Hindi Motivational stories
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अगर गिलास दूध से
भरा हुआ है तो, आप
उसमे और दूध नहीं
डाल सकते. लेकिन
आप उसमें शक्कर
डाले तो, शक्कर अपनी
जगह बना लेती है
और अपना होने का
अहसास दिलाती है.
उसी प्रकार, अच्छे लोग
हर किसी के दिल में
अपनी जगह बना लेते हैं
नकारात्मक विचार
किसी भी व्यक्ति का
जीवन बर्बाद कर सकते हैं।
विचारों में सकारात्मकता रहेगी
तो मुश्किल से मुश्किल हालातों
का सामना किया जा सकता है।
सकारात्मकता की वजह
से एकाग्रता बढ़ती है,
मन शांत होता है और
काम में मन लगा रहता है।
अच्छी सोच वाले लोगों
की संगत में रहेंगे तो हमारी
सोच भी अच्छी बन सकती है।
सफल व्यक्ति के पास
रोजाना 24 घंटे ही होते हैं
और असफल व्यक्ति के पास
भी इतना ही समय होता हैं।
फर्क इतना है
जो व्यक्ति समय का
सही इस्तेमाल कर लेता हैं,
वह सफल हो जाता हैं।
रात के ठीक 12 बजे…
रवि अपने कमरे में अकेला बैठा था। बाहर तेज़ हवा चल रही थी।
उसका मन टूटा हुआ था—कई बार परीक्षा में असफल होने के बाद उसने उम्मीद छोड़ दी थी।
अचानक… उसका फोन बजा 📱
स्क्रीन पर लिखा था: “Unknown Number”
रवि ने घबराते हुए कॉल उठाया—
दूसरी तरफ से धीमी आवाज़ आई:
“तुम हार मानने वाले हो…?”
रवि चौंक गया—
“तुम कौन हो?”
आवाज़ फिर आई—
“मैं वही हूँ… जो तुम बन सकते हो।”
रवि के हाथ कांपने लगे…
“मज़ाक मत करो!”
आवाज़ बोली—
“अगर आज तुम हार मान लेते हो… तो 1 साल बाद भी तुम यहीं रहोगे।”
कमरे की लाइट अचानक झिलमिलाने लगी…
रवि डर गया, लेकिन उसने फोन नहीं काटा।
“और अगर आज एक आखिरी कोशिश करोगे…”
आवाज़ कुछ सेकंड के लिए रुकी…
“…तो तुम्हारी ज़िंदगी बदल जाएगी।”
फोन कट गया।
रवि ने तुरंत कॉल लॉग चेक किया…
👉 लेकिन वहाँ कोई कॉल था ही नहीं…
उस रात उसे नींद नहीं आई।
उसने सोचा—
“अगर ये सच था तो…?”
अगले दिन से उसने फिर से पढ़ाई शुरू की…
पहले से ज़्यादा मेहनत… बिना किसी बहाने के।
दिन बीतते गए…
महीनों की मेहनत के बाद…
👉 रवि आखिरकार परीक्षा में सफल हो गया।
सफलता के बाद…
एक दिन उसने फिर फोन उठाया और वही नंबर ढूंढने लगा…
लेकिन…
👉 ऐसा कोई नंबर कभी था ही नहीं।
रवि मुस्कुराया…
उसे समझ आ गया—
वो कॉल किसी और का नहीं…
👉 उसके खुद के अंदर की आवाज़ थी।
---
💡 सीख (Motivation):
“सबसे बड़ा मोटिवेशन बाहर नहीं…
👉 आपके अंदर ही छुपा होता है।”
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*पेड़ पर क्षमता से ज्यादा*
*फल लग जाएं तो उसकी*
*डालियां टूटना शुरू हो जाती हैं।*
*और इंसान को*
*औकात से ज्यादा*
*मिल जाएं तो वह रिश्तों*
*को तोड़ना शुरू कर देता है।*
*नतीजा,*
*आहिस्ता आहिस्ता पेड़*
*अपने फल से वंचित हो जाता है,*
*और इंसान अपने रिश्तों से।*
🌱 1. छोटा बीज और बड़ा पेड़ 🌳
एक किसान के पास दो बीज थे। उसने एक बीज को अच्छी मिट्टी में लगाया और दूसरे को यूँ ही फेंक दिया।
पहला बीज रोज पानी, धूप और देखभाल पाकर धीरे-धीरे एक बड़ा पेड़ बन गया। 🌿
दूसरा बीज वहीं पड़ा रहा और सड़ गया।
👉 सीख:
अगर आप मेहनत और सही दिशा में प्रयास करेंगे, तो आप भी एक दिन सफल होंगे। ✨
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🧗♂️ 2. हार न मानने वाला लड़का 💪
एक लड़का बार-बार परीक्षा में फेल हो रहा था। लोग उसका मज़ाक उड़ाते थे।
लेकिन उसने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करता रहा।
आखिरकार, उसने परीक्षा पास की और एक सफल अधिकारी बन गया। 🎓
👉 सीख:
Failure = सीखने का मौका 📚
कभी हार मत मानो। 🚫
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🐘 3. हाथी की सोच 🤔
