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✽राजस्थान के दुर्ग✽
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राजस्थान के दुर्गो को क्षेत्र के आधार पर छः भागो में बांटा गया है
1.मेवाड़ के दुर्ग
2.मारवाड़ के दुर्ग
3.ढुंढाड के दुर्ग
4.हाडौती के दुर्ग
5.मेवात के दुर्ग
6.अजमेर के दुर्ग
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मेवाड़ के दुर्ग
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1.चितौड़गढ दुर्ग - चितौड़गढ़
2.शेवना दुर्ग - प्रतापगढ़
3.कुम्भलगढ दुर्ग - राजसमंद
4.तोहन दुर्ग - कांकरोली ( राजसमंद)
5.माण्डलगढ दुर्ग - भीलवाड़ा
6.भैंसरोड गढ़ दुर्ग - चितौड़गढ़
7.अचलगढ/बसंतगढ दुर्ग - सिरोही
8.मचान दुर्ग - सिरोही
9.सज्जनगढ का किला - उदयपुर
10.बनेडा दुर्ग - भीलवाड़ा
11.ऊंटाला दुर्ग - भीलवाड़ा
12.बेंगु दुर्ग - चितौड़गढ़
13.जानागढ दुर्ग - प्रतापगढ़
✺मारवाड़ के दुर्ग✺
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1.सिवाणा दुर्ग ➟ बाड़मेर
2.नाडोल दुर्ग ➟ जालौर
3.लोद्रवा दुर्ग ➟ जैसलमेर
4.जांगलू दुर्ग ➟ बीकानेर
5.सांचौर का दुर्ग ➟ जालौर
6.लोहियाणा दुर्ग ➟ जालौर
7.कोटकास्तां दुर्ग ➟ जालौर
8.सेवाडी़ दुर्ग ➟ पाली
9.देसूरी दुर्ग ➟ सादड़ी,(पाली)
10.कोटड़ा का किला ➟ बाड़मेर
11.भूकरका दुर्ग ➟ हनुमानगढ़
12.सुजानगढ़ दुर्ग ➟ चूरू
13.राजगढ़ दुर्ग ➟ चूरू
14.तारानगर दुर्ग ➟ चूरू
15.रतनगढ़ दुर्ग ➟ चूरू
16.रोहताश/रोहट दुर्ग ➟ जोधपुर
17.सोजत दुर्ग ➟ पाली
18.जैतारण दुर्ग ➟ पाली
19.बाली दुर्ग ➟ पाली
20.अगेवा दुर्ग ➟ पाली
21.किलोण दुर्ग ➟ बाड़मेर
22.आऊवा दुर्ग ➟ पाली
23.पीपलूद दुर्ग ➟ बाड़मेर
24.जुनागढ़ दुर्ग ➟ बीकानेर
25.पोकरण दुर्ग ➟ जैसलमेर
26.लालगढ़ पैलेस ➟ बीकानेर
27.मेहरानगढ़ दुर्ग ➟ जोधपुर
28.भटनेर दुर्ग ➟ हनुमानगढ़
29.सोनारगढ़ ➟ जैसलमेर
✺ढुंढाड़ के दुर्ग✺.
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1.जयगढ़ दुर्ग ➟ जयपुर
2.आमेर का किला ➟ जयपुर
3.नाहरगढ़/सुदर्शनगढ़ ➟ जयपुर
4.दौसा का किला ➟ दौसा
5.चौमु दुर्ग ➟ जयपुर
6.लक्ष्मणगढ़ का किला ➟ सीकर
7.मानपुर दुर्ग ➟ सीकर
8.करणासर का किला ➟ जयपुर
10.कानोता दुर्ग ➟ जयपुर
11.बादलगढ़ ➟ झुंझुनूं
12.बाघोर दुर्ग ➟ झुंझुनूं
13.फतेहपुर दुर्ग ➟ फतेहपुर
14.खण्डेला दुर्ग ➟ सीकर
15.बवाई दुर्ग ➟ झुंझुनूं
16.रघुनाथगढ़ ➟ सीकर
17.नायला दुर्ग ➟ जयपुर
18.बोराज दुर्ग ➟ जयपुर
19.उनियारा दुर्ग ➟ टोंक
20.माधोराजपुरा दुर्ग ➟ जयपुर
21.भोमगढ़ दुर्ग ➟ टोंक
✺हाड़ौती के दुर्ग✺
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1.नवलखा दुर्ग ➟ झालावाड़
2.बड़ी सादड़ी ➟ झालावाड़
3.कोटा का किला ➟ कोटा
4.नाहरगढ़ ➟ बारां
5.मांडलगढ़ दुर्ग ➟ भीलवाड़ा
6.अकेलगढ़ ➟ कोटा
7.मनोहरथाना दुर्ग ➟ झालावाड़
8.तारागढ़ ➟ बुंदी
9.शेरगढ़/कोषवर्धन दुर्ग ➟ बारां
