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इश्क की हमारे बस इतनी सी कहानी है,
तुम बिछड गए हम बिख़र गए,
तुम मिले नहीं और...
हम किसी और के हुए नही।
कोई ख़ामोशी भी सबकुछ कह जाती है।
कोई दिल की चाहत सबकुछ सह जाती है।
लम्हें बीत जाते हैं गुफ्तगूं के लेकिन-
हर शख़्स के ज़ेहन में याद रह जाती है😥
लोग कहते है , पत्थर दिल हो क्या
लेकिन ये भूल जाते है।
पत्थर पर लिखा मिटता भी नही
और रही बात दिल की
तो जनाब दिल पर लिखा दिखता भी नही।।
~ ✍PS
✨🦋अभी कमसिन हो
रहने दो
कहीं खो दोगे
दिल मेरा.....🥀✍
✨🦋तुम्हारे ही लिए
रक्खा है
ले लेना जवाँ
हो कर.......🥀✍
✨🦋दिल के लिये हयात का पैगाम बन गईं.........🥀✍
✨🦋बेचैनियाँ सिमट के तेरा नाम बन गईं........🥀✍
✨🦋मुझे रिश्तों की लम्बी कतारों से क्या मतलब.......🥀✍
✨🦋कोई दिल से हो मेरा तो एक शख्स ही काफी है........🥀✍
*कल बिछड़ना है तो फिर अहद-ए-वफ़ा सोच के बाँध,*
*अभी आग़ाज़ -ए -मोहब्बत है गया कुछ भी नहीं।*
जिस जिस ने मोहब्बत में अपने मेहबूब को खुदा कर दिया ....
खुदा ने भी अपना वजूद बचाया और उन्हे जुदा कर दिया ।
😊😊
