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UJJWAL IAS AYODHYA®™

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📈 Análisis del canal de Telegram UJJWAL IAS AYODHYA®™

El canal UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 20 839 suscriptores, ocupando la posición 9 489 en la categoría Educación y el puesto 19 640 en la región India.

📊 Métricas de audiencia y dinámica

Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 20 839 suscriptores.

Según los últimos datos del 26 septiembre, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 854, y en las últimas 24 horas de 37, conservando un alto alcance.

  • Estado de verificación: No verificado
  • Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 25.52%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 20.19% de reacciones respecto al total de suscriptores.
  • Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 5 307 visualizaciones. En el primer día suele acumular 4 198 visualizaciones.
  • Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 12.
  • Intereses temáticos: El contenido se centra en temas clave como टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Descripción y política de contenido

El autor describe el recurso como un espacio para expresar opiniones subjetivas:
“Ujjwal IAS official Telegram channel. Youtube- https://www.youtube.com/@UJJAWALIASAYODHYA App- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cbbzwd.oggulz”

Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 27 septiembre, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.

20 839
Suscriptores
+3724 horas
+3767 días
+85430 días
Archivo de publicaciones
UPPCS ANSWER KEY 12-09-26

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Stet special science notes.pdf4.67 KB

STET कला एवं संस्कृति.pdf5.36 KB

मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को नमस्कार। 🙏 आप सभी को अवगत कराना है कि संस्थान में STET के बैच नियमित रूप से प्रारंभ हो चुके हैं— 🕖 सुबह 7:00 से 11:30 बजे तक 🕦 11:30 से 4:00 बजे तक 🕞 3:30 से 8:00 बजे तक साथियों, अब समय है अपने भविष्य को लेकर कोई भी रिस्क न लेने का। आपके सामने लक्ष्य स्पष्ट है—आपका चयन। उज्ज्वल IAS Coaching में आपको सभी विषयों के विषय विशेषज्ञ अध्यापकों का मार्गदर्शन मिलेगा। आपकी तैयारी को मजबूत बनाने के लिए कक्षा, नोट्स, अभ्यास, टेस्ट और लगातार मार्गदर्शन पर पूरा ध्यान दिया जाएगा। STET की वैकेंसी लगभग 8 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आने के आसार दिखाई दे रहे हैं। ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते। इसलिए किसी के बहकावे, भ्रम या अनावश्यक प्रयोग का हिस्सा बनने के बजाय अपने लक्ष्य पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित कीजिए। आपका लक्ष्य सिर्फ एक होना चाहिए—SELECTION. और संस्थान का अंतिम उद्देश्य भी यही है कि आपका चयन हो। इसलिए साथियों, कल से अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार बैच में एडमिशन लेकर अपनी पढ़ाई नियमित रूप से जारी रखें। समय बहुत महत्वपूर्ण है, इसे किसी भी तरह की राजनीति, भ्रम या अनावश्यक प्रयोग में न गँवाएँ। याद रखिए— आपका भविष्य किसी प्रयोग का विषय नहीं है। आपको वही रास्ता चुनना है जो आपकी तैयारी को मजबूत करे और आपको आपके लक्ष्य के करीब ले जाए। मेहनत आपकी होगी, मार्गदर्शन संस्थान का होगा और लक्ष्य सिर्फ एक—आपका चयन। 💪📚 उज्ज्वल IAS Coaching — तैयारी ऐसी, जो लक्ष्य तक पहुँचाए।

notes नृत्य कला STET.pdf4.12 KB

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शिवम् त्रिपाठी जी के लिए एक अलग और जोशीले अंदाज़ में: 🔥 शिवम् त्रिपाठी जी को KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता
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शिवम् त्रिपाठी जी के लिए एक अलग और जोशीले अंदाज़ में: 🔥 शिवम् त्रिपाठी जी को KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता प्राप्त कर Interview तक पहुँचने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाई! 🎉 यह उपलब्धि आपकी लगातार मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। रास्ते में कितनी भी चुनौतियां आई हों, आपने अपनी तैयारी को रुकने नहीं दिया और हर पड़ाव को पार करते हुए आज सफलता के बेहद करीब पहुंच गए हैं। 💐 अब मंज़िल सामने है—बस Interview का अंतिम पड़ाव बाकी है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए, आत्मविश्वास के साथ तैयारी कीजिए और पूरी ताकत के साथ आगे बढ़िए। जिस मेहनत ने आपको यहां तक पहुंचाया है, वही मेहनत अब आपको फाइनल सफलता तक भी लेकर जाएगी। 🏆 ✨ फाइनल सफलता के लिए अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं। बहुत जल्द आपकी सफलता की बड़ी खुशखबरी सुनने की उम्मीद है। 💐🔥