10.गागरोन दुर्ग ➟ झालावाड़
11.शाहबाद दुर्ग ➟ बारां
➨नाहरगढ़/सुदर्शनगढ़ जयपुर में भी है
✺मेवात के दुर्ग✺
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1.लोहागढ़ दुर्ग भरतपुर
2.ऊंटाला का किला भरतपुर
3.बयाना दुर्ग भरतपुर
4.रणथम्भौर का किला स. माधोपुर
5.भानगढ़ का किला अलवर
6.कुशलगढ़ दुर्ग बांसवाड़ा
7.बदनगढी़ बयाना, भरतपुर
8.डीग दुर्ग भरतपुर
9.वैर दुर्ग भरतपुर
10.कुम्हेर दुर्ग भरतपुर
11.खण्डार का किला स.माधोपुर
12.त्रिभुवनगढ़/तवनगढ करौली
✺अजमेर के दुर्ग✺
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1.तारागढ़/अजयमेरू दुर्ग ➟ अजमेर
2.मैग्जीन दुर्ग ➟ अजमेर
3.टॉडगढ़ दुर्ग ➟ अजमेर
4.किशनगढ़ दुर्ग ➟ किशनगढ़
5.रूपनगढ़ दुर्ग ➟ किशनगढ़
6.करकेड़ी दुर्ग ➟ किशनगढ़
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राजस्थान के खनिज संसाधन (पार्ट- 1)🔰
1.राजस्थान राज्य खान एवं खनिज का मुख्यालय कहां स्थित है?
उत्तर- उदयपुर
2. खनिज का जमाव नाथरा की पाल क्षेत्र में पाया गया है?
उत्तर -लोहा अयस्क
3 .खो दरीबा कौन से जिले में है ?
उत्तर -अलवर
4. सिनेमा हॉल के पर्दे पर किसका प्रयोग किया जाता है
उत्तर -सीसे का
5. जिप्सम के भण्डार कहां पाए जाते हैं?
उत्तर -नागौर
6 .एक्स-रे रूप की दीवारों पर किस खनिज का लेप किया जाता है ?
उत्तर- बेराइट्स का
7. उतरी भारत का एक मात्र राज्य , जहा विभिन्न रंगों के ग्रेनाईट के विशाल भंडार है ?
उत्तर - राजस्थान
8. पलाना बरसिंगसर नयासर क्षेत्र का संबंध है?
उत्तर -कोयला
9. वह खनिज जिसमें राज्य का हिस्सा व उत्पादन देश के सन्दर्भ में नगण्य है वह कौनसे है?
उत्तर - बहराइट , चीनी-मृतिका, वरमेकुलेट
10.राजस्थान राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स की स्थापना कहां की जा रही है?
उत्तर -कपासन चित्तौड़गढ़
12. बैलाडीला की खानें किसके लिए प्रसिद्ध है वह कहां पर है ?
उत्तर - लौह अयस्क
बैलाडीला की पहाड़ियाँ, जहाँ प्रचुर मात्रा में उच्चतम कोटि के लौह अयस्क भंडार हैं, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित है.
13. दिसंबर 2000 से कोल्ड मीथेन परियोजना किस बेसिन में संचालित की जा रही है?
उत्तर -राजस्थान शेल्फ बेसिन
14. कोयले की खानों के लिए प्रसिद्ध क्षेत्र कोरबा है ?
उत्तर -महाराष्ट्र में
15. देश में प्राकृतिक गैस विपणन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी कौन सी है?
उत्तर -भारतीय गैस प्राधिकरण लिमिटेड
16. जैसलमेर के शाहगढ़ क्षेत्र में गैस अन्वेषण का कार्य किसके द्वारा किया जा रहा है ?
उत्तर -यूरोपियन कंपनी फिनिक्स ओवरसीज लिमिटेड द्वारा
17. राजस्थान भारत में किस-किस का सबसे अधिक उत्पादन करता है ?
उत्तर - जस्ता, ऊन ,एस्बेस्टास, फेल्सपार
18. खनिजों का सर्वाधिक निर्यात होता है?
उत्तर - चीन
19.राज्य के किन जिलों में अभ्रक मिलता है ?
