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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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स्त्री-पुरुष के बीच सेक्स संबंधों में सबसे अहम भूमिका स्त्री के स्तन निभाते हैं। पुरुष को यह जहां संतुष्टि देने में सहायक होते हैं तो वहीं स्त्री को भी यह आत्मिक सुख देते हैं।
यौन व्यवहार शुरू करने से पहले स्त्रियों के स्तन पुरुष को आमंत्रण देते हैं। इसीलिए स्त्री-पुरुष यौन प्रक्रिया के दौरान स्तनों की भूमिका अहम होती है। पुरुष अपनी सेक्सुअल भावनाओं को और तुष्ट करने के लिए इन्हें प्रेज करता है। इससे पुरुष के साथ ही स्त्री को भी संतुष्टि मिलती है। ओरेगैमी यानी आनंद का चरमोत्कर्ष तक पहुंचने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक होती है।
मनोविज्ञानिक फ्रायड के मुताबिक स्तन स्त्री के बंडल ऑफ सेक्स ऑर्गेन का हिस्सा होते हैं। इसलिए स्त्री भी इन पर पुरुष के हाथों के स्पर्श को भरपूर एंजॉय करती है।
मनोविश्लेषक डॉ. श्याम जाजोदिया कहते हैं, बच्चा जब बड़ा होता जाता है तो मां के दूध से तो दूर हो जाता है, लेकिन उसके अवचेतन में स्तनों के प्रति आकर्षण बना रह जाता है। जब वह किशोर अवस्था में आता है, जिसे प्युबर्टी एज कहते हैं तब वह इनमें रहस्य खोजने लगता है। उसे इनका उभार अच्छा लगता है। यह क्रिया फीमेल चाइल्ड में भी हो रही होती है। उसे स्वयं के उभरे स्तन अच्छे और कमजोर स्तन हीनता के भाव से ग्रस लेते हैं। स्तनों से जुड़ाव का यह रूप सेक्स में परिलक्षित होता है। यही कारण है कि सेक्स के दौरान स्तनों को लेकर पुरुष-स्त्री का विशेष आकर्षण होता है।
ठीक ऐसा ही स्त्रियों के साथ भी होता है। चूंकि शिशुकाल में युवतियों में भी यह मनोभाव काम करता है। स्तन पर किसी भी तरह की गतिविधि स्त्री को चरम सुख की ओर ले जाती है। देश के प्रसिद्ध दर्शनशास्त्री डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा कहते हैं, पश्चिम में फ्रायड ने इंसान को बंडल ऑफ सेक्स कहा है। फ्रायड कहते हैं एक छोटे बच्चे को कहीं से भी छूओ वह आनंद महसूस करता है। जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है उसके शरीर में आनंद का दायरा सीमित होते-होते गुप्तांगों तक रह जाता है। महिलाओं में यह दायरा वक्ष और गुप्तांगों तक सीमित रहता है। कई बार निश्छल मन वाले मनुष्यों के पेट तक यह दायरा रहता है। उन्हें जरा सा छूने पर गुदगुदी लगती है। इस परिभाषा से देखें तो स्तनों की संवेदनशीलता का मानव के मनोविज्ञान से सीधी जुड़ी है। इसीलिए सेक्स के दौरान पुरुष स्त्री के स्तन दबाते हुए आनंद महसूस करते हैं तो स्त्रियां भी इसमें परमसुख खोजती हैं।
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पत्नी संबंध बनाने में कभी भी इच्छुक नहीं रहती। क्या करें?
सलाह 👉
👉कृपया जानने की कोशिश करें क्या कारण है।
👉अधिकतर महिलाएं ऐसा दिखातीं हैं कि इच्छुक नहीं हैं पर अंदर अंदर मन कर रहा होता है।
👉या फिर सम्बंध के समय कोई परेशानी हो रही हो।
👉या फिर सन्तुष्टि नहीं होती होगी।
👉या फिर शारिरिक रूप से कोई समस्या हो।
👉 या फिर आप संभोग सही से करते नही फोरप्ले पर ध्यान दीजिए और पत्नी से प्यार करिए पेंटी उतारकर खंभा गाड़ कर झंडा मत फहराइए ।
👉 पहले जमीन की सही तरीके से सिंचाई करके गीला करिए फिर खंभा गारिए।
कारण जो भी हो उसके अनुसार कार्य करें।
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योनि को चाटने पर स्त्री के मुंह से जो सिसकियां निकलती है हम मर्दों के लिए यही संगीत के सात स्वर हैं।
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कई बार सं भोग के समय यो नी से पिशाव निकल जाता है जब औरत संतुष्ट हो चुकी हो और धक्का मारा जा रहा हो ये ज्यादा उत्तेजित करता है ।
इससे घृणा नहीं करिए ये और ज्यादा आनंद देता है । कई बार चाटते हुए भी रज गिरने के बाद पेशाब आ जाता है।
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कंधे की जरूरत मौत पर ही नही जिंदा में आधी रात को 2 टांगों को भी कंधा पर रखने के लिए होती है। इसलिए कंधे को प्यार करिए ।
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क्या सभी कि योनि एक जैसी होती है?
