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MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS

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📈 Análisis del canal de Telegram MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS

El canal MPPSC 2026 PRE + MAINS NOTES #MPPSC MAINS 2025 MP PSC TEST SERIES CURRENT AFFAIRS MP CURRENT AFFAIRS (@mp_psc_notes) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 13 663 suscriptores, ocupando la posición 14 921 en la categoría Educación y el puesto 29 104 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 13 663 suscriptores.

Según los últimos datos del 12 octubre, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de -97, y en las últimas 24 horas de 0, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 8.36%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 4.84% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 1 144 visualizaciones. En el primer día suele acumular 662 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 1.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como 2025, ऑफर, परीक्षा, स्टेशनरी, अमेजॉन.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
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Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 13 octubre, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

13 663
Suscriptores
Sin datos24 horas
-57 días
-9730 días
Archivo de publicaciones
चोल अभिलेखों में उल्लिखित प्रमुख कर निम्न थे- कुडिम्मे/कडमाई - भू राजस्व (लगान)। (दर 40-50 प्रतिशत) या (अनाज या उपज के रूप में संग्रहित) वेट्टी व मुत्तईयज्ञ भू-राजस्व से जुड़ी शब्दावली । कडम्मै– सुपारी के बागान पर कर। कडैइरै - दुकानों पर लगने वाला कर। मनैइरे –भवनकर/गृहकर (भूराजस्व के बाद राजस्व का प्रधान स्त्रोत) इक्कोरू - ग्रामीणों के द्वारा राज्य कर्मचारियों को देय खाद्यान्न । मरमज्जाडि - उपयोगी वृक्षकर। पेविर/ सैक्करे-तेलियों से लिया जाने वाला कर/तेलघानीकर किड़ाक्काशु - नर पशुधन पर लगने वाला कर। पाडिकावल– गाँव के विशेष क्षेत्र के जान माल के लिए सुरक्षा कर। वाशल्पिरमम् - द्वारकर । मगन्मै - स्वर्णकार, लौहकार, कूम्मकार, बढई आदि शिल्पकारों से प्राप्त कर । आजीवक काशु - आजीवकों पर लगने वाला कर। सेतैरै - व्यापार कर । पट्टोपाटम/तट्टमेली - सुनारों पर कर। ओल्लु कुनीर पाट्टम - जल स्त्रोतों पर कर। वलीआयम - पथकर ।

स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी राज्य - राजस्थान और तमिलनाडु
स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में अग्रणी राज्य - राजस्थान और तमिलनाडु

:-हरशेल समिति 1893 :- इनाम आयोग 1852 :- सिंचाईं आयोग 1901 :-हंटर आयोग 1882 :-फ्रेजर आयोग 1902 :-ली आयोग 1924 :-विश्वविद्यालय आयोग 1902 :- अफीम आयोग 1893 :-भारतीय छटनी आयोग 1923 :-Herschel Committee 1893 :- Reward Commission 1852 :- Irrigation Commission 1901 :-Hunter Commission 1882 :- Fraser Commission 1902 :- Lee Commission 1924 :- University Commission 1902 :-Opium Commission 1893 :-- Indian Retrenchment Commission 1923

*🛑सस्टेनेबल स्टॉक एक्सचेंज एसएसई* ●SSE पहल एक संयुक्त राष्ट्र भागीदारी कार्यक्रम है ● किसके द्वारा आयोजित: -अंकटाड, -यूएन ग्लोबल कॉम्पैक्ट, -यूएनईपी एफआई (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण - वित्त पहल) -पीआरआई (जिम्मेदार निवेश के सिद्धांत) ●उद्देश्य: एक्सचेंज कैसे कर सकते हैं, इसकी खोज के लिए वैश्विक मंच 1) ESG (पर्यावरण, सामाजिक और कॉर्पोरेट प्रशासन) के मुद्दों पर प्रदर्शन को बढ़ाना 2) स्थायी निवेश को प्रोत्साहित करें 3) संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों का वित्तपोषण

