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📈 Análisis del canal de Telegram UJJWAL IAS AYODHYA®™

El canal UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 19 644 suscriptores, ocupando la posición 10 225 en la categoría Educación y el puesto 21 988 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 19 644 suscriptores.

Según los últimos datos del 22 junio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 20, y en las últimas 24 horas de -11, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 20.38%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 11.70% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 4 006 visualizaciones. En el primer día suele acumular 2 299 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 7.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
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Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 23 junio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

19 644
Suscriptores
-1124 horas
-317 días
+2030 días
Archivo de publicaciones
🔳 *उत्तर प्रदेश की नदियां –* ▪️ *चंबल नदी –* यह मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश की सीमा निर्धारित करती है। ▪️यह इटावा में यमुना नदी में मिल जाती है। ▪️ *केन नदी –* केन नदी एवं यमुना नदी का संगम बांदा के निकट होता है। ▪️ *सोन नदी –* यह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर एवं सोनभद्र जिलों से प्रवाहित होती है। ▪️ *गोमती नदी –* इसका उद्गम उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में फुलहर झील से होता है। ▪️ यह नदी गाजीपुर जिले में गंगा नदी से मिल जाती है। ▪️उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तथा सुल्तानपुर और जौनपुर नगर गोमती नदी के किनारे स्थित है। ▪️ *टोंस नदी –* टोंस और गंगा नदी का संगम प्रयागराज में होता है। ▪️ हिंडन नदी, यमुना की सहायक नदी है। ▪️ कर्मनाशा नदी गंगा की सहायक नदी है।

🔳 *उत्तर प्रदेश की प्रमुख झीलें –* ▪️सुर सरोवर( कीठम) – आगरा ▪️सूरहा ताल – बलिया ▪️समसपुर झील – रायबरेली ▪️शेखा झील – अलीगढ़ ▪️गौर झील – रामपुर ▪️बरुआ सागर – झांसी ▪️मदन सागर – महोबा ▪️रामगढ़ ताल – गोरखपुर ▪️राधाकुंड – मथुरा ▪️चितौरा झील – बहराइच ▪️दरवन झील – अंबेडकर नगर ▪️करेला झील – लखनऊ ▪️औधी ताल – बनारस ▪️बड़ा ताल – शाहजहांपुर ▪️बेलासागर – महोबा

🔳 *उत्तर प्रदेश के प्रमुख बांध तथा स्थिति –* ▪️पारीक्षा ( बेतवा नदी) – झांसी ▪️ओबरा( रिंहद) – सोनभद्र ▪️माताटीला( बेतवा) – ललितपुर ▪️सुकमा डुकमा ( बेतवा) – झांसी ▪️सलारपुर (करदिया) – महोबा ▪️राजघाट( बेतवा) – ललितपुर ▪️चंद्रप्रभा( चंद्रप्रभा ) – चंदौली ▪️अर्जुन( अर्जुन ) – महोबा ▪️गोविंद बल्लभ पंत सागर ( रिहंद) – सोनभद्र ▪️मुशाखंड ( कर्मनाशा) – चंदौली ▪️अहरौरा – मिर्जापुर ▪️मेजा ( बेलन ) – मिर्जापुर ▪️सिरसी( बख़ेर) – मिर्जापुर

