es
Feedback
Shreeram Classes, RPSC/SSC/UPSC Bikaner✍🤝

Shreeram Classes, RPSC/SSC/UPSC Bikaner✍🤝

Ir al canal en Telegram

Only Study Point

Mostrar más
3 175
Suscriptores
+824 horas
-47 días
-2630 días
Archivo de publicaciones
BSTC वाले विद्यार्थी कोर्स को लेकर बिलकुल भी तनाव न लें, परीक्षा से पहले कोर्स पूरा करवा दिया जाएगा, नियमित अध्ययन करते रहें। कोई भी क्लास मिस नहीं करना है।

🌾 कृषक उपहार योजना – राजस्थान 🌾🌾 🎰 ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई राज्य स्तर पर 🌾🌾 🥇 प्रथम इनाम ₹2.50 लाख – किसान गोलू (कोटा) 🌾🌾 🥈 द्वितीय इनाम ₹1.50 लाख – ओमप्रकाश (हनुमानगढ़) 🌾🌾🌾🥉 तृतीय इनाम ₹1 लाख – रामभरोस (कोटा) 🌾🌾 🏢 योजना संचालन: कृषि विपणन विभाग, राज किसान पोर्टल पर 🔸 🎯 उद्देश्य: ✅ ई-नाम से बिक्री ✅ ई-पेमेंट को बढ़ावा ✅ पारदर्शिता व लाभ Q. राजस्थान की "कृषक उपहार योजना" के तहत हाल ही में राज्य स्तर पर ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई, जिसमें कृषि विपणन विभाग द्वारा राज किसान पोर्टल पर आयोजित कार्यक्रम में ई-नाम व ई-पेमेंट को बढ़ावा देने हेतु प्रथम पुरस्कार ₹2.50 लाख कोटा के किसान गोलू को, द्वितीय पुरस्कार ₹1.50 लाख हनुमानगढ़ के ओमप्रकाश को तथा तृतीय पुरस्कार ₹1 लाख कोटा के रामभरोस को प्रदान किया गया। इस योजना का प्रमुख उद्देश्य क्या है? (A) किसानों को नकद सहायता देना (B) कृषि मशीनरी वितरण (C) डिजिटल बिक्री और पारदर्शिता को बढ़ावा (D) खाद-बीज सब्सिडी वितरण

विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि कल से सभी बैच अपने निर्धारित समय पर प्रारंभ होंगे।

परिणाम उत्कर्ष और पंच-गौरव योजना 🎉 पंच-गौरव कार्यक्रम की शुरुआत हर जिले के लिए: 1️⃣ एक उपज 2️⃣ एक वनस्पति प्रजाति 3️⃣ एक उत्पाद 4️⃣ एक पर्यटन स्थल 5️⃣ एक खेल ➡️ इन पाँचों को मिलेगा ज़िले का गौरव का दर्जा! 🌾 प्रमुख उपज सीताफल, अजवाइन, आम, मेथी, मक्का, किन्नू, गुलाब, गेंहू, प्याज, लहसुन, जीरा, अमरूद, पपीता आदि 🌳 वनस्पति प्रजातियाँ नीम, सागवान, शीशम, रोहिडा, पीपल, बरगद, महुआ, खेजड़ी, तेंदू, फोग, बांस आदि 🏭 प्रमुख उत्पाद ग्रेनाइट-मार्बल, बीकानेरी नमकीन, सरसों तेल, ब्लू पॉटरी, कोटा डोरिया, लकड़ी शिल्प, टेक्सटाइल, मसाले, येलोस्टोन आदि ⚽ प्रमुख खेल कबड्डी, क्रिकेट, हॉकी, तैराकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, बॉक्सिंग, जिमनास्टिक आदि ⛳ प्रमुख पर्यटन स्थल आमेर दुर्ग, जैसलमेर किला, रणथंभौर पार्क, पुष्कर, खाटू श्याम जी, चित्तौड़गढ़, सालासर, मांडलगढ़, बूढ़ा जोहड़, मेहरानगढ़, रणकपुर, केलादेवी आदि ✅ उद्देश्य: ➡️ स्थानीय संसाधनों का संवर्धन ➡️ रोजगार व पर्यटन को बढ़ावा ➡️ समग्र विकास की नई सोच!

