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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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अगर महिला दीवार के खिलाफ झुक रही है, तो यह आसान होगा और यह बिल्कुल मुश्किल नहीं है ..! साझेदार खड़े हैं, महिला ने पुरुष के पास अपनी पीठ है। वह थोड़ा आगे की ओर झुकी और उसने उसके पीछे कदम रखा।
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महिला अपनी पीठ पर, अपने पैरों के किनारे पर, अपने साथी के करीब है, और वह अपने पैरों को अपने नितंबों पर टिकी हुई है। क्या यह एक बच्चे की तरह दिखता है? इस तरह के एक विवादास्पद नाम के बावजूद - आप जितना चाहें उतना गले लगा सकते हैं - बहुत रोमांटिक।
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भारत की लड़कियों को बिन माँगे एक राय देना चाहता हूँ। जब किसी को साथी चुनें सांप्रदायिक ख़्याल वाले को न चुनें। जो दूसरों से नफ़रत करता है वो आपसे कभी प्रेम कर ही नहीं पाएगा। मुमकिन है आप अपनी पसंद से या माँ बाप की सहमति से शादी करें लेकिन ऐसे लड़के का साथ न चुनें। सांप्रदायिक ख़्याल के लोग पोलिटिकल स्पेस में ही नहीं बल्कि पर्सनल स्पेस में भी दंगाई होते हैं। वह कभी भी ईमानदार प्रेमी नहीं हो सकता है। वह आपके साथ भी हिंसा करेगा।इसका मतलब यह नहीं कि लड़कियाँ सांप्रदायिक नहीं होती हैं। तब लड़कों को ऐसी लड़कियों से सतर्क रहना चाहिए। अंत में राजनीति भी तभी बेहतर करती है जब वह प्रेम की बात करती है। जिस समाज में प्रेम करना मुश्किल हो जाए उस समाज में सबसे पहले नौजवान ही नहीं रहना चाहेंगे। रहेंगे भी तो मन मार कर। ज़िंदा लाश बन कर
प्रेम करने के कितने लाभ हैं। जब आप प्रेम में होते हैं तो किसी के लिए बेहतर होते हैं। किसी के लिए संवरते हैं। और किसी के लिए दुनिया से लड़ने का साहस करते हैं। प्रेम से नफ़रत करने वाले हमेशा होंगे। मोहब्बत करने वाले हमेशा होंगे। मुझे पता है कमेंट में गाली देने आएँगे। ऐसे लोगों को जीवन में किसी का प्यार नहीं मिलता है। ऐसे लोगों को उसका भी प्यार नहीं मिलता जिसके लिए ये दूसरों को गालियाँ देते हैं। ऐसे लोग भी किसी को चाहते हैं मगर चाह नहीं पाते।
प्रेम का कोई दिन नहीं हो सकता और अगर कोई दिन है भी तो उसमें भी कोई बुराई नहीं। प्रेम करना गुलाब देना नहीं होता, बल्कि काँटों के बीच गुलाब की तरह खिल जाना होता है।
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वैवाहिक सुखी जीवन जीने के तरीके मेरे सेक्स अनुभव :-
1 - पति पत्नी ही सच्चा साथी है ।
2 - प्रेमी प्रेमिका शादीशुदा जीवन के लिए जहर है ।
3 - अगर शादीशुदा मर्द या औरत प्रेम में पड़ता है तो याद रखना ये प्रेम नही सिर्फ सेक्स , शारीरिक आकर्षन है।
4 - सेक्स 2-4 बार करने के बाद प्रेमी या प्रेमिका नए शरीर की तलाश करेंगे।
5 - तुम बीमार हो तो पति पत्नी ही काम आएंगे प्रेमी प्रेमिका देखने मदद करने निहि आएंगे कयोंकि आप अब सेक्स निहि कर सकते दूसरी बात आपका सम्बन्ध समाजिक नही है ,समाज के सामने स्वीकार नही है।
6 - सिर्फ शारीरिक बनावट अलग है लिंग और योनि में वीर्यपात और राजपात ही होना है।
7 - खुल कर पति पत्नी बात करो सम्बन्ध अच्छा बन जायेगा।
8 - अफवाह से बचो जीवन आपका है
9 - प्रेम घर आपका बर्बाद करेगा तलाक से जीवन निहि बसता
10 - पति पत्नी एक दूसरे का सम्मान करो ।
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चोदे फरवरी पर स्त्री के लिए ध्यान देने वाली बातें :-
1. आज रविवार है छुट्टी में आप प्रेमी के साथ पार्क क्लब में चोदे फरवरी मनाने जाएंगे महा सन्त वेलेंटाइन के नाम पर।
2. आप प्रेम निहि बल्कि जैसा कि तारीख नाम है चोदे फरवरी वैसा ही कुछ आप पार्क या क्लब या होटल में करेंगी।
3. अगर आप सिर्फ प्रेम दिवस मनाना चाहती हैं तो किसी पार्क होटल क्लब में मत जाइए और प्रेम की बाते घर पर फोन पर करिए और महा सन्त वेलेंटाइन को सम्मान दीजिये ।
4. देखिये पार्क होटल क्लब में सन्त के नाम पर चोदे फरवरी आप मनाएंगे सफेद कीचड़ आपकी जांघ, विस्तर गिला होंगे पर नाम प्रेम का कीचड़ पर हो जाता है।
5. अगर आप शाकाहारी प्रेमिका हैं तो प्रेमी को पहचानिए अगर वास्तविक बन्दा है तो कहीं भी जाइये सफेद कीचड़ आपकी जांघ को गिला नही करेगा ।
6. अगर आपका प्रेमी इस जुगाड़ में है कि एकांत में मिल जाय और जांघ में आपकी सफेद पानी का कीचड़ डाल दे तो बाहर उसके द्वारा दिया गया सिगरेट, शराब, कोल्ड ड्रिंक आदि निहि पीना आप।