उत्तर- टॉक, भीलवाड़ा, उदयपुर
20. राजस्थान में जिप्सम के भंडार कहां मिलते हैं ?
उत्तर -बीकानेर, गंगानगर, नागौर
21. राजस्थान किन खनिजों का एकाधिकार रखता है ?
उत्तर -सीसा,जस्ता, तांबा, पन्ना
22.बरसिंगसर विद्युत गृह परियोजना किस पर आधारित है ?
उत्तर -लिग्नाइट आधारित
23. R.A.P.P का पूरा नाम है?
उत्तर -राज्य ऑटोमेटिक पावर प्रोजेक्ट
24.रामगढ़ ताप बिजलीघर कहां स्थापित की गई है ?
उत्तर -जैसलमेर
25.भारत में प्रथम सौर ऊर्जा फ्रिज की स्थापना कहां हुई है ?
उत्तर -जोधपुर
26. जिप्सम उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी हां कंपनी देश में है कौन सी है?
उत्तर -RSMDCL
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दोस्त रिश्तेदार सबको आजमा के
देख लेना अगर तुम्हारे पास पैसा और
कामयाबी नहीं है तो तुम्हारा कोई साथ
देने वाला नहीं 💯
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♣️राजस्थान के प्रमुख बीहड़ के भू-भाग
(1) सर्वाधिक बीहड – धौलपुर जिले में।
(2) मेवात – उत्तरी अलवर जिले हिस्सा आता है।
(3) कुरू – अलवर जिले का कुछ हिस्सा आता है
(4) शुरसेन - भरतपुर, धौलपुर, करौली जिले का हिस्सा आता है।
(5) योद्धेय – गंगानगर जिले व हनुमानगढ़ जिले का हिस्सा आता है।
(6) जांगल प्रदेश – बीकानेर जिले तथा उत्तरी जोधपुर जिले का हिस्सा आता है।
(7) गुर्जरत्रा – जोधपुर जिले का दक्षिण का भाग।
(8) ढूढाड़ – जयपुर के आस-पास का क्षेत्र का भाग आता है
(9) अरावली – आडवाल का भाग आता है
(10) चन्द्रावती – सिरोही जिले व आबु का क्षेत्र का भाग आता है
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♣️ अति महत्वपूर्ण तथ्य
▪️सावन - भादो नहर परियोजना = कोटा
▪️सावन - भादो महल = डीग भरतपुर
▪️सावन - भादो कढाईया = देशनोक बीकानेर
▪️सावन - भादो झरना = जोधपुर
▪️सावन - भादो झील = अचलगढ ( सिरोही)
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♣️ राजस्थान के प्रमुख कलाकार
▪️सदिक खां मांगणियार - बाड़मेर - खड़ताल
▪️जहूर खां मेवाती - अलवर - भपंग
▪️कमल साकर खां - जैसलमेर - कमायचा
▪️पेपे खां - जैसलमेर - सुरणाई
▪️चांद मोहम्मद खां - जयपुर - शहनाई
▪️राम किशन सौलंकी - पुष्कर - नगाड़ा
▪️प. पुरूषोतम - नाथद्वारा - पखावज
▪️करणा भील - जैसलमेर - नड़़
▪️मांगीबाई - जैसलमेर - मांड गायिका
▪️गवरी देवी - पाली - मांड गायिका
▪️बन्नो बेगम – जयपुर – मांड गायिका
▪️फलकू बाई - किशनगढ़ - चरी नृत्य
▪️कृपालसिंह शेखावत - सिकर - ब्लू पाॅटरी
▪️अली अकबर खां - जोधपुर - इन्हें जोधपुर का तानसेन कहते हैं।
▪️कैलास जागोटिया - क्लोथ आर्ट का जनक
▪️प. उदय शंकर - उदयपुर - भारतीय बेले के जनक
▪️प. विश्वमोहन भट्ट - इन्होंने वीणा व गिटार को मिलाकर मोहनवीणा का आविष्कार किया।
▪️गणपत लाल डांगी - जोधपुर - रंगमंचकर्मी
▪️इन्हें गिगले का बापू कहा जाता है।
▪️भारत-पाक युद्ध के दौरान आकाशवाणी से प्रसारित इनका प्रोग्राम काफी लोकप्रिय हुआ।
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सुंधा माता,जालौर
भीनमाल(दांतलावास गांव,जालौर)
मंदिर का निर्माण 13वीं शताब्दी मेंचोचिंगदेव सोनगराने करवाया।
यह जालौर के सोनगरा चौहानों की आराध्य देवी है।
