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UJJWAL IAS AYODHYA®™

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📈 Análisis del canal de Telegram UJJWAL IAS AYODHYA®™

El canal UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 19 652 suscriptores, ocupando la posición 10 227 en la categoría Educación y el puesto 22 041 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 19 652 suscriptores.

Según los últimos datos del 21 junio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 33, y en las últimas 24 horas de -5, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 21.08%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 12.30% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 4 145 visualizaciones. En el primer día suele acumular 2 418 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 7.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
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Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 22 junio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

19 652
Suscriptores
-524 horas
-207 días
+3330 días
Archivo de publicaciones
लेखपाल का सिलेबस
+1
लेखपाल का सिलेबस

उत्तरकुंजी मूलविधि 200 प्रश्न-पत्र (सेट- 56)
उत्तरकुंजी मूलविधि 200 प्रश्न-पत्र (सेट- 56)

लेखपाल [मुख्य परीक्षा] STRATEGY प्रिय साथियों, लेखपाल मुख्य परीक्षा की तैयारी करते समय सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आप सही विषयों पर पहले मजबूत पकड़ बनाएं। ध्यान रखिए कि आपके पेपर का लगभग एक-तिहाई हिस्सा (करीब 35 प्रश्न) केवल UP Special और Computer से आता है। इसलिए बिना किसी संशय के सबसे पहले इन दोनों विषयों को अच्छी तरह मजबूत कर लीजिए। तैयारी के लिए मुख्य स्रोतों पर भरोसा रखें — 1️⃣ क्लास में दिए जाने वाले नोट्स 2️⃣ हमारी TEST SERIES में पूछे जा रहे प्रश्न 3️⃣ UPSSSC के Previous Year Questions (PYQ) इन तीनों को ही अपनी तैयारी का आधार बनाइए और लगातार इनका रिवीजन करते रहिए, जब तक कि सभी महत्वपूर्ण तथ्य आपको अच्छी तरह याद न हो जाएँ। एक बहुत बड़ी गलती छात्र अक्सर करते हैं — बार-बार नया कंटेंट ढूंढना और अलग-अलग स्रोतों के पीछे भागना। याद रखिए, ऐसा करने से केवल समय बर्बाद होता है और कन्फ्यूजन बढ़ता है। इसलिए आप लोग वही पढ़ें जो क्लास में दिया जा रहा है और बताया जा रहा है, उसी का बार-बार अभ्यास करें और तब तक रिवीजन करें जब तक कि सभी तथ्य आपकी उँगलियों पर न आ जाएँ। नियमित पढ़ाई + लगातार रिवीजन + टेस्ट प्रैक्टिस = लेखपाल में सफलता।

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: 🌸 नए भारत के निर्माण में नारी शक्ति का योगदान अतुलनीय है। अपनी प्रतिभा और साहस स
यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता: 🌸 नए भारत के निर्माण में नारी शक्ति का योगदान अतुलनीय है। अपनी प्रतिभा और साहस से समाज और देश को नई दिशा देने वाली हर महिला को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! ✊✨

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मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को नमस्कार। लेखपाल भर्ती परीक्षा की तिथि 21 मई निर्धारित हो चुकी है। अब समय बहुत कम है, इसलिए जरूरी है कि तैयारी सही रणनीति और सही मार्गदर्शन के साथ की जाए। सफलता उन्हीं को मिलती है जो समय का सही उपयोग करते हैं और नियमित अभ्यास करते हैं। संस्थान में लेखपाल परीक्षा की तैयारी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है — ✅ पूरा सिलेबस बेसिक से कवर कराया जाएगा ✅ हर विषय के टॉपिक वाइज टेस्ट ✅ नियमित क्लास नोट्ससंपूर्ण टेस्ट सीरीजपिछले वर्षों के प्रश्नों का अभ्यास हमारा उद्देश्य सिर्फ पढ़ाना नहीं है, बल्कि आपको सफलता तक पहुँचाना है। यदि आप सच में लेखपाल बनना चाहते हैं, तो अभी से पूरी मेहनत के साथ तैयारी शुरू कर दीजिए। इसलिए समय पर संस्थान से जुड़ें और अपनी सफलता की शुरुआत करें। 📚 आज की मेहनत ही कल की सफलता बनेगी।

मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को नमस्कार। आप सभी को अवगत कराया जाता है कि UPSI की टेस्ट सीरीज कल सुबह 9 बजे से प्रारम्भ होगी। सभी विद्यार्थी समय से उपस्थित होकर टेस्ट अवश्य दें और अपनी तैयारी को और मजबूत बनाएं।

