हें पत्नियाँ मिल सके, और स्त्रियां पुरूषों से विवाह करती हैं ताकि वे मां बन सकें। इसलिए नहीं कि उन्हें पति मिल सके। उनका पूरा का पूरा मौलिक रुझान ही एक बच्चा पाने में है जो उनके स्त्रीत्व को पुकारें।
तो वास्तव में सभी पति भयभीत रहते हैं, क्योंकि जैसे ही बच्चा पैदा होता है वे स्त्री के आकर्षण की परिधि पर आ जाते है। बच्चा केंद्र हो जाता है। इसलिए पिता हमेशा ईर्ष्या करते हैं, क्योंकि बच्चा बीच में आ जाता है। और स्त्री अब बच्चे के पिता की उपेक्षा बच्चे में अधिक उत्सुक हो जाती है। पुरुष गौण हो जाता है। जीने के लिए उपयोगी, परंतु अनावश्यक। अब मूलभूत आवश्यकता पूर्ण हो गई।
पश्चिम में बच्चों को सीधे स्तन से दूध न पिलाने का फैशन हो गया है। यह बहुत खतरनाक है। क्योंकि इसका अर्थ यह हुआ कि स्त्री कभी अपनी सृजनात्मकता के केंद्र पर नहीं पहुंच सकेगी। जब एक पुरुष किसी स्त्री से प्रेम करता है तो वह उसके स्तनों को प्रेम कर सकता है। लेकिन उन्हें मां नहीं कह सकता।
केवल एक छोटा बच्चा ही उन्हें मां कह सकता है। या फिर प्रेम इतना गहन हो कि पति भी बच्चे की तरह हो जाए। तो यह संभव हो सकता है। तब स्त्री पूरी तरह भूल जाती है कि वह केवल एक संगिनी है, वह अपनी प्रेमी की मां बन जाती है। तब बच्चे की आवश्यकता नहीं रह जाती, तब वह मां बन सकती है। और स्तनों के निकट उसके अस्तित्व का केंद्र सक्रिय हो सकता है।
स्त्रैण अस्तित्व की पूरी सृजनात्मकता मातृत्व पर ही आधारित है। इसीलिए तो स्त्रियां अन्य किसी तरह के सृजन में इतनी उत्सुक नहीं होतीं। पुरुष सर्जक हैं। स्त्रियां सर्जक नहीं हैं। न उनके चित्र बनाए हैं। न महान काव्य रचे हैं। न कोई बड़ा ग्रंथ लिखा है। न कोई बड़े धर्म बनाए हैं। वास्तव में उसने कुछ नहीं किया है। लेकिन पुरुष सृजन किए चला जाता है। वह पागल है। वह आविष्कार कर रहा है, सृजन कर रहा है। भवन निर्माण कर रहा है।
तंत्र कहता है, ऐसा इसलिए है क्योंकि पुरुष नैसर्गिक रूप से सर्जक नहीं है। इसलिए वह अतृप्त और तनाव में रहता है। वह मां बनना चाहता है। वह सर्जक बनना चाहता है। तो वह काव्य का सृजन करता है। वह कई चीजों का सृजन करता है। एक तरह से सृजन उसकी मां हो जाये। लेकिन स्त्री तनाव रहित होती है। यदि वह मां बन सके तो तृप्त हो जाती है। फिर किसी और चीज में उत्सुक नहीं रहती।
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कितना लंबा लिंग होना चाहिए ?
कई पुरुष और स्त्री का सवाल आता है दिलजीत जी कितना लंबा लिंग होना चाहिए ?