मंदिर चामुंडा माता का बना हुआ है परंतु सुगंधधात्री पर्वतपर बने होने के कारण नाम सुंधा माता पड़ा।
इस अघटेश्वरी देवीकहते हैं क्योंकि यहां केवल बिना धड़ के सिर की पूजा होती है।
मान्यता के अनुसार सती का सिर यहीं गिरा था।
कुलदेवी-1.देवल जाति के चारणों की
2.कपिंजल गौत्र के ब्राह्मणों की।
3. लाड़वानु गौत्र के श्रीमाली ब्राह्मणों की।
नोट:- यहां 2006 में राजस्थान का प्रथम रोप-वे स्थापित किया गया था।
यहां पाशुपत या लकुलिश संप्रदाय की दूसरी पीठ स्थित है।
नोट:-प्रथम प्रमुख पीठ एकलिंग जी मंदिर(कैलाशपुरी, उदयपुर में)
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राज्य के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों के स्थानीय नाम 🔰
1.छप्पन का मैदान- क्षेत्र में Dungarpur बांसवाड़ा जिले का दक्षिणावर्ती समप्राय क्षेत्र आता है इस मैदान पर सोम कागदर माही कमला जाखम सावरमती आदि नदियों का या उनकी ऊपरी शाखाओ अथवा नालो का अथार्थ 56 नदी नालों का जल प्रभावित होने के कारण इसे 56 या छप्पनिया का मैदान कहा जाता है
2.बांगड़/वाग्वरांचल- अरावली पर्वतीय श्रंखलाओं में स्थित डूंगरपुर और बांसवाडा को बांगड़ कहा जाता है इस क्षेत्र में आदिवासी निवास करते हैं सघन वन अच्छी वर्षा समशीतोष्ण
जलवायु( Temperate climate) वाला यह प्रदेश खनिज संपदा और सांस्कृतिक दृष्टि से संपन्न है बांगड़ क्षेत्र राजस्थानी और गुजराती का मिश्रण रूप और डिंगल भाषा का प्रचलन होने के कारण इसे बांगड़ी अथवा बांगड़ भाषा का क्षेत्र भी कहते हैं
प्रोफेसर आर एल सिह ने- मरुस्थलीय के पूर्व में और अरावली श्रृंखला के पश्चिम में स्थित विभाग जो उत्तर में गंगा नगर से लेकर दक्षिण में सिरोही के पश्चिमी भाग तक फैला है भानगढ़ का नाम दिया है
3.विंध्यन बेसिन- राज्य के दक्षिणी पूर्वी भाग में 50000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बेसिन में कोटा झालावाड़ बॉरा बूंदी के साथ ही Sawai madhopur धोलपुर और भीलवाड़ा जिले का कुछ क्षेत्र आता है
4.मेवाड-़ उदयपुर पूर्वी राजसमंद चित्तौड़ और पश्चिमी भीलवाड़ा जिलों के मुख्यत: पहाड़ी और उच्च भाग मेवाड़ क्षेत्र के तहत सम्मिलित है मेवाड़ रियासत का इस भूभाग पर नियंत्रण होने से इसे मेवाड़ के नाम से पुकारा जाने लगा
5.मेरवाड़ा- क्षेत्र अजमेर जिले के अधिकांश भाग और दिवेर राजसमंद व टाटगढ पर विस्तृत है
6.भोमठ क्षेत्र- के अंतर्गत डूंगरपुर पूर्वी सिरोही उदयपुर जिलो का अरावली पर्वतीय क्षेत्र सम्मिलित है
7.मारवाड- अरावली पर्वत श्रंखला के पश्चिम में स्थित बीकानेर जोधपुर नागौर को मध्यकाल में मारवाड़ कहा जाता था इस क्षेत्र पर मध्य काल में राठौर शासकों का शासन रहा यह क्षेत्र जलाभाव रेतीली मिट्टी ( Sandy soil) उच्च तापांतर कम वर्षा और वनस्पति विहीन है
8.अर्बुदा- अरावली पर्वत श्रंखला का नाम अर्बुदा भी है यह पर्वत श्रंखला विश्व की सबसे प्राचीन श्रृंखला है यह गुजरात के पालनपुर से दिल्ली तक फैली हुई है इसकी कुल लंबाई 692 किलोमीटर है राजस्थान में इसकी कुल लंबाई 550 किलोमीटर है यह राज्य के कुल 12 जिलों में फैली हुई है
9.भोराठ का पठार- इस क्षेत्र के अंतर्गत मुकेश अरावली श्रृंखला के पश्चिमी पहाड़ी भाग आते हैं जो उदयपुर जिले की गोगुंदा धरियावाद ईसवाल और राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ भू-भागो पर विस्तृत है