7. अगर शाकाहारी प्रेम है तो घर मे बता कर जाइये । क्योंकि अगर प्रेमी मांसाहारी निकला तो 1 महीने बाद सब घर वाले भी जान जाएंगे और 9 महीने बाद तो दुनिये में आपका लाल दौड़ने लगेगा।
बात अछि लगे तो अनुकरण क्रिए धन्यवाद ।।
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Valentine सेक्स दिवस की शुभकामनाएं ।। प्रेम सिर्फ राधा और श्याम का था बाँकी तो सब बूब्स और योनि को पाने का दिवस है । पर सोचो प्रतिदिन किसी न किसी बहाने ठुकाई होती ही है फिर ये पूरा सप्ताह भरम क्यों ।
खैर नीचे तस्वीर की पोज में स्त्री अपना टाँग पुरुष के कंधे पर रख दे और पुरुष झुककर समभोग कर सकते हैं । इस पोज में सन्तुष्टि जल्दी मिल जाएगी क्योंकि पूरा लिंग प्रवेश करता है इसमें । दिक्कतें आएगी इंटरकोर्स के समय फॉरप्ले करने में ऐसे स्त्री पुरुष का निप्पल पर जिभ का स्पर्श दे सकती हैं ।
सम्भोग दिवस की शुभकामनाएं ।। कंडोम का प्रयोग जरूर करियेगा।। एक से ज्यादा प्रेमी या प्रेमिका हैं तो ध्यान से सेक्स करिए । पेनिस और वेजिना को धोकर सही से तभी दूसरा राउंड दूसरे के साथ करिए ।।
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स्नानगृह में जैसे ही नहाने को मैं निर्वस्त्र हुई
मेरे कानों को लगा सखी दरवाज़े पे दस्तक कोई हुई
धक्-धक् करते दिल से मैंने दरवाज़ा सखी री खोल दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
आते ही साजन ने मुझको अपनी बाँहों में कैद किया
होठों को होठों में लेकर उभारों को हाथों से मसल दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
फिर साजन ने सुन री ओ सखी फब्बारा जल का खोल दिया
भीगे यौवन के अंग-अंग को होठों की तुला में तौल दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
कंधे, स्तन, कम्मर, नितम्ब कई तरह से पकडे छोड़े गए
गीले स्तन सख्त हाथों से आंटे की भांति गूंथे गए
जल से भीगे नितम्बों को दांतों से काट-कचोट लिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
मैं बिस्मित सी सुन री ओ सखी साजन के बाँहों में सिमटी रही
साजन ने नख से शिख तक ही होठों से अति मुझे प्यार किया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
चुम्बनों से मै थी दहक गई जल-क्रीडा से बहकी मैं सखी
बरबस झुककर मुँह से मैंने साजन के अंग को दुलार किया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
चूमत-चूमत, चाटत-चाटत साजन पंजे पर बैठ गए
मैं खड़ी रही साजन ने होंठ नाभि के नीचे पहुँचाय दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
मेरे गीले से उस अंग से उसने जी भर के रसपान किया
मैंने कन्धों पे पाँवों को रख रस के द्वारों को खोल दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
मैं मस्ती में थी डूब गई क्या करती हूँ न होश रहा
साजन के होठों पर अंग को रख नितम्बों को चहुँ ओर हिलोर दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
साजन बहके-दहके-चहके मोहे जंघा पर ही बिठाय लिया
मैंने भी उसकी कम्मर को अपनी जंघाओं में फँसाय लिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
जल से भीगे और रस में तर अंगों ने मंजिल खुद खोजी
उसके अंग ने मेरे अंग के अंतिम पड़ाव तक प्रवेश किया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
ऊपर से जल कण गिरते थे नीचे दो तन दहक-दहक जाते
चार नितम्ब एक दंड से जुड़े एक दूजे में धँस-धँस जाते
मेरे अंग ने उसके अंग के एक-एक हिस्से को फांस लिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
जैसे ब्रक्षों से लता सखी मैं साजन से लिपटी थी यों,
साजन ने गहन दबाव देकर अपने अंग से मुझे चिपकाय लिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
नितम्बों को वह हाथों से पकडे स्पंदन को गति देता था
मेरे दबाव से मगर सखी वह खुद ही नहीं हिल पाता था
मैंने तो हर स्पंदन पर दुगना था जोर लगे दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
अब तो बस ऐसा लगता था साजन मुझमे ही समा जाएँ
होठों में होठ, सीने में बक्ष आवागमन अंगों ने खूब किया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
कहते हैं कि जल से री सखी सारी गर्मी मिट जाती है
जितना जल हम पर गिरता था उतनी ही गर्मी बढाए दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
वह कंधे पीछे ले गया सखी सारा तन बाँहों पर उठा लिया
मैंने उसकी देखा-देखी अपना तन पीछे खीच लिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
इससे साजन को छूट मिली साजन ने नितम्ब उठाय लिया
अंग में उलझे मेरे अंग ने चुम्बक का जैसे काम किया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया.