Dutch factories in India . Masulipatnam(1605) • Pulicat (1610) • Surat (1616) . Bimplipatnam(1641) • Karaikal (1645) . • Chinsurah (1653) • Cassimbazar (1658) •coachin (1663)

बाजार सम्बन्धी अधिनियम:- अलाउद्दीन के बाजार से सम्बन्धित आठ अधिनियम प्रमुख थे- प्रथम अधिनियम:- यह सभी प्रकार के अनाजों का भाव निश्चित करने से सम्बन्धित था। सरकार द्वारा निश्चित प्रमुख अनाजों के प्रतिमन की दरें इस प्रकार थीं। गेहूँ – 7.5 जीतल प्रति मन। जौ- 4 जीतल प्रतिमान। चावल दाले एवं चना-5 जीतल प्रति मन। अन्य छोटे अनाज – 3 जीतल प्रतिमान। दूसरा अधिनियम:-इस अधिनियम के द्वारा मलिक कबूल उलूग खनी को सहना-ए-मण्डी नियुक्त किया गया। तृतीय अधिनियम:– सरकारी गोदामों में गल्ला एकत्रित करने से सम्बन्धित था। चैथा अधिनियम:- राज्य के सभी अन्य वाहक शहना-ए मण्डी के अधीन कर दिये गये और उन्हें दिल्ली के आस-पास बसा दिया गया। 5वाँ अधिनियम:- इतिहास अर्थात जमाखोरी से सम्बन्धित था। 6ठवाँ अधिनियम:- प्रशासकीय एवं राजस्व अधिकारियों से कहा जाता था कि वे किसानों द्वारा व्यापारियों को निश्चित मूल्य पर अनाज दिलायेंगें। 7वाँ अधिनियम:- सुल्तान को प्रतिदिन मण्डी से सम्बन्धित रिपोर्ट तीन स्वतन्त्र सूत्रों से प्राप्त होती थी-शहना-ए-मण्डी, बरीद, और मुनैहियन। 8वाँ अधिनियम: सूखे का अकाल के समय अनाजों की राशनिंग से सम्बन्धित था।

कौटिल्य ने अर्थशास्त्र में 9 प्रकार के दासों का उल्लेख किया है.. 1-ध्वजाहृत--युद्ध में जीता हुआ दास 2-उदरदास--जन्म से दास 3-दण्ड प्रणीत--दण्ड के परिणाम स्वरूप बनाया गया दास 4-दायागत--पैतृक सम्पत्ति के रूप में प्राप्त दास 5-लब्ध--दान में प्राप्त हुआ दास 6-क्रीत--खरीदा हुआ दास 7-गृहजात--घर में दासी द्वारा उत्पन्न दास 8-अहितक--ऋण के बदले धरोहर के रूप में रखा गया दास 9-आत्मविक्रयी--अपने आप को बेचने वाला दास

Important for UPPCS & RO/ARO 17 सतत विकास लक्ष्य 1: गरीबी की समाप्ति 2: भुखमरी से मुक्ति 3: लोगों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य और आरोग्यता 4: गुणवत्तापरक शिक्षा  5: लैंगिक समानता  6: जल एवं स्‍वच्‍छता  7: किफ़ायती और स्वच्छ ऊर्जा  8: उत्‍कृष्‍ट कार्य और आर्थिक विकास  9: उद्योग, नवाचार और बुनियादी ढांचे का विकास  10: असमानताओं में कमी  11: संवहनीय शहरी और सामुदायिक विकास  12: ज़िम्मेदारी के साथ उपभोग और उत्पाद  13: जलवायु कार्रवाई  14: जलीय जीवों की सुरक्षा (जल में जीवन)  15: थलीय जीवों की सुरक्षा (स्थलीय पारिस्थितिक में जीवन)  16: शांति, न्‍याय और सशक्त संस्थाएं  17: लक्ष्यों के लिए भागीदारी #pre

