es
Feedback
UJJWAL IAS AYODHYA®™

UJJWAL IAS AYODHYA®™

Ir al canal en Telegram

Welcome to Ujjwal IAS official Telegram channel.

Mostrar más

📈 Análisis del canal de Telegram UJJWAL IAS AYODHYA®™

El canal UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 19 796 suscriptores, ocupando la posición 10 071 en la categoría Educación y el puesto 21 473 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 19 796 suscriptores.

Según los últimos datos del 03 julio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 131, y en las últimas 24 horas de 1, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 25.53%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 19.59% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 5 054 visualizaciones. En el primer día suele acumular 3 878 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 13.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
Welcome to Ujjwal IAS official Telegram channel.

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 04 julio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

19 796
Suscriptores
+124 horas
+927 días
+13130 días
Archivo de publicaciones
📌पियाजे तथा कोह्लबर्ग का सिद्धांत टॉपिक टेस्ट उत्तरकुंजी
📌पियाजे तथा कोह्लबर्ग का सिद्धांत टॉपिक टेस्ट उत्तरकुंजी

संतोष कुमार शाहू जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ! आपका संघर्ष, लगन और निरंतर प्रयास सच-मुच प्रेरणादायी हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस में फाइनल चयन से कुछ ही नंबरों से बाहर हो जाना किसी के भी हौसले को तोड़ सकता था, लेकिन आपने हार नहीं मानी—यही आपकी सबसे बड़ी जीत है। इसके बाद लगातार तीन सफलताएँ—बिहार पुलिसजूनियर असिस्टेंट, और अब प्रवर्तन विभाग में सफलता—ये साबित करती हैं कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। ✨ एक प्रेरणादायक कहानी: “संघर्ष से सफलता तक – संतोष की यात्रा” एक छोटे से गाँव में रहने वाला संतोष बचपन से ही दृढ़निश्चयी था। उसके मन में एक ही सपना था—खुद को इतना काबिल बनाना कि परिवार, समाज और देश उसके ऊपर गर्व करे। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने पुलिस सेवाओं की तैयारी शुरू की। पहला बड़ा मौका आया उत्तर प्रदेश पुलिस की भर्ती में। संतोष ने जी-जान से मेहनत की, परीक्षा में शानदार प्रदर्शन भी किया। लेकिन नतीजे आए तो वह कुछ ही नंबरों से बाहर था। थोड़ा सा अंतर… पर बहुत बड़ा झटका। कुछ दिन मन भारी रहा, पर उसने सोचा:
“अगर आज रुक गया, तो कल जीतने का हक किसे मिलेगा?”
उसने फिर से कंधे सीधा किए और संघर्ष की राह पर आगे बढ़ गया। सुबह से शाम तक पढ़ाई, रात में खुद से सवाल-जवाब, और हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाने की कोशिश। धीरे-धीरे मंज़िल ने भी उसका साथ देना शुरू किया। पहली सफलता मिली बिहार पुलिस में। फिर दूसरी—जूनियर असिस्टेंट। और आखिरकार एक बड़ा मुकाम—प्रवर्तन विभाग में चयन! अब संतोष सिर्फ सफल नहीं था—वह प्रेरणा बन चुका था। गाँव में हर बच्चा, हर नौजवान उसका नाम लेते हुए कहता:
“मेहनत कभी हारती नहीं—संतोष भइया इसका बड़ा उदाहरण हैं।”
और संतोष हमेशा मुस्कुराकर यही कहता
: “हार मानने वाला इंसान हारता है, कोशिश करने वाला नहीं।
🌟 संतोष कुमार शाहू जी, आपकी यह यात्रा न सिर्फ आपकी सफलता है, बल्कि हर उस युवा के लिए संदेश है जो सपने देखता है और संघर्ष करता है। आपको आने वाले जीवन के लिए ढेरों शुभकामनाएँ, ऊँचाइयाँ आपके कदम चूमती रहें!

photo content
+1

CURRENT AFFAIRS QUIZ 14 Nov 2025.pdf7.04 KB

🔳 KVS PRT कुल पद :- 3,365 ▫️स्पेशल PRT पद :- 494 ▫️सामान्य PRT पद :- 2684 ▫️म्यूजिक PRT पद :- 187 ❇️  PRT योग्यता :- DElEd + CTET 1 पास

