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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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मुझे लगता हैं ये बहस अब खत्म क़र देनी चाहिए सबको। दोनों तरफ वालो को। ये बहस यहां से अपने बैडरूम तक लेके जाए अपने अपने पार्टनर के साथ इस पर चर्चा करे। क्योंकी ये बहस एक दूसरे को ट्रोल करने और माँ बहन की गालियां के आलावा कुछ नहीं हैं।❤️
जो औरते अपनी सेक्स लाइफ से ख़ुश नहीं हैं वो चुप ना रहकर एक बार अपने पार्टनर से बात करे। ये उनके रिश्ते के लिए बेहतर होगा। इससे पहले की हम आर्गेसम जैसी चीजो पर बात करे। भारतीय समाज मे सेक्स एक टेबु हैं। इसको प्राइवेट रखा गया हैं। पर अब ये सिर्फ मिडल क्लास और हाई मिडिल क्लास मे ही रह गया। हाई क्लास मे बहुत चीजे बदल चुकी हैं। वाइफ स्वेपिंग, ककल्ड और bdsm जैसी चीज बहुत पहले से आ चुकी हैं। वो लोग इन पर शर्मा नहीं रहे बल्कि बात क़र रहे हैं।
भारतीय मिडल क्लास औरते बेड पर एक छुई मुई रहती हैं। बिना किसी रिएक्शन के। उन्होंने कभी उस दौरान आ रही फीलिंग को किसी को नहीं बताया जाहिर तक नहीं होने देती।
फिर वो इस बहस मे कूदने का कोई फायदा नहीं। आप अपने पार्टनर से कहिये। उसको अहसास दिलवाइये। ताकि वो आपका ख्याल रखे।
इस बहस मे कूदने वाले कितने लोग कहते हैं की हमने अपने पार्टनर से बात की हैं। कुछ जगह पर ईगो नहीं चलता। बेड पर तो आप एक दूसरे के साथ एक जैसा हक रखते हो।
इसलिए अब इस बहस को खत्म करके अपने अपने पार्टनर से बात करे।🔥
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😜सेक्स_और_सम्भोग
सेक्स को देखने का हर किसी का
अपना अपना एक अलग नज़रिया है ।
पर पहले मैं आपको बता दूँ...
सेक्स है क्या ?
सेक्स हमारे जीवन में होने वालीं एक आम प्रक्रिया है ।
जैसे हम भूख लगने पर खाना खाते हैं ।
प्यास लगने पर पानी पीते हैं ।
वैसे ही सेक्स की इच्छा होने पर सेक्स भी करते हैं ।
मानें या ना मानें
हमारे जीवन का एक बहुत ही अहम हिस्सा है ।
जहाँ सेक्स करते रहने से हम
डिप्रेशन/तनाव/अवसाद से
काफी हद तक निज़ात पाते हैं
वहीं सेक्स ना करने से
हम अन्दर से कुण्ठित हो कर भर जाते हैं,
फ्रस्ट्रेटेड हो जाते हैं ।
अब सेक्स कैसे करें और कैसे नहीं
यह अपने-अपने नज़रिये पर निर्भर करता है ।
सेक्स एक चरम सुख है
जो सम्भोग से बहुत भिन्न है ।
सेक्स सिर्फ़ एक मात्र दैहिक सुख है ।
जबकि सम्भोग अध्यात्मिक सुख ।
सेक्स :-।
ख़ुद को ख़ुश करने के लिए
एक स्त्री या पुरुष के साथ भोग करने को
सेक्स कहते हैं ।
इस में व्यक्ति स्वार्थी रहता
उसे सिर्फ़ ख़ुद के सुख से मतलब रहता है ।
और
सम्भोग :-
सम्भोग = सम+भोग
यानि समान रूप से भोगना ।
ये वो प्रक्रिया है
जिस में दो लोग देह से ही नहीं
अपितु भावनाओं के स्तर पर
तन मन और आत्माओं के साथ जुड़ते हैं ।
“सम्भोग प्रेम की वो समाधि हैं
जहाँ प्रेमी और प्रेमिका एक दूसरे में
परस्पर लीन हो जाते हैं ।”
जिसके फलस्वरूप
इस लीन अवस्था से उत्पत्ति होती हैं
जीवन चक्र प्रजनन की ।
ब्रह्मा की बनायी इस सृष्टि के विस्तार के लिए
प्रजनन का होना अति आवश्यक है ।
और
“सम्भोग ही प्रजननता का मूल है ।”
प्रेमी द्वारा छूयी गयी छुअन किया गया चुम्बन
मानो आत्मा को आनन्द के सागर में डुबो देता है ।
सम्भोग ...भावनाओं के स्तर पर
जहाँ प्रेमी और प्रेमिका
आनन्द के सागर में डुबकी लगाते हैं
जिस में तन मन और आत्मा
आनन्द से तृप्त हो जाती हैं ।
एक दूसरे से भावनात्मक स्तर पर
सम्भोगरत होना
उनके प्रेम को निखारता है ।
“शब्दों में इस घटना या अवस्था को
लिख पाना सम्भव ही नहीं है ।” 🙏
ये वो एहसास हैं,
जो समुद्र की गहरायी से भी गहरा है,
जिसमें रोम-रोम समा जाता है....!!