सलाह = मात्र 2 इंच
भारत में लिंग आपको 6 इंच तक लिंग मिलेंगे इससे ऊपर 7,8 या 9 के लिए आपको अफ्रीका जाना पड़ेगा , दक्षिण भारत में 6 इंच आसानी से मिल जाएगा पर आपको इसकी जरूरत नही होती है ।
स्त्री के योनि में मात्र 2 इंच तक भीतर वासना उत्तेजना होती है इसी 2 इंच पर घिसना होता है लिंग को जिससे स्त्री को संतुष्टि हो जाती है ।
ये पुष्टि औरते कर देंगी आपको ।
बाकी सब सिर्फ चोंचले हैं इसलिए अगर आपका पति प्रेमी का लिंग 2 इंच से बड़ा है तो खुश रहिए आप घोड़ी,हथिनी गदही नही हैं जो आपकी 15 इंच 30 इंच की चाहिए और मर्द भी चिंतित नहीं हो प्यार करिए औरत संतुष्ट होती है।
हां शिघ्रप्तन्न नही होना चाहिए।
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1) मैथुन करते समय स्त्री की यौनि और छाती के अलावा नाक का भीतरी भाग भी फ़ूल जाता है।
2) मानव को यौवन की चरम
अवस्था 17-18 वर्ष की आयु में प्राप्त हो जाती है।
3) एक बार के संभोग में पुरुष की 100 केलोरी दहन होती है।
4) एक बार के संभोग में जो वीर्य स्खलित होता है उसमें 2 से 5 मिलियन शुक्राणु होते हैं।
5) यौन क्रिया की चरम
अवस्था (ओर्गास्म) के समय स्त्री-पुरुष दोनों की हृदय की धडकन 140 प्रति मिनिट हो जाती है।
6) स्त्रियां अपनी पूरे संतानोत्पत्ति काल में तीन हजार से भी ज्यादा बार सेक्स करती हैं।
7) 40 वर्ष तक के पुरुषों के लिंग मैथुन के वक्त सिर्फ़ 10 सेकंड में खडे (इरेक्टेड)
हो जाते हैं।
8) 41% पुरुष और ज्यादा बार संभोग की इच्छा रखते हैं जबकि केवल 29% प्रतिशत महिलाएं रजामंद होती हैं।
9) 15% पुरुष काम के समय ( आन ड्युटी) ही संभोग कर लेते हैं।
10) करीब 75% पुरुष प्रविष्ट करने के बाद तीन मिनिट में स्खलित हो जाते हैं।
11) पांच प्रतिशत युवा प्रतिदिन संभोग करते हैं जबकि 20% सप्ताह में तीन से चार बार सेक्स करते हैं।
12) सेक्स के बाद एक घंटे में शुक्राणु 7 इंच तक आगे बढ़ सकता है।
13) अधिकांश स्त्रिया पुरुष
की खूबियों का आकलन करने में लिंग की साईज को नवें पायदान पर रखती हैं जबकि पुरुष लिंग की साईज को ज्यादा महत्व देते हुए तीसरे पायदान
पर रखते हैं।
14) यौन विशेषज्ञों का मत है कि सेक्स की मस्तिष्क प्रशांतक शक्ति "वेलियम" से 5 गुनी अधिक है।
15) टेंशन से मस्तिष्क की रक्त
वाहिनिया संकुचित होकर सिर दर्द का कारण बनता है। सेक्स टेंशन को दूर कर सिर दर्द से मुक्ति देता है।
16) स्त्री के शरीर में नर शुक्राणु 9 दिन तक जीवित रह सकते हैं।
17) 30% पुरुष शीघ्र पतन की गिरफ़्त में हैं जबकि 10% लोग "तनाव दोष"(इरेक्टाईल डिस्फ़न्क्शन) से पीडित
है।
18) 82% महिलाएं अपने साथी के लिंग की साईज से पूर्री तरह संतुष्ट हैं।
19) माईग्रेन से पीडित महिलाएं
ज्यादा कामुक होती हैं।
20) ज्यादतर महिलाएं अंधेरे में सेक्स करना पसंद करती है।
21) किसी भी अन्य जगह के बजाय मर्द बिस्तर में ज्यादा झूंठ बोलते हैं।
22) पुरुष अपने सामान्य जीवनकाल में 17 लिटर वीर्य स्खलित करता है।
23) सेक्स सक्रिय लोग संयम से रहने वले लोगों की बनिस्बत ज्यादा उम्र जीते हैं।
24) स्त्री की भगनासा मे पुरुष के लिंग की तुलना में दो गुने नाडी तंतु रहते हैं। भगनासा सहलाने से स्त्री तुरंत उत्तेजित
हो जाती है।
25)भगनासा को जीभ से चाटने पर स्त्री मदहोश हो जाती है
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स्त्री !
