es
Feedback
A K PHYSICS TUTORIAL

A K PHYSICS TUTORIAL

Ir al canal en Telegram

PHYSICS BY Dr. Anil Kumar Subscribe my youtube channel https://youtube.com/c/akphysicstutorial

Mostrar más
1 337
Suscriptores
Sin datos24 horas
-97 días
-2830 días
Atraer Suscriptores
agosto '26
agosto '260
en 0 canales
julio '26
+16
en 0 canales
Get PRO
junio '26
+8
en 0 canales
Get PRO
mayo '26
+6
en 0 canales
Get PRO
abril '26
+4
en 0 canales
Get PRO
marzo '26
+6
en 0 canales
Get PRO
febrero '26
+14
en 0 canales
Get PRO
enero '26
+51
en 0 canales
Get PRO
diciembre '25
+15
en 0 canales
Get PRO
noviembre '25
+17
en 0 canales
Get PRO
octubre '25
+13
en 0 canales
Get PRO
septiembre '25
+8
en 0 canales
Get PRO
agosto '25
+6
en 0 canales
Get PRO
julio '25
+8
en 0 canales
Get PRO
junio '25
+22
en 0 canales
Get PRO
mayo '25
+69
en 0 canales
Get PRO
abril '25
+15
en 0 canales
Get PRO
marzo '25
+16
en 0 canales
Get PRO
febrero '25
+12
en 0 canales
Get PRO
enero '25
+148
en 0 canales
Get PRO
diciembre '24
+61
en 0 canales
Get PRO
noviembre '24
+28
en 0 canales
Get PRO
octubre '24
+38
en 0 canales
Get PRO
septiembre '24
+30
en 0 canales
Get PRO
agosto '24
+69
en 0 canales
Get PRO
julio '24
+116
en 0 canales
Get PRO
junio '24
+46
en 0 canales
Get PRO
mayo '24
+116
en 0 canales
Get PRO
abril '24
+189
en 0 canales
Get PRO
marzo '24
+45
en 0 canales
Get PRO
febrero '24
+1 679
en 0 canales
Fecha
Crecimiento de Suscriptores
Menciones
Canales
09 agosto0
08 agosto0
07 agosto0
06 agosto0
05 agosto0
04 agosto0
03 agosto0
02 agosto0
01 agosto0
Publicaciones del Canal
आपके आसपास जो भी विद्यार्थी है कृपया सही शिक्षक के पास भेजने का प्रयास करें उनके योग्यता,उनके रिजल्ट.,उनके पढ़ाने का तरीका कि
आपके आसपास जो भी विद्यार्थी है कृपया सही शिक्षक के पास भेजने का प्रयास करें उनके योग्यता,उनके रिजल्ट.,उनके पढ़ाने का तरीका कितने समय में कितने चैप्टर को पढ़ाते हैं इत्यादि को देखकर ही विद्यार्थी को भेजे उनके लाइफ का सवाल है बैच टाइम 8-9 & 9-10 am

2
विशेष जानकारी के लिए संपर्क करें अभी महा धमाका ऑफर चल रहा है यदि आपके संपर्क में कोई है तो उन्हें जरूर एक बार सजेस्ट करें Mob
विशेष जानकारी के लिए संपर्क करें अभी महा धमाका ऑफर चल रहा है यदि आपके संपर्क में कोई है तो उन्हें जरूर एक बार सजेस्ट करें Mob. No. 7667672165 पता नया बाजार गौशाला गली लखीसराय एक बार स्टेटस पर जरूर लगाने का प्रयास करें
0
3
Sin texto...
0
4
Sin texto...
0
5
https://youtu.be/BERnXSYaHU4?si=f13QqYriFM12WfzG
0
6
Sin texto...