✍️,,,,
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आज समाज मे एक अवधारणा है या यूं कहु तो ज़रूरत भी स्त्री को पुरुषो की बराबरी करनी है। लेकिन मैं मानता हूं कि औरत पुरूष की कभी बराबरी नही हो सकती। मैं कार्य क्षमता और अधिकारों का ज्ञान नही देना चाहता ।
स्त्री खुद में स्त्री रहे तो ही बेहतर है औरत खुद को समझे कि उसे मर्दों से आकर में भिन्न और उतेजक ही क्यों बनाया गया। ताकि मानसिक रूप से दुर्बल पुरुष भी उस काम सुंदरी को पाने के लिए सीमांत प्रयत्न कर आपने आप को उसके भोग योग्य बना सकें। लेकिन वही पुरुषो को भी यह सोचना चाहिए कि स्त्री पुरूष के लिए ही बनाई गई है एक न एक दिन उन दोनों का समयोग मिलन सुनिश्चित है अतः उसे सम्भोग के लिए उतपेरिक न कर स्वम् को उस काबिल बना दे कि उस स्त्री के पास उसके सिवा कोई अन्य विकल्प दिखे ही नही।
पैसा पावर ही सुन्दर्य को अपने अधीन कर सकता है बाकी प्रेम इसके सामने गुप्त धोखा है जिसे एक पैसे वाला पुरुष भोग ही लेगा...! @highlight
#everyone #loveislove #follow #goodmorning
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सेक्स के संदर्भ में कुछ काम की बातें,,,,,
,,, स्त्री पार्टनर को संतुष्ट करने के लिए दो बेस्ट सेक्स पोजीशन, जिन्हें फीमेल सुपीरियर पोजीशन कहते हैं। एक,, सिटिंग सेक्स पोजीशन और दूसरी सिटिंग आन चेयर पोजीशन।
,, ऐसा कामशास्त्र में कहा गया कि स्त्री दिन में कम से कम एक बार संभोग के बारे में जरूर सोचती है।
,, लड़की को शांत रखना मुश्किल नहीं होता है पर औरत शारीरिक संबंध जितना बनाओ उतना बोलती है और और ऐसे में पुरुष का पसीना निकल जाता है औरत का पानी निकालते निकालते।
,, जो भरा नहीं है वीर्य से, जिसमें बहती रस धार नहीं, वो पुरुष नहीं पत्थर है जिसमें स्त्री के लिए प्यार नहीं।
,, जो महिलाएं काफी ज्यादा पतली होती है और उनके बूब्स छोटे छोटे हैं। ऐसी महिलाओं में संभोग करने की इच्छा काफी ज्यादा उत्पन्न होती है। और संभोग करवाना बहुत पसंद है।
,, पीरियड खत्म होने के बाद स्त्री का संभोग करने का अधिक मन करता है ऐसे अच्छे संभोग से उसके त्वचा में निखार आता है।
,,, स्त्री उस पुरुष के पीछे भूखे की तरह आती है।जिस पुरुष का प्राइवेट पार्ट तनाव से भरपूर होता है और पुरुष उस स्त्री के पीछे भूखे की तरह दौड़ता है जिसके स्तन नोंकदार होते हैं।
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बड़ी उम्र की स्त्रियां मोहब्बत इसलिए नहीं करती कि तुम उनका उद्धार करोगे .. बड़ी उम्र की स्त्रियां देखती है एक साया जिसकी छाँव में वो उम्र की थकान उतार सकें, वो ढूँढती हैं एक अल्हड़ दोस्त..जिसके साथ सड़क पर भींग सकें.. तुम में कुछ ख़ास है या तुम्हारी कमसिनी लालायित नहीं करती उन्हें , वो चाहती हैं...एक हमसफ़र ऐसा हो. जिसकी वो दोस्त और प्रेमिका भी बन सकें... कभी गुरूर आ जाए खुद पर तो आईने में देख लेना परिपक्व खूबसूरती और नादान सुंदरता में कितना फर्क होता है | ...