जब कोई मर्द को अपनी तस्वीर दो तो उसे साधारण दो सज धज कर नही , सजना आकर्षण है ,अगर मर्द तुम्हारी सौम्यता साधारण को कुबूल कर ले तो समझो प्रेम है फिर तुम उसे सज कर तस्वीर दो।
प्रेम हर रूप का होगा ना की तुम्हारी श्रृंगार का ।।
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स्त्रियों का प्रेम पुरुषों के लिए हमेशा से एक रहस्य रहा है कोई स्त्री प्यार में क्या चाहती यह जान पाना किसी भी पुरुष के लिए बहुत मुश्किल और कई बार तो असंभव भी हो जाता है। इस रहस्य को जानने की कोशिश में न जाने कितने प्रेमी दार्शनिक कवि और कलाकार बन गए।
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Lifestyle tips on how to loosen up in bed❓
Initially, do what you know how to do. Even if you doubt your sexual skills, there's probably at least one thing you're really good at. Next, try to start doing tasks from special sex games. You don't have to aim for great results right away - practice new things for fun.
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जीभ से योनि को चाटने पर महिला जल्दी उत्तेजित हो जाती है। इसके अलावा जीभ की गर्माहट को महिला अपनी योनि पर महसूस कर सकती है। जो उसे अत्यधिक प्रिय लगती है। जीभ खुरदरी होती है इसलिए जीभ से योनि को चाटने पर घर्षण अधिक होता है।
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यदि पुरुष स्त्री को अपनी बाहों में लेना चाहता हैं,
तो उसका तात्पर्य केवल वासना मात्र ही नहीं हो सकता हैं...
कई दफा इसका अर्थ होता हैं,
वह स्त्री की आत्मा को स्पर्श करना चाहता हैं...
उस स्त्री के मन को टटोलना चाहता हैं,
जो अथाह प्रेम को अपने मन में दबा लेती हैं...
वह अपने सीने से लगा कर स्त्री के आँसुओं को
प्रेम से सोख लेना चाहता हैं...
उस स्त्री के सूखे वीरान पड़े जीवन को
प्रेम की बारिशों में भिगो देना चाहता हैं...
यह वासना नहीं हैं,
उस पुरुष का अथाह समर्पण हैं,
उस स्त्री के लिए
जिसे वह हृदय से प्रेम करता हैं
. .❤💕
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फेसबुक पर
हिन्दू समाज के ...बामन वर्ग की स्त्रियां
आडे तिरछे pose बनाकर ... अपनी भूंडी शिक्ल की...
सबसे अधिक नुमायश लगाती हैं।
और लव ज़िहाद की , सबसे अधिक शिकार भी
इसी समाज की स्त्रियां होती हैं।
शेरों शायरी और इश्क सूफियाना का
सबसे अधिक कीडा भी , इन्ही को काटता हैं।
भूंडी शिक्ल पे ज्यादा इतराया ना करो , ओ दीवानी
कहीं किसी लव जेहादी मुल्ला ने टांग लिया तो....
सारा वर्णाश्रम धर्म ....
मुल्लों के बच्चे पैदा करते करते ही... मोक्ष करवा देगा ...