💠 *उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती 2025 की मुख्य परीक्षा की डेट जारी.*
💠 *उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती 2025 की मुख्य परीक्षा की डेट जारी.*

🔳 विधुत चुम्बकीय तरंगें -तरंगदैधर्य आरोही क्रम ◾️गामा किरण ◾️एक्स किरणें ◾️पराबैंगनी किरणें ◾️दृश्य किरणें ◾️अवरक्त किरणें ◾️सुक्ष्म किरणें ◾️रेडियो किरणें 

🔳 *उपग्रह–* ▪️ग्रहों के चारों और परिक्रमण करने वाले आकाशीय पिंडों को उपग्रह कहते हैं। ▪️उपग्रह का परिक्रमण काल– कक्षा को परिधि/ कछीय वेग ▪️उपग्रह पृथ्वी तल से जितने अधिक दूरी पर होगा, उसका परिक्रमण काल उतना ही अधिक होगा। ▪️ *पलायन वेग* –वह न्यूनतम वेग ,जिससे किसी पिंड को पृथ्वी की सतह से ऊपर की ओर फेंकने पर पिंड पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र को पार कर जाता है ,तथा पृथ्वी पर वापस नहीं आता है। ▪️पृथ्वी के लिए पलायन वेग = 11.2 किमी/ सेकंड ▪️चंद्रमा पर पलायन वेग = 2.38 किमी/ सेकंड ▪️ *पृष्ठ तनाव* –किसी द्रव के स्वतंत्र पृष्ठ का सिकुड़कर न्यूनतम क्षेत्रफल घेरने की प्रवृति को उसका पृष्ठ तनाव कहते है। ▪️ *पृष्ठ तनाव का उदाहरण* – तेल की बूंदों का जल लग तैरना। ▪️वर्षा की गिरती हुई बूंद की आकृति का गोल होना। ▪️केशिका क्रिया। ▪️ *आसंजक बल* – विभिन्न पदार्थों के अणु के मध्य लगने वाला आकर्षण। ▪️ *संसंजक बल* – एक ही पदार्थ के अणु के मध्य लगने वाला आकर्षण बल।

🔳 *गुरुत्वाकर्षण का नियम–* ▪️दो पिंडों के बीच लगने वाले आकर्षण बल का परिमाण उन पिंडों के द्रव्यमान के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। ▪️F = G (m1m2) / r² ▪️पृथ्वी का गुरुत्वीय त्वरण मुक्त रूप से पृथ्वी की ओर गिरती किसी वस्तु के वेग में एक सेकंड में होने वाली वृद्धि है। ▪️पृथ्वी पर g का मान 9.8 मीटर/ सेकंड² होता है। ▪️गुरुत्वीय त्वरण का मात्रक – मीटर /सेकंड² अथवा न्यूटन/किलोग्राम । ▪️पृथ्वी के ध्रुव पर g का मान अधिकतम तथा भूमध्य रेखा पर सबसे कम होता है। ▪️पृथ्वी की सतह से ऊपर या नीचे जाने पर g का मन घटता है। ▪️जब लिफ्ट नीचे की ओर यात्रा करती है तो, लिफ्ट में स्थित पिंड का भार घटता प्रतीत होता है। ▪️ जब लिफ्ट एक समान वेग से ऊपर या नीचे गति करती है तो लिफ्ट में स्थित पिंड के भार में कोई परिवर्तन नहीं होता है।

🔳 *ऊर्जा रूपांतरण करने वाले उपकरण* – ▪️ *इलेक्टिक पंखा* – विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा। ▪️ *डायनमो* – यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा। ▪️ *डीजल इंजन* – रासायनिक ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा। ▪️ *विद्युत मोटर* – विद्युत ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा। ▪️ *विद्युत जनित्र* – यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा। ▪️ *विद्युत बल्ब* – विद्युत ऊर्जा से ऊष्मा एवं प्रकाश। ▪️ *विद्युत सेल* – रासायनिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा। ▪️ *फोटो इलेक्ट्रिक सेल* –प्रकाश ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा। ▪️ *लाउडस्पीकर* – विद्युत ऊर्जा से ध्वनि ऊर्जा। ▪️ *स्टीम इंजन* – ऊष्मा ऊर्जा से यांत्रिक ऊर्जा। ▪️ *टरबाइन* – यांत्रिक ऊर्जा से विद्युत ऊर्जा। 🔳 *बल आघूर्ण–* ▪️ किसी बल द्वारा किसी वस्तु को एक अक्ष के परितः घुमाने की क्रिया को, बल आघूर्ण कहते हैं। ▪️बल आघूर्ण = बल × आघूर्ण भुजा ▪️इसका मात्रक न्यूटन–मीटर है। ▪️ *गुरुत्व केंद्र* –किसी वस्तु का वह बिंदु जहां वस्तु का संपूर्ण द्रव्यमान केंद्रित होता है। ▪️ *कार्य* –किसी वस्तु पर बल लगाकर उसे बल की दिशा में विस्थापित किया जाना, कार्य कहलाता है । ▪️कार्य = बल× विस्थापन ▪️सामर्थ्य = कार्य/ समय ▪️ *ऊर्जा* – किसी वस्तु के कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं। ▪️गतिज ऊर्जा = 1/2 mv² ▪️स्थितिज ऊर्जा = mgh ▪️ *ऊर्जा संरक्षण का नियम* –ऊर्जा ना तो नष्ट की जा सकती है ,और ना ही इसकी उत्पत्ति की जा सकती है, इसका केवल एक रूप से दूसरे रूप में रूपांतरण ही संभव है।