कभी लगे कि कुछ जीत लिया है तुमने तो झांकना उनके दिल में , खुद की हार पर कितना ख़ुश हो रही हैं वो...बड़ी उम्र की स्त्री महज़ एक श्रद्धा की मूरत ढूँढ़ती हैं...❤️जिसके गीत गुनगुनाते उम्र गुज़र जाए । बड़ी उम्र की स्त्री जड़ से गहरी होती हैं...तुम तोड़ने जाओगे...तो ख़ुद की साँसें गँवा दोगे । बड़ी उम्र की औरतें भावुक प्रेम करती हैं...मगर इसका मतलब ये क़तई नहीं कि वो समझती नहीं...वो तुम्हारी नादानियाँ दरकिनार करती हैं!! दरअसल इन्हें नहीं जीना अब छलावे की ज़िंदगी इसलिए अब वो पारदर्शी प्रेम चाहती हैं... इससे पहले कि वक्त उड़ा ले जाए उनकी बची हुई नादानियाँ ..ये बड़ी उम्र की स्त्रीया चंद लम्हों में सारी जिंदगी जीने की चाहत रखती हैं...
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संभोग कब ?
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जब पुरूष संभोग करना चाहे तब नहीं ! पर स्त्री संभोग करना चाहे तब ! संभोग तभी करना उचित होगा जब स्त्री आनंद कि ऊँचाई पर हो ओर वो संभोग करना चाहती हो !
ज़्यादा तर पुरुष संभोग करना तब पसंद करते है जब वो तनाव में हो! ख़ुशी में नही ! ओर स्त्री आनंद में अपने प्रेमी या पति के साथ रहना पसंद करेगी ! क्यूँकि स्त्री संभोग तभी करना पसंद करेगी जब वो भीतर से आनंद से भरी होगी !🔥❤️
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स्त्री के ज़िस्म को भी सुहागन करना जरूरी है .. माँग में सिंदूर भरने से कुछ नहीं होता ..
जब तक उसकी गहराई में एक मर्द अपने मूसल से उसकी योनि की माँग को सुहागन नही करता तब तक स्त्री सुहागन नही होती ..
स्त्री को स्त्री होने का अहसास उसी दिन होता है जब एक मर्द की बाहों में सिसकती चरमसुख लेती है
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अगर आपको आप की बॉडी फिट नहीं लगती बॉडी के अलग अलग हिस्से का योगा कर कर के थक गये है तो मैं आप को सिर्फ एक योग बताता हूँ पूरी बॉडी फिट रहेगी निखार और चमक बनी रहेगी वो योग है --संभोग जी हाँ संभोग करिये मस्त रहिये😀😀........🔥❤️
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मनुष्य को इतनी अधिक काम ऊर्जा आखिर क्यों दी गयी?💗🌹
पशुओं में सेक्स मौसमी होता है
वर्ष में एक बार या दो बार ही वे कामुक होते हैं,
अन्यथा सेक्स विसर्जित हो जाता है
मनुष्य चौबीसों घंटे, साल के बारह महीने, तीन सौ पैंसठ दिन, प्रति क्षण कामुक ही बना रहता है
कोई चीज वहां उसमें होनी ही चाहिए
मनुष्य को इतनी अधिक काम ऊर्जा आखिर क्यों दी गयी?
वह केवल संतान उत्पन्न करने के कारण ही नहीं हो सकती—क्योंकि पशु ठीक पूर्णता से उसे कर रहे हैं
यदि मनुष्य ऋतु आने पर ही कामुक बनता,
तो एक तरह से सभी चीजें कहीं अधिक बेहतर रही होती, वर्ष में एक बार एक महीने के लिए और शेष ग्यारह महीने तुम स्वतंत्र रहते
तुम इस बीच हजारों कार्य कर सकते थे और इस बारे में फिक्र करते ही नहीं
वर्ष में एक महीना यथेष्ट होता
लेकिन मनुष्य को इतनी अधिक काम ऊर्जा आखिर क्यों दी गई?