▪️ *उत्तर प्रदेश वन से संबंधित आंकड़े* – ▪️ *अधिकतम वन क्षेत्र प्रतिशत वाले पांच जिले (घटते क्रम में)-* सोनभद्र (35.29%), चंदौली (21.78%), चित्रकूट (19.64%), पीलीभीत (18.60%), श्रावस्ती (17.40%)। ▪️ *न्यूनतम वन क्षेत्र प्रतिशत वाले पांच जिले (बढ़ते क्रम में)-* भदोही (0.37%), मैनपुरी (0.49%), देवरिया (0.60%), बदायूं (0.62%), मऊ (0.64%)। ▪️ *अधिकतम वन क्षेत्रफल वाले पांच जिले (घटते क्रम में)-* सोनभद्र (2436.75 वर्ग किमी.), लखीमपुर खीरी (1272.56 वर्ग किमी.), मिर्जापुर (746.11 वर्ग किमी.) पीलीभीत (685.73 वर्ग किमी.), चित्रकूट (631.69 वर्ग किमी.)। ▪️ *न्यूनतम वन क्षेत्रफल वाले पांच जिले (बढ़ते क्रम में)-* भदोही (3.71 वर्ग किमी.), मऊ (11 वर्ग किमी.), मैनपुरी (13.64 वर्ग किमी.), संत कबीर नगर (14.40 वर्ग किमी.), देवरिया (15.21 वर्ग किमी.)।

🔳 *उत्तर प्रदेश के वन्य जीव विहार–* ▪️ *किशनपुर वन्य जीवविहार ( 1972) –* लखीमपुर खीरी ▪️ *चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार (1957) –* चंदौली ▪️ *रानीपुर वन्य जीव विहार( 1977)–* चित्रकूट ▪️ *कतर्निया घाट वन्य जीव विहार (1976)–* बहराइच ▪️ *राष्ट्रीय चंबल वन्य जीव विहार( 1979)–* आगरा एवं इटावा ▪️ *महावीर स्वामी वन्य जीव विहार (1977)–* ललितपुर ▪️ *कछुआ वन्य जीव विहार (2009)–* वाराणसी ▪️ *हस्तिनापुर वन्य जीव विहार( 1986)–* मेरठ हापुड़, बिजनौर ,अमरोहा, मुजफ्फरनगर ▪️ *कैमूर वन्य जीव विहार( 1982)–* मिर्जापुर एवं सोनभद्र ▪️ *सुहेलवा वन्य जीव विहार( 1988 )* बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती ▪️ *सुहागी बरवा वन्य जीव विहार( 1987)–* महाराजगंज

▪️ *प्रदेश का सबसे पुराना वन्य जीव विहार* चंद्रप्रभा वन्य जीव विहार है ,जो 1957 में स्थापित किया गया। ▪️हस्तिनापुर वन्य जीव विहार *प्रदेश का सबसे बड़ा वन्य जीव विहार* है। ▪️ *उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा वन्य जीव विहार* महावीर स्वामीवन्य जीव विहार। ▪️ *उत्तर प्रदेश में एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान* दुधवा राष्ट्रीय उद्यान है ,जो लखीमपुर खीरी में स्थित है। ▪️ *प्रोजेक्ट एलिफेंट* के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एलिफेंट रिजर्व की स्थापना 9 सितंबर 2009 को की गई थी। ▪️वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मेजा,प्रयागराज में *कृष्ण मृग आरक्षित वन क्षेत्र की स्थापना* की गई। ▪️ उत्तर प्रदेश में *चिंकारा* विंध्य के जंगलों में पाया जाता है। ▪️ अक्टूबर 2022 में *रानीपुर वन्य जीव अभ्यारण को टाइगर रिजर्व का दर्जा* प्रदान किया गया। ▪️ सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा गोरखपुर के कैंपियरगंज क्षेत्र में *जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र* का उद्घाटन किया गया । ▪️यह विश्व का पहला एशियाई किंग राज गिद्ध संरक्षण केंद्र है। ▪️ अगस्त 2022 में लखनऊ स्थित कुकरेल वन क्षेत्र में *नाइट सफारी पार्क एवं प्राणी उद्यान की स्थापना* की स्वीकृति प्रदान की गई।