0
7
https://youtu.be/pK5hqxFB4Lc?si=sUMLRpXBUceQrF-g LAKHISARAI का सबसे BEST COACHING CENTRE AK A K Physics Tutorial हो सके तो शेयर करें | Bihar Board Physics Brahmastra 🔥 | Class 12 Hindi Medium |95+ Target| 5 February 2026 VVI Questions 20 वर्षो से लगातार जिला टोपर तथा बिहार टोपर देने वाला एकमात्र संसथान A.K. PHYSICS TUTORIAL ........................................................................ Bihar Board Class 12 Physics 2026 ke liye sabse powerful FREE series – PHYSICS BRAHMASTRA 🔥 ........................................................................ Is series me aapko milega: ✔ Bihar Board Physics ke VVI Questions ✔ 5 February 2026 exam ke liye special tayari ✔ 95+ marks laane ki complete strategy ✔ Hindi Medium students ke liye simple explanation ✔ Pura syllabus – bina faltu theory ........................................................................ Ye series un students ke liye hai jo: • Last moment me Physics strong karna chahte hain • Guess nahi, sure-shot questions padhna chahte hain • 90+ / 95+ target kar rahe hain ........................................................................ bihar board physics bihar board class 12 physics 2026 physics brahmastra bihar board physics hindi medium class 12 physics bseb bihar board physics important questions bihar board physics vvi questions bihar board physics 95+ bihar board physics february exam bseb class 12 physics ........................................................................ #brahmastrabatch #biharboard2026 #12thphysics #class12boardexam #physicsclass12 #lakhisarai #lakhisaraibestphysicscoaching #bihar #class12board #physicsimportantquestion #physicsimportanttopics #physics #brahmastra #brahmastrabiharboard #brahmastralaunching #biharboard #boardexam2026 #akphysicstutorial #lakhisaraibestphysicscoaching #topper #bihartopper #5february #5februaryviralquestions ........................................................................ 📌 Video ko LIKE karein 📌 Channel ko SUBSCRIBE karein 👉 Full series FREE hai – sirf
0
8
https://youtu.be/XbkhTBnPeo
0
9
https://youtu.be/XbkhTBnPeoI
0
10
https://youtu.be/XqfDlOU0wbE
0
11
https://whatsapp.com/channel/0029Vb1OBGE3wtbFpEemSk3H/165
0
12
BRAHMASTRA LECTURE 7 संधारित्रों का संयोजन: इसमें संधारित्रों के श्रेणी क्रम और समांतर क्रम संयोजन के बारे में विस्तार से बताया गया है, जिसमें प्रत्येक संयोजन में आवेश, विभवांतर और समतुल्य धारिता के लिए व्यंजक प्राप्त करने की विधि समझाई गई है। यह भी बताया गया है कि श्रेणी क्रम में तुल्य धारिता का मान कम होता है जबकि समांतर क्रम में यह अधिक होता है। प्रतिरोधों का संयोजन: संधारित्रों की तरह ही प्रतिरोधों के श्रेणी क्रम और समांतर क्रम संयोजन को समझाया गया है। इसमें यह बताया गया है कि श्रेणी क्रम में विद्युत धारा बराबर होती है और तुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है, जबकि