यह केवल बच्चों के उत्पन्न करने के लिए ही नहीं हो सकती
यह महान कोष किसी दूसरी वजह से दिया गया है:
यह अपने साथ अत्यधिक सजग और सचेत बनने की एक छिपी हुई सम्भावना साथ लिए चल रही है
इसी ऊर्जा को प्रेम की ऊर्जा बनना है और इस प्रेम को प्रार्थना बनना है,
और इस प्रार्थना को परमानंद का सर्वोच्च शिखर बनना है
संतान उत्पन्न करने वाला भाग, \
जहां तक मनुष्य का सम्बंध है,
बहुत छोटा है उसमें कोई अन्य चीज जो बहुत अधिक मूल्यवान है, छिपी हुई है परमात्मा तुम्हें कोई भी चीज बिना किसी विशिष्ट कारण के नहीं दे सकता
ओशो 💗
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मन थकता नही तन रुकता नही
करता जाता है मन मानी
बलखाये कमरिया उछले जोबन
अल्लड़ हुई तेरी जवानी
कसके जो बाँधे चोली की डोरी
लोग कहे है लगती ये रानी
छाती बडी है संभलती न अब
हो जाती है परेशानी
अधखुला तन है चंचल मन है
तेरे हुस्न की यही कहानी
छेड़े कोई जो मुझे हमेशा तो
हो जाती हूँ उसकी दीवानी🔥🫦❤️
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*बिजली का करंट और स्त्री का फ्रंट..*
*मर्दो को हिलाके रख देता है..*
*स्त्री के फ्रंट मे ऐसी कशिश होती है जिसे देखते ही मर्द की मर्दानगी और उसकी नियत दोनों ही खराब हो जाती है..*
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❤️
ढलती उम्र में गिरते पल्लु से बड़े बड़े उभार नज़र आते है तो मन मे अनेक ख्वाहिशें हवस की जाग जाती है
जब रसीले जोबन के अंग यूँ मचलते बाहर निकलते नज़र आते है तो दिल करता है इस ढलती उम्र के जोबन को हम ही संभाल ले
वैसे स्त्रियों के ढलते शबाब को देख मर्द जितना कामुक होता है उतना कमसीन उम्र को देख कामुक नही होता
क्योंकि ढलती उम्र के शबाब में एक नशा होता है और एक अनुभव जो बिस्तर पर बहुत जरूरी होता है तभी बिस्तर पर चरम सुख पराप्त होता है 💞💋🥰
#everyone #loveislove #follow
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स्त्रियों को सब संभालना आता है पर ये जिस्म को नही संभाल सकती है जैसे बड़े बूब्स👙🍼 कितना भी अच्छा ब्लाउस पहन लो कही न कही दिखने ही लगते है🫐😘🔥🫦
#goodmorning #everyone #follow
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पुरुषों को स्तन और ब्रा की स्ट्रैप खुली हुई पैंटी की पैंटीलाइन और नाभि की गहराई बहुत अच्छी लगती है🔥❤️
#everyone #follow #loveislove #ब्लाउज
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एक मर्द होने का दावा करने वाले इंसान के धक्के इतने तेज और जबरदस्त होने चाहिए
की गदराई जिस्म वाली हवस से भरी हुई स्त्रियों के सीधे गर्भाशय पर चोट करे,.
