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📈 Análisis del canal de Telegram UJJWAL IAS AYODHYA®™

El canal UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 19 789 suscriptores, ocupando la posición 10 074 en la categoría Educación y el puesto 21 487 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 19 789 suscriptores.

Según los últimos datos del 02 julio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 131, y en las últimas 24 horas de 23, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 24.55%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 20.10% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 4 859 visualizaciones. En el primer día suele acumular 3 978 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 12.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
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Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 03 julio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

19 789
Suscriptores
+2324 horas
+977 días
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Archivo de publicaciones
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डीएलएड/बीटीसी अभ्यर्थी जो सीटेट पास है। उनके लिये सुनहरा अवसरा- संस्थान में केवीएस प्राथमिक शिक्षक का नया बैच प्रारम्भ हो गया
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डीएलएड/बीटीसी अभ्यर्थी जो सीटेट पास है। उनके लिये सुनहरा अवसरा- संस्थान में केवीएस प्राथमिक शिक्षक का नया बैच प्रारम्भ हो गया है। बैच में प्रतिदिन क्लास के साथ नोट्स व टेस्ट पेपर के माध्यम से तैयारी करायी जा रही है। संस्थान ने पिछली बार के केवीएस बैच में लिखित परीक्षा व मॉक इटरव्यू की तैयारी कराकर संस्थान के छात्रों को अन्तिम रूप से चयन तक पहुॅचा दिया था।

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‼️पुलिस/दारोगा टारगेट बैच‼️ जैसा कि आप लोगो को पता भी है। उज्ज्वल संस्थान का उदे्श्य सिर्फ आप लोगो का सेलेक्शन। इस बार उज्ज्व
‼️पुलिस/दारोगा टारगेट बैच‼️ जैसा कि आप लोगो को पता भी है। उज्ज्वल संस्थान का उदे्श्य सिर्फ आप लोगो का सेलेक्शन। इस बार उज्ज्वल संस्थान एक नये रिकार्ड के साथ सेलेक्शन देने की तैयारी में लगा हुआ है। संस्थान दारोगा के बैच में एक नई रणनीति के साथ लगा हुआ है। संस्थान क्लास के साथ-साथ लगभग 5000 प्रश्नों की प्रैक्टिस करायेगा है। संस्थान से जो नोट्स दिये जा रहे है। उसका भी रिवीजन आप लोग करते रहिये। सामान्य अध्ययन के लिये क्लास नोट्स, प्रिन्टेड नोट्स, टेस्ट सीरीज के अलावा आप लूसेंट सामान्य अध्ययन की किताब को जरूर पढते रहियें। हिन्दी, गणित व रीजनिंग के लिये संस्थान का क्लास नोट्स, प्रिन्टेड नोट्स व टेस्ट सीरीज ही पर्याप्त है। बस समय से रिवीजन करते रहियें और मन से टेस्ट पेपर साल्व करें। सेलेक्शन के लिये आपको क्लास और प्रैक्टिस बहुत जरूरी है। इसलिये मन से लग जाइये। जो सुविधाएं आपको उज्ज्वल संस्थान दे देगा। वो पूरे प्रदेश में कोई नही दे पाएगा।

📢 ✨ आज से KVS का नया बैच प्रारंभ! सही मार्गदर्शन + स्मार्ट स्ट्रेटेजी = निश्चित सफलता
📢 ✨ आज से KVS का नया बैच प्रारंभ! सही मार्गदर्शन + स्मार्ट स्ट्रेटेजी = निश्चित सफलता

होम गार्ड – नया बैच प्रारम्भ ▪️ प्रतिदिन 4 क्लास ▪️ टॉपिक टेस्ट संपूर्ण टेस्ट ▪️ पूरा पाठ्यक्रम मात्र तीन माह में पूरा
होम गार्ड – नया बैच प्रारम्भ ▪️ प्रतिदिन 4 क्लास ▪️ टॉपिक टेस्ट संपूर्ण टेस्ट ▪️ पूरा पाठ्यक्रम मात्र तीन माह में पूरा