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गर्मी में संभोग में सफाई का ध्यान रखिए :
गुप्तांग के आसपास के बाल को नियमित रूप से हटाते रहें।
सही तरीके से स्नान के समय योनि को साफ करें ।
योनि पर साबुन का इस्तेमाल करें।
दिन भर का पहना हुआ पेंटी शाम को खोल दे इसलिए की जब आप पेशाब करती हैं तो कुछ बूंद आपके पेंटी में लग जाते हैं जिससे गर्मी में बदबू आती है।
शाम में पेंटी उतारने के बाद सही से योनि को साबुन से साफ करें।
अगर घर में अकेले हैं तो थोड़ी देर नंगी रहकर हवा लगने दे।
पुरुष मित्र लिंग के ऊपर के चमड़ी को पीछे हटाकर सही से साबुन से साफ करें ।
बदबू को दूर रखे इसके लिए सफाई जरूरी है।
स्त्री और पुरुष दोनों चेहरे की सफाई और सेक्स के पहले और बाद स्नान जरूर करें ताकि पसीना का बदबू न आवे
धन्यवाद।
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Most delicious blowjob technique😇
With a wide, wet tongue, slide from the base of the penis to the head, as if you were licking an ice cream.😌
When you reach the glans, start licking in soft circular motions as if you were licking the top of the ice cream when it is slightly thawed. The tongue is wide and gently flattened, it does not become sharp or hard in any way.
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कुछ महत्वपूर्ण बातें स्त्री के आंर्गेजम,क्लाइमेक्स, के बारे में,,,,
आंर्गेजम, क्लाइमेक्स,का अहसास,,,
आंर्गेजम, क्लाइमेक्स, में चार तरह की समस्याएं आती हैं,,
एक,,,अर्ली आंर्गेजम, क्लाइमेक्स,,,,,जब अपेक्षित समय से पहले क्लाइमेक्स पर पहुंच जाय
दो,,,,डिलेड आंर्गेजम, क्लाइमेक्स,,,,जब अपेक्षित समय से देरी से हो।
तीन,,,,इपयर्ड आंर्गेजम, क्लाइमेक्स,,,जब आंर्गेजम, क्लाइमेक्स,हो पर आनंद कम मिले।
चार,,,,जब आंर्गेजम, क्लाइमेक्स, में बिल्कुल आनंद नहीं मिले
,,,,,, महिलाओं में आंर्गेजम, क्लाइमेक्स, को समझने के लिए, उसके सैक्स के चरणों को समझना जरूरी हो जाता है।
एक,,,, सैक्स की इच्छा,,,, सैक्स के लिए दिमाग में ख्याल आना ही कामेच्छा है।यह कभी भी आ सकती है।पर एकांत और रोमांटिक माहौल में जल्दी आती है
दो,,, सैक्सुअल ग्राउंन्डिंग,,,,,,,इसे इच्छा के बाद का स्टेज यानी इच्छा होने के बाद, काम क्रीड़ा,की अनुभूति होती है।शरीर सहवास के लिए खुद को तैयार करता है, ये कह सकते हैं ।और ये जानना जरूरी है कि सैक्स की इच्छा होना आलग है और सैक्स ग्राउंडिग अलग।यह जरूरी नहीं है कि हर बार सैक्स की इच्छा होने के बाद से सैक्सुअल ग्राउंन्डिंग जरूरी हो।जब ऐसा नहीं होता तो सैक्स की इच्छा दब जाती है या खत्म हो जाती है
तीन,,, गीलापन,,,, कोई महिला सैक्स के लिए कितनी तैयार है यह गीलापन तय करता है। अगर गीलापन ज्यादा है तो मतलब ये सैक्स के लिए पूरी तरह तैयार।
आंर्गेजम यानी क्लाइमेक्स,,, इसकी शुरुआत गीलापन में बढ़ने से होती है। जैसे जैसे उत्तेजना बढ़ती है। गीलापन भी बढ़ता जाता है। उत्तेजना बढ़ती हुई उस स्टेज तक पहुंचती है जहां महिलाओं को महसूस होता है कि,,,बस अब और नहीं,,जब ऐसी स्थिति बन जाय तो समझना चाहिए कि महिला पार्टनर क्लाइमेक्स पर पहुंच गई है।इतना ही नहीं ज्यादा तर महिलाओं में आंर्गेजम यानी क्लाइमेक्स के दौरान उसके प्राइवेट पार्ट में लयात्मक संकुचन भी अहसास होता है।पर सभी महिलाओं में इस तरह का संकुचन हो जरूरी नहीं, लेकिन,,,बस और नहीं का अहसास जरूर होता है। मतलब ये क्लाइमेक्स के बाद महिला को इतने आनंद का अहसास जरूर होता है।कि वो अमूमन नहीं भूल पाती और दोवारा पाने की कोशिश करती है।
,, सहवास यानी संभोग यानी बराबर का भोग यानी दोनों पार्टनर्स की संतुष्टि।कई बार पुरुष अपने मन की कर लेते हैं पर महिला सहकर्मी की इच्छा पर ध्यान नहीं देते।
,,,, अगर कोई महिला सामान्य तरीके से आंर्गेजम यानी क्लाइमेक्स पर नहीं पहुंच पाती है तो पुरुष पार्टनर की जिम्मेदारी है कि वह उसे हाथ जीभ आदि के इस्तेमाल से क्लाइमेक्स पर पहुंचाए। ये वात्स्यायन कामसूत्र में भी बताया गया है।
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She is against oral sex, what to do❓
Act by example. She won't object to it for sure. You can assume that when she understands how divine it is and how you enjoy doing it for her, then she will have a reciprocal desire to please you.
