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जरा देखो तो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है।
अगर इश्क हो तो कहना अब दिल यहाँ नही रहता।
"अपने दर्द तक़्सीम करते हैं,लफ़्ज़ों की शक़्ल में हम
बड़ी बरक़त है इसमें,न दर्द कम पड़ते हैं न ही लफ्ज."