जी,सभी कि योनि एक जैसी नही होती है।कामशास्त्र को मूल आधार बनाकर लिखे गए अनेक ग्रंथों में स्त्री जाति के मुख्यत: चार प्रकार के भेद बताए गए हैं।
ये भेद हैं पद्मिनी, चित्रिणी, शंखिनी और हस्तिनी। हस्तिनी से शंखिनी, शंखिनी से चित्रिणी और चित्रिणी से पद्मिनी को श्रेष्ठ कहा गया है।
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*_आज का ज्ञान..._ आदमी और महिला की लड़ाई में अगर महिला झुक जाये तो आदमी हथियार डाल देता है.😌🤗*
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जीभ से जीभ को लराओ फिर होठों के निचले हिस्से को चूसो प्रियतमा को अपनी गोद में बिठाकर ।।
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फोरप्ले जितना जीभ से करिएगा स्त्री उतना संतुष्ट और उत्तेजित होती हैं । खासकर जीभ से कान,गर्दन,कांख,पीठ,जांघ और जन्म द्वार के क्लोरिट्स को जीभ से जरूर चाटिये।
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😍Orgasm in... a few minutes
Sweeties, I give you a proven and long-tried way to bring a babe to maximum pleasure in the minimum amount of time🔥
First, we excite the girl to the point of insanity:
- Fondle her ears, neck, breasts, stomach and thighs with your tongue.
- Then we go down to her clitoris and proceed to gently caress it.
Lightly wrap your lips around the head of the clitoris, creating a slight vacuum with your lips.
- Keep moving your tongue up and down on the head, gaining speed faster and faster.
- After a few seconds, set a fast tempo for yourself and move your lips until the girl explodes in a sweet orgasm.
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पुरुष मे पाए जाने वाले शक्राणु स्त्रैण होते है और स्त्री में उत्पन अंडाणु लिंग से पुरुष होता है इसलिए स्त्री के लिए एक पुरुष की मर्यादा एक की पसंद रखी है जबकि पुरुष में शक्रानु स्त्रेण होने से अनेक असंख्य होने से पुरुष के स्वभाव में अनेक स्त्री की चाहत रहती है
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स्त्री मे आकर्षण उनके वक्ष से होता है , वक्ष जितना सुडोल होगा पुरुष उतना हि आकर्षित होगा !
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स्त्री को प्रेम की नजर से देखिये पूर्ण संतुष्टि होगी। काम की नजर से स्त्री को पुरुष संतुष्ट नहीं कर पायेगा। कामसूत्र के अनुसार काम स्त्री मे पुरुष से 16 गुना ज्यादा है।
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फीमेल संभोग के समय हर 12 मिनट में ऑर्गेज्म का अनुभव करती हैं, जबकि पुरुषों को दूसरे ऑर्गेज्म का आनंद लेने में औसतन आधे घंटे से एक घंटे तक का समय लग सकता है।
तो अगर महिला संतुष्ट हो गई पुरुष से पहले तो 12 मिनट बाद फिर वह जागृत हो सकती है इस बीच में पुरुष को फोरप्ले करते रहना चाहिए और जब महिला कामुक हो जाय तो फिर, वह इंटरकोर्स शुरू कर सकता है, और तब तक जारी रख सकता है जब तक कि दोनों संतुष्ट न हों।
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प्रेम के बिना प्रणय सम्भव नहीं
स्त्री का पहले दिल को प्रेम से द्रविता करो फिर योनि खुद
द्रवित हो जाएगा ।
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अधखिले मालती के फूलों की माला गले में पड़ी हो, केसर मिला चंदन शरीर में लगा हो और ह्रदय हारिणी प्राणप्यारी छाती से चिपटी हो तो समझ लो स्वर्ग का शेष सुख यहीं मिल गया। शुभ प्रभात मित्रों
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महिला पार्टनर को उत्तेजित कैसे करें ??