Didn't it? Don't be quick to accuse her of being selfish. Sometimes women refuse to perform oral sex because they are afraid of not getting it right, they just don't know how to do it (or think they don't know how to do it).
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Main reasons for lack of orgasm
The female orgasm is mysterious. No one knows exactly how to act in order to achieve it. But we shouldn't start with that, but with sorting out the reasons for the lack of orgasm - you'll learn about them in our short article.
1. Shame or intrusive thoughts
2. Relaxation instead of stress.
3. Enjoyment instead of pressure
4. Knowing yourself and your body
5. Intimacy instead of lack of trust
6. You sit at your desk all day
7. High-heeled shoes
8. You don't drink enough water
9. Hidden diseases
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Lying Groundhog Sex Position
In the Lying variation of the Groundhog, the man lies out horizontally over his partner with his legs on the outside of hers. Much more comfortable for a man when compared to kneeling, it offers both increased intimacy and range of movement. Initial penetration can be a little tricky with the woman having limited ability to help aim, so beginners may benefit from docking in the upright position before lying down to avoid any frustrations. However, we recommend practicing the art of entering with no hands, as it's a useful skill to have in many positions!
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" #गर्म_पानी_से_करें_सफ़ाई "
गर्म पानी गहरे से गहरे दाग धब्बों को ठीक कर देता है ।
जबकि योनि तो साफ़-सफ़ाई ना करने की वज़ह
काला हो जाता है ।
ऐसे में नियमित तौर पर योनि को
गर्म पानी से साफ़ करने से
इस जग़ह का कालापन साफ़ हो जाता है
औऱ योनि चमकने लगता है ।
साथ ही संक्रमण का ख़तरा भी कम हो जाता है ।
लेकिन हमेशा ध्यान में रखें कि पानी ज़्यादा गर्म ना हो ।
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#काम_दमन ✊🏻
सेक्स जब तक दमन किया जायेगा और
जब तक स्वस्थ खुले आकाश में उसकी बात न होगी
और जब तक एक-एक बच्चे के मन से
वर्जना की तख़्ती नहीं हटेगी,
तब तक दुनिया सेक्स के Obsession से
मुक़्त नहीं हो सकती ।
तब तक सेक्स एक रोग की तरह
हम इन्सानों को पकडे़ रहेगा ।
वह कपड़े पहनेगा तो नजर सेक्स पर होगी ।
खाना खायेगा तो नजर सेक्स पर होगी ।
क़िताब पढ़ेगा तो नजर सेक्स पर होगी ।
गीत गायेगा तो नजर सेक्स पर होगी,
सँगीत सुनेगा तो नजर सेक्स पर होगी ।
नाच देखेगा तो नजर सेक्स पर होगी ।
सारी ज़िन्दगी उसकी सेक्स के आस-पास घूमेगी ।
🌺🙏🏿🌺
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