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UJJWAL IAS AYODHYA®™

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📈 Análisis del canal de Telegram UJJWAL IAS AYODHYA®™

El canal UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 21 408 suscriptores, ocupando la posición 9 284 en la categoría Educación y el puesto 19 180 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 21 408 suscriptores.

Según los últimos datos del 11 octubre, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 1 239, y en las últimas 24 horas de 0, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 28.73%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 20.58% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 6 133 visualizaciones. En el primer día suele acumular 4 394 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 13.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
“Ujjwal IAS official Telegram channel. Youtube- https://www.youtube.com/@UJJAWALIASAYODHYA App- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cbbzwd.oggulz”

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 12 octubre, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

21 408
Suscriptores
Sin datos24 horas
+1677 días
+1 23930 días
Archivo de publicaciones
ग्लाव झील भारत की 101वीं रामसर स्थल नामित अरुणाचल प्रदेश स्थित ग्लाव झील को भारत का 101वाँ रामसर स्थल नामित किया गया है और यह राज्य का पहला अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व का आर्द्रभूमि स्थल है। इसके साथ ही भारत के रामसर स्थलों का नेटवर्क वर्ष 2014 के 26 स्थलों से बढ़कर वर्ष 2026 में 101 स्थलों तक पहुँच गया है। स्थान: यह पूर्वी हिमालय में स्थित कमलांग टाइगर रिज़र्व और वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित एक मीठे जल की झील है। भौतिक विशेषताएँ: यह झील बारहमासी पर्वतीय जलधाराओं से पोषित होती है और सघन प्राकृतिक वनस्पति क्षेत्र से घिरी हुई है। जैव विविधता: इस आर्द्रभूमि और इसके जलग्रहण क्षेत्र में 150 से अधिक वृक्ष प्रजातियों तथा 49 ऑर्किड प्रजातियों का अभिलेखन किया गया है, जो इसे एक महत्त्वपूर्ण जैव विविधता हॉटस्पॉट बनाता है। महत्त्व: इसका नामांकन जैव विविधता संरक्षण, जलवायु अनुकूलन क्षमता, जल संरक्षण और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर समुदायों की सतत आजीविका को समर्थन प्रदान करेगा।

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📢📢📢📢सूचना📢📢📢📢 ⚠️1 अगस्त को आयोजित टेस्ट सीरीज UPPCS ,UPP, SSC , STET का रिजल्ट एवं चेक्ड OMR संस्थान के रिजल्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी इस लिंक पर क्लिक करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं- https://ujjwalias.com/

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UPSSSC PET 2026 आवेदन शुरू है और सर्वर भी सही चल रहा है, अंतिम तिथि की प्रतीक्षा बिलकुल भी न करे UPSSSC PET 2026 Online Form ✅Last Date : 01/09/2026 ✅Syllabus : Available ✅ UPSSSC PET Score Card की वैधता 3 वर्ष होगी। ✅ एक बार PET पास करें और अगले 3 वर्षों तक UPSSSC की विभिन्न भर्तियों में आवेदन का लाभ ले ।

📢 सभी छात्र-छात्राओं हेतु आवश्यक सूचना प्रिय छात्र-छात्राओं, आप सभी को सूचित किया जाता है कि संस्थान में प्रतिदिन कक्षाएँ प्रातः 07:00 बजे से प्रारम्भ हो जाती हैं। यह देखा गया है कि कुछ विद्यार्थी समय पर उपस्थित हो जाते हैं, जबकि कुछ विद्यार्थी 07:00 बजे से 07:30 बजे के बीच आते रहते हैं। इससे कक्षा के संचालन में व्यवधान उत्पन्न होता है तथा समय का नुकसान होता है। अतः आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि प्रतिदिन प्रातः 06:55 बजे तक अपनी-अपनी कक्षा में अनिवार्य रूप से उपस्थित हो जाएँ, ताकि ठीक 07:00 बजे से कक्षाएँ समय पर प्रारम्भ की जा सकें और सभी विद्यार्थियों को अध्ययन का पूरा लाभ मिल सके। समय की पाबंदी एक सफल विद्यार्थी की पहचान होती है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सभी संस्थान के अनुशासन एवं समय-पालन का पालन करते हुए समय से उपस्थित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करेंगे।

📢📢📢📢सूचना📢📢📢📢 ⚠️1 अगस्त को आयोजित टेस्ट सीरीज UPPCS ,UPP, SSC L, STET का रिजल्ट एवं चेक्ड OMR संस्थान के रिजल्ट मैनेजमेंट पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी इस लिंक पर क्लिक करके अपना रिजल्ट देख सकते हैं- https://ujjwalias.com/