शिवम् त्रिपाठी जी के लिए एक अलग और जोशीले अंदाज़ में: 🔥 शिवम् त्रिपाठी जी को KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता
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शिवम् त्रिपाठी जी के लिए एक अलग और जोशीले अंदाज़ में: 🔥 शिवम् त्रिपाठी जी को KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता प्राप्त कर Interview तक पहुँचने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाई! 🎉 यह उपलब्धि आपकी लगातार मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। रास्ते में कितनी भी चुनौतियां आई हों, आपने अपनी तैयारी को रुकने नहीं दिया और हर पड़ाव को पार करते हुए आज सफलता के बेहद करीब पहुंच गए हैं। 💐 अब मंज़िल सामने है—बस Interview का अंतिम पड़ाव बाकी है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए, आत्मविश्वास के साथ तैयारी कीजिए और पूरी ताकत के साथ आगे बढ़िए। जिस मेहनत ने आपको यहां तक पहुंचाया है, वही मेहनत अब आपको फाइनल सफलता तक भी लेकर जाएगी। 🏆 ✨ फाइनल सफलता के लिए अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं। बहुत जल्द आपकी सफलता की बड़ी खुशखबरी सुनने की उम्मीद है। 💐🔥

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🎉 प्रियंका जी को KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता प्राप्त कर Interview तक पहुँचने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बह
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🎉 प्रियंका जी को KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता प्राप्त कर Interview तक पहुँचने पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाई! 💐 आपने अपनी मेहनत और लगातार प्रयास से यह साबित कर दिया कि जब लक्ष्य स्पष्ट हो और तैयारी में निरंतरता हो, तो मुश्किल से मुश्किल पड़ाव भी पार किया जा सकता है। 🔥 Pre से Mains और अब Interview तक का सफर आपकी मेहनत की कहानी कह रहा है। अब बस आखिरी पड़ाव बाकी है। पूरे आत्मविश्वास के साथ Interview की तैयारी कीजिए और अपनी मेहनत को फाइनल सफलता में बदलिए। ✨ 🏆 फाइनल सफलता के लिए अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं। जल्द ही आपकी सफलता की एक और बड़ी खुशखबरी मिले—इसी उम्मीद और शुभकामना के साथ। 💐

KVS PRT RESULT- 2026 केन्द्रीय विद्यालय प्राथमिक शिक्षक भर्ती के द्वितीय चरण का रिजल्ट जारी हो गया है। सभी सफल अभ्यर्थियों को बहुत बहुत बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएं। इस परीक्षा में  जो भी अभ्यर्थी क्वालीफाई हुए है। वो सभी अभ्यर्थी अपने रिजल्ट की स्क्रीनशॉट व फोटो संस्थान के वाट्सअप न0- 9451223855,8423266818 पर भेजें। जिससे सभी अभ्यर्थियों के लिये मॉक इन्टरव्यू प्रारम्भ हो सके। किसी भी जानकारी के लिये काल करें- 9451223855

🌟 तसकीन बनो जी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाई! 🌟 KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता प्राप्त कर Interv
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🌟 तसकीन बनो जी को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बहुत-बहुत बधाई! 🌟 KVS PRT में Pre और Mains दोनों चरणों में सफलता प्राप्त कर Interview तक पहुँचने पर आपको ढेरों शुभकामनाएं। 💐 यह सफलता सिर्फ एक परीक्षा पास करने की नहीं, बल्कि लगातार की गई मेहनत, अनुशासन और कभी हार न मानने वाले हौसले की पहचान है। आपने एक-एक कदम आगे बढ़ते हुए आज उस मुकाम को हासिल किया है, जहाँ मंज़िल अब बिल्कुल करीब है। ✨ अब बस इंटरव्यू की अंतिम सीढ़ी बाकी है। आत्मविश्वास बनाए रखिए, अपनी मेहनत पर भरोसा रखिए और पूरी तैयारी के साथ आगे बढ़िए। आज सफलता का एक पड़ाव पार हुआ है, कल फाइनल सफलता की बारी है। 🏆 फाइनल सफलता के लिए अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएं! मेहनत जारी रखिए… मंज़िल आपका इंतज़ार कर रही है। 💐🔥