एक छोटा हाथी बचपन से रस्सी से बंधा रहता था। वह कोशिश करता, लेकिन रस्सी तोड़ नहीं पाता।
बड़ा होने पर भी उसने कोशिश करना बंद कर दिया, क्योंकि उसे लगता था कि वह नहीं कर सकता।
👉 सीख:
हमारी सोच ही हमारी सबसे बड़ी सीमा है। 🧠
Believe in yourself! 🌟
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🕯️ 4. अंधेरा और दीपक 💡
एक छोटा दीपक अंधेरे से डर रहा था।
उसके गुरु ने कहा – "तू खुद जल, अंधेरा अपने आप भाग जाएगा।" 🔥
दीपक ने जैसे ही खुद को जलाया, अंधेरा खत्म हो गया।
👉 सीख:
खुद में विश्वास और प्रयास ही सफलता की रोशनी है। 🌈
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🏃♂️ 5. धीमी चाल वाला कछुआ 🐢
एक कछुआ बहुत धीरे चलता था, लेकिन वह रोज बिना रुके चलता रहा।
आखिरकार, वह अपने लक्ष्य तक पहुँच गया। 🏁
👉 सीख:
Slow and steady wins the race. 🏆
धीरे चलो, लेकिन रुकना मत। 🛑❌
*फर्क तो बहुत पड़ता हैं*
फिर भी लोगो को कहने देते हैं। 😊
*हर किसी को नही समझा सकते*
इसलिए अब रहने देते हैं। 🤷♂️
*मोड़ नहीं सकते किस्मत को अपनी तरफ़*
इसलिए वक्त के साथ खुद को बहनें देते हैं। ⏳
*जवाब देने के लायक नही बने अभी हम*
इसलिए ख़ुद को थोड़ी तकलीफ़ सहने देते हैं। 💪
✋🏻 🤚🏻
\ 🥲/ 🔫__😷
| | \
/ \ / \
_ / \ _ _ / \ _
April full bnaya
Bada maja aaya🤗😂
हंस भी लो यार कभी तो 😂
Removed you
कड़ी मेहनत सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी है। बिना परिश्रम के कोई भी व्यक्ति अपने लक्ष्य तक नहीं पहुँच सकता। मेहनत हमें अनुशासन, धैर्य और आत्मविश्वास सिखाती है, जो जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक गुण हैं। जो लोग लगातार मेहनत करते हैं, वे कठिन परिस्थितियों का सामना करने में सक्षम होते हैं और अंततः सफलता प्राप्त करते हैं। इसलिए, जीवन में अपने सपनों को साकार करने के लिए कड़ी मेहनत करना अत्यंत आवश्यक है।
जितना कठोर बनोगे
उतना ही जल्दी लोग
आपको हृदय से निकाल देंगे,
चाहे आप उनके लिए
कितने भी ज़रूरी क्यों न हो।
जीभ जन्म से होती है और
मृत्यु तक रहती हैं क्यूँकि
वह कोमल रहती हैं और
दाँत जन्म लेने के बाद
आते है और मृत्यु से पहले
चले जाते हैं क्यूँकि वो
कठोर होते हैं॥
*सफलता के 3 गुरु-मंत्र:*
*🙂 ख़ुद को समझना:*
यदि आपको ये नहीं पता की
आप किस काम में ज़्यादा अच्छे है
और किस में थोड़ा कम तो सफलता
पाना थोड़ा मुश्किल हो जाता हैं॥
*🙂 धैर्य रखना:*
ये सबसे बड़ी Problem है
लोगों की, ज़्यादातर लोग रातों-रात
सफलता पाना चाहते है जबकि
सफलता के लिए धैर्य ज़रूरी है॥
*🙂 फ़ालतू बातें Ignore करना:*
लोग आपके बारे में क्या कहते है
इन बातों पर ध्यान मत दीजिए क्योंकि
ज़्यादातर लोग आपको ख़ुद से आगे
बढ़ते देखना नहीं चाहते…॥
*!! परिस्थितियाँ नहीं, निर्णय महान बनाते हैं !!*
~~
वाराणसी के पास एक छोटे से गाँव में आदित्य नाम का एक बालक रहता था। उसके पिता एक साधारण किसान थे और घर की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। कई बार तो ऐसी परिस्थिति बन जाती कि पढ़ाई और परिवार के खर्च में से किसी एक को चुनना पड़ता।
आदित्य बचपन से ही मेधावी था। विद्यालय में शिक्षक उसकी लगन की प्रशंसा करते थे, परंतु परिस्थितियाँ बार-बार उसके सामने दीवार बनकर खड़ी हो जातीं। एक दिन उसके पिता ने कहा, “बेटा, अगर चाहो तो पढ़ाई छोड़कर खेत में हाथ बँटा दो, घर को सहारा मिल जाएगा।”
यह सुनकर आदित्य की आँखों में आँसू आ गए, पर उसने मन में एक दृढ़ निश्चय किया। उसने पिता के चरण छूकर कहा, “पिताजी, मैं खेत में भी मदद करूँगा और पढ़ाई भी करूँगा। मैं परिस्थितियों से हार नहीं मानूँगा।”