हाथों से ऊपर उठे बदन नितम्बों से जा टकराते थे
जल में भीगे उत्तेजक क्षण मिरदंग की ध्वनि बजाते थे
साजन के जोशीले अंग ने मेरे अंग में मस्ती घोल दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया..
खोदत-खोदत कामांगन को जल के सोते फूटे री सखी
उसके अंग के फब्बारे ने मोहे अन्तस्थल तक सींच दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया..
फब्बारों से निकले तरलों से तन-मन दोनों थे तृप्त हुए
साजन के प्यार के उत्तेजक क्षण मेरे अंग-अंग में अभिव्यक्त हुए
मैंने तृप्ति की एक मोहर साजन के होठों पर लगाय दिया
उस रात की बात न पूंछ सखी जब साजन ने खोली अँगिया..
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सम्भोग के समय तुम और मैं जब हम हो जाओ दो अलग अलग शरीर एक रूह बन जाओ ,अहंकार नही ,द्वेष नही ,सिर्फ प्रेम ही प्रेम जब हो तब समझो कि आप सम्भोग कर रहे हैं ।
जिसमें दोनों को प्रेम , आनन्द ,उत्तेजन जगे वही सम्भोग है वीर्य को योनि में झाड़ देना सम्भोग नही ,प्रेम नहीं सिर्फ हवस मिटाना है।
इस पर जितना ध्यान देंगे उतना जिंदगी सुखमय है।
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मित्र का प्रश्न था :- शादी शुदा हूँ और एक महिला मित्र से भी सम्बन्ध है ,सम्भोग करता हूँ क्या यह उचित है ?
मेरा विचार :- सबसे पहली बात यह प्रश्न आपके विचार में आया क्यों ? इसका मतलब आपको ये गलत लग रहा है । आप दोषी मान रहे हैं कि आप गलत हैं ,आप अपनी पत्नी को धोखा दे रहे हैं । आप प्रेमिका को धोखा दे रहे हैं उसके साथ सेक्स भी कर रहे हैं पर उसके प्रति आपके मन मे विकार भी है कि आप गलत हैं । सम्बन्ध गलत है ।
अगर आपका दिल कुबूल नही करता इस सम्बंध को तो जल्दी से खुद को और प्रेमिका को रोक दीजिये जहां प्रेम नही है वहां पाप है । ये धोखा है आप पत्नी, प्रियत्मा और खुद को धोखा दे रहे हैं ।
#दूसरी_पहलू
प्रेम पाप निहि है गलत निहि है अगर आप को और आपकी प्रेमिका को आनन्द है तब । दबाब में प्रेम गलत है अगर आपके मन मे लगता है कि आप गलत कर रहे हैं तो ये गलत है अन्यथा अगर आप दोनों आनन्द ले रहे हैं ,एक दूसरे की आलिंगन में सुकून मिल रहा है तो कोई गलती नही है प्रेम करिए ।
मैं खुद शादी शुदा हूँ फिर भी कई महिलाओं के साथ शारीरिक सम्पर्क करता हूँ क्योंकि मैं आनन्दित हूँ मुझे प्रेम में आनन्द आता है महिला मित्र को भी आनन्द आता है उन्हें मैं पहली मेसेज में कहता हूँ मैं चरित्रहीन हूँ अगर कुबूल हूँ तो आलिंगन में आइये । हम दोनों खुल कर जानते हैं एक दूसरे को तब आनन्द आता है ।
प्रेम , सेक्स आनन्द की क्रिया है दवाब की नही । जब आप प्रसन्न रहेंगे तब आप सेक्स का आनन्द लेंगे एयर प्रियत्मा भी सन्तुष्ट होगी ।
मेरे ये अपने विचार हैं आप अपना स्वविवेक का प्रयोग जरूर करें ।
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मेरे इनबॉक्स में अक्सर मित्रो का मैसेज आता है #शीघ्रपतन का ,#प्रेमिका को #सन्तुष्ट करने का आदि