10.हाड़ौती का पठार- इस प्रदेश के अंतर्गत बूंदी कोटा झालावाड़ और बॉरा सम्मिलित है ।मालवा पठार उत्तरी विस्तार जहां हाड़ा वंश का राज्य रहा हाडोती के पठार के नाम से पुकारा जाने लगा
11.मेवात प्रदेश- इसके अंतर्गत अलवर भरतपुर धौलपुर और करौली का पूर्वी भाग और चंबल के बीहड़ क्षेत्र सम्मिलित हैं इसे मत्स्य प्रदेश भी कहते हैं यह मीणा जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है यहां ब्रज बोली का प्रचलन है सर्वप्रथम राजस्थान निर्माण के समय यह क्षेत्र पहली इकाई के रूप में 18 मार्च 1948 को सम्मिलित हुआ और मत्स्य संघ की स्थापना होने से रियासतों का एकीकरण की शुरुआत हुई
12.ढूंढाड़ क्षेत्र- के अंतर्गत जयपुर रियासतों का अधिकांश भाग अथार्थ जयपुर पश्चिमी सवाई माधोपुर और उत्तरी टोंक आदी जिले सम्मिलित हैं
13.उपरमाल- भीलवाड़ा जिले का मध्य और पूर्वी भा, जिला चित्तौड़गढ़ को भैसरोड़गढ़ तहसील और बूंदी जिले के पश्चिमी भाग पर यह विस्तृत है आर्द्र प्रदेश (Wetland) होने के कारण कृषि की दृष्टि से महत्वपूर्ण है
14.शेखावाटी- इस क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर पूर्वी नागौर, पूर्वी चूरु ,सीकर और झुनझनु जिले आते हैं यह क्षेत्र बांगड़ प्रदेश का ही उत्तरी पूर्वी विस्तार है
15.खेराड और मालखेराड़- क्षेत्र में अधिकांश भाग बनास नदी के बेसिन में विस्तृत है अथार्थ भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर तहसील और टोंक जिले के अधिकांश भाग पर यह क्षेत्र विस्तृत है इस क्षेत्र में पठारी ढाल सामान्यतः सीडीनुमा और बनास घाटी की ओर है इसे खेराड़ के नाम से भी जाना जाता है
16.मारवाड़ी या मरुस्थलीय क्षेत्र- के अंतर्गत भूतपूर्व जोधपुर बाड़मेर और जैसलमेर के विभाग सम्मिलित है जो वर्तमान में मुख्यत: बाड़मेर, जैसलमेर ,जोधपुर और पश्चिमी नागौर जिले में विस्तृत है यह क्षेत्र पूर्णरूपेण रेतीला है
17.नहरी क्षेत्र- स्वतंत्रता से पूर्व गंगा नहर ,घग्गर बेसिन और स्वतंत्रता के पश्चात गंगनहर भाखड़ा नहर और इंदिरा गांधी नहर द्वारा निरंतर सिंचित क्षेत्र में वृद्धि के फलस्वरुप राजस्थान का गंगानगर जिला और उत्तरी पश्चिमी हनुमानगढ़ जिला क्षेत्र के अंतर्गत सम्मिलित हैं वैसे यह क्षेत्र सांस्कृतिक दृश्य
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तुझे चंद शायरी में कैसे मै बयां कर दूं
मेरे जन्मों का ख़्वाब और वर्षों का इंतजार है तू।
# government job
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आज की सच्चाई..... 😢😞
अगर तुम्हारा CUT-OFF से 1 नंबर ज्यादा हैं तो तुम पूरा दिन पढ़ते थे, जी जान लगाकर और अगर CUT-OFF से 1 नंबर कम है तो तुमने पूरे दिन नालायकगिरी की है....।
#समाज की मानसिकता
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♣️ राजस्थान में परंपरागत जल स्रोत
🔴 तालाब
▪️प्राचीन काल से तालाबों का अस्तित्व रहा है।
▪️तालाबों की देख-रेख की ज़िम्मेदारी समाज की होती है।
▪️धार्मिक तालाबों की सुरक्षा व संरक्षण ठीक ढंग से हुआ है।
▪️मुख्य तालाबों की जिलेवार स्थिति
▪️ज़िला तालाब
▪️सवाई माधोपुर - सुख, काला, जंगली
