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कान्हा उलझा रहे हैं हमें यह कशमकश अंदर से कि तू बस गया है मुझ में हम खो गए हैं तुझमें 🙏😘❤️मेरे कान्हा
🌹🙏🍁🌹🙏🍁🌹
*कभी दूरी इतनी भी ना बढ़ाएँ कि*
*खुले हों द्वार फिर भी खटखटाना पड़े।*
🍁☕ *सुप्रभात* ☕🍁
*🙏🙏जय श्री कृष्णा🙏🙏*