#QuickRevisionSeries 🔳 *सर्वोच्च न्यायालय* ▪️ *अनुच्छेद 124(4)* के तहत किसी न्यायाधीश को उसके पद से हटाया जा सकता है। ▪️ उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों को सिद्धकदाचार तथा असमर्थता के आधार पर पद से हटाया जा सकता है। ▪️ न्यायाधीश को उसके पद से हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में लाया जा सकता है। ▪️प्रस्ताव प्रत्येक सदन द्वारा अपनी कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो तिहाई बहुमत से पारित होना चाहिए। ▪️ प्रस्ताव यदि लोकसभा में लाया जाता है तो कम से कम 100 सदस्यों तथा यदि राज्यसभा में लाया जाता है तो कम से कम 50 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए ▪️ संसद द्वारा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन भत्ते आदि का निर्धारण समय समय पर किया जाता है। ▪️ उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन भत्ते एवं पेंशन भारत की संचित निधि से दिए जाते हैं।

#QuickRevisionSeries 🔳 *सर्वोच्च न्यायालय* ▪️ भारतीय संविधान के *भाग 5 में अनुच्छेद 124 से 147 तक* उच्चतम न्यायालय का वर्णन है। ▪️ *अनुच्छेद 124* के तहत सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना एवं गठन का प्रावधान है। ▪️ मूल संविधान में सर्वोच्च न्यायालय के लिए एक मुख्य न्यायाधीश तथा सात अन्य न्यायाधीशों की व्यवस्था की गई थी। ▪️ वर्तमान में उच्चतम न्यायालय में कुल न्यायाधीशों की संख्या 34 है। ▪️ सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 26 जनवरी 1950 को तथा इसका उद्घाटन 28 जनवरी 1950 को हुई थी। ▪️ संविधान के *अनुच्छेद 124(3)* के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के लिए निम्न योग्यताएं होनी आवश्यक हैं– 🎯 वह भारत का नागरिक हो 🎯 वह एक या एक से अधिक उच्च न्यायालय में लगातार कम से कम 5 वर्ष तक न्यायाधीश के रूप में कार्य कर चुका हो ,अथवा 🎯 वह एक या अधिक उच्च न्यायालय में लगातार कम से कम 10 वर्ष तक अधिवक्ता रह चुका हो ,अथवा 🎯 राष्ट्रपति की राय में एक पारंगत विधिवेत्ता हो।

#QuickRevisionSeries 🔳 *संसदीय प्रस्ताव* ▪️ *धन्यवाद प्रस्ताव–* यह प्रस्ताव राष्ट्रपति के अभिभाषण के पश्चात धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए सरकार द्वारा संसद के प्रत्येक सदन में लाया जाता है। ▪️ यदि लोकसभा प्रस्ताव को अस्वीकृत कर देती है तो सरकार को त्यागपत्र देना पड़ता है। ▪️ *कटौती प्रस्ताव–* बजट की मांगों में कटौती हेतु रखे गए प्रस्ताव को कटौती प्रस्ताव कहते हैं। ▪️ लोकसभा में कटौती प्रस्ताव पास हो जाने पर सरकार को त्यागपत्र देना पड़ता है। ▪️ *कटौती प्रस्ताव निम्न तीन प्रकार का होता है– नीतिगत कटौती, अर्थगत कटौती , प्रतीक कटौती*