समांतर क्रम में विभवांतर बराबर होता है और तुल्य प्रतिरोध का मान सबसे कम प्रतिरोध से भी कम होता है। जूल का नियम: विद्युत धारा के ऊष्मीय प्रभाव से संबंधित जूल के तीन नियमों को समझाया गया है। ये नियम बताते हैं कि उत्पन्न ऊष्मा विद्युत धारा के वर्ग, प्रतिरोध, और प्रवाहित होने के समय के समानुपाती होती है। परिपथ में विभिन्न घटकों का प्रभाव: केवल प्रतिरोध: जब परिपथ में केवल प्रतिरोध होता है, तो विद्युत धारा और विभवांतर एक ही दिशा में होते हैं और उनके बीच कलांतर शून्य होता है। केवल प्रेरकत्व (L): जब केवल प्रेरकत्व होता है, तो धारा वोल्टेज से 90 डिग्री पीछे होती है। इसमें प्रेरणिक प्रतिघात (XL = ωL) होता है और डीसी सर्किट के लिए इसका मान शून्य होता है। केवल धारिता (C): जब केवल धारिता होती है, तो धारा वोल्टेज से 90 डिग्री आगे होती है। इसमें धारितीय प्रतिघात (XC = 1/ωC) होता है और डीसी सर्किट के लिए इसका मान अनंत होता है। प्रतिरोध और प्रेरकत्व (LR सर्किट): इसमें कलांतर tan⁻¹(XL/R) होता है और प्रतिबाधा Z = √(R² + XL²) होती है। प्रतिरोध और धारिता (RC सर्किट): इसमें कलांतर tan⁻¹(XC/R) होता है और प्रतिबाधा Z = √(R² + XC²) होती है। प्रेरकत्व और धारिता (LC सर्किट): इसमें प्रतिबाधा Z = |XL - XC| होती है। प्रतिरोध, प्रेरकत्व और धारिता (LCR सर्किट): यह तीनों घटकों वाला परिपथ है, जिसमें प्रतिबाधा Z = √(R² + (XL - XC)²) होती है। प्रतिबाधा का मात्रक ओम होता है।
0
13
https://youtu.be/_z_nOa1-7XQ?si=8eq9vdIQYnkXCwCW
0
14
BRAHMASTRA LECTURE 6 मानव नेत्र दोष: शिक्षक ने निकट दृष्टि दोष (मायोपिया), दूर दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया), जरा दृष्टि दोष (प्रेस्बायोपिया), और अबिंदुकता (एस्टिगमैटिज्म) जैसे विभिन्न मानव नेत्र दोषों के बारे में बताया। कारण और उपचार: प्रत्येक दोष के कारण (जैसे रेटिना और लेंस के बीच की दूरी का बढ़ना या घटना, या नेत्रगोलक का छोटा होना) और उनके उपचार के लिए उपयोग किए जाने वाले लेंस (जैसे अवतल, उत्तल, द्विफोकसी, या बेलनाकार लेंस) की चर्चा की गई। विद्युत क्षेत्र की तीव्रता: गौस के प्रमेय का उपयोग करके एक लंबे चालक तार के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता (E = 1/2πε₀ * λ/r) ज्ञात करने की प्रक्रिया को समझाया गया। प्रकाश का प्रकीर्णन: प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना, जिसमें प्रकाश का विभिन्न दिशाओं में फैलना शामिल है, और इसके उदाहरण (जैसे सूर्योदय/सूर्यास्त के समय आकाश का लाल दिखना, बादलों का सफेद दिखना) का उल्लेख किया गया। रेले के प्रकीर्णन नियम को भी समझाया गया। लॉजिक गेट्स: लॉजिक गेट्स को आंकिक परिपथ के रूप में परिभाषित किया गया जो इनपुट और आउटपुट सिग्नल के बीच संबंध बताते हैं। गेट्स के प्रकार: एंड गेट, ऑर गेट, और नॉट गेट जैसे मुख्य लॉजिक गेट्स की व्याख्या की गई, जिसमें उनके प्रतीक चिन्ह, बुलियन व्यंजक (जैसे AND के लिए A.B, OR के लिए A+B, NOT के लिए A') और सत्यता सारणी शामिल थे। यूनिवर्सल गेट्स: नैंड गेट (नॉट + एंड) और नॉर गेट (नॉट + ऑर) जैसे यूनिवर्सल गेट्स की भी चर्चा की गई, जिनके बुलियन व्यंजक और सत्यता सारणी को प्रस्तुत किया गया।
0
15
Sin texto...