photo content

photo content
+1

महत्वपूर्ण नोट्स ‼️ जनहित याचिका की अवधारणा पहली बार न्यायमूर्ति वी.आर. कृष्णा अय्यर ने मुंबईकामगारसभाबनामअब्दुलथाई(1976)मामलेमें पेश की थी। पहली जनहित याचिका हुसैनाराखातूनबनामबिहारराज्य(1979)थी, जो विचाराधीन कैदियों की अमानवीय स्थितियों पर केंद्रित थी, जिसके कारण 40,000 से अधिक विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया। इस मामले ने अनुच्छेद 21 के तहत “शीघ्र सुनवाई के अधिकार (Right to Speedy Trial)” को मूल अधिकार के रूप में स्थापित किया। न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती ने एस.पी.गुप्ताबनामभारतसंघ(1981)मामलेमें जनहित याचिका के एक नए युग की शुरुआत की। अतः विकल्प (d) सही है। इस मामले ने लोकस स्टैंडाई के नियम को उदार बनाया, जिससे किसी भी जनहितैषी नागरिक को वंचित वर्गों की ओर से जनहित याचिका दायर करने की अनुमति मिल गई। सूचीबद्ध अन्य मामले महत्त्वपूर्ण जनहित याचिकाएँ (PIL) हैं, लेकिन ये एस.पी. गुप्ता मामले के बाद आए।

Detailed_Notification_KVS_NVS_2025_13112025.pdf9.14 KB

कुल पदों की संख्या KVS (Kendriya Vidyalaya Sangathan): लगभग 9,156 पद NVS (Navodaya Vidyalaya Samiti): लगभग 3,643 पद दोनों संस
कुल पदों की संख्या KVS (Kendriya Vidyalaya Sangathan): लगभग 9,156 पद NVS (Navodaya Vidyalaya Samiti): लगभग 3,643 पद दोनों संस्थानों के लिए भर्ती CBSE द्वारा आयोजित की जाएगी।

महत्वपूर्ण नोट्स राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित एक वैधानिक निकाय है। भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक समिति की अनुशंसा के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति करते हैं। इस समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, गृहमंत्री, दोनों सदनों में विपक्ष के नेता और राज्यसभा के उपसभापति शामिल होते हैं। यह एक बहु-सदस्यीय निकाय है जिसमें एक अध्यक्ष और पाँच सदस्य होते हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश रहे किसी व्यक्ति को अध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। अध्यक्ष और सदस्य तीन वर्ष की अवधि तक या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, पद पर बने रहते हैं। NHRC स्वत: संज्ञान (Suo Motu) द्वारा, मीडिया रिपोर्टों के आधार पर या शिकायतों/याचिकाओं के माध्यम से कार्रवाई कर सकता है। NHRC के पास सिविल कोर्ट के समान शक्तियाँ हैं। लेकिन NHRC के पास आपराधिक अधिकार क्षेत्र नहीं है; यह मानवाधिकारों के उल्लंघनकर्त्ताओं को दंडित नहीं कर सकता। यह केवल उपयुक्त प्राधिकारियों द्वारा की जाने वाली कार्रवाई की अनुशंसा कर सकता है।

संविधान सभा का गठन नवंबर 1946 में कैबिनेट मिशन योजना द्वारा तैयार की गई योजना के तहत किया गया था। विशेषताएँ: इसकी कुल सदस्य संख्या 389 निर्धारित की गई, जिनमें से: ब्रिटिश भारत को 296 सीटें आवंटित की गईं और रियासतों को 93 सीटें। ब्रिटिश भारत प्रतिनिधित्व (296 सीटें): इन 296 सीटों में से: ग्यारह गवर्नर प्रांतों से 292 सदस्य चुने जाने थे। अतः कथन 1 सही नहीं है। चार मुख्य आयुक्त प्रांतों से 4 सदस्य चुने जाने थे (प्रत्येक सेएक)। प्रत्येक ब्रिटिश भारतीय प्रांत की सीटें तीन प्रमुख समुदायों के बीच विभाजित थीं : मुसलमान, सिखों और सामान्य श्रेणी (मुस्लिम और सिख को छोड़कर सभी), उनकी जनसंख्या के अनुपात में। चुनाव प्रक्रिया: प्रत्येक समुदाय के सदस्यों को प्रांतीय विधान सभाओं के भीतर अपने संबंधित समुदाय के सदस्यों द्वारा चुना जाना था। चुनाव की पद्धति एकल संक्रमणीय वोट के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व थी। रियासतों का प्रतिनिधित्व (93 सीटें): ये सदस्य निर्वाचित नहीं होते थे, बल्कि संबंधित रियासतों के शासकों (प्रमुखों) द्वारा मनोनीत किये जाते थे।