🔳 *आदिश राशियां* – दूरी, आयतन , द्रव्यमान, ताप, समय, आवेश , आवृति, विभव, चाल, घनत्व, कार्य, ऊर्जा आदि। ▪️ *सदिश राशियां* – बल, संवेग, आवेग, विस्थापन, त्वरण, चुंबकीय क्षेत्र , वेग, विद्युत क्षेत्र , रेखीय वेग ,कोणीय वेग आदि। ▪️ *चाल* = दूरी/ समय ▪️ *वेग* = विस्थापन / समय ▪️चाल और वेग का SI मात्रक मीटर / सेकंड है। ▪️ *त्वरण* – वेग परिवर्तन की दर। ▪️ *त्वरण का SI मात्रक* – मीटर/ सेकंड² ▪️ *कोणीय वेग का मात्रक* – रेडियन/ सेकंड ▪️ *रेखीय वेग का मात्रक* – मीटर / सेकंड ▪️ *संवेग का SI मात्रक* – किलोग्राम×मीटर/ सेकंड ▪️ *अभिकेंद्र बल* – यह बल केंद्र की तरफ अंदर की ओर लगता है। ▪️ *अपकेंद्र बल* – यह बाहर की तरफ लगता है। ▪️वाशिंग मशीन का कार्य का सिद्धांत अपकेंद् बल का उदाहरण है।

🔳 *मापक यंत्र एवं पैमाने–* ▪️ *स्टेथोस्कोप* – हृदय की ध्वनि सुनने के लिए। ▪️ *स्फिगनोमैनोमीटर* – रक्तचाप मापने के लिए। ▪️ *लक्समीटर* – प्रकाश की तीव्रता मापने के लिए। ▪️ *कैरेटोमीटर* – सोने की शुद्धता मापने के लिए। ▪️ *सीस्मोग्राफ* – भूकंपीय तरंगों के मापन के लिए। ▪️ *अल्टीमीटर* – समुद्र तल से विमान की ऊंचाई मापने के लिए। ▪️ *कार्डियोग्राम* –हृदय की धड़कनों को चित्रित करने के लिए। ▪️ *गाइगर काउंटर* – रेडियोएक्टिविटी मापी जाती है। ▪️ *फ़ोनोमीटर* – ध्वनि की तीव्रता एवं स्पंदन आवृत्ति के मापन के लिए। ▪️ *ग्रामोफोन* – रिकॉर्ड पर अंकित ध्वनि को पुनः सुनाने वाला यंत्र। ▪️ *कार्बोरेटर* – इंजन में पेट्रोल में वायु का निश्चित भाग मिलाने वाला यंत्र। ▪️ *फ़ोटोसेल* – सौर ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलना। ▪️ *माइक्रोस्कोप* – सूक्ष्म वस्तुओं को बड़े रूप में देखने के लिए। ▪️ *टेलिस्कोप* – दूरस्थ वस्तुओं को देखने में सहायक यंत्र। ▪️ *टेलीप्रिंटर* – टेलीग्राफ द्वारा भेजी गई सूचनाओं को स्वतः छापने वाला यंत्र ।

07 MARCH UPSI TEST PAPER SET- 55 ANSWERKEY.pdf1.03 KB

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मेरे प्रिय साथियों, कल UPSI बैच के लिए मूलविधि का टेस्ट आयोजित किया जाएगा, जिसमें 200 प्रश्न होंगे। यह टेस्ट आपकी तैयारी को परखने का अच्छा अवसर है। जुड़े https://t.me/ujjawaliasayodhya