आबवाब- मुगल काल में जनता से लिए गए अनधिकृत कर ऐसे प्रमुख कर थे- मीर बहरी - बंदरगाहों पर लगने वाला शुल्क तमघा- नदी मार्ग पर लगने वाली चुंगी सलामी- भूमि पाने पर भेंट सर्राफी- धन विनिमय शुल्क नक्खास- पशु विक्रय कर गांव शुमारी- प्रति बैल कर सैरे दरख्ती- प्रति पेड़ कर पेशकार- विभिन्न वर्ग के पेशों पर कर ।

1857 की राज्यक्रान्ति पर बहुत सारी पुस्तकें लिखी गई हैं। 💐 दि हिस्ट्री आफ इंडियन म्यूटिनी 2 खंड; कार्डिव की हडसस हार्स, (1857-1922), 💐केवब्राऊन की दि पंजाब ऐंड देहली इन 1857; 💐वचिक की 'एनल्स आफ दि इंडियन रिबेलियन' हिन्दू की दि म्यूटिनी, ऐंड दि पिपुल 💐हडसन की हडसन ऑफ हडसंस हार्स 💐होम्स की हिस्ट्री आफ दि इंडियन म्यूटिनि; 💐ज्वालासहाय की 'लायल राजपूताना' में कनजी के म्यूटिनी मैमायर्स: 💐मालेसन की दि इंडियन म्यूटिनी केय 💐मालेसन की दिन सिपाय वार, 6 खंड म्यूर के रिकार्ड्स आफ दि इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट (1857), 2 खंड, 💐के. सी. यादव की दि रिवोल्ट आफ (1857) इन हरियाणा, देहली इन 1857' (संपादित) राव तुलाराम ए हीरो आफ 1857 ।