▪️पाली - हेमावास, दांतीवाड़ा, मुथाना, रामेलाव (सोजत)
▪️भीलवाड़ा - सरेरी, खारी, मेजा
▪️उदयपुर - बागोलिया
▪️चित्तौड़गढ़ - पद्मिनी, वानकिया, मुरालिया, सेनापानी
▪️बूंदी - कीर्तिमोरी, बरडा, हिंडोली, जैतसागर
▪️भरतपुर - पार्वती, बारेठा
▪️जैसलमेर - गड़ीसर
▪️प्रतापगढ़ - रायपुर, गंधेर, खेरोट, घोटार्सी, ढलमु, अचलपुर, जाजली, अचलावदा, सांखथली, तेज़सागर
▪️डूंगरपुर - एडवर्ड सागर
▪️अजमेर - गुंदोलाव, फूलसागर
▪️धौलपुर - मचकुंड (तीर्थों का भांजा)
▪️बारां - नवलखा
▪️नागौर - शुक्र
🛑 प्रसिद्ध कुएँ
▪️चंदन ट्यूबवेल (थार का घड़ा) - जैसलमेर
▪️बाटाडू कुआँ (रेगिस्तान का जलमहल)- बायतु (बाड़मेर)
🛑 राजस्थान की बावड़ियाँ
▪️अनारकली बावड़ी, रानी की बावड़ी - बूंदी
▪️हाड़ी रानी की बावड़ी - टोंक
▪️पन्ना - मीना बावड़ी - आमेर (जयपुर)
▪️छोटी व बड़ी बावड़ी, चाँद बावड़ी (आभानेरी) - दौसा
▪️लाहिनी बावड़ी (राजस्थान की प्राचीनतम बावड़ी), दूध बावड़ी - सिरोही
▪️नवलखा बावड़ी - डूंगरपुर
▪️त्रिमुखी बावड़ी - उदयपुर
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◾ अटल बिहारी वाजपेयी ✍️
🔹 जन्म - 25 दिसंबर,1924, गवालियर (सुशासन दिवस - 25 दिसंबर)
🔹 देहांत - 16 अगस्त,2018।
🔹 रचना - मेरी इक्यावन कविताएँ।
🔹 भारतरत्न से सम्मानित - 2015।
🔹 पद्म विभूषण - 1992।
🔹 सबसे कम कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री।
🔹 यू.एन.ओ. में हिंदी में भाषण देने वाले प्रथम प्रधानमंत्री।
🔹 11 व 13 मई,1998 पोकरण में परमाणु परीक्षण।
🔹 1999 कारगिल संकट।
🔹 2000 लाहौर घोषणा।
🔹 2000 संविधान समीक्षा आयोग का गठन।
🔹 अटल जी के कार्यकाल में 13 दिसंबर,2001 को संसद पर हमला।
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🔰 नि:शुल्क दवा योजना
✅ नि:शुल्क दवा योजना के तहत जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त दवा वितरण करने में अव्वल जिलों की रैंकिंग....
✅ प्रथम- बीकानेर
✅ द्वितीय- डूंगरपुर
✅ तृतीय- सीकर
✅ दवा की उपलब्धता, वितरण एवं आठ पैरामीटर के आधार पर रैंकिंग तय की जाती हैं।
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▪️सुनहरा त्रिकोण- दिल्ली - आगरा - जयपुर
▪️मरू त्रिकोण - जोधपुर - जैसलमेर - बीकानेर
▪️सौ द्विपों का शहर - बांसवाड़ा
▪️हेरिटेज सिटी - झालरापाटन
▪️हरिण्यकश्यप की राजधानी- हिंडौनसिटी
▪️हवेलियों का शहर - जैसलमेर
▪️पीले पत्थरों का शहर - जैसलमेर
▪️सैलानी नगरी - जैसलमेर
▪️भारत का मक्का - अजमेर
▪️प्राचीन राजस्थान का टाटानगर
-रेढ ,टोंक
▪️स्वतंत्रता प्रेमियों का तीर्थ स्थल- हल्दीघाटी
▪️भारतीय मूर्तिकला का विश्वकोष - विजयस्तंभ
▪️म्यूजियम सिटी - जैसलमेर
▪️मरूस्थल का प्रवेश द्वार - जोधपुर
▪️बावड़ियों का शहर (सिटी आफ स्टेप वेल्स) - बूंदी
▪️पूर्वी राजस्थान का कश्मीर - अलवर
▪️पत्थरों का शहर - जोधपुर
▪️ब्ल्यू सिटी (नीली नगरी)- जोधपुर
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राजस्थान इतिहास के महत्वपुर्ण काव्य 🔰
1) हमीर महाकाव्य -: नयनचंद्र सूरी द्वारा रचित इस महाकाव्य में रणथंभौर के चैहान शासकों विशेषकर राव हमीर देव चैहान की वीरता एवं उसका अलाउद्धीन खिलजी के साथ हुए युद्ध का वर्णन हैं...
