es
Feedback

¡No caigas en manos de tramposos! Telemetrio encuentra y marca estos canales 👉 Si quieres ver la etiqueta, suscríbete

SAYRI AND MUSIC

SAYRI AND MUSIC

Ir al canal en Telegram
879
Suscriptores
-124 horas
-47 días
-1730 días
Archivo de publicaciones
photo content

photo content

photo content

Kitne log hai is online
Anonymous voting

⚜️❤️💫 *आ मिल- बैठ एक सौदा करते है…!* *मेरी मुस्कान लौटा दे अपनी यादो को ले जा.....*
⚜️❤️💫 *आ मिल- बैठ एक सौदा करते है…!* *मेरी मुस्कान लौटा दे अपनी यादो को ले जा.....*

photo content

photo content

उदासियां तो "साहिब" वक्त से मिला वो तोहफा है,,,!! जो हर किसी से बांटी नही जा सकती है,,,!!!✍️✍️✍️
उदासियां तो "साहिब" वक्त से मिला वो तोहफा है,,,!! जो हर किसी से बांटी नही जा सकती है,,,!!!✍️✍️✍️

अब डर नहीं लगता मुझे "साहिब" ज़िन्दगी में कुछ भी खोने से,,,!! "क्युकी" मैंने जिंदगी में अपनी ही जिंदगी को खोया है,,,!!!✍️✍️✍️
अब डर नहीं लगता मुझे "साहिब" ज़िन्दगी में कुछ भी खोने से,,,!! "क्युकी" मैंने जिंदगी में अपनी ही जिंदगी को खोया है,,,!!!✍️✍️✍️

photo content

वह चाहे तो फ़क़्त____ अपनी पायल छनका कर, इस दुनिया के सारे साज़ों के सुर मध्यम कर सकती है!
वह चाहे तो फ़क़्त____ अपनी पायल छनका कर, इस दुनिया के सारे साज़ों के सुर मध्यम कर सकती है!

नज़रों की एक जुम्बिश सौ मैकदे बना दे लबो का लरजना दीवाना बना दे
नज़रों की एक जुम्बिश सौ मैकदे बना दे लबो का लरजना दीवाना बना दे

photo content

photo content

#जिन्दगी #जीने के लिए क्या #चाहिए..... #सिर्फ एक #शख्स जो #हमसे ज्यादा #हमारा हो...!!
#जिन्दगी #जीने के लिए क्या #चाहिए..... #सिर्फ एक #शख्स जो #हमसे ज्यादा #हमारा हो...!!

अब तो वफ़ा करने से मुकर जाता है दिल, अब तो इश्क के नाम से डर जाता है दिल, अब किसी दिलासे की जरूरत नही है, क्योंकि अब हर दिलासे से भर गया है दिल।

वो बिछड़ के हमसे ये दूरियां कर गई, न जाने क्यों ये मोहब्बत अधूरी कर गई, अब हमे तन्हाइयां चुभती है तो क्या हुआ, कम से कम उसकी सारी तमन्नाएं तो पूरी हो गई।

दिन हुआ है, तो रात भी होगी, मत हो उदास, उससे कभी बात भी होगी। वो प्यार है ही इतना प्यारा, ज़िंदगी रही तो मुलाकात भी होगी।

सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें, किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें, फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा, तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।

पथ्थर समझ के हमें मत ठुकराओ, कल हम मंदिर में भी हो सकते हैं......!!!