👨‍⚖️💼 राजस्थान Polity विशेष राजस्थान में विधानसभा क्षेत्र ✅• राजस्थान में कुल 25 लोकसभा तथा 200 विधानसभा क्षेत्र हैं। ✅• सर्वाधिक विधानसभा क्षेत्र वाला जिला- जयपुर (19) ✅• न्यूनतम विधानसभा क्षेत्र वाले जिले- प्रतापगढ़ (2) व जैसलमेर (2) ✅• क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र- जैसलमेर ✅• सर्वाधिक पंजीकृत मतदाता वाला विधानसभा क्षेत्र- झोटवाड़ा (जयपुर) ✅• सर्वाधिक महिला मतदाता भी झोटवाड़ा (जयपुर) में है। न्यूनतम पंजीकृत मतदाता वाला विधानसभा क्षेत्र- किशनपोल (जयपुर) ✅• सबसे कम महिला मतदाता किशनपोल (जयपुर) में है। ✅• क्रमांक 1 वाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सादुलशहर (गंगानगर) ✅• क्रमांक 100 वाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र अजमेर उत्तर ✅• क्रमांक 200 वाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र- मनोहर थाना (झालावाड)

-2147483648_-210327.webp0.21 KB

राजस्थान के प्रसिद्ध मेल🎉🎉🎉🎂🎂 🥳 राजस्थान का सबसे रगीन मेला - पुष्कर मे 🥳 बाणगंगा मेला - जयपुर में 🥳 बोहरा समाज का उर्स - गलियाकोट (डूगरपूर) यहां पर आलिमशाह की दरगाह पर उर्स भरता है। 🥳 जैनियो का सबसे बडा मेला - महावीर जी का मेला (हिडोन,करौली) 🥳 मुस्लिमो का सबसे बडा उर्स - ख्वाजा साहब का उर्स (अजमेर)... 🥳 सिखो का सबसे बडा मेला - साहवा (चुरू) 🥳 आदिवासियो का सबसे बडा मेला - बेणेश्वर मेला(नवाटपुर ,डंूगरपुर)है।यह माघपूर्णिमा को लगता है। इस मेले में आदिवासियो का परिचय सम्मेलन भी होता है। 🥳 मेरवाडा का सबसे बडा मेला - पुष्कर मेला हैं। 🥳 जांगल प्रदेश का सबसे बडा मेला - कोलायत है। 🥳 हाडौती प्रदेश का सबसे बडा मेला - सीताबाडी मेला (कोटा) है। 🥳 हिन्दू जैन सद्भाव का सबसे बडा मेला -ऋषभदेव का मेला है। 🥳 मत्स्य प्रदेश का सबसे बडा मेला - भतृहरि का मेला (अलवर) है। 🥳 साम्प्रदायिक सद्भाव का मेला - सबसे बडा मेला रामदेव जी का मेला है। लालदास जी का मेला - अलवर मे लगता है। 🥳 पीर का उर्स - जालौर मे प्रसि़द्व है। 🥳 नागौर में हमीदुदीन नागौरी की दरगाह हैं जिसे अटारगढ की दरगाह भी कहते है। 🥳 घोटिया अम्बा जी का मेला बुडवा (मे लगता है 🥳 राणी सती मेला झुन्झुनु मे लगता है। 🥳 शिवगंगा में गोतम जी का मेला लगता है। 🥳 चार भुजा मेला उदयपुर मे लगता है। 🥳 मातृकुण्डिया मेला रश्मि गांव चितौड में लगता है। 🥳 केसरियानाथ जी का मेला धुलेव (उदयपुर) मे लगता है। 🥳 महाशिवरात्रि मेला सवाईमाधोपु में लगता है। 🥳 डिग्गी कल्याण जी का मेला टोंक में लगता है। यह कुष्ठ रोग निवारक देवता है। 🥳 शीतला माता का मेला चाकसू (जयपुर ) मे लगता है। शीतला माता को ढल माता भी कहते है

