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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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मेरे देखने से पुरुषों के हाल भी यही हैं।
वो स्त्री जो सचमुच तुमसे प्रेम करती है तुमसे दूर जाने का फैसला एक पल में नहीं करती महीनों वो खुद को समझाती है....और जिस दिन वो तुम्हारे बिना खुद को संभालना और समझाना सीख जाती है ,ठीक उसी पल वो तुमको छोड़कर सिर्फ़ ख़ुद की हो जाती है तुमको उस दिन से डरना चाहिए.....जिस दिन स्त्री प्रेम और स्वाभिमान में से , स्वाभिमान को चुनती है क्योंकि उसी दिन स्त्री तुमसे मिले प्रेम को हीरे की तरह दिल में रख लेती है औऱ सारी दुनिया के लिए दिल के दरवाज़े सदा के लिए बंद कर लेती है ये उसका अंतिम फैसला होता है तुमको छोड़ कर जाने का ...स्त्री सहज विद्रोही नहीं होती ,विद्रोह करने से पहले वो बार-बार तुमको एहसास कराती है कि "अब पहले जैसा प्रेम महसूस नहीं हो रहा है प्रेम को कुछ वक्त दिया करो "तुम उसे और उसकी बातों को लापरवाही से टाल देते हो ,और एक दिन वो तमाम यादें और प्रेम समेट कर तुमसे दूर चली जाती है एक बार प्रेम तज कर और प्रेम समेट कर जा चुकी स्त्री कभी पहली सी नहीं रह जाती तुम्हारे जिस प्रेम ने उसे कोमल और संतुलित बनाया था ,तुम्हारा वही प्रेम उसे जीवन भर के लिए कठोर और निष्ठुर बना देता है तुम लापरवाही में कभी जान ही नहीं पाते कि मरते दम तक वो स्त्री दुबारा वैसी कभी नहीं बन पाती , जैसी वो तुमसे मिलने से पहले थी अपनी मौज मस्ती के चलते तुम कभी जान ही नहीं पाते कि तुम एक हरी-भरी ,खिली औऱ खिलखिलाती स्त्री की हत्या कर चुके हो....!!☺️
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स्त्री_का_प्रेम_गहन_है।
स्त्री वर्षों प्रेम कर सकती है बिना कामवासना की मांग किए। सच तो यह है कि जब स्त्री बहुत गहरा प्रेम करती है, तो उस बीच पुरुष की कामवासना की मांग उसको धक्का ही देती है, शॉक ही पहुंचाती है।
उसे एकदम खयाल भी नहीं आता कि इतने गहरे प्रेम में और कामवासना की मांग की जा सकती है! मैं सैकड़ों स्त्रियों को, उनके निकट, उनकी आंतरिक परेशानियों से परिचित हूं। अब तक मैंने एक स्त्री ऐसी नहीं पाई, जिसकी परेशानी यह न हो कि पुरुष उससे निरंतर कामवासना की मांग किए चले जाते हैं। और हर स्त्री परेशान हो जाती है।
क्योंकि जहां उसे प्रेम का आकर्षण होता है, वहां पुरुष को सिर्फ काम का आकर्षण होता है। और पुरुष की जैसे ही काम की तृप्ति हुई, पुरुष स्त्री को भूल जाता है। और स्त्री को निरंतर यह अनुभव होता है कि उसका उपयोग किया गया है–शी हैज बीन यूज्ड। प्रेम नहीं किया गया, उसका उपयोग किया गया है। पुरुष को कुछ उत्तेजना अपनी फेंक देनी है। उसके लिए स्त्री का एक बर्तन की तरह उपयोग किया गया है। और उपयोग के बाद ही स्त्री व्यर्थ मालूम होती है। लेकिन स्त्री का प्रेम गहन है, वह पूरे शरीर से है, रोएं-रोएं से है । वह जेनिटल नहीं है, वह टोटल हे
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प्रियतमा !
तुम मिलो तो चांद से कहूं कि और दूर जा
हो सके तो थोड़ी देर के लिए तू डूब जा ।।
विश हम आपसे हद से ज्यादा प्यार करते हे 💋💋
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देख प्राची की, सोन रश्मियां,
हौले से अम्बर मुस्काया,
कोमल कुमुदिनी की कांति पर,
मस्त भ्रमर, मन भर बौराया।
पनघट पर यूं छलकी गगरी,
गोरी का यौवन , इतराया।
रुनझुन - रुनझुन पायल बोली,
देखो महावर पग सुहाया।
किरणें विहंसी, चिड़ियां चहकी,
विधु व्योम से हंस कर रूठा।
मंदिर की मधुर घंटियां बोली,
उठो , मानस के हे! राजहंस,
देखो, सूरज, आंगन आया।
देखो,सूरज, आंगन आया।
कवियत्री :- अनुपमा पांडेय 'भारतीय'
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प्रियत्मा स्त्री_पुरुष के बीच गहरे प्रेम संबंध के लिए जितना ज़रूरी सेक्स है, उतनी ही ज़रूरी है समझ, स्वीकृति और ईमानदारी।
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सबसे ज्यादा खूबसूरत होती हे वो स्त्रियां.......
