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वित्त मंत्री ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत सात सेक्‍टरों में सरकारी सुधारों और सहायक उपायों की घोषणा की मुख्य विशेषताएं रोजगार को बढ़ावा देने हेतु मनरेगा के लिए आवंटन में 40,000 करोड़ रुपये की वृद्धि भारत को भावी महामारियों हेतु तैयार करने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य में निवेश बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी अन्य सुधार ‘कोविड’ के बाद समानता के साथ प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षा आईबीसी से संबंधित उपायों के जरिए ‘कारोबार में सुगमता’ बढ़ाई जाएगी कंपनी अधिनियम से संबंधित डिफॉल्‍ट को अपराध की श्रेणी से हटाया गया कंपनियों के लिए कारोबार करने में सुगमता एक नए, आत्मनिर्भर भारत के लिए सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम नीति केवल वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों की उधारी सीमा 3% से बढ़ाकर 5% की गई और राज्य स्तरीय सुधारों को बढ़ावा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने 12 मई 2020 को भारत की जीडीपी के 10% के बराबर 20 लाख करोड़ रुपये के एक विशेष आर्थिक और व्यापक पैकेज की घोषणा की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत अभियान का आह्वान किया। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के पांच स्तंभों यथा अर्थव्यवस्था, अवसंरचना, प्रणाली, युवा आबादी या शक्ति और मांग को भी रेखांकित किया। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत कोविड-19 से लड़ने के लिए घोषित किए गए प्रोत्साहन या राहत पैकेज पर आज यहां आयोजित पांचवीं प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने आरंभिक संबोधन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 12 मई 2020 को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में व्‍यक्‍त किए गए विजन का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री को उद्धृत करते हुए श्रीमती सीतारमण ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में हम अत्‍यंत अहम मोड़ पर हैं। कोविड-19 महामारी एक संदेश और एक अवसर लेकर आई है। हमें अब आत्‍मनिर्भर भारत का निर्माण करने की आवश्यकता है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि आत्‍मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए आत्‍मनिर्भर भारत पैकेज में भूमि, श्रम, तरलता और कानूनों पर विशेष जोर दिया गया है। संकट और चुनौती एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करने का अवसर है। वित्त मंत्री ने कहा कि सुधारों की श्रृंखला के तहत ही आज भी अहम घोषणाएं की गई हैं। लॉकडाउन के तुरंत बाद हमने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज (पीएमजीकेपी) की घोषणा कर दी। 1.70 लाख करोड़ रुपये के पीएमजीकेपी के एक हिस्से के रूप में सरकार ने मुफ्त खाद्यान्न के वितरण, महिलाओं एवं गरीब वरिष्ठ नागरिकों और किसानों को नकद भुगतान, इत्‍यादि की घोषणा की। पैकेज के त्‍वरित कार्यान्वयन पर निरंतर करीबी नजर रखी जा रही है। लगभग 41 करोड़ गरीबों को पीएमजीकेपी के तहत 52,608 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिली। वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि पीएमजीकेपी के तहत लोगों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने जो भी किया वह पिछले कुछ वर्षों के दौरान की गई अभिनव पहलों की बदौलत ही संभव हो पाया। इसके अलावा, राज्यों द्वारा 84 लाख मीट्रिक टन अनाज उठाया गया है और साथ ही 3.5 लाख मीट्रिक टन से अधिक दालें विभिन्न राज्यों में भेजी गई हैं। और ढुलाई संबंधी चुनौतियों के बावजूद बड़ी मात्रा में दालें और अनाज देने के लिए श्रीमती सीतारमण ने एफसीआई, नैफेड और राज्यों के ठोस प्रयासों की सराहना की है। सरकारी सुधारों और समर्थन की दिशा में उठाए गए उपायों के 5वें और आखिरी हिस्से की घोषणा करते हुए श्रीमती सीतारमण ने रोजगार प्रदान करने, कारोबारों को सहायता देने, ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (व्यापार करने में आसानी) और राज्य सरकारों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों के लिए सात उपायों के बारे में ब्यौरा दिया। 1. रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मनरेगा के आवंटन में 40,000 करोड़ रुपये की वृद्धि सरकार अब मनरेगा के तहत अतिरिक्त 40,000 करोड़ रुपये का आवंटन करेगी। मानसून के मौसम में वापस लौट रहे प्रवासियों समेत ज्यादा काम की जरूरत को संबोधित करते हुए इससे कुल 300 करोड़ मानव दिवस का रोजगार पैदा करने में सहायता मिलेगी। बड़ी संख्या में टिकाऊ और जल संरक्षण संपदाओं सहित आजीविका संपदाएं निर्मित करने से उच्च उत्पादन के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। 2. स्वास्थ्य सुधार और पहलें

ओपी समुद्र सेतु चरण 2-आईएनएस जलाश्व 588 भारतीयों को मालदीव से घर लाया आईएनएस जलाश्व, जिसे ओपी समुद्र सेतु के लिए तैनात किया गया है, मालदीव के माले से भारतीयों को वापस लाने की अपनी दूसरी यात्रा को संपन्न करते हुए आज सुबह कोच्चि बंदरगाह पहुंचा। जहाज ने 70 महिलाओं (06 गर्भवती महिलाओं) और 21 बच्चों सहित 588 भारतीय नागरिकों को कोच्चि पोर्ट ट्रस्ट के समुद्रिका क्रूज टर्मिनल पर उतारा। आईएनएस जलाश्व ने 11:30 बजे कोच्चि पोर्ट ट्रस्ट पर लंगर डाला और भारतीय नौसेना, जिला प्रशासन एवं पोर्ट ट्रस्ट के कार्मिकों ने उसकी आगवानी की। बंदरगाह के प्राधिकारियों द्वारा कोविड स्क्रीनिंग एवं अप्रवासन प्रक्रियाओं को युक्तिसंगत बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे और नागरिक प्रशासन द्वारा निकासी किए गए भारतीय नागरिकों को आगे और क्वारांटाइन किए जाने के लिए संबंधित जिलों/राज्यों के लिए परिवहन की व्यवस्था की गई थी। आईएनएस जलाश्व ने विदेशी तटों से भारतीय नागरिकों की वापसी सुगम बनाने के भारत सरकार के राष्ट्रीय प्रयासों के एक हिस्से के रूप में 15 मई 2020 को माले में भारतीय नागरिकों को जहाज पर चढ़ाया था। जहाज की अनुसूचित रवानगी में भारी बारिश एवं तेज हवाओं के साथ खराब मौसम की वजह से देर हुई थी और जहाज 16 मई 2020 को माले से रवाना हुआ था।