#QuickRevisionSeries 🔳 *भारत का महान्यायवादी* ▪️संविधान के *भाग 5 अनुच्छेद 76* के तहत भारत में महान्यायवादी के पद का उल्लेख किया गया है। ▪️ यह भारत सरकार का प्रथम विधि अधिकारी होता है। ▪️ *अनुच्छेद 76(1 )* के अनुसार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की योग्यता रखने वाले व्यक्ति को राष्ट्रपति महान्यायवादी पद पर नियुक्त करता है। ▪️ यह भारत सरकार को विधिक मामलों पर सलाह देता है। ▪️ यह उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालय में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व करता है। ▪️ महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद धारण करता है। ▪️महान्यायवादी को भारत के राज्यक्षेत्र में सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार है। ▪️ महान्यायवादी संसद की किसी भी सदन में या उसकी समिति की बैठक में बोल सकता है ,किंतु उसे मत देने का अधिकार नहीं है। ▪️ वह ऐसा पारिश्रमिक प्राप्त करता है जो राष्ट्रपति निर्धारित करें। ▪️ महान्यायवादी की सहायता के लिए एक सॉलिसिटर जनरल तथा दो अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भी नियुक्त किए जाते हैं।

#QuickRevisionSeries 🔳 *नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक* ▪️ संविधान के *अनुच्छेद 148* के अनुसार भारत का एक नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक होगा। ▪️ इसकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। ▪️ इसका कार्यकाल 6 वर्ष अथवा 65 वर्ष ( जो पहले हो) होता है। ▪️ यह केंद्र सरकार के लेखा से संबंधित रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है और उसे संसद के पटल पर रखवाता है। ▪️ यह सेवानिवृत्ति के पश्चात भारत सरकार के अधीन किसी भी पद को ग्रहण नहीं कर सकता। ▪️ यह राज्य सरकार के लेखा से संबंधित रिपोर्ट राज्यपाल को देता है, जो उसे विधानमंडल के पटल पर रखवाता है। ▪️ इस उसी रीति के आधार पर संसद के दोनों सदनों के समावेदन पर हटाया जा सकता है जिस प्रकार उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *भारतीय न्यायपालिका* ▪️ भारत की न्यायपालिका एकीकृत न्यायपालिका है। ▪️ भारती न्यायपालिका का संगठन एक शंकु की भांति है ,जिसमें शिखर पर उच्चतम न्यायालय तथा उसके नीचे उच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालय के नीचे अधीनस्थ न्यायालय स्थित है। ▪️ उत्तर प्रदेश भारत का ऐसा पहला राज्य है जिसने पंचायत राज्य अधिनियम 1947 के तहत न्याय पंचायत का गठन किया है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *संसदीय प्रस्ताव* ▪️ *अविश्वास प्रस्ताव–* भारतीय संविधान में इसका उल्लेख नहीं है। ▪️ लोकसभा ने नियम 198 के तहत मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया के लिए यह नियम बनाया। ▪️ इसे लोकसभा में विपक्षी दल द्वारा प्रस्तुत किया जाता है। ▪️ लोकसभा के कम से कम 50 सदस्यों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन आवश्यक है। ▪️ यदि लोकसभा में यह प्रस्ताव पारित हो जाता है तो मंत्री परिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है। ▪️ *विश्वास प्रस्ताव–* यह प्रक्रिया भारतीय संसदीय व्यवस्था की देन है। ▪️ विश्वास प्रस्ताव प्रधानमंत्री अथवा मंत्री परिषद के किसी सदस्य द्वारा लाया जाता है। ▪️ यदि सदन में विश्वास प्रस्ताव पास नहीं होता है तो प्रधानमंत्री को त्यागपत्र देना पड़ता है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *संसदीय प्रस्ताव* ▪️ *स्थगन प्रस्ताव –* ▪️ प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद यह प्रस्ताव पेश किया जाता है। ▪️ कार्य स्थगन प्रस्ताव पर कम