जो श्रृंगार करती हे स्वाभिमान् का......
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प्रियतमा !
तेरे हुस्न की तारीफ में क़लम उठाया था।
लेकिन तेरे नाभि के भंवर में पड़ा हुआ हूँ ।
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स्त्री भोग की वस्तु नहीं प्रेम की परकाष्ठा है, जहाँ प्रेम की सागर में डुबकी लगाकर पुरुष विभोर होता है
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प्यार करना अथवा न करना अपने बस में नहीं होता शायद. कहा जाता है कि प्यार पुरुष की ज़िंदगी का तो एक नामालूम-सा हिस्सा होता है, पर स्त्री के लिए उसके पूरे वजूद पर छाया हुआ संपूर्ण जीवन होता है।
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श्रेष्ठ योग संभोग जिसमें दो विपरीत शरीर समान रूप से व्यायाम कर सकते है शारीरिक और मानसिक। शरीर के हर अंग का योगदान है इस योग में।
योग दिवस की बहुत बहुत शुभकामनाएं।
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प्रेम कभी अपनी जरूरत पूरी करने के लिए नही करना चाहिए। प्रेम हमेशा एक दूसरे के सुख-दुख में
साथ और संपूर्ण संतुष्ट होने के लिए करना चाहिए और यही प्रेम की पराकाष्ठा भी हैं।
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प्रियतमा !
#स्तन_मर्दन_प्रेम_की_तरंग_है।
में किसी महिला को देखकर प्रभावित होता हूँ पर तुम किसी रोमांटिक नॉवेल का एक पैसेज पढ़कर उत्तेजित हो सकती है।
बड़े स्तन वाली स्त्री पुरुष को जल्दी और ज्यादा अपनी ओर आकर्षित करती है , साथ ही बड़ी स्तन की स्त्री कामूक ज्यादा होती हैं । सेक्सुअल सिग्नल्स की थ्योरी को शारीरिक रूप से पुष्ट स्तनों के माध्यम से बल मिलता है। यही वजह है कि पोर्नोग्राफी में इसका ज्यादा प्रयोग होता है।
दुनिया भर में रहने वाली मानव प्रजाति यौन संसर्ग से पहले स्तनों के माध्यम से किए गए फोर प्ले में संलग्न रहती है।
मास्टर्स एंड जॉनसन की यौन संबंधों पर लिखी गई प्रसिद्ध किताब में दर्ज है कि महिला को यौन संसर्ग के लिए उत्तेजित करने एवं तैयार करने में #स्तन_मर्दन का विशेष महत्व है।
इसको स्पष्ट करना मुश्किल है कि स्तन केवल विजुअल सिग्नल प्रेषित करने के लिए ही उपयोगी हैं। यौन संसर्ग शुरू होने से पहले स्तन अपने अधिकतम आकार में तन जाते हैं ताकि पार्टनर को यौन संसर्ग के लिए आकर्षित कर सकें। स्तन मर्दन से ही महिला के मस्तिष्क में स्थित योनी एवं भगनासा से जुड़े केंद्र उत्तेजित होकर क्रियाशील हो जाते हैं। पर ध्यान रखें स्तन मर्दन प्यार से करें धीरे धीरे हल्के से चूसते हुए निप्पल को।
इसलिए सेक्स करने से पहले स्तन को सही तरीके से सहलाएं ताकि योनि आसानी से गीली हो सके और सेक्स आनंददायक और संतुष्ट होए।
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पुरुष नही चाहता कि उनसे जुड़ी हुई स्त्री उनसे आगे रहे या उनसे पीछे, वो चाहता है की वो उनके साथ चले, जब भी गिरे उन्हें संभाल ले, जब वो टूटे उन्हें समेट ले,जब वो हार कर थक जाये तो उनमे नया उत्साह भरे, इस जीवन रूपी संघर्ष मे वो हर पल बस उनका साथ और प्रेम चाहता है.....
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गौर से देखो इन नजरों में
अब भी प्रेम की तृष्णा में
नयन अटके हैं राहों में
ये पिपासु जिस्म
खोज रही अपनी प्यास
बुझाने प्रियतम को !
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