अब उसका दिन सूर्योदय से पहले शुरू होता। सुबह खेत में काम, फिर स्कूल, और रात में लालटेन की रोशनी में पढ़ाई। कई बार थकान से आँखें बंद होने लगतीं, पर वह स्वयं से कहता —
“अगर अभी रुक गया तो सपने अधूरे रह जाएँगे।”
समय बीतता गया। मेहनत रंग लाई। बोर्ड परीक्षा में आदित्य ने पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया। गाँव में पहली बार किसी छात्र का नाम अखबार में छपा था।
उसके शिक्षक ने मंच पर कहा, “आदित्य की सफलता उसकी परिस्थिति की नहीं, उसके निर्णय की जीत है।”
आगे चलकर उसने उच्च शिक्षा प्राप्त की और अपने क्षेत्र में एक सफल अधिकारी बना। जब वह वर्षों बाद अपने गाँव लौटा तो विद्यालय में बच्चों से बोला —
“गरीबी, कठिनाई, अभाव — ये सब जीवन की परीक्षा हैं। लेकिन याद रखो, परीक्षा हमें गिराने नहीं, उठाने आती है। यदि इरादा मजबूत हो तो हालात भी रास्ता बदल लेते हैं।”
उस दिन गाँव के अनेक बच्चों की आँखों में नया सपना जागा।
*✨ शिक्षा:👉*
परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, यदि संकल्प अटल हो और परिश्रम निरंतर, तो सफलता निश्चित है। महानता जन्म से नहीं, दृढ़ निर्णय से बनती है।
*!! सुन्दर तस्वीर !!*
एक राजा था जिसकी केवल एक टाँग और एक आँख थी। उस राज्य में सभी लोग खुशहाल थे क्यूंकि राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था।
एक बार राजा के मन में विचार आया कि क्यों न खुद की एक तस्वीर बनवायी जाये। फिर क्या था, देश विदेशों से चित्रकारों को बुलवाया गया और एक से एक बड़े चित्रकार राजा के दरबार में आये।
राजा ने उन सभी से हाथ जोड़ कर आग्रह किया कि वो उसकी एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनायें जो राजमहल में लगायी जाएगी। सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो पहले से ही विकलांग है, फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है? ये तो संभव ही नहीं है और अगर तस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर दंड देगा।
यही सोचकर सारे चित्रकारों ने राजा की तस्वीर बनाने से मना कर दिया। तभी पीछे से एक चित्रकार ने अपना हाथ खड़ा किया और बोला कि मैं आपकी बहुत सुन्दर तस्वीर बनाऊँगा जो आपको जरूर पसंद आएगी। फिर चित्रकार जल्दी से राजा की आज्ञा लेकर तस्वीर बनाने में जुट गया। काफी देर बाद उसने एक तस्वीर तैयार की जिसे देखकर राजा बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दातों तले उंगली दबा ली।
उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनायीं जिसमें राजा एक टाँग को मोड़कर जमीन पर बैठा है और एक आँख बंद करके अपने शिकार पर निशाना लगा रहा है।
राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न हुआ कि उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपाकर कितनी चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है।
राजा ने उसे खूब इनाम एवं धन दौलत दी। तो क्यों ना हम भी दूसरों की कमियों को छुपाएँ, उन्हें नजरअंदाज करें और अच्छाइयों पर ध्यान दें।
*शिक्षा:-*
आज कल देखा जाता है कि लोग एक दूसरे की कमियाँ बहुत जल्दी ढूंढ लेते हैं चाहें हममें खुद में कितनी भी बुराइयाँ हों लेकिन हम हमेशा दूसरों की बुराइयों पर ही ध्यान देते हैं कि अमुक आदमी ऐसा है, वो वैसा है।
हमें नकारात्मक परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोचना चाहिए और हमारी सकारात्मक सोच हमारी हर समस्याओं को हल करती है।
!! हौसलों की उड़ान !!