से कम 50 सदस्यों द्वारा समर्थन होना चाहिए। ▪️ लोकसभा द्वारा कार्य स्थगन प्रस्ताव का पारित होने पर सरकार को त्यागपत्र देना आवश्यक नहीं होता है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *अन्य महत्वपूर्ण तथ्य* ▪️ *वित्त विधेयक –* अनुच्छेद 117 में वित्त विधेयकों के संबंध में उल्लेख किया गया है। ▪️ ऐसा विधेयक जो राजस्व तथा व्यय से संबंधित होते हैं ,वित्त विधेयक कहलाते हैं। ▪️ वित्त विधेयक को दोनों सदनों द्वारा पारित किया जाता है ▪️ प्रत्येक धन विधेयक वित्त विधेयक होता है ▪️ *धन विधेयक –* संविधान के अनुच्छेद 110 के तहत धन विधेयक को परिभाषित किया गया है। ▪️ धन विधेयक केवल लोकसभा में पेश किया जाता है। ▪️ धन विधेयक को प्रस्तुत करने के पूर्व राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक होती है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट)* ▪️ *अनुच्छेद 112* वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) के बारे में है। ▪️ राष्ट्रपति का यह कर्तव्य है कि वह प्रत्येक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च तक) के लिए संसद के दोनों सदनों के समक्ष भारत सरकार की उस वर्ष के लिए अनुमानित आय और व्यय का विवरण रखवाए। ▪️ वर्ष 2017 में रेल बजट को आम बजट में शामिल कर दिया गया। ▪️ *विनियोग विधेयक –* अनुच्छेद 114 के अनुसार संचित निधि से कोई धन विनियोग विधेयक के द्वारा ही निकाला जा सकता है। ▪️ लोकसभा द्वारा अनुदान की मांग पारित करने के पश्चात विनियोग विधेयक लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जाता है ▪️ प्रत्येक विनियोग विधेयक धन विधेयक होता है और उसे धन विधेयक की प्रक्रिया के अनुसार ही पारित किया जाता है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *संविधान संशोधन विधेयक* ▪️ संविधान संशोधन प्रक्रिया का प्रावधान संविधान के *भाग 20 अनुच्छेद 368* के तहत दिया गया है। ▪️ संविधान संशोधन विधेयक संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत किया जा सकता है। ▪️ विधायक दोनों सदनों द्वारा साधारण तथा विशेष बहुमत द्वारा पारित किया जाता है। ▪️ *अनुच्छेद 368 के तहत संविधान में संशोधन निम्न दो प्रक्रियाओं द्वारा किया जाता है–* ▪️ *विशेष बहुमत द्वारा –* संसद के प्रत्येक सदन द्वारा कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो तिहाई बहुमत से पारित विधेयक। ▪️ *संसद के विशेष बहुमत एवं राज्य विधानमंडलों की स्वीकृति से संशोधित–* संसद के दोनों सदनों के विशेष बहुमत तथा राज्यों के कुल विधान मंडलों में से आधे की स्वीकृति से संशोधित विधेयक जैसे – राष्ट्रपति का निर्वाचन, संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार ,संघीय न्यायपालिका एवं उच्च न्यायालय आदि से संबंधित विषयों में इसके तहत संशोधन किया जाता है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *संसद की वित्तीय समितियां (सरकारी उपक्रम समिति)* ▪️ इस समिति में कुल 22 सदस्य होते हैं। ▪️ इस समिति में 15 सदस्य लोकसभा द्वारा और 7 सदस्य राज्यसभा द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति की एकल संक्रमण्य मत द्वारा चुने जाते हैं। ▪️ इसका कार्यकाल 1 वर्ष का होता है। ▪️ लोकसभा अध्यक्ष लोकसभा सदस्यों में से किसी एक को समिति का अध्यक्ष नियुक्त करता है। ▪️ इस समिति का प्रमुख कार्य नियंत्रक महालेखा परीक्षक द्वारा सरकारी उपक्रमों के संबंध में प्रस्तुत प्रतिवेदनों की जांच करना है। ▪️ यह समितियां सार्वजनिक व्यय पर संसदीय नियंत्रण का कार्य करती हैं। ▪️ यह समिति ऐसे सरकारी कंपनी के लेखाओं की भी जांच करती है जिसको लेखा कंपनी अधिनियम के तहत सदन के पटल पर रखा जाता है।