उनको लnd की चोट उनके सीने पर महसूस हो,
अंदरुनी दीवारों को रगड़/ धमक अच्छी तरह से लगे जिससे उत्तेजित होकर उनके मुँह से सिसकियाँ निकलने लग जाए और उसके माथे, चेहरे से ही नहीं , बल्कि पुरे बदन पर पसीने की बूंदे मोती के बनकर छलकने लगें 💦💦
तभी उन्हें असली चरम सुख की प्राप्ति होगी 💧💦🔥
#सुप्रभात
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सम्भोग एक साधना हैं जिसमे साधक को यह ख्याल रखना चाहिए कि जिस यो नी की वो साधना कर रहा है उसे वो पुर्ण सन्तुष्ट करे ना कि अपनी कामोतेजना का रस परवाह उसका उद्देश्य हो, साधक को यह ध्यान देना चाहिए कि जो यो नी उसकी अधीनता में आई है वो क्या चाहती है क्या उसका रस गाढ़ा है या निम्न जल रूप गढ़ा रस आपसे समय और कठिन तप की मांग करता है जिसमे आपकी आतुरता सिद्ध यो नी को भी आपसे दूर कर देगी ऐसे में उसे नए साधक की खोज उतपन्न होगी। साधक को करना यह चाहिए कि वो उसे दिव्य यो नि को चूम चाट कर सीमांत तक ले जाए फिर अपनी दो उंगलियों को आपस मे जोड़ उस यो नि की दीवारों को नमन कर उसके इर्द्ध गिर्द्ध सहज रगड़ के साथ क्रीड़ा करें और अपने ज्जिभ से यो नी की दीवारों को चूमते हुए तब तक उसका भोग करे जब तक सिद्ध यो नि से युक्त अप्सरा की उंगलियां आपके बालों को नोंचना शुरू कर अपने यो नि की सहज ही आपके मुह में रगड़ना शुरू न कर दे और आप चाह कर भी उस उंगलियों के बंद्धन से मुक्त न हो ऐसे में आपके मुह को वो अपने यौन रस से भर देगी। तब आप अपने कमोतेजित खीरे को जैसे अंग को धीरे धीरे अंदर समाहित करे उसे समय जब आपका खीरे जैसा अंग अंदर जाएगा नारी पूर्णता को प्रप्त हो जाएगी अब बारी होगी आपकी असली प्रदर्शन की जहाँ आपको स्वम् के सयम से धीरे धीरे आगे पीछे करना होगा जैसे ही नारी दूसरी फवारा से आपको आगे बढ़ने की आज्ञा दे उसे स्वीकार कर आपको अपनी रफ्तार बढ़ा देनी चाहिए अंततः दोनों संतुष्टि के परम सीमांत पर होंगे
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स्त्री का #जिस्म वो #बगीचा है... जिसके अंदर भिन भिन प्रकार के फल लगे हुए है जिनका इस्तेमाल एक मर्द अगर सही तरीके से करें तो औरत के हर अंग का अलग अलग स्वाद होता है " औरत के होंठ जैसे कोई अंजीर हो जिसे चूस चूस कर खाना चाहिए, उसके दोनों उरोज जैसे कोई संतरा उसके उपर अंगूर जैसे निप्पल देखते ही उन्ही दबा दबा कर चूस चूस कर खाना चाहिए, उसका सेपाट पेट पर गहरी नाभि जिसके अंदर सहद डाल कर जीभ की नोक घुसा कर चूस चूस कर जितना खाये उतना खाते रहे दिल नहीं भरता, उसकी कमर जैसे फूलो की डाली, उसके मांसल जाँघे जैसे की पपीता का तना, दोनों जांघो के बिच एक घणा जंगल जिसके अंदर एक गहरी कुई उसका पानी पीकर उसके अंदर अपना हेंडपाम्प डाल कर जब पानी दिया जाता है तो स्त्री का योबन गुलाब की तरहा महक उठता है
स्त्री का जिस्म ऐसा होता है जिसे हर दिन #मर्द के #हैंडपंप के पानी की चाहत होती है.....
अपनी #ब्लाउज को डोरी खोल कर #पेटीकोट का #नाड़ा बाहर लटका कर इंतजार करती है कब उसका मर्द (जो उसके योबन को भाबरे की तरहा चूस कर उसे महकने पर मजबूर कर दे )आए और उसके इस प्यासे और #पसीने से भीगे बदन को पीछे से ऐसे अपनी बाहों में #जकड़े की उसका लम्बा #मूसल उसकी #नितंब को रगड़ कर एहसास दे की अब उसकी तड़प इसी #बिस्तर की #सिलवटों की तरह टूटने वाली है.....मर्द पूरी रात उसके हर अंग को अच्छे से मसले रगड़े एक मीठा दर्द दे, उसकी सिसक रात भर चलती रहे अंग अंग दुखने लगे पर वो उस मीठे दर्द को आँखे बंद करके अनुभूत करती हुए अपने चरसूख को प्राप्त करें सुबह उसकी आँखो की शर्म उसकी रात की कहानी बया करें
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