-2147483648_-210325.webp0.22 KB

राजस्थान की प्रमुख नदियां एवं उपनाम:- • बाणगंगा नदी - अर्जुन की गंगा, रुण्डिता नदी, ताला नदी • माही - बागड़ व कांठल की गंगा, दक्षिण राजस्थान की स्वर्ण रेखा • जवाई - पश्चिमी राजस्थान की गंगा • जाखम - आदिवासियों की गंगा • लूनी - लवणवती • चम्बल - कामधेनू, चर्मण्वती व नित्यवाही नदी • बनास - वन की आशा व वशिष्ठी नदी • काकनेय - मसूरदी नदी • घग्घर - मृत नदी

Class k schedule ki सूचना telegram के माध्यम से ही दी जाएगी

Important information for BSTC सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि आपकी कक्षाएं पुणे ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से मंगलवार तक प्रारंभ कर दी जाएगी। ऑनलाइन क्लास के लिए लिंक को follow करें https://play.google.com/store/apps/details?id=com.shreeram.classes

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना - 2025 स्वास्थ्य सुरक्षा की नई रीढ़ नवीन चरण में योजना का दायरा बढ़ाया गया है ➕ 1800 से बढ़कर 2300 पैकेज शामिल ➕ इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू – अब अन्य राज्यवासी भी ले सकेंगे लाभ ➕ अब रोबोटिक सर्जरी तक शामिल 1.34 करोड़ परिवार पंजीकृत 📈 प्रतिदिन औसतन 8000 लोग लाभान्वित चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा: 🚑 निजी व राजकीय अस्पतालों को भी जोड़कर पारदर्शिता बढ़ाई 🚑 क्लेम निपटान प्रक्रिया होगी त्वरित व सरल 🚑 उपचार की प्रक्रिया होगी और आसान स्वास्थ्य बीमा में राजस्थान देश में अव्वल ⭐ विश्व स्तरीय सेवाएं मुफ्त में प्रश्न: मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना 2025 के नवीन चरण की कौन-कौन सी विशेषताएँ सही हैं? A) योजना में अब 2300 पैकेज शामिल हैं और इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू की गई है। B) अब इसमें रोबोटिक सर्जरी जैसी उच्च स्तरीय सेवाएँ भी उपलब्ध हैं। C) 1.34 करोड़ परिवार पंजीकृत हैं और प्रतिदिन औसतन 8000 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। D) योजना का संचालन पारदर्शिता के साथ निजी और राजकीय अस्पतालों द्वारा किया जा रहा है। E) उपरोक्त सभी

Rajasthan के त्रिवेणी संगम
Rajasthan के त्रिवेणी संगम

लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण शुरू 📅 11 मई 2025 से 📍 लखनऊ, उत्तर प्रदेश मुख्य बिंदु 🚀 ₹300 करोड़ की लागत से बनी ब्रह्मोस यूनिट 🤝 DRDO + रूस की NPO Mashinostroyenia का संयुक्त उपक्रम 🛡️ दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल का उत्पादन 🏭 राज्य की पहली हाईटेक रक्षा निर्माण इकाई लाभ और उद्देश्य ⚔️ भारत की सैन्य क्षमता को मजबूती ⚙️ एयरोस्पेस तकनीक में प्रगति 💼 500+ प्रत्यक्ष और हज़ारों अप्रत्यक्ष नौकरियां 🌐 रक्षा उपकरणों में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता भारत प्रासंगिकता और महत्व 🧭 बढ़ते क्षेत्रीय तनावों के बीच रणनीतिक ताकत में इजाफा 📈 स्थानीय अर्थव्यवस्था को बूस्ट 🔧 नई तकनीक और मशीनरी का विकास 🪖 यूपी डिफेंस कॉरिडोर को बढ़ावा याद रखने योग्य फैक्ट्स 😎 भूमि आवंटन: दिसंबर 2021 में मुफ्त 😎 रोजगार सृजन: 3000+ नौकरियों की संभावना 😎 लखनऊ बना रक्षा निर्माण का नया केंद्र