CURRENT AFFAIRS स्वामी विवेकानंद का ऐतिहासिक शिकागो संबोधन हाल ही में प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के 1893 के शिकागो संबोधन को स्मरण करते हुए विश्व के समक्ष भारत की सभ्यतागत भावना, आध्यात्मिक परंपराओं और सार्वभौमिक सद्भाव के संदेश को प्रस्तुत करने में इसके स्थायी योगदान को रेखांकित किया। ऐतिहासिक संबोधन: स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर, 1893 को शिकागो में विश्व धर्म संसद को संबोधित किया और अपने संबोधन की शुरुआत “अमेरिका की बहनों और भाइयों” शब्दों से की। सार्वभौमिक सहिष्णुता एवं धार्मिक बहुलवाद: उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदू धर्म सभी धर्मों को सत्य के रूप में स्वीकार करना सिखाता है तथा विभिन्न आध्यात्मिक मार्ग अंततः एक ही दिव्य लक्ष्य की ओर ले जाते हैं। कट्टरता की आलोचना: उन्होंने सांप्रदायिकता, संकीर्णता और धार्मिक कट्टरता की कड़ी निंदा की तथा धार्मिक सद्भाव, सह-अस्तित्व तथा सार्वभौमिक बंधुत्व का आह्वान किया। स्वामी विवेकानंद परिचय: स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी, 1863 को कोलकाता में नरेंद्र नाथ दत्त के रूप में हुआ था। वे एक संन्यासी और रामकृष्ण परमहंस के प्रमुख शिष्य थे। वर्ष 1893 में, खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह के अनुरोध पर उन्होंने ‘सच्चिदानंद’ नाम के स्थान पर ‘विवेकानंद’ नाम अपनाया। आत्मज्ञान: दिसंबर 1892 में विवेकानंद ने कन्याकुमारी के तट से दूर एक शिला पर ध्यान किया तथा भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य एवं राष्ट्रीय एवं सामाजिक पुनरुत्थान के अपने मिशन पर गहन चिंतन किया। यह स्थल आज विवेकानंद रॉक मेमोरियल से संबद्ध है। दार्शनिक योगदान: उन्होंने भारतीय दर्शन की वेदांत और योग परंपराओं को लोकप्रिय बनाया तथा नव-वेदांत का विकास किया, जिसमें आध्यात्मिकता को भौतिक प्रगति के साथ जोड़ा गया।

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CURRENT AFFAIRS सुर्ख़ियों में रहे स्थल गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर (1861–1941) केंद्रीय गृह मंत्री ने गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के बारे में प्रारंभिक जीवन: रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म कोलकाता में हुआ था। वे देवेंद्रनाथ टैगोर के सबसे छोटे पुत्र थे, जो ब्रह्म समाज के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुख्य रूप से घर पर ही हुई। साहित्यिक योगदान: उन्होंने 50 से अधिक काव्य कृतियाँ लिखीं, जिनमें मानसी (1890) और सोनार तरी (1894) प्रमुख हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में गीतांजलि (1912) शामिल है। 1913 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार: 1913 में उन्हें साहित्य का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया। वे नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय और पहले गैर-यूरोपीय व्यक्ति थे। यह पुरस्कार मुख्य रूप से गीतांजलि की संवेदनशील और सुंदर कविताओं के लिए दिया गया था। रवींद्रनाथ टैगोर ने दो देशों के राष्ट्रगान लिखे-भारत (जन गण मन) और बांग्लादेश (आमार शोनार बांग्ला) सामाजिक और शैक्षिक योगदान: उन्होंने शांतिनिकेतन में एक प्रयोगात्मक विद्यालय की स्थापना की। शांतिनिकेतन आज यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है। राष्ट्रवाद और नाइटहुड: 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें ‘नाइटहुड’ की उपाधि प्रदान की, लेकिन 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के विरोध में उन्होंने यह उपाधि वापस कर दी। प्रमुख विचार और मूल्य: मानवतावाद, देशभक्ति, विचारों की स्वतंत्रता, प्रकृति के प्रति प्रेम, रचनात्मकता, शांति टैगोर का दर्शन: मानवता, स्वतंत्र चिंतन और प्रकृति के साथ सामंजस्य पर आधारित था।