संस्थान में दिनांक- 16 नवम्बर को दारोगा बैच की स्पेशल क्लास सुबह 08 बजे से आयोजित की जाएगी। इस स्पेशल क्लास में गणित व रीजनिं
संस्थान में दिनांक- 16 नवम्बर को दारोगा बैच की स्पेशल क्लास सुबह 08 बजे से आयोजित की जाएगी। इस स्पेशल क्लास में गणित व रीजनिंग के महत्वपूर्ण टाापिक की क्लास आयोजित की जाएगी। व 10 बजे से 12.00 बजे तक टेस्ट सीरीज आयोजित की जाएगी। आप लोग अपनी तैयारी के स्तर को दिन प्रतिदिन बढाते रहिये। अच्छे ग्रेड पे की नौकरी पाने के लिये आप लोगों के लिये सुनहरा अवसर है। आफलाइन पेपर है। और आफलाइन प्रैक्टिस करते रहिये। क्लास व प्रैक्टिस के लिये आपका अपना संस्थान उज्ज्वल आई ए एस जो सप्ताह में 02 फुुल मॉक टेस्ट सीरीज आयोजित कर रहा है। गणित व रीजनिंग में संस्थान का टारगेट 80 में से 75+ प्रश्न सही होने चाहिये

ओम्बाई और वेटार जलडमरूमध्य समुद्री प्रजातियों के प्रवास के लिये एक महत्त्वपूर्ण गलियारे के रूप में कार्य करते हैं। ये जलडमरूमध्य निम्नलिखित में से किन दो प्रमुख महासागरों को जोड़ते हैं?
Anonymous voting

कोर्दोफान, अल-फाशर और गज़ीरा जैसे क्षेत्र हाल ही में भीषण गृहयुद्ध के कारण चर्चा में रहे हैं। ये क्षेत्र निम्नलिखित स्थानों पर स्थित हैं:
Anonymous voting

भारत का नवीनतम और सबसे ऊँचाई पर स्थित लड़ाकू विमान-सक्षम वायुसेना एयरबेस, जिसे सीमा सड़क संगठन (BRO) ने बनाया है, कहाँ स्थित है?
Anonymous voting

महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स ‼️भूटान में 'कालाचक्र उपाधि समारोह' का उद्घाटन‼️ 12 नवंबर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के राजा जिग्मी खेसर नामग्येल वांगचुक और चौथे ड्रुक ज्ञालपो के साथ मिलकर विश्व शांति के लिए आयोजित 'कालाचक्र' या 'व्हील ऑफ टाइम' उपाधि समारोह का भव्य उद्घाटन किया। मुख्य तथ्य: धार्मिक महत्व: कालाचक्र उपाधि बौद्ध धर्म की एक महत्वपूर्ण और जटिल अनुष्ठान है, जो आध्यात्मिक विकास और विश्व शांति का संदेश देती है। समारोह के अध्यक्ष: इस आयोजन की अध्यक्षता भूटान के वरिष्ठ धार्मिक नेता हिस होलीनेस थे जे खोम्पो ने की। भारत-भूटान संबंध: इस आयोजन के दौरान दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और कनेक्टिविटी में सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा की। ऊर्जा सहयोग: प्रधानमंत्री मोदी और राजा ने संयुक्त रूप से 1,020 मेगावाट के पुनत्सांगछु-II जल विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया, जो दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग में मील का पत्थर है। अन्य समझौते: अक्षय ऊर्जा, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, और स्वास्थ्य देखभाल में जुड़े तीन MoUs पर हस्ताक्षर हुए, और UPI इंटीग्रेशन के दूसरे चरण की प्रगति का स्वागत किया गया।

Current Affairs 21.pdf2.98 KB

बुकर पुरस्कार 2025
बुकर पुरस्कार 2025

महत्वपूर्ण करंट अफेयर्स ‼️साहित्य अकादमी – बाल साहित्य पुरस्कार 2025‼️ साहित्य अकादमी द्वारा बाल साहित्य पुरस्कार 2025 का आयोजन 14 नवंबर, 2025 को किया जाएगा, जिसका उद्देश्य भारत की विभिन्न भाषाओं एवं संस्कृतियों में उच्च गुणवत्ता वाले बाल साहित्य को बढ़ावा देना और उसका उत्सव मनाना है। उत्कृष्टता का सम्मान करने हेतु: बाल साहित्य पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2010 में की गई थी ताकि 24 भारतीय भाषाओं में बाल साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित किया जा सके। पात्रता: लेखक भारतीय नागरिक होना चाहिये और पुस्तक 9–16 वर्ष की आयु के पाठकों के लिये मूल रचना होनी चाहिये, जो पुरस्कार वर्ष से पूर्व विगत पाँच वर्षों में प्रकाशित हुई हो।