🔳 *उत्तर प्रदेश के पक्षी विहार* ▪️लाख बहोसी पक्षी विहार ( 1988) – कन्नौज ▪️शहीद चंद्रशेखर आजाद नवाबगंज पक्षी विहार( 1984 )उन्नाव ▪️समसपुर पक्षी विहार (1987)–रायबरेली ▪️ओखला पक्षी विहार (1990 )–गौतमबुध नगर ▪️सांडी पक्षी विहार 1990)–हरदोई ▪️डॉ भीमराव अंबेडकर पक्षी विहार (2003)–प्रतापगढ़ ▪️बखिरा पक्षी वन्य जीव विहार (1990) –संत कबीर नगर ▪️समान पक्षी विहार (1990)– मैनपुरी ▪️शेखा झील पक्षी विहार (2016)–अलीगढ़ ▪️जयप्रकाश नारायण सुरहा ताल पक्षी विहार (1991)–बलिया ▪️पटना पक्षी विहार (1990)– एटा ▪️सुर सरोवर पक्षी विहार (1991)– आगरा, इटावा ▪️पार्वती अर्ग पक्षी विहार (1990)–गोंडा ▪️पटना पक्षी विहार (1990)–एटा ▪️चांद खमरिया कृष्ण मृग आरक्षित वन क्षेत्र (2017 )–प्रयागराज ▪️विजय सागर पक्षी विहार (1990 )–महोबा ▪️उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा पक्षी विहार लाख बहोसी पक्षी विहार है ▪️उत्तर प्रदेश का सबसे छोटा पक्षी विहार पटना विहार पक्षी अभयारण्य है।

🔳 *उत्तर प्रदेश के टाइगर रिजर्व –* ▪️दुधवा टाइगर रिजर्व – लखीमपुर खीरी ▪️पीलीभीत टाइगर रिजर्व – पीलीभीत ▪️रानीपुर टाइगर रिजर्व – चित्रकूट ▪️अमनगढ़ बफर – बिजनौर ▪️दुधवा टाइगर रिजर्व को 1987–88 में बाघ परियोजना में शामिल किया गया । ▪️वर्ष 2012 में कार्बेट टाइगर रिजर्व के बफर के रूप में अमनगढ़ को शामिल किया गया। ▪️ वर्ष 2014 में पीलीभीत वन्य जीव अभ्यारण को बाघ अभ्यारण का दर्जा प्रदान किया गया। ▪️अक्टूबर 2022 में रानीपुर वन्य जीव अभ्यारण को टाइगर रिजर्व का दर्जा प्रदान किया गया। ▪️वर्तमान में उत्तर प्रदेश में बाघ अभ्यारण की संख्या चार हो गई है।

▪️ *उत्तर प्रदेश के कृषि निर्यात क्षेत्र* ▪️ *आलू* – आगरा, हाथरस, फर्रुखाबाद, कन्नौज, मेरठ, बागपत, अलीगढ़, बदायूं, रामपुर, गाजियाबाद एवं फिरोजाबाद ▪️ *आम एवं सब्जियां* –लखनऊ, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर एवं बाराबंकी ▪️ *आम* –सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, बुलंदशहर एवं अमरोहा ▪️ *बासमती चावल* –बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर, बदायूं, बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद एवं बागपत ▪️उत्तर प्रदेश का प्रमुख *आंवला* उत्पादक जिला प्रतापगढ़ है। ▪️उत्तर प्रदेश में पान प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र महोबा में स्थित है। ▪️उत्तर प्रदेश में *संतरे* का उत्पादन सहारनपुर जिले में किया जाता है। ▪️ उत्तर प्रदेश का *लीची* उत्पादक जिला सहारनपुर एवं मेरठ है।

#QuickRevisionSeries 🔳 *विश्व की प्रमुख गर्म जलधाराएं:-* ◼️ *गल्फ स्ट्रीम –*
 
यह एक गर्म जलधारा है। यह सं. रा. अमेरिका के पूर्वी तट के सहारे प्रवाहित होती है।``` ```गल्फ स्ट्रीम धारा की खोज साल 1513 में पोंस डि लियोन ने की थी।
◼️ *ब्राजील धारा –* 
 
ब्राजील धारा ब्राजील तट के पूर्वी भाग में उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। यह एक गर्म जलधारा है।
◼️ *अगुलहास –* 
 