संस्थान में जल्द ही टीजीटी/पीजीटी कामॅर्स का नया बैच प्रारम्भ होने जा रहा है। यह बैच दिनांक- 10 अगस्त 2026 दिन सोमवार से प्रा
संस्थान में जल्द ही टीजीटी/पीजीटी कामॅर्स का नया बैच प्रारम्भ होने जा रहा है। यह बैच दिनांक- 10 अगस्त 2026 दिन सोमवार से प्रारम्भ हो रहा है। सामान्य अध्ययन के साथ-साथ विषय की क्लास क्लास के साथ फुल प्रैक्टिस

UP TGT PGT GK Syllabus Out
UP TGT PGT GK Syllabus Out

CURRENT AFFAIRS 5 Aug
CURRENT AFFAIRS 5 Aug

🔳 महत्वपूर्ण कांग्रेस अधिवेशन एवं विशेषताएं ◽️1887 (मद्रास अधिवेशन) -बदरुद्दीन तैयब जी ,प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष ◽️ 1888 (इलाहाबाद अधिवेशन)- जॉर्ज यूल, प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष ◽️1896 (कोलकाता अधिवेशन)-रहीम तुला सयानी ,पहली बार वंदे मातरम गया गया ◽️ 1906 (कोलकाता अधिवेशन)-दादाभाई नौरोजी, पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग ◽️1911(कोलकाता अधिवेशन )- पंडित विषन नारायण, पहली बार जन गण मन गया गया ◽️1917 (कोलकाता अधिवेशन)-एनी बेसेंट, प्रथम महिला अध्यक्ष ◽️1923 (दिल्ली अधिवेशन)- अबुल कलाम आजाद ,सबसे युवा अध्यक्ष ◽️1925 (कानपुर अधिवेशन) - सरोजिनी नायडू, प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष ◽️ 1929 (लाहौर अधिवेशन)- जवाहरलाल नेहरू, पूर्ण स्वराज की मांग ◽️1931 (कराची अधिवेशन)- सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलिक अधिकार की मांग ◽️ 1937(फैजपुर अधिवेशन)- पंडित जवाहरलाल नेहरू ,गांव में आयोजित प्रथम अधिवेशन  

करंट अफेयर्स शिपकी ला दर्रा कोविड-19 महामारी के कारण छह वर्षों के निलंबन के बाद 1 अगस्त, 2026 को शिपकी ला दर्रे के माध्यम से भारत और चीन के बीच सीमा पार व्यापार पुनः आरंभ हुआ। शिपकी ला दर्रा परिचय: शिपकी ला दर्रा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर ज़िले में भारत-चीन सीमा के साथ तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के समीप स्थित 4,000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाला एक उच्च पर्वतीय दर्रा है। यह दर्रा पहले पेमा ला या साझा द्वार के नाम से जाना जाता था और वर्ष 1962 के बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) द्वारा इसका नाम बदलकर शिपकी ला कर दिया गया। भौगोलिक स्थिति: सतलुज नदी, जिसे तिब्बत में लांगक्वेन ज़ांगबो के नाम से जाना जाता है, शिपकी ला क्षेत्र के माध्यम से भारत में प्रवेश करती है। अंतिम भारतीय गाँव नमगिया से शिपकी ला तक का 28 किमी. लंबा क्षेत्र बंजर है, हालाँकि भारी हिमपात के कारण सर्दियों में यह दर्रा अवरुद्ध हो जाता है। सामरिक महत्त्व: शिपकी ला दर्रे का सामरिक महत्त्व इसलिये है क्योंकि भारतीय चौकियाँ चीनी क्षेत्र की चौकियों की तुलना में अधिक ऊँचाई पर स्थित हैं। इस क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उपयोग किये जाने वाले कई भवन भी स्थित हैं। ऐतिहासिक महत्त्व: यह दर्रा प्राचीन रेशम मार्ग का हिस्सा है, जिसके माध्यम से सदियों से तिब्बत और वर्तमान हिमाचल प्रदेश के बीच व्यापार होता रहा है।