🔆शिक्षा का विकास 🔸 1781: कलकत्ता मदरसा (वॉरेन हेस्टिंग्स) 🔸 1791: संस्कृत कॉलेज, बनारस (जोनाथन डंकन) 🔸1800: फोर्ट विलियम कॉलेज (लॉर्ड वेलेस्ली) ✅ शिक्षा के प्रसार को लेकर सेरामपुर मिशनरी बहुत उत्साहित थे 🔸1813 : चार्टर एक्ट ✅सालाना 1 लाख की स्वीकृति ✅1823 तक राशि उपलब्ध नहीं कराई गई ✅ कलकत्ता कॉलेज के लिए स्वीकृत अनुदान (1817 - राममोहन राय) 🔸 1835: लॉर्ड मैकाले का मिनट ✅आंग्लवादियों के पक्ष में बहस को सुलझाया- केवल अंग्रेजी भाषा के माध्यम से पश्चिमी विज्ञान और साहित्य को पढ़ाने के लिए सीमित सरकारी संसाधनों को समर्पित किया जाना चाहिए ✅उपेक्षित जन शिक्षा ✅डाउनवर्ड फिल्ट्रेशन सिद्धांत 🔸 1835: कलकत्ता में मेडिकल कॉलेज 🔸1843-53: जेम्स थॉमसन (एनडब्ल्यू प्रांत के एलजी) ✅स्थानीय भाषाओं के माध्यम से ग्राम शिक्षा की व्यापक योजना विकसित की ✅उद्देश्य नव स्थापित राजस्व और लोक निर्माण विभाग के लिए कर्मियों को प्रशिक्षित करना था। 🔸1844: सरकारी नौकरी के लिए आवेदकों को अंग्रेजी का ज्ञान होना चाहिए 🔸1854: वुड्स डिस्पैच (भारत में अंग्रेजी शिक्षा का मैग्ना कार्टा) ✅लोगों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी और अधोगामी निस्पंदन सिद्धांत को फटकार लगाई ✅स्कूल में वर्नाक्यूलर, उच्च अध्ययन में अंग्रेजी ✅महिला और व्यावसायिक शिक्षा और शिक्षक प्रशिक्षण पर तनाव ✅सरकारी संस्थानों में शिक्षा धर्मनिरपेक्ष हो ✅निजी उद्यम को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता अनुदान की व्यवस्था ▪️विकास: 🔸1857: कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में विश्वविद्यालय 🔸1849: बेथ्यून स्कूल, कलकत्ता (JED बेथ्यून)- महिलाओं के लिए शिक्षा ✅ कृषि संस्थान पूसा, बिहार में रुड़की में इंजीनियरिंग संस्थान (1847) 🔸 1856: कलकत्ता कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग 🔸1858: पूना में ओवरसियर स्कूल (पूना कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) 🔸1882-83: शिकारी शिक्षा आयोग (रिपन) ✅अपनी सिफारिशों को प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा तक सीमित रखा ✅ प्राथमिक शिक्षा स्थानीय भाषा में ✅प्राथमिक शिक्षा का नियंत्रण जिला और नगरपालिका बोर्डों को हस्तांतरित करना ✅ हाई स्कूल में दो डिवीजन होने चाहिए ✅ साहित्य- विश्वविद्यालय की ओर ले जाने वाला ✅ वोकेशनल- कमर्शियल करियर ✅ महिला शिक्षा हेतु अपर्याप्त सुविधाओं की ओर ध्यान 🔸1882: पंजाब विश्वविद्यालय 🔸1887: इलाहाबाद विश्वविद्यालय 🔸 1902: रैले कमीशन ✅भारत में विश्वविद्यालयों की स्थितियों और संभावनाओं पर जाएं रैले, भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम की सिफारिशों के आधार पर 🔸1904: भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम ✅विश्वविद्यालयों के सीनेट नियमों में सरकार का वीटो ✅पांच साल के लिए प्रति वर्ष 5 लाख रुपये मंजूर किए जाएंगे 🔸1906: बड़ौदा राज्य ने अपने सभी क्षेत्रों में अनिवार्य शिक्षा की शुरुआत की 🔸1913: शिक्षा नीति पर संकल्प - सरकार ने अनिवार्य शिक्षा की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया 🔸1917-19: सैडलर विश्वविद्यालय आयोग ✅ कलकत्ता विश्वविद्यालय की समस्याओं पर अध्ययन एवं रिपोर्ट ✅स्कूली शिक्षा से लेकर विश्वविद्यालय शिक्षा तक पूरे क्षेत्र की समीक्षा की ✅स्कूल का कोर्स 12 साल का होना चाहिए। 3 साल के कोर्स के लिए इंटरमीडिएट चरण के बाद विश्वविद्यालय में प्रवेश। 🔸1919: शिक्षा को प्रांतीय मंत्रालयों में स्थानांतरित कर दिया गया, इसलिए सरकार ने शिक्षा में प्रत्यक्ष रुचि लेना बंद कर दिया मायने रखता है। 🔸1929 : हार्टोग कमेटी ✅ शिक्षा के विकास पर रिपोर्ट करना ✅औसत छात्रों को 8वीं के बाद व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की ओर मोड़ना चाहिए ✅ प्रवेश प्रतिबंधित होना चाहिए 🔸1937: बुनियादी शिक्षा की वर्धा योजना ✅ कांग्रेस ने वर्धा में शिक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया ✅जाकिर हुसैन समिति- बुनियादी शिक्षा के लिए विस्तृत राष्ट्रीय योजना ✅ गतिविधि के माध्यम से सीखना ✅ गांधी के साप्ताहिक हरिजन पर आधारित ✅ कक्षा 8 के बाद ही अंग्रेजी 🔸1944: सार्जेंट शिक्षा योजना ✅3-6 वर्ष आयु वर्ग के लिए पूर्व-प्राथमिक शिक्षा ✅6-11 वर्ष आयु वर्ग के लिए निःशुल्क, सार्वभौमिक और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा ✅मध्यवर्ती पाठ्यक्रम को समाप्त करना स्रोत - स्पेक्ट्रम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में प्रथम:- • प्रथम अध्यक्ष-डबल्यू. सी. बनर्जी (1885 बम्बई में) •प्रथम गैर हिन्दू अध्यक्ष-दादा भाई नौरोजी (1886 कलकत्ता में) •प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष-सैय्यद बदरुद्दीन तैय्यबजी (1887 मद्रास में) •प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष-जॉर्ज यूले (1888 इलाहाबाद में) •प्रथम अधिवेशन जो गांव में हुआ -जवाहरलाल नेहरु (1937 फैजपुर में) •प्रथम महिला अध्यक्ष-एनी बेसेंट (1917 कलकत्ता में) •प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष-सरोजिनी नायडू (1925 कानपुर में)