🇮🇳🇮🇳भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन1885 का कांग्रेस का प्रथम अधिवेशन। ◆स्थान -बम्बई। ◆ अध्यक्ष - व्योमेश चन्द्र बनर्जी दो बार अध्यक्ष (1885,1892) ◆ 72 प्रतिनधियों ने भाग लिया। ◆ दादा भाई नौरोजी के सुझाव पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नाम रखा गया। 1886 कांग्रेस का अधिवेशन । ◆ स्थान -कलकत्ता। ◆ अध्यक्ष - दादा भाई नौरोजी (तीन बार कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1886,1893,1906)   1887 का कांग्रेस अधिवेशन । ◆ स्थान - मद्रास। ◆ अध्यक्ष - बदरुद्दीन तैय्यब ( कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष थे) 1888 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - इलाहाबाद। ◆ अध्यक्ष - जॉर्ज यूले (प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष)   1896 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - कलकत्ता। ◆ अध्यक्ष - रहीमतुल्ला सयानी। ◆ इस अधिवेशन में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का पहली बार गायन किया गया। 1905 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - वारणसी। ◆ अध्यक्ष - गोपाल कृष्ण गोखले। ◆ स्वदेशी आंदोलन का समर्थन।   1906 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - कलकत्ता। ◆ अध्यक्ष - दादा भाई नैरोजी। ◆ इस अधिवेशन में पहली बार स्वराज शब्द का प्रयोग किया गया। 1907 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - सूरत। ◆ अध्यक्ष - रास बिहारी घोष। ◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन । 1911 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - कलकत्ता। ◆ अध्यक्ष - विशन नारायण दर। ◆ इस अधिवेशन में पहली बार जन गण मन का गान किया गया।   1916 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - लखनऊ। ◆ अध्यक्ष - अम्बिकचरण मजूमदार। ◆ इस अधिवेशन में कांग्रेस-लीग के बीच लखनऊ पैक्ट (पृथक निर्वाचन स्वीकार) ◆ नरम दल और गरम दल एक हुए। 1917 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - कलकत्ता। ◆ अध्यक्ष - एनी बेसेंट ( कांग्रेस की प्रथम महिला अध्यक्ष बनी ) ◆ तीन महिलाएं कांग्रेस की अध्यक्ष बनी । ◆ 1917 में एनी बेसेंट। ◆ 1925 में सरोजिनी नायडू (प्रथम भातीय महिला ) ◆ 1933 में नलनी सेन गुप्ता। 1919 का कांग्रेस अधिवेशन ◆ स्थान - अमृतसर। ◆ अध्यक्ष - मोती लाल नेहरू ( दो बार अध्यक्ष बने 1919,1928) 1920 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - नागपुर। ◆ अध्यक्ष - वीर राघवाचारी। ◆ असहयोग आंदोलन का प्रस्ताव पारित हुआ। ◆ कांग्रेस द्वारा पहली बार भाषाई आधार पर प्रान्तों के गठन की बात की गई। 1924 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - बेलगाँव ( कर्नाटक ) ◆ अध्यक्ष - महात्मा गांधी ( मात्र एक बार ) 1929 का कांग्रेस अधिवेशन । ◆ स्थान - लाहौर। ◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू। ◆ इस अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ। ◆ 26 जनवरी 1930 को स्वतंत्रता दिवस मनाने का निश्चय किया गया। 1931 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - कराची। ◆ अध्यक्ष - बल्लभ भाई पटेल। ◆ इस अधिवेशन में मौलिक अधिकार सम्बन्धी प्रस्ताव पारित किया गया। ◆ इसी अधिवेशन में गाँधी ने कहा था गाँधी मर सकते हैं परतन्तु गांधीवाद नहीं 1936 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - लखनऊ। ◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू। ◆ इसी अधिवेशन में नेहरू ने कहा मैं समाजवादी हूँ। 1937 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - फैजपुर। ◆ अध्यक्ष - जवाहर लाल नेहरू। ◆ पहली बार कांग्रेस का अधिवेशन किसी गॉव में हुआ। 1938 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - हरिपुरा ( गुजरात ) ◆ अध्यक्ष - सुभाष चंद्र बोस। ◆ इसी अधिवेशन में राष्ट्रीय नियोजन समिति का गठन। 1939 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान - त्रिपुरी ( जबलपुर, मध्यप्रदेश) ◆ अध्यक्ष -सुभाष चंद्र बोस। ◆ इसी अधिवेशन में गाँधी जी से विवाद होने के कारण सुभाष द्वारा त्यागपत्र दिया जाना तथा  राजेन्द्र प्रसाद को अध्यक्ष बनाया गया। 1940 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ स्थान -  रामगढ़। ◆ अध्यक्ष - अबुल कलाम आजाद। ◆ ये सबसे लंबे समय तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे 1940-1945 तक। 1947 का कांग्रेस अधिवेशन। ◆ अध्यक्ष - जे.बी. कृपलानी।