अगुलहास की धारा हिंद महासागर में उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है। यह एक गर्म जलधारा है।`

#QuickRevisionSeries 🔳 *महासागरों में अवस्थित प्रमुख द्वीप –* ◼️ *आइसलैंड –* उत्तरी अटलांटिक महासागर ◼️ *आयरलैंड –* उत्तरी अटलांटिक महासागर ◼️ *श्रीलंका –* हिंद महासागर ◼️ *तस्मानिया –* द. प. प्रशांत महासागर ◼️ *विक्टोरिया द्वीप –* उत्तरी ध्रुव महासागर ◼️ *उत्तरी द्वीप –* दक्षिण पश्चिम प्रशांत महासागर ◼️ *दक्षिण द्वीप –* दक्षिण पश्चिम प्रशांत महासागर ◼️ *सुलोवेसी द्वीप –* हिंद महासागर ◼️ *ईलिसमेरे द्वीप –* उत्तरी ध्रुव महासागर

#QuickRevisionSeries 🔳 *महासागरों में अवस्थित प्रमुख द्वीप –* ◼️ *ग्रीनलैंड –* आर्कटिक महासागर ◼️ *न्यूगिनी –* पश्चिमी प्रशांत महासागर ◼️ *बोर्नियो –* हिंद महासागर ◼️ *मेडागास्कर –* हिंद महासागर ◼️ *बेफिन द्वीप –* उत्तरी आर्कटिक महासागर ◼️ *जावा द्वीप –* हिंद महासागर ◼️ *सुमात्रा द्वीप –* हिंद महासागर ◼️ *होंशू द्वीप –* उत्तरी प्रशांत महासागर ◼️ *ब्रिटेन –* उत्तरी अटलांटिक महासागर ◼️ *क्यूबा –* कैरेबियन सागर

#QuickRevisionSeries 🔳 *विज्ञान के महत्वपूर्ण नियम :-* 🔳 *पास्कल का सिद्धांत:* ◼️
◼️ 
इसके अनुसार``` _"सीमित तरल पदार्थ के एक बिंदु में कहीं भी लगाया गया दबाव पूरे तरल पदार्थ में सभी दिशाओं में समान रूप से फैलता है"_ ◼️ *पास्कल के नियम पर आधारित कुछ यंत्रः*
🔳 *हुक का नियम -* 
◼️ 
प्रत्यास्था सीमा के अन्दर प्रतिबल सदैव विकृति के समानुपाती होता है।
◼️ 
यंग का मापांक, त्वचा की कठोरता या इसके विकृत होने की संभावना को बताता है
🔳 *आर्कमिडीज का सिद्धांत -* 
◼️ 
किसी द्रव में डूबे किसी ठोस पर लगा उत्क्षेप, ठोस द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है।
◼️ 
आर्किमिडीज़ के सिद्धांत का इस्तेमाल हाइड्रोमीटर, जहाज़, और सबमरीन बनाने में किया जाता है.
🔳 *बॉयल का नियम -* 
◼️ 
किसी निश्चित तापक्रम पर किसी गैस को दी गई मात्रा का आयतन उसके दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है।`

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मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को स्नेहपूर्ण नमस्कार 🙏 आप सभी को होली के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। यह रंगों का त्योहार आपके जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा के नए रंग भर दे। आप सभी स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपने परिवार के साथ इस पर्व को आनंदपूर्वक मनाएं। 🌸🎨 आप सभी को सूचित किया जाता है कि होली के उपलक्ष्य में आपके संस्थान में 3, 4 और 5 मार्च को अवकाश रहेगा। संस्थान पुनः 6 मार्च से अपने पूर्व निर्धारित समय पर नियमित रूप से प्रारम्भ होगा। उम्मीद है आप सभी 6 मार्च से नई ऊर्जा और उत्साह के साथ अपनी तैयारी में जुट जाएंगे। धन्यवाद। UJJAWAL IAS COACHING