सोमनाथ मंदिर को विभिन्न मुस्लिम आक्रमणकारियों द्वारा कई बार (करीब 17) लूटा और ध्वस्त किया गया है. – अल जुनैद, महमूद गजनवी (1024), अफजल खान, अलाउद्दीन खिलजी (1297-98), मुजफ्फर शाह (1375), महमूद बेगड़ा (1451) और बाद में औरंगजेब द्वारा (1665). कई हिन्दू शासकों ने सोमनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किया - उज्जैनी के शासक विक्रमादित्य ने (लगभग 2500 साल पहले), वल्लभी राजा ने (480-767 ईस्वी की अवधि में), अन्हिलवाड़ा के भीमदेव ने (11 वीं शताब्दी ईस्वी में), और जूनागढ़ के राजा खंगारा ने (1351 में)। इस मंदिर का लगभग 7 बार पुनर्निर्माण किया जा चूका है. इस समय जो मंदिर खड़ा है उसे भारत के गृह मन्त्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 1947 और 1951 के बीच बलुआ पत्थर से बनवाया और पहली दिसम्बर 1955 को भारत के राष्ट्रपति डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद ने इसे राष्ट्र को समर्पित किया।

🔰 भारतीय इतिहास ✍ राष्ट्रीय आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाएं 🍀1919 ➖ जलियाँवाला बाग हत्याकांड 🍀1919 ➖ मांटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार 🍀1920 ➖ खिलाफत आंदोलन 🍀 1920 ➖ असहयोग आंदोलन 🍀 1922 ➖ चौरी-चौरा कांड

भू-राजस्व व्यवस्थायें – ✍️- रैयतवारी व्यवस्था – थामस मुनरो और कैप्टन रीड के द्वारा शुरु की गई इस व्यवस्था को प्रायोगिक तौर पर सर्वप्रथम मद्रास प्रेसीडेंसी (तमिलनाडु) के बारामहल (1792) में लागू किया गया। तमिलनाडु, मद्रास, बंबई प्रेसीडेंसी के कुछ हिस्सों, असम तथा कुर्ग के कुछ हिस्सों सहित यह व्यवस्था ब्रिटिश भारत के लगभग 51% भू-भाग पर लागू की गयी। इसके अंतर्गत किसानों को भू-स्वामी मानकर लगान का निर्धारण किया गया। इसमें 20-30 वर्षों पर लगान का पुनर्निर्धारण किया जाता था। ✍️- महालवाड़ी बंदोबस्त – इस व्यवस्था के तहत गांव की बिरादरी अपने प्रतिनिधियों (मुखिया या लम्बरदार आदि) के माध्यम से रकम चुकाने का भार अपने ऊपर लेती थी। यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश, मध्यप्रांत, पंजाब में अर्थात भारत के कुल 30% भूमि पर लागू थी। ✍️- माटिन बर्ड को उत्तरी भारत में भूमि का व्यवस्था का प्रवर्तक के नाम से स्मरण किया जाता है। ✍️- नील दर्पण – यह दीनबंधु मित्र द्वारा 1860 में लिखित नाटक था, जिसमें नील की खेती करने वाले कृषकों की दयनीय दशा का वर्णन था। नील के रंग बनाने का उद्योग भारत में 18वीं सदी के अंत में शुरु किया गया था। ✍️- स्थायी बंदोबस्त – यह व्यवस्था लॉर्ड कार्नवालिस ने सर जॉन शोर के सुझावों पर 1793 में लागू की थी। इसके तहत लगान की एक निश्चित मात्रा, जो जमींदारों द्वारा देय थी, हमेशा के लिए निर्धारित कर दी गई। जमींदार अपनी सेवाओं के लिए एक हिस्सा (1/11) अपने पास रखता था। यह व्यवस्था बंगाल, बिहार, उड़ीसा तथा बनारस के क्षेत्रों एवं कर्नाटक (19%) पर लागू थी।