♣️ राजस्थान वैवाहिक रीति रिवाज ▪️इकताई :- वर की अंगरखी, कुर्ता व चूड़ीदार पायजामा (सब गुलाबी रंग के कपडे) बनाने के लिए दर्जी मुहुर्त से नाप लेता है। ये निकासी पर पहने जाते है । ▪️निकासी :- वर अपने संबंधियो व मित्रो के साथ वधू के घर की ओर प्रस्थान करता है। इसे "जान चढाना" या "निकासी" कहते हैं । ▪️चाक-भात :- विवाह से एक दिन पहले दूल्हे-दुल्हन के मामा की ओर से वस्त्राभूषण परिवार वालो को भेंट किए जाते है वह भात कहलाता है। ▪️तोरण :- जब वर कन्या के घर प्रथम बार पहुँचता है तो घर के दरवाजे पर बँधे तोरण को घोडी पर बैठे हुए छडी या तलवार द्वारा सात बार छूता है। तोरण मांगलिक चिन्ह होता है। ▪️जांनोटण :- वर पक्ष की ओर से दिया जाने वाला भोज । ▪️पाणिग्रहण :- वर और वधू को मामा ले जाकर वधू व वर के हाथो में मेहंदी रखकर हाथ जोड़े जाते हैं। इसे हथलेवा कहते है । सात फेरो के पश्चात् वैध रूप से विवाह पूर्ण समझा जाता है । ▪️मायरा :- अपने लड़के / लड़की के विवाह पर माता अपने पीहर वालो को न्यौता भेजती है तब पीहर वाले अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार उसे जो कुछ देते हैं, उसे मायरा या भात भरना कहते है ▪️पहरावणी :- बारात बिदा करते समय प्रत्येक बाराती तथा वर-वधू को यथा शक्ति धन व उपहारादि दिये जाते हैं, जिसे पहरावणी कहते है । ▪️ओझण :- बेटी को फेरी के बाद दिया जाने वाला दहेज | ▪️लडार :- कायस्थ जाति में विवाह के 6 वें दिन वधू पक्ष की ओर से वर पक्ष को दिया जाने वाला बडा भोज । ▪️हीरावणी - विवाह के दौरान दुल्हन को दिया गया कलेवा | ▪️हथबोलणी :- दुल्हन का प्रथम परिचय