2) कान्हड़दे प्रबंध -: इस ग्रंथ के रचयिता जालौर रियासत के शासक अखैराज सोनगरा के दरबारी कवि पदमनाभ है इसमें जालौर के वीर सोनगरा चैहान शासक कान्हड़देवे व अलाउद्धीन खिलती के मध्य हुए युद्ध का वर्णन है...
3) पृथ्वीराज रासौ -: पिंगल में रचित इस महाकाव्य के रचयिता चंदबरदाई है इसमें अजमेर के अंतिम चैहान शासक पृथ्वीराज तृतीय के जीवन चरित्र एवं युद्धों का वर्णन है यह शौर्य-श्रृंगार, युद्ध प्रेम व जय-विजय का अनूठा चरित्र काव्य है...
4) बातां री फुलवारी -: आधुनिक काल के प्रसिद्ध राजस्थानी कथा साहित्यकार विजयदान देथा द्वारा रचित इस रचना में राजस्थानी लोक कलाओं का संग्रह किया गया..
5) मुहणौत नैणसी री ख्यात -: राजस्थान के अबुल फजल के नाम से प्रसिद्ध एवं जोधपुर महाराज जसवंतसिंह प्रथम के प्रसिद्ध दरबारी (दीवान) मुहणौत नैणसी द्वारा रचित इस ग्रंथ में राजस्थान के विभिन्न राज्यों के इतिहास (विशेषतः मारवाड़) एवं 17 वीं शताब्दी के राजपूत मुगल संबंधों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया है इसे जोधपुर का गजेटियर भी कहा जाता है...
6) मारवाड़ रा परगना री विगत -: मुहणौत नैणसी द्वारा रचित इस ग्रंथ में मारवाड़ रियासत के इतिहास पर पर्याप्त प्रकाश डाला गया है मारवाड़ रा परगना री विगत को राजस्थान का गजेटियर कहा जाता है...
7) पदमावत महाकाव्य -: मलिक मोहम्मद जायसी द्वारा सन 1540 ई के लगभग रचित इस महाकाव्य में अलाउद्धीन खिलजी एवं मेवाड़ शासक रावल रतनसिंह के मध्य 1301 ई में हुए युद्ध का वर्णन है...
8) बीसलदेव रासो -: नरपति नाल्ह द्वारा रचित इस रासौ ग्रंथ से अजमेर के चैहान शासक बीसलदेव उर्फ विग्रहराज चतुर्थ एवं उनकी रानी (मालवा के राजा भोज की पुत्री) राजमति की प्रेमगाथा का वर्णन मिलता है...
9) वीरसतसई -: बूंदी के शासक महाराव रामसिंह हाड़ा के प्रसिद्ध दरबारी कवि सूर्यमल मिश्रण द्वारा रचित इस ग्रंथ से बूंदी के हाड़ा शासकों के इतिहास, उनकी उपलब्धियों व अंग्रेज विरेाधी भावना की जानकारी मिलती है (सूर्यमल मिश्रण की अन्य रचनाएं – बलवंत विलास, छंद मयूख, उम्मेदसिंह चरित्र व बुद्धसिंह चरित्र है)
10) चेतावनी रा चूंगट्या -: राजस्थान के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी ठाकुर केसरीसिंह बारहट ने इन दोहों के माध्यम से मेवाड़ा महाराणा फतेहसिंह को वर्ष 1903 के लाॅर्ड कर्जन के दिल्ली दरबार में जाने से रोका था..👍🏻
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भरुखीरा [बीकानेर] में विश्व का पहला इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रीयल ग्रीन हाइड्रोजन ग्रीन अमोनिया प्लांट शुरू किया गया है।
पायलट प्राेजेक्ट के ताैर पर तैयार किया गया 150 कराेड की लागत वाला अपनी तरह का दुनिया का पहला प्लांट है।
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श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना
▪️शुरुआत - 20 अगस्त 2020
▪️संकल्प - कोई भूखा न सोए
▪️प्रति थाली अनुदान राशि - 22 ₹
▪️इस योजना के अन्तर्गत 8 रूपये में भोजन दिया जा रहा है !