हो सकता है नीचे जो लिख रहा हूं वो सभी पर लागू न हो क्योंकि सभी लोगो की शारीरिक बनावट और मानसिक विचार अलग होते हैं ।
अगर आप उनको जल्दी से सेक्स के मूड में लाना चाहते हैं तो इसके लिए महिला के वेजाइना के आउटर लेबिया पर अपना हाथ रखें। वैजाइना के बाकी सभी हिस्सों की तुलना में यह हिस्सा कम संवेदनशील होता है। लेकिन फिर भी जब कभी सेक्स का मूड बनाना हो तो योनि के इस हिस्से को अपने दोनों हाथों से पकड़ें। इससे लड़की को जल्दी उत्तेजित किया जाता है ।
उत्तेजना को और बढ़ाने के लिए कभी भी तुरंत क्लिटोरिस को टच करने की गलती न करें बल्कि सबसे पहले अंगूठे और इंडेक्स फिंगर से लेबिया को दबाएं और रगड़ें। आप उनके प्यूबिक हेयर को भी हल्के से खींच सकते हैं। वैजाइना का टच उन्हें कुछ ही मिनटों में मदहोश कर देगा और वह सेक्स के लिए मचल उठेंगी।
क्लाइटोरिस को उत्तेजित करने से पहले उस हिस्से के चारो तरफ गोलाई में उंगली घुमाएं। ऐसा करना लड़कियों को पागल कर देता है। कई महिलायें हस्तमैथुन करते समय खुद को जल्दी उत्तेजित करने के लिए बिल्कुल ऐसा ही करती हैं।
योनि के मुख वाला हिस्सा बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव होता है। वैजाइना को इन तरीकों से करें टच लड़की को जल्दी उत्तेजित करने के लिए उस जगह पर हल्का सा टच भी उन्हें उत्तेजना से भर देता है। आप योनि मुख पर अपनी उंगलियों को रखकर उसे गोलाई में घुमाएं।
अपना अनुभव हमे बताएं।
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सम्भोग में जीभ का प्रयोग आनंद की परकाष्ठा है । जिसमें बहुत लोग शर्म करते हैं जो कि सम्भोग के साथ घिनौना हरकत है । जब भी सम्भोग करिये पूर्णतः खुलकर करिये ।
जीभ सेक्स का सबसे सेंसेटिव अंग है सेक्स में जीभ और योनि का क्लोरिट्स ये दोनों आनन्द की चरम सीमा पर ले जाते हैं । जीभ से कान पर चुमिये गर्म जीभ और सांस जब किसी प्रियतमा की कान को चूमता है तो प्रियतमा पागल हो जाती है ।
फिर जीभ को गर्दन पर लाइये जीभ से चाटते रहिये धीरे धीरे स्तन Boobs को दबाते रहिये।
अब जीभ को प्रियतमा के काँख Armspot और बाँह पर दौड़ाइये ध्यान रखिये अर्म्सपोट साफ हो बदबू न हो ।
ओह !! उफ्फ अब निप्पल को जीभ से हिलाइये थूक डालकर चाटिए ओठों को चुसिये प्रियतमा की मुह में जीभ डालिये ,प्रियतमा की जीभ को चुसिये जो लार टपके उसे बूबस पर गिरने दीजिये बूबस गीले होंगे उसे हल्की हथ से मर्दिये।
जीभ को नीचे लाइये नाभि पर ओह हाय रे सिहरन प्रियतमा आपको जकड़ लेगी बाहों में । लं. की जगह पूरे आपको घुसा लेगी ।
प्रियतमा की पीठ पर बाईट करिये जीभ दौड़ाइये । प्रियतमा की चूतड़ पर जीभ चाटिए चूतड़ को बाइट करिये अब देखिए चु... पूरी गीली होगी । ओह्ह इससस्स उफ़्फ़फ़
अब 2 टाँगों के बीच जीभ से क्लोरिट्स को चाटिए प्रियतमा मदहोश होगी आपकी बाल भींचेगी ,टांग फैलाएगी, उछाल मारेगी और आप जीभ से खूब फास्ट चाटिए और बूबस दबाते रहिये अपनी उंगली प्रियतमा की मुह में डालिये ।