🔆भारतीय आर्थिक प्रणाली में महत्वपूर्ण समितियाँ: 1. उर्जित पटेल समिति: वर्तमान मौद्रिक नीति ढांचे की जांच करने के लिए 2. वाघुल समिति: भारत में मुद्रा बाजार के लिए 3. रतन पी वाटल समिति; भारत में डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए 4. रघुराम राजन समिति: वित्तीय क्षेत्र में सुधार के लिए 5. राजा चेल्लिया समिति: कर सुधारों के लिए 6. राकेश मोहन समिति : लघु बचत 7. नरेश चंद्र समिति : सुरक्षा मुद्दों पर 14 सदस्यीय टास्क फोर्स के लिए 8. पी जे नायक समिति: भारत में बैंक के बोर्डों का शासन 9. पार्थसारथी शोम आयोग: कर प्रशासन सुधार आयोग के लिए

🔆एशिया में जल निकाय: महत्वपूर्ण जल निकाय हैं: पश्चिम से पूर्व: लाल सागर, मृत सागर, वैन झील, उर्मिया झील, फारस की खाड़ी, कैस्पियन सागर, अरल सागर, बलखश झील, बैकाल झील आदि। ▪️लाल सागर: ✅सऊदी अरब, यमन, मिस्र, सूडान, इरिट्रिया और जिबूती। ✅स्वेज नहर द्वारा भूमध्य सागर से जुड़ा हुआ है। ✅ इसका निर्माण अरब प्रायद्वीप में दरार के कारण हुआ है। ✅ महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग। उच्च चोरी। ✅बाब अल मंडब जलडमरूमध्य इसे अदन की खाड़ी की खाड़ी से जोड़ता है ▪️मृत सागर: ✅जॉर्डन और इस्राइल द्वारा सीमाबद्ध। ✅ यह स्थल बंद नमक की झील है। ▪️लेक वैन: ✅ तुर्की में स्थित है ✅ एशिया में सबसे अधिक खारा जल निकाय। ▪️उर्मिया झील: ✅ ईरान में। ✅एक रामसर साइट। ▪️फारस की खाड़ी: ✅ ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान द्वारा सीमाबद्ध। ✅ फारस की खाड़ी और इसके तटीय क्षेत्र विश्व में पेट्रोलियम का सबसे बड़ा एकल स्रोत हैं। ✅ होर्मुज जलडमरूमध्य इसे ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। ▪️ कैस्पियन सागर : ✅ अजरबैजान, ईरान, कजाकिस्तान, रूस, तुर्कमेनिस्तान द्वारा सीमाबद्ध। ✅ अपनी खनिज संपदा के लिए जाना जाता है। ▪️अरल सागर: ✅ यह कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, रूस, अफगानिस्तान और ईरान से घिरा है। ✅पहले यह दुनिया की चौथी सबसे बड़ी झील थी और अब घटकर अपने आकार की 1/10 रह गई है। ▪️ बैकाल झील: ✅ यह रूस में स्थित है। ✅ यह एक रिफ्ट झील है। ✅ आयतन के हिसाब से विश्व की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील।

#River_India ▪️Top ten Rivers India River - Length (in India) 1. Ganges -2,525 Km 2. Godavari- 1,465 Km 3. Krishna -1,400 Km
#River_India ▪️Top ten Rivers India River - Length (in India) 1. Ganges -2,525 Km 2. Godavari- 1,465 Km 3. Krishna -1,400 Km 4. Narmada- 1,313 Km 5. Yamuna -1,211 Km 6. Indus -1,114 Km 7. Brahmaputra -916 Km 8. Mahanadi -851 Km 9. Kaveri- 800 Km 10. Tapi -724 Km

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