❇️ मेहरानगढ़ दुर्ग (जोधपुर) 1. राठौड़ों के शौर्य के साक्षी मेहरानगढ़ दुर्ग की नींव मई, 1459 में रखी गई। 2. मेहरानगढ़ दुर्ग चिडि़या-टूक पहाडी पर बना है। 3. मोर जैसी आकृति के कारण यह किला म्यूरघ्वजगढ़ कहलाता है। दर्शनिय स्थल 1.चामुण्डा माता मंदिर -यह मंदिर राव जोधा ने बनवाया। 1857 की क्रांति के समय इस मंदिर के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण इसका पुनर्निर्माण महाराजा तखतसिंह न करवाया। 2.चैखे लाव महल- राव जोधा द्वारा निर्मित महल है। 3.फूल महल - राव अभयसिंह राठौड़ द्वारा निर्मित महल है। 4. फतह महल - इनका निर्माण अजीत सिंह राठौड ने करवाया। 5. मोती महल - इनका निर्माता सूरसिंह राठौड़ को माना जाता है। 6. भूरे खां की मजार 7. महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश (पुस्तकालय) 8. दौलतखाने के आंगन में महाराजा तखतसिंह द्वारा विनिर्मित एक शिंगगार चैकी (श्रृंगार चैकी) है जहां जोधपुर के राजाओं का राजतिलक होता था। दुर्ग के लिए प्रसिद्ध उन्ति - " जबरों गढ़ जोधाणा रो" ब्रिटिश इतिहासकार किप्लिन ने इस दुर्ग के लिए कहा है कि - इस दुर्ग का निर्माण देवताओ, फरिश्तों, तथा परियों के माध्यम से हुआ है। दुर्ग में स्थित प्रमुख तोपें- 1. किलकिला 2. शम्भू बाण 3. गजनी खां 4. चामुण्डा 5. भवानी

राजस्थान कि प्रमुख पत्रिकाएं... 1. आगीबाण.... जयनारायण व्यास 2. प्रताप...... गणेश शंकर विद्यार्थी 3. नवीन/तरुण राज. .... विजय सिंह पथिक 4. लोक सेवक..... अभिन्न हरि 5. लोक वाणी.... देवी शंकर तिवारी 6. राजपुताना गजट... मुराद अली 7. राजस्थान समाचार...मुंशी समर्थदान

◾️ खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 – राजस्थान का शानदार प्रदर्शन 🏆 निशानेबाजी में कुल 7 मेडल (3 गोल्ड, 2 सिल्वर, 2 ब्रॉन्ज) 📍 आयोजन स्थल – करणी सिंह शूटिंग रेंज, दिल्ली 🥇 बॉयज कैटेगरी में राजस्थान ओवरऑल प्रथम स्थान 🥇 गोल्ड मेडलिस्ट 1️⃣ मयंक चौधरी (जयपुर) + प्राची (भरतपुर) • इवेंट – 10 मीटर मिक्स्ड पिस्टल 2️⃣ मयंक चौधरी (जयपुर) • इवेंट – 10 मीटर व्यक्तिगत पिस्टल 3️⃣ अभिनव चौधरी (अलवर) • इवेंट – 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल 🥈 सिल्वर मेडलिस्ट 1️⃣ उद्धव राठौड़ (बीकानेर) • इवेंट – शॉटगन 2️⃣ विधि शर्मा (चितौड़गढ़) • इवेंट – 10 मीटर व्यक्तिगत पिस्टल 🥉 ब्रॉन्ज मेडलिस्ट 1️⃣ खनक व्यास (भीलवाड़ा) • इवेंट – 25 मीटर व्यक्तिगत पिस्टल 2️⃣ धनंजय सिंह (जयपुर) • इवेंट – शॉटगन स्किट

युद्धपोत 'अर्णाला' - भारतीय नौसेना का गर्व ⚓ पहला स्वदेशी ASW-SWC भारतीय नौसेना को सौंपा गया पहला एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट – 'अर्णाला'। ⚙️ GRSE ने किया डिज़ाइन, L&T ने किया निर्माण PPP मॉडल पर GRSE द्वारा डिज़ाइन और L&T शिपयार्ड, कट्टुपल्ली में निर्माण। 🔍 कई मिशनों में सक्षम पोत पनडुब्बी रोधी अभियान, निगरानी, बचाव, और माइन बिछाने जैसे मिशनों को अंजाम दे सकता है। 🏰 ऐतिहासिक नाम इसका नाम 'अर्णाला किले' पर रखा गया है – जो भारत की समुद्री विरासत का प्रतीक है। 🛠️ 80% स्वदेशी निर्माण इस पोत में 80% स्वदेशी सामग्री का उपयोग – 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में बड़ा कदम। 'अर्णाला' युद्धपोत का निर्माण किस मॉडल के तहत किया गया है? A) सरकारी निर्माण मॉडल B) निजी स्वामित्व मॉडल C) पीपीपी (PPP) मॉडल D) विदेशी सहायता मॉडल