ओह्ह इस तरह उसकी पांव तक जीभ से चाटिए उसकी उंगली को चुसिये और जब चू.. पूरी गीली हो प्रियतमा की आंखे बंद नाक खुली ओठ फरकि बूबस उछल रहा हो , गहरी सांस हो तब अपना केला को डालिये उसके बाद सटासट फटाफट मारिये मुह से सिर्फ सिसकियां और छपाक छपाक की सेक्स की आवाज सुनाई दे फिर तो प्रियतमा आपकी केले की दीवानी रहेगी
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💋 स्त्री को वशीभूत करने के यंत्र 💋
💕💕💕
❤️ के गृह्णन्ति कुचान ललाटनयने चुम्बन्ति दंतछ्दं
दंतोष्ठेन निपीडयन्ति बहुशश्र्चुम्बन्ति गंडस्थलंं ।
कक्षे कण्ठतटीं लिखन्ति नखरैर्ग्रह्णन्ति गाढौ स्तनौ
मुष्ट्या कक्ष्यसि ताडयन्ति दधते नाभौ चपेटं सनैः ।
कुर्वन्ति स्मरमंदिरै करिकरक्रीडांस्त्रियो जानुनी
गुल्फांगुष्ठपदानिजत्रिकपदम निधनन्ति तैरात्मनः ।
इत्वेयंकलयन्ति ये शशि कलामालिंग्यं मध्यत्रिते
शीतांशूत्पलपुत्रिकां शशिकर स्पृष्टामिव प्रेयसीम ।।
(श्रृंगार रस प्रबन्ध दीपिका - आचार्य हरिहरनामांक)
💋 स्त्री को वशीभूत करने का एक मात्र यंत्र है - प्राक्क्रीडा (फोर प्ले)। प्राक्क्रीडा द्वारा उसे इतना काम विह्वल कर दें कि वह स्वयं प्रवेश कराने हेतु आकुल व्याकुल होने लगे। संभोग में परम संतुष्ट स्त्री, आजीवन पुरुष के वश में हो जाती है।
💙 कुचों का स्पर्श - मसलन - चूषण, ललाट - कपोल - नेत्रों का चुम्बन, अधर-रस-पान, काँख - कंठ आदि पर नख क्षत, स्तनों का गाढालिंगन, मुट्ठियों में कटि का पकड़ना - कचोटना, नाभि थपथपाना आदि नाना प्रकार से स्त्री को कामविह्वल कर संभोग प्रारंभ करने से वह शीघ्र क्षरित होकर पूर्ण संतुष्ट हो जाती है।
❤️ प्राचीन कामाचार्यों ने चंद्रकला वृद्धि के अनुसार विभिन्न तिथियों में नारी के अलग अलग अंगों में कामनिवास बताया है और उसी अनुसार प्राक्क्रीडा में उस अंग विशेष के ताड़न पर बल दिया है। पर आज हमें साथी स्त्री को अपने किस अंग विशेष पर अधिक सुखद काम सिहरन की अनुभूति होती है इस पर ध्यान देना चाहिए।
💙 यहाँ करिकरक्रीडा की चर्चा की गई है। संभोग में यह उत्तम कामक्रीड़ा मानी जाती है। हाथी - हथिनी की दर्शनीय कामक्रीड़ा। हाथी, हथिनी की सूँड में सूँड लपेटता है। एक दूसरे के मुख में सूँड प्रवेश करते हैं। सूँड से हथिनी का योनि चुंबन करता है। हथिनी भी लिंग स्पर्श करती है। चूमती है। इसी प्रकार पुरुष को भी कामक्रीड़ा करनी चाहिए। वह स्त्री परम कामसुख का अनुभव कर अपना तन मन जीवन उस पुरुष पर न्यौछावर कर देती है।
❤️ कमलिनी रात में तब तक नही खिलती जब तक चंद्रमा की किरणों का कोमल शीतल प्रेमल स्पर्श उसे नही मिलता। उक्त विधि से यदि पुरुष कामक्रीडा करेगा तो वह स्त्री बिना उसी पुरुष के स्पर्श के कामोद्वेलित नही होगी। अर्थात वह उस पुरुष को देख बिना व्याकुल रहेगी। तथा वह पुरुष जब उसका स्पर्श करेगा तो वह उसी तरह खिल जाएगी जिस प्रकार चंद्रकिरणों के स्पर्श से कमलिनी खिल उठती है।
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