करंट अफेयर्स पिंगली वेंकैया की 150वीं जयंती प्रधानमंत्री ने पिंगली वेंकैया की 150वीं जयंती (2 अगस्त) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, जो भारत के राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) के अभिकल्पक के रूप में उनके अमूल्य योगदान का स्मरण तथा देशभक्ति और राष्ट्र-निर्माण की प्रेरणा के रूप में तिरंगे की स्थायी भूमिका को रेखांकित करता है। प्रारंभिक जीवन: 2 अगस्त, 1876 को आंध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले में जन्मे पिंगली वेंकैया 19 वर्ष की आयु में ब्रिटिश सेना में शामिल हुए तथा दक्षिण अफ्रीका में द्वितीय बोअर युद्ध (1899-1902) में भाग लिया, जहाँ उनकी पहली बार महात्मा गांधी से भेंट हुई और उनके साथ लंबे समय तक संपर्क में रहे। राष्ट्रीय ध्वज का अभिकल्प: वर्ष 1921 में विजयवाड़ा में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अधिवेशन के दौरान पिंगली वेंकैया ने खादी पर आधारित स्वराज ध्वज का डिज़ाइन तैयार किया और उसे महात्मा गांधी के समक्ष प्रस्तुत किया। पिंगली वेंकैया द्वारा तैयार राष्ट्रीय ध्वज के प्रारंभिक डिज़ाइन में लाल और हरे रंग की दो क्षैतिज पट्टियाँ थीं, जो हिंदू एवं मुस्लिम समुदायों का प्रतिनिधित्व करती थीं। इसके केंद्र में चरखा (गांधी चरखा) अंकित था। बाद में महात्मा गांधी के सुझाव पर ध्वज में सफेद पट्टी (शांति) तथा चरखे (स्वराज एवं आत्मनिर्भरता के प्रतीक) को सम्मिलित किया गया।

महत्वपूर्ण सूचना- IAS/PCS संस्थान में IAS/PCS का फाउण्डेशन एवं टारगेट बैच सुबह 07 बजे से और शाम 03 बजे से प्रारम्भ हो गया है। संस्थान में जल्द ही समीक्षा अधिकारी स्पेशल बैच प्रारम्भ किया जाएगा।

महत्वपूर्ण सूचना- संस्थान में आगामी टीजीटी/पीजीटी की 22 हजार से अधिक वैकेंसी को देखते हुए नया बैच प्रारम्भ हो गया हैै। उपलब्ध विषयः- गृहविज्ञान, गणित, विज्ञान, जीवविज्ञान, अग्रेंजी, हिन्दी, सामाजिक विज्ञान, कला बैच से सम्बन्धित जानकारी के लिये काल करें- 9451223855, 9473752555

संस्थान में 03 जुलाई दिन सोमवार से सुपर टेट के 03 नये बैच प्रारम्भ हो गये है। सुपर टेट का नया सुपर बैच- टारगेट सिर्फ सेलेक्शन का प्रथम बैच- सुबह 07 बजे से 11.30 बजे तक द्वितीय बैच- सुबह 11.30 बजे से 04.00 बजे तक तीसरा बैच- शाम 03.30 बजे से 08.00 बजे तक बैच से सम्बन्धित किसी भी जानकारी के लिये काल करें- 9451223855, 9473752555

📢 सभी छात्र-छात्राओं हेतु आवश्यक सूचना प्रिय छात्र-छात्राओं, आप सभी को सूचित किया जाता है कि संस्थान में प्रतिदिन कक्षाएँ प्रातः 07:00 बजे से प्रारम्भ हो जाती हैं। यह देखा गया है कि कुछ विद्यार्थी समय पर उपस्थित हो जाते हैं, जबकि कुछ विद्यार्थी 07:00 बजे से 07:30 बजे के बीच आते रहते हैं। इससे कक्षा के संचालन में व्यवधान उत्पन्न होता है तथा समय का नुकसान होता है। अतः आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि प्रतिदिन प्रातः 06:55 बजे तक अपनी-अपनी कक्षा में अनिवार्य रूप से उपस्थित हो जाएँ, ताकि ठीक 07:00 बजे से कक्षाएँ समय पर प्रारम्भ की जा सकें और सभी विद्यार्थियों को अध्ययन का पूरा लाभ मिल सके। समय की पाबंदी एक सफल विद्यार्थी की पहचान होती है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप सभी संस्थान के अनुशासन एवं समय-पालन का पालन करते हुए समय से उपस्थित होकर अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करेंगे।

✅इसी माह जारी होगा, RO/ARO का विज्ञापन
✅इसी माह जारी होगा, RO/ARO का विज्ञापन

11 जून की अखबार की खबर में भी लगभग 60,000 से अधिक पद रिक्त बताए गए थे। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से 60,958 रिक्त पदों (48,883
11 जून की अखबार की खबर में भी लगभग 60,000 से अधिक पद रिक्त बताए गए थे। अब सरकार ने आधिकारिक रूप से 60,958 रिक्त पदों (48,883 ग्रामीण + 12,075 शहरी) को स्वीकार किया है।