0
16
BRAHMASTRA LECTURE 5 वीटस्टोन ब्रिज (सेतु): यह चार प्रतिरोधों की एक व्यवस्था है जिसका उपयोग तीन ज्ञात प्रतिरोधों की सहायता से चौथे अज्ञात प्रतिरोध को ज्ञात करने के लिए किया जाता है। संतुलन की स्थिति में, किसी भी दो आसन्न भुजाओं के प्रतिरोधों का अनुपात अगले दो आसन्न भुजाओं के प्रतिरोधों के अनुपात के बराबर होता है (P/Q = R/S)। इस स्थिति में धारामापी से कोई विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती है। प्रकाश के अपवर्तन का सूत्र: उत्तल या अवतल पृष्ठों के माध्यम से प्रकाश के अपवर्तन के लिए सूत्र (μ2/v - μ1/u = (μ2 - μ1)/r) को समझाया गया है। यह सूत्र वस्तुओं की स्थिति, प्रतिबिंब और माध्यम के अपवर्तनांक से संबंधित है। लेंस मेकर सूत्र: 1/f = (μ - 1)(1/r1 - 1/r2) सूत्र को सिद्ध किया गया है। यह सूत्र लेंस की फोकस दूरी (f), उसके माध्यम के अपवर्तनांक (μ) और उसकी वक्रता त्रिज्याओं (r1, r2) से संबंधित है। मानव नेत्र: मानव नेत्र की संरचना और कार्यप्रणाली का वर्णन किया गया है। इसमें नेत्र के मुख्य भाग शामिल हैं जैसे स्क्लेरा (दृढ़ पटल), कोरोइड, रेटिना (जिस पर वास्तविक और उल्टा प्रतिबिंब बनता है), पीत बिंदु (स्पष्ट दृष्टि के लिए), अंध बिंदु (जहां कोई प्रतिबिंब नहीं बनता), और सिलिअरी मांसपेशियां (जो लेंस की फोकस दूरी को समायोजित करती हैं)। समंजन क्षमता (accommodation power) की अवधारणा भी समझाई गई है, जो दूर और पास की वस्तुओं को स्पष्ट रूप से देखने की नेत्र की क्षमता है।
0
17
Dekhiye jo class nhi kr rhe hai yad rakhiyega bad me pachtana na pre kyoki yha se aapke exam paper me direct question uthh kar aayenge
0
18
BRAHMASTRA LECTURE 4 विद्युत द्विध्रुव के कारण विद्युत क्षेत्र की तीव्रता और विभव: विद्युत द्विध्रुव के कारण किसी भी स्थिति में विद्युत क्षेत्र की तीव्रता और विभव ज्ञात करने के लिए विस्तृत व्युत्पत्ति दी गई है। यह एक 5 नंबर का प्रश्न है जिसमें +q और -q आवेशों के साथ द्विध्रुव की व्याख्या की गई है, और केंद्र O से R दूरी पर स्थित बिंदु P पर क्षेत्र और विभव की गणना शामिल है। हगेंस के सिद्धांत के आधार पर प्रकाश का परावर्तन और अपवर्तन: हगेंस के सिद्धांत का उपयोग करके प्रकाश के परावर्तन और अपवर्तन की व्याख्या की गई है। परावर्तन के लिए, एक परावर्तक सतह XY पर एक तरंगाग्र AB के आपतित होने पर, T समय में बिंदु B से A' तक पहुंचने और नए तरंगिकाओं के निकलने की प्रक्रिया को समझाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कोण i = कोण r सिद्ध होता है। अपवर्तन के लिए, एक अपवर्तक सतह पर तरंगाग्र के आपतित होने पर विभिन्न माध्यमों में वेग (V1, V2) का उपयोग करके sin i / sin r = V1 / V2 (स्नेल का नियम) को सिद्ध किया गया है। व्यतिकरण और उसके प्रकार: व्यतिकरण की परिभाषा दी गई है कि जब समान आवृत्ति की दो या दो से अधिक प्रकाश तरंगें एक साथ चलकर अध्यारोपित होती हैं, तो नई तरंग की ऊर्जा और तीव्रता घटक तरंगों के योगफल से भिन्न होती है। व्यतिकरण दो प्रकार का होता है: संपोषी व्यतिकरण (जब नई तरंग की तीव्रता अधिक हो) और विनाशी व्यतिकरण (जब तीव्रता कम हो)। व्यतिकरण के लिए आवश्यक शर्तों पर भी चर्चा की गई है, जैसे आयाम और तरंग दैर्ध्य का बराबर या लगभग बराबर होना। हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम: वीडियो में हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की भी संक्षिप्त चर्चा है, जिसमें बामर नामक वैज्ञानिक के योगदान का उल्लेख किया गया है।
0
19
Shair it
0
20
https://youtu.be/aoUZj02Hwqk
0