▪️इस योजना की शुरुआत ' इंदिरा रसोई योजना ' के नाम से अशोक गहलोत सरकार के द्वारा की गई थी... जिसका भजनलाल सरकार नें नाम परिवर्तन करके ' श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना कर दिया, व प्रति थाली अनुदान राशि को 17 रु. से बढाकर 22 रु. किया गया !
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🔷 राजस्थान की प्रमुख बावडिया 🔰
▪️मेड़तणी की बावडी, (झुंझुनूं)
▪️तुलस्यानों की बावडी,(झुंझुनूं)
▪️चेतणदास की बावडी, (झुंझुनूं)
▪️खेतानों की बावडी, (झुंझुनूं)
▪️तापी बावडी, (जोधपुर)
▪️जालाप बावडी, (जोधपुर)
▪️नई सड़क बावडी, (जोधपुर)
▪️मण्डोर बावडी, (जोधपुर)
▪️नापरजी की बावड़ी, (जोधपुर)
▪️गोररूंधा बावडी, (जोधपुर)
▪️व्यास बावडी, (जोधपुर)
▪️चताणियां की बावडी, (जोधपुर)
▪️सुमनोहरा बावडी, (जोधपुर)
▪️अनारा बावडी, (जोधपुर)
▪️नैणसी बावडी, (जोधपुर)
▪️धाय बावडी, (जोधपुर)
▪️ईदगाह बावडी, (जोधपुर)
▪️हाथी बावडी, (जोधपुर)
▪️खरबूजा बावडी, (जोधपुर)
▪️राजाराम की बावडी, (जोधपुर)
▪️व्यास जी की बावडी, (जोधपुर)
▪️शिव बावडी, (जोधपुर)
▪️पाँचवां मंजीसा बावडी, (जोधपुर)
▪️राम बावडी, (जोधपुर)
▪️रघुनाथ बावडी, (जोधपुर)
▪️एक चट्टान बावडी मण्डोर, (जोधपुर)
▪️हाडी रानी की बावड़ी, (टोंक)
▪️दरियाशाह की बावडी, (टोंक)
▪️ढवाजा की बावडी, (टोंक)
▪️धाबाई जी बावडी नानकपुरिया, (बूंदी)
▪️गुलाब बावडी, (बूंदी)
▪️गुल्ला/गुलाब बावडी, (बूंदी)
▪️रानी जी की बावडी, (बूंदी)
▪️भिस्तियों की बावडी, (बूंदी)
▪️चंपा बाग की बावडी , (बूंदी)
▪️साबूनाथ की बावडी, बूंदी
▪️मेघनाथ की बावडी, बूंदी
▪️दमरा बावडी/व्यास बावडी, (बूंदी)
▪️मनोहर बावडी/डाकरा बावडी, (बूंदी)
▪️मानमासी बावड़ी, (बूंदी)
▪️चैनराय के करीले की बावडी,(बूंदी)
▪️नाथ की बावडी, (बूंदी)
▪️श्याम बावडी, (बूंदी)
▪️अनारकली बावडी/भाबलदी बावडी, (बूंदी)
▪️सामरया की बावडी/ दीवान की बावडी, (बूंदी)
▪️मोचियों की बावडी, (बूंदी)
▪️पठान की बावडी, (बूंदी)
▪️नाहरघूस की बावडी, (बूंदी)
▪️माता की बावडी/दावा की बावडी, (बूंदी)
▪️बालचन्द पाड़ा की बावडी, (बूंदी)
▪️जग्गा बावडी, (जयपुर)
▪️बडी बावडी, (जयपुर)
▪️अजबगढ़-भानगढ़ बावडी, (अलवर)
▪️बड़गाँव की बावडी, (कोटा)
▪️शीला तथा पन्ना-मीना बावडी, (अजमेर)
▪️बिनोता की बावड़ी, (चित्तौडगढ)
▪️बाई जी बावड़ी बनेड़ा, (भीलवाडा)
▪️चमना बावड़ी, (भीलवाड़ा)
▪️डगसागर तालाब, (झालावाड़)
▪️आभानेरी की चाँद बावड़ी, (धौलपुर)
▪️कबीर शाह की दरगाह,(करौली)
▪️दूध बावडी (माउंट आबू, सिरोही)
▪️नौलखा बावड़ी, (डूंगरपुर)
▪️प्रतापराव बावड़ी देवलिया, (प्रतापगढ)
▪️चांद बावडीआभानेरी, (दौसा)
▪️त्रिमुखी बावड़ी, (उदयपुर)