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रास्ते कठिन हों, तो डरना नहीं,
अँधेरा घना हो, तो रुकना नहीं।
तू चल पड़ा है जिस भी डगर,
अब बीच सफ़र से मुड़ना नहीं।
ठोकर लगे तो सीख समझना,
हर गिरना तेरा हार नहीं।
जो आज झुका है हालातों से,
वो कल उठेगा, लाचार नहीं।
मत सोच कि तुझमें कमी कोई,
तू खुद में एक कहानी है।
जिसने खुद पर विश्वास रखा,
उसकी दुनिया दीवानी है।
तू आग है, तू चिंगारी है,
तू ही अपनी तैयारी है।
जो खुद से जीत गया एक दिन,
दुनिया उसकी सवारी है।
उठ, बढ़, और फिर से कोशिश कर,
मंज़िल तुझसे दूर नहीं।
हिम्मत रख, विश्वास जगा —
तेरे जैसा कोई और नहीं।
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✍ //_Abhi_// 🖋️
!! आख़िरी कोशिश !!
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एक छोटे से कस्बे में एक लड़का रहता था – विवान।
उसका सपना था कि वह एक बड़ा धावक (Runner) बने और राष्ट्रीय स्तर पर दौड़े।
हर सुबह जब पूरा कस्बा सो रहा होता, विवान मैदान में पसीना बहा रहा होता। ठंडी हवा, अँधेरा आसमान, और खाली सड़कें — बस वही और उसका सपना।
कई महीनों की मेहनत के बाद उसका चयन जिला प्रतियोगिता के लिए हुआ।
पूरा परिवार खुश था। दोस्तों ने कहा, “अब तो तू जीत ही जाएगा!”
प्रतियोगिता का दिन आया।
दौड़ शुरू हुई… विवान पूरी ताकत से दौड़ा… लेकिन आखिरी कुछ मीटर में उसका पैर फिसला और वह गिर पड़ा।
जब तक वह उठा, बाकी खिलाड़ी फिनिश लाइन पार कर चुके थे।
भीड़ छंट गई। मेडल बँट गए। मैदान खाली हो गया।
विवान वहीं बैठा रहा… मिट्टी में सना हुआ… आँखों में आँसू लिए।
उसे लगा — “शायद मैं इसके लायक नहीं हूँ…”
उसने जूते उतारे और तय किया कि अब कभी नहीं दौड़ेगा।
उसी समय उसके कोच उसके पास आए और बोले,
“दौड़ हारने वाला खिलाड़ी नहीं हारता… हार मानने वाला खिलाड़ी हारता है।”
विवान चुप रहा।
कोच ने आगे कहा,
“तू गिरा क्यों? क्योंकि तू आखिरी मीटर तक पूरी ताकत से दौड़ रहा था।
जो लोग धीरे दौड़ते हैं, वे गिरते नहीं… पर जीतते भी नहीं।”
ये बात उसके दिल को छू गई।
अगले दिन फिर वही सुबह थी… वही मैदान…
और विवान फिर दौड़ रहा था।
एक साल बाद वही प्रतियोगिता हुई।
दौड़ शुरू हुई… इस बार भी आखिरी मीटर में उसका संतुलन बिगड़ा…
लेकिन इस बार उसने खुद को संभाल लिया।
और…
वह फिनिश लाइन सबसे पहले पार कर गया।
मेडल उसके गले में था, पर असली जीत उसके दिल में थी —
क्योंकि उसने हार के बाद खुद को दोबारा खड़ा किया था।
भीड़ तालियाँ बजा रही थी…
पर उसे सबसे ज्यादा सुकून उस दिन मिला जब उसने अपने पुराने जूते देखे —
जो एक साल पहले उसने गुस्से में उतार दिए थे।
शिक्षा:-
जीवन में गिरना असफलता नहीं है।
गिरकर वहीं रुक जाना असफलता है।
जो इंसान आखिरी कोशिश तक डटा रहता है, जीत अंत में उसी की होती है।