पहली बात तो ध्यान रखिये की शी्घपतन, आज कल ये आम बात होगया जिसे देखो सर मेरा जलदी निकल जाता है । मेरे भाई ऎ कोइ बीमारी नही आप के मन का वहम है मेरे जितने फॉलोवर हैं उनमें 80% लगभग जल्दी वीर्यपात के शिकार हैं जबकि ये झूठ है शीघ्रपात उन्हें है ही नही सिर्फ वहम । असल होता क्या है कि आप लोग अपने दोस्तों से सुनते होगे मैं 60 मिनट ठोका । अरे भाई दोस्त आपका फेंका आप चिंतित हो गया । क्या आप देखा 1 घण्टे फक करते ? ऐसा तो था नही कि दोस्त आपका ठोक रहा और आप उसकी प्रमिका का टाँग उठाकर पकड़े थे ??
कभी आप xxx मूवी दखते होगे 10/20/30 तक ये सब गलत है और आप चिंतित । मूवी में कैमरा का कमाल होता है ,वियाग्रा दवा और नशा का कमाल है ।
सेक्स का सही समय केवल 2 से4 मिनट है और स्त्री भी इसी में सन्तुष्ट होती है 1 घण्टे लगातार ठोकोगे तो स्त्री का योनि का छेद छेद नही बल्कि गुफा बन जायेगा और लिंग टूट कर लुढ़क जाएगा । फॉरप्ले करो 1 घण्टे स्त्री और तुम दोनों सन्तुष्ट हो जाओगे भाई ।
व्यक्तिगत अनुभव बताता हूँ जिस दिन 2 से 3 ट्रिप सम्भोग कर लेता हूँ लिंग में जलन होने लगता है ।आप हकीमों के जाल मे ना फसे सेक्स करते समय अपने पर काबु रखे जादा उतेंजीत ना हो आराम से सेक्स करे आप। अगर तब भी कोई दिक्त हो तो सेक्स करने जाने से दस मिनट पहले मसट्ररबेशन कर ले ऒर पहले खुब फॉरप्ले करो लड़की की पानी योनि से जब तक न निकले लडकी उतेजीत ना हो जाए तब तक अपने उपर काबु रखे ऒर सेक्स करते समय उसके क्लोरिट्स को रगडते रहे उंगली से ,जीभ से इससे लडकी जल्दी झड़ जाएगी । और फिर लिंग प्रवेश करो 5-8-10 धक्के में स्त्री और आप पुरुष हक्के वकके रह जाओगे ।
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ब्रा शॉपिंग की कुछ और टिप्स-
हमेशा 9 महीने में अपनी ब्रा बदल दें ताकि आपके ब्रेस्ट्स को सही सपोर्ट मिल पाए।
ब्रा शॉपिंग के समय ऐसे रंग चुनें जिनपर पसीने का ज्यादा असर नहीं होता है।
जब आपकी ब्रा लास्ट हुक पर पहुंच जाए तो आपको उसे बदल लेना चाहिए।
अपना कप शेप हमेशा अपने शरीर के हिसाब से चुनें। पतले शरीर के लिए A और बहुत भारी के लिए D कप सही होता है।
For more tips inbox me...
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#स्त्री और पुरुष अगर #मित्र है तो जरूरी नहीं उनके बीच कुछ गलत ही हो। कई रिस्ते पवित्रता की हद से भी ऊंचे होते हैं। यह समझने वाले कि सोच पर निर्भर करता है।
जिसकी जैसी सोच होती है, वैसी ही उसकी धारणा होती है।
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जिसको आप #प्रेम करते है..
यदि उसको पूजने का भाव
मन में न उठता हो तो समझ लो
कि तुम्हारा प्रेम..प्रेम नही सिर्फ
शारीरिक दिखावा है , क्योंकि मन में कुछ और ही है।
और मन में कुछ और शारीरिक दिखावा कुछ और तो प्रेम वहां बहुत जल्दी घृणा में परिणत हो सकता है,
क्योंकि वहां प्रेम है ही नहीं।
लेकिन जहां प्रेम केवल देना है,
वहां वह #शाश्वत है,